संविदा कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर आज प्रदेश भर से सविंदा कर्मचारी नियमतिकरण की मांग को लेकर भोपाल पहुंचे हैं. जहां उन्होंने एक बार फिर साफ कर दिया कि अगर कांग्रेस की सरकार ने उन्हे लोकसभा से पहले नियमित नहीं किया तो इसका खामियाजा चुनावों में भुगतना पड़ सकता है.
दरअसल इस सम्मेलन में जनजातीय मंत्री ओमकार सिंह मरकाम भी शामिल हुए थे और उन्होंने एक बार फिर मंच से नियमतिकरण करने का आश्वासन कर्मचारियों को दिया. जिसके बाद कर्मचारियो में रोष पैदा हो गया. कर्मचारियों का कहना है कि पिछली सरकार और इस सरकार में अंतर ही क्या है. इन्होंने भी आश्वासन का झुनझुना पकड़ा दिया है. उम्मीद थी कि सरकार सत्ता में आते ही नियमित करेगी. लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ. अगर सरकार ने जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो लोकसभा में सरकार को खामियाजा भुगतना पड़ेगा.बता दें कि कांग्रेस सरकार ने सविंद कर्मचारियों को नियमित करने के लिए एक कमेटी बनाई है और ओमकार सिंह उस कमेटी के मुखिया है.
दरअसल इस सम्मेलन में जनजातीय मंत्री ओमकार सिंह मरकाम भी शामिल हुए थे और उन्होंने एक बार फिर मंच से नियमतिकरण करने का आश्वासन कर्मचारियों को दिया. जिसके बाद कर्मचारियो में रोष पैदा हो गया. कर्मचारियों का कहना है कि पिछली सरकार और इस सरकार में अंतर ही क्या है. इन्होंने भी आश्वासन का झुनझुना पकड़ा दिया है. उम्मीद थी कि सरकार सत्ता में आते ही नियमित करेगी. लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ. अगर सरकार ने जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो लोकसभा में सरकार को खामियाजा भुगतना पड़ेगा.बता दें कि कांग्रेस सरकार ने सविंद कर्मचारियों को नियमित करने के लिए एक कमेटी बनाई है और ओमकार सिंह उस कमेटी के मुखिया है.

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