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| गोपाल भार्गव |
मध्यप्रदेश विधानसभा का कल से शुरु हो रहा बजट सत्र हंगामेदार रहेगा. भाजपा इस सत्र में सरकार को तबादले, कर्जमाफी, बिगड़ी कानून व्यवस्था को लेकर घेरने की तैयारी कर चुकी है. नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि भाजपा का हर विधायक इस तैयारी के साथ कल सोमवार को सदन पहुंचेगा.
मध्यप्रदेश विधानसभा का कल से बजट सत्र शुरु होगा. इस सत्र में भाजपा, कांग्रेस सरकार को घेरने की रणनीति बना चुकी है. नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने भी इस बात के संकेत दिए हैं. गोपाल भार्गव ने कहा कि वे लगातार दो माह से हो रहे तबादलों का मुद्दा उठा रहे हैं, मगर सरकार मान नहीं रही है. उन्होंने कहा कि जितने तबादले पिछले 15 साल में नहीं हुए, उतने कांग्रेस की सरकार ने अपने 2 माह के कार्यकाल में कर दिए हैं. भार्गव ने तबादलों के बाद उन्हें रद्द किए जाने के मामले को लेकर लेन-देन का आरोप भी लगाया है. उन्होंने कहा कि हम सरकार से जवाब मांगेंगे कि आखिर किन कारणों के चलते इतनी बड़ी संख्या में तबादले किए गए. उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे तबादलों के चलते प्रदेश में कानून व्यवस्था बिगड़ी है.
उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज ही नजर नहीं आ रही है. भार्गव ने कहा कि कहीं अपहरण तो कही महिला अपराध चरम पर हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 10 दिनों में किसानों का कर्ज माफ करने की वादा किया था, सरकार बनने के दो माह बीत गए अब तक भी किसानों का कर्ज माफ नहीं हुआ है. हम इस मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगेंगी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने किसानों को गुमराह किया और उन्हें छला है.
नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि सोमवार से शुरु हो रहे विधानसभा के सत्र में हम किसान कर्ज माफी और बिगड़ी कानून व्यवस्था का मुद्दा तो उठाएंगे साथ ही तबादलों को लेकर सरकार को घेरेंगे. भार्गव ने बताया कि भाजपा का हर विधायक इस तैयारी के साथ कल सदन में पहुंचेगा.
तबादला संशोधन घोटाले पर लोकायुक्त संज्ञान लें
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राहुल कोठारी ने कहा है कि मध्यप्रदेश में पुलिस विभाग में व्यापक स्तर पर तबादला संशोधन घोटाला चल रहा है, जिसका लोकायुक्त संगठन के द्वारा संज्ञान लेकर तत्काल जांच कराई जानी चाहिए.उन्होंने कहा है कि 50 उप पुलिस अधीक्षकों की सूची में से 40 ट्रांसफरों का संशोधित हो जाना या कैंसल हो जाना कमलनाथ सरकार की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है. मध्यप्रदेश सरकार के कई मंत्री नोट शीट लिखकर तबादला निरस्त करा रहे हैं एवं कई कांग्रेस के नेताओ ने इसे व्यापार का रूप दे दिया है, जिसकी गहराई से जांच कराई जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के निर्देशों की आड़ में मध्यप्रदेश में जिस तरह से यह तबादला उद्योग पनप रहा है, उससे मध्य प्रदेश की जनता में गलत संदेश जा रहा है. अन्य जिलों के अतिरिक्त छिंदवाड़ा से ट्रांसफर किए गए अधिकारी ही अपना तबादला निरस्त कराकर ना केवल व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर रहे हैं यह भी साबित हो रहा है कि इस पूरे मामले के तार मुख्यमंत्री जी से जुड़े हुए हैं.

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