बुधवार, 28 फ़रवरी 2018

सिंधिया ने बचाया गढ़, कांग्रेस ने जीती दोनों सीटें

 कोलारस और मुंगावली के प्रतिष्ठापूर्ण उपचुनाव में काम नहीं आया शिवराज का श्रम और रणनीति
राज्य में मुंगावली और कोलारस उपचुनाव में कांग्रेस को जीत मिली है. कांग्रेस प्रत्याशियों ने यहां पर भाजपा प्रत्याशियों को कड़ी टक्कर देते हुए जीत हासिल की. मुंगावली में कांग्रेस प्रत्याशी बृजेन्द्र सिंह यादव ने भाजपा की बाई साहेब को 2124  मतों से हराया, जबकि कोलारस में कांग्रेस प्रत्याशी महेन्द्र यादव ने भाजपा के देवेन्द्र जैन पत्ते वाले को 8 हजार से ज्यादा मतों से हराया. कांग्रेस अपनी दोनों सीटों को बचाने में कामयाब रही है.
मुंगावली और कोलारस उपचुनाव की मतगणना आज सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच शुरु हुई. मतगणना के आरंभ होने के साथ ही कोलारस में कांग्रेस के प्रत्याशी बढ़त बनाई जो अंतिम चरण की मतगणना तक जारी रही. वहीं मुंगावली में शुरुआती दो राउंड की मतगणना में बढ़त बनाई, लेकिन बाद में वे अंतिम राउंड तक फिसलती चली गर्इं. मुंगावली में 19 राउंड की मतगणना का परिणाम शाम करीब 7 बजे आया, जबकि कोलारस में 23 राउंड मतगणना हुई, जिसका परिणाम रात 9 बजे घोषित किया गया.
मुंगावली में कांग्रेस प्रत्याशी बृजेन्द्र सिंह यादव को 70,808 मत हासिल हुए, जबकि भाजपा प्रत्याशी बाई साहेब को 68,684 मत हासिल हुए. अंत में उन्हें 2124 मतों से जीत हासिल हुई. वहीं कोलारस में कांग्रेस प्रत्याशी महेन्द्र यादव को 82,515 मत मिले, जबकि भाजपा के देवेन्द्र जैन को 74,432 मत हासिल हुए. अंतिम 23 वें चरण की मतगणना के बाद कांग्रेस प्रत्याशी को 8083  मतों से विजयी घोषित किया गया.
इन दोनों ही सीटों पर कांग्रेस का कब्जा था, जिन्हें कांग्रेस ने पुन: जीत हासिल कर ली है.  उल्लेखनीय है कि कोलारस के वोटों की गिनती के लिए 23 तथा जबकि मुंगावली में मतों की गणना 19 राउंड में पूरी हुई, वहीं कोलारस उप-चुनाव में 22 और मुंगावली में 13 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला मतगणना से तय होगा. कोलारस में 19 और मुंगावली में 8 उम्मीदवार ने निर्दलीय चुनाव लड़ा है. कोलारस में सभी पुरूष और मुंगावली में 3 महिला उम्मीदवार है. कोलारस में 2 लाख 44 हजार 457 मतदाताओं में से एक लाख 72 हजार 115 ने वोट डाले. इनमें 95 हजार 800 पुरुष, 76 हजार 312 महिला और 3 थर्ड जेडर मतदाता शामिल हैं. मुंगावली में एक लाख 91 हजार 9 मतदाताओं में से एक लाख 47 हजार 164 ने अपने मताधिकार का उपयोग किया. इनमें 80 हजार 677 पुरुष और 66 हजार 487 महिलाएँ शामिल हैं.
मुख्यमंत्री ने दोपहर को ही स्वीकार ली थी हार
मुंगावली-कोलारस उपचुनाव के रुझानों से भाजपा में निराशा का माहौल है. खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रुझानों से निराश होकर दोपहर को ही हार स्वीकार कर ली. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि साल 2013 के चुनावों में कोलारस और मुंगावली में भाजपा को बड़ी हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन इस बार पार्टी ने बेहतर प्रयास किए.  
यशोधरा नाराज हुई शिवपुरी के नेताओं पर
खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया भी चुनाव रुझानों से निराश नजर आर्इं. यशोधरा ने कहा कि उन्हें शिवपुरी के नेताओं से उम्मीद नहीं थी कि वे इस तरह की मेहनत करेंगे. उन्होंने माना कि सेसाई और कोलरस का क्षेत्र भाजपा के लिए हमेशा से ही विरोध वाला रहा है, इसके लिए उन्होंनें शिवपुरी के नेताओ को जिम्मेदार बताया.
सिंधिया ने दी बधाई, जताया आभार
सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्विट कर मतदाताओं को बधाई दी है. उन्होंने कहा कि कोलारस और मुंगावली के मतदाताओं को दिल से धन्यवाद देता हूं. जिन्होंने पूरे जोश और जागरुकता से अपने मताधिकार का  उपयोग किया. सभी को दिल की गहराईयों से धन्यवाद, सभी को इस विजय पर बधाई. आगे भी आपके विश्वास को मैं कायम रखूंगा.

मुख्यमंत्री ने स्वीकारी हार

 यशोधरा हुई नेताओं से नाराज
मुंगावली-कोलारस उपचुनाव के रुझानों से भाजपा में निराशा का माहौल है. खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रुझानों से निराश होकर दोपहर को ही हार स्वीकार कर ली. वहीं मंत्री यशोधरा राजे सिंंधिया ने चुनाव परिणामों के लिए शिवपुरी के नेताओं को जिम्मेदार बताया है.
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि साल 2013 के चुनावों में कोलारस और मुंगावली में भाजपा को बड़ी हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन इस बार पार्टी ने बेहतर प्रयास किए. अभी जितनी जानकारी मिली है उसमें भाजपा उम्मीदवार पीछे चल रहे हैं लेकिन अभी परिणाम नहीं आए हैं. हालांकि वे इतना जरूर कह गए कि चुनाव आते-जाते रहते हैं और उनमें हार-जीत भी लगी रहती है. लेकिन हमने बीजेपी के वोट प्रतिशत में सुधार किया है. उधर मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया भी चुनाव रुझानों से निराश नजर आईं. हालांकि इन रुझानों के बाद भाजपा की स्थानीय राजनीति में जरूर बवाल आ गया है. सीएम के अलावा यशोधरा भी यहां काफी समय प्रचार में लगी रहीं. रुझानों से निराश यशोधरा ने कहा कि उन्हें बदरवास और रन्नोद मंडल से उम्मीदें हैं जहां गणना होना बाकी है. उन्होंने माना कि सेसाई और कोलरस का क्षेत्र भाजपा के लिए हमेशा से ही विरोध वाला रहा है. इसके लिए उन्होंनें शिवपुरी के नेताओ को जिम्मेदार बताया.
गौरतलब है कि मुंगावली और कोलारस के उपचुनाव भाजपा और कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा के चुनाव थे. इन चुनावों को शिवराज सिंह चौहान बनाम ज्योतिरादित्य सिंधिया माना जा रहा था क्योंंकि इन दोनों नेताओं ने अपनी-अपनी पार्टी के लिए पूरा जोर लगाया था.

नाराज चल रहे किसानों को साधने का प्रयास

 2 लाख करोड़ से ज्यादा का बजट किया पेश
मध्यप्रदेश विधानसभा में शिवराज सरकार के वित्त मंत्री जयंत मलैया ने वर्ष 2018-10 का बजट पेश किया.  इस बजट में चुनावी वर्ष में भाजपा  से नाराज चल रहे किसानों को फोकस किया गया है.
 वित्तमंत्री जयंत मलैया ने  2 लाख 4 हजार 642 करोड़ रुपए का बजट पेश किया, जबकि वित्तवर्ष 2017-18 में मप्र का बजट 1 लाख 98 हजार 594 करोड़ रुपए का था. इस तरह इस बार 46 हजार 78 हजार करोड़ रुपए अधिक का बजट पेश किया गया है. वित्तमंत्री ने 26 हजार 780 करोड़ रुपए के घाटे का भी उल्लेख किया गया है. राज्य की वर्तमान विधानसभा का यह अंतिम बजट है. यह बजट 2,04,642 करोड़ रुपये का है. भाजपा सरकार का यह 14वां और मलैया का पांचवां बजट है. इस बजट में 26,780 करोड़ रुपए का घाटा दर्शाया गया है. मलैया ने बजट पेश किए जाने के दौरान वर्ष 2003 में कांग्रेस के कार्यकाल की स्थिति और 2018 की स्थिति की भी तुलना की. सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा, अधोसंरचना सहित अन्य क्षेत्रों में कितना बदलाव आया है, मलैया ने इसका भी ब्यौरा दिया. बजट को सदन में पेश किए जाने से पहले कैबिनेट की बैठक में रखा गया, जिसे कैबिनेट ने मंजूरी दे दी. मलैया ने कैबिनेट में बजट की खूबियों का भी जिक्र किया. सदन में बजट पेश करने से पहले मलैया ने घर से निकलते समय मीडिया से चर्चा करते हुए कहा था कि इस बजट में बीते 14 सालों की उपलब्धियों का जिक्र भी होगा. इस बजट में सेवा, विकास आदि पर विशेष जोर होगा. सरकार द्वारा किसानों को उपज का बेहतर दाम देने की कोशिश होगी.

कृषि क्षेत्र में निवेश बढ़ाएं बैंकर्स


कृषि क्षेत्र में रोजगार के अवसरों की अपार संभावनाएं हैं, जिनको देखते हुए बैंकर्स को इस क्षेत्र में अधिक से अधिक निवेश करना चाहिए. इससे किसानों की आय को दुगना करने के लिए चलाई जा रही सरकार की मुहिम को बल मिलेगा. यह बात गुनाकलेक्टर राजेश जैन ने यहां सम्पन्न हुई जिला स्तरीय समन्वय एवं सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए बैंकर्स से कही. बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष  अर्चना चौहान, भारतीय स्टेट बैंक के महा प्रबंधक  कौशिक सिन्हा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत  नीतू माथुर, भारतीय रिजर्व बैंक के प्रतिनिधि  खरे, भारतीय स्टेट बैंक गुना के क्षेत्रीय प्रबंधक  सक्सेना एवं लीड बैंक प्रबंधक  व्ही.के. जैन समेत बैंकर्स एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे. जिला पंचायत अध्यक्ष  चौहान ने कहा कि उन्हें अपने दौरे के दौरान शिकायतें मिलती हैं कि गरीब जरूरतमंद व्यक्तियों को छोटे-मोटे रोजगार मूलक कार्यों के लिए बैंको से लोन मांगने पर नहीं दिया जाता. इस स्थिति को उचित नहीं कहा जा सकता. उन्होंने बैंकर्स से आग्रह किया कि गरीब जरूरतमंदों को आत्म निर्भर बनाने हेतु बगैर विलंब के लोन दिया जाए, ताकि गरीबों को भी रोजगार के अवसर सुलभ हो सके. 
कलेक्टर ने कहा कि गुना जिले में कृषि आधारित उद्योग धंधों की अपार संभावनाएं हैं. कृषि क्षेत्र के अन्य घटकों में पशुपालन एवं मुर्गी पालन की संभावनाएं हैं, जिनकी इकाइयों को कल्याणकारी योजनाओं के तहत बैंकर्स लोन दे सकते हैं. ये इकाइयां लाभदायक सिद्ध होंगी, जिनसे लोन की वसूली होने में क?ठिनाई नहीं आएगी. कलेक्?टर ने रोजगारमूलक योजनाओं के तहत बने प्रकरणों में तत्परता से लोन वितरण करने को बैंकर्स से कहा. कलेक्टर ने रोजगारमूलक योजनाओं के स्वीकृत ऋण प्रकरणों में शासन से अनुदान प्राप्त करने के बावजूद हितग्राहियों को ऋण वितरण ना करने वाले बैंकर्स के इस कृत्य पर नाराजगी जताई और कहा कि बैंकर्स इस कार्यप्रणाली में सुधार लाएं, अन्यथा इसको गंभीरता से लिया जायेगा. कलेक्टर ने बैंकर्स से कहा कि मौजूदा वित्त वर्ष के कल्याणकारी योजनाओं के शेष प्रकरणों में जल्द ऋण बांटना सुनिश्चित करें. उन्होंने महिला स्वसहायता समूहों को भी वित्तीय सहायता देने में तत्परता दिखाने की बैंकर्स से अपेक्षा की. उन्होंने महिलाओं को सिलाई मशीन हेतु वित्तीय सहायता देने पर बल दिया.

आर्थिक सर्वेक्षण में बेरोजगारी के आकड़ों में की हेराफेरी

राज्य विधानसभा में पटल पर रखे गए आर्थिक सर्वेक्षण पटल पर रखा गया. आर्थिक एवं सांख्यिकी संचनालय, मध्यप्रदेश द्वारा जारी किये गए इस सर्वेक्षण में बेरोजगार युवाओं के साथ बड़ा धोका किया गया है. इसमें जानकारी छुपाने के उद्देश्य से वर्ष 2017 का बेरोजगारी से सम्बंधित डाटा जारी नहीं किया गया है. जबकि हमेशा इस सर्वेक्षण में पिछले वर्ष की बेरोजगारी से सम्बंधित जानकारी जैसे रोजगार कार्यालय में कुल पंजीकृत लोगों की संख्या, जितने लोगों को नौकरी मिली उनकी संख्या आदि होता है. इससे एक कदम बढ़ते हुए डाटा में हेरा फेरी कर दी गयी है, ताकि युवाओं को भ्रमित किया जा सके. निम्न जानकारी बदल दी गयी है. 
* 2016-17 के सर्वेक्षण में शिक्षित बेरोजगारों की संख्या 13.01 लाख थी जिसे बदलकर (कम करके) 11.23 लाख कर दिया गया है.
* 2016-17 के सर्वेक्षण में वर्ष 2015 एवं 2016 में अनुसूचित जाति के लोगों की संख्या क्रमश: 30 और 11 थी, जिसे 2017-18 के सर्वेक्षण में बढ़ाकर क्रमश: 88 और 19 कर दिया गया है. 
* 2016-17 के सर्वेक्षण में वर्ष 2015 एवं 2016 में अनुसूचित जनजाति के लोगों की संख्या क्रमश: 04 और 03 थी, जिसे 2017-18 के सर्वेक्षण में बढ़ाकर क्रमश: 10 और 32 कर दिया गया है.  
साथ ही इसमें से कुछ जानकारी जानबूझकर हटा दी गयी है 
* परिशष्ट 6 जिसमें सार्वजानिक उपक्रम में नौकरियों के सम्बन्ध में जानकारी होती है. 
* रोजगार कार्यालय के माध्यम से कितनी महिलाओं को नौकरी मिली उनकी संख्या.  
स्पष्ट तौर पर यह मानवीय त्रुटि नहीं है, बल्कि जानबूझकर गलत जानकारी दी गयी है, ताकि बेरोजगारी की असलियत जनता के सामने नहीं आ सके.  चूंकि यह सर्वेक्षण बजट का आधार होता है इसलिए बेरोजगार सेना मांग करती है कि सरकार बजट पेश करने से पहले इस पर अपनी सफाई दे और 2017 के बेरोजगारी संबधी आंकड़ों को जारी करे.

बुनियादी जरूरतों पर ध्यान नहीं दिया

 आम तौर पर एक विपक्षी दल से संबंध रखने के कारण मुझसे यही उम्मीद की जाएगी कि मैं शिवराज सरकार के आखिरी बजट को खराब बताऊंगा, लेकिन आज मैं सुबह से राज्य के वित्त मंत्री के भाषण का इंतजार कर रहा था और चाहता था कि बजट भाषण के बाद उन्हें बधाई दूं. मुझे उम्मीद थी कि चुनाव के पहले संभवत: सरकार चाहेगी कि वह जनता की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने और आम परिवार का जीवन स्तर ऊंचा करने के लिए कोई ठोस कदम उठाए. लेकिन बजट के सभी बिंदुओं को देखने के बाद लगता है कि अपने आखिरी वक्त में भी शिवराज सरकार को जनता की सुध नहीं है. जाहिर है कि बीते 14 साल में यह सरकार जनता से इतना कट चुकी है कि उसे ख्याल ही नहीं है कि आखिरी जनता की जरूरतें क्या है. बस इस बजट की एकमात्र अच्छी बात यही है कि यह भ्रष्ट शिवराज सरकार का आखिरी बजट है. यह बयान आदमी पार्टी के प्रदेश संयोजक और राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक अग्रवाल ने मध्य प्रदेश के वर्तमान बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए दिया. उन्होंने कहा कि बजट में किसान, महिला, शिक्षित बेरोजगारों के लिए न तो कोई फौरी राहत उपलब्ध कराई गई है, और न ही कोई दीर्घकालिक उपाय की घोषणा की गई है.  उन्होंने बिंदूवार बजट का विश्लेषण करते हुए कहा कि प्रदेश की 73 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्र में रहती है, जो मुख्यत: कृषि पर निर्भर है. इस बड़ी आबादी के लिए सरकार ने कृषि क्षेत्र में 37 हजार 498 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है, जो कि कुल बजट का महज 18.32 प्रतिशत है. 73 प्रतिशत जनता के लिए 18.32 प्रतिशत राशि का आवंटन शिवराज सरकार की प्राथमिकताओं की ओर इशारा करता है. प्रदेश की इस सरकार को ग्रामीण क्षेत्र की कोई चिंता नहीं है. उन्होंने कहा कि अल्पकालिक कर्ज चुकाने के लिए किसानों को समझौता योजना के तहत 350 करोड़ का प्रावधान किया गया है. जबकि कुल कर्ज 88 हजार करोड़ रुपए है. ऐसे में यह योजना ही अपने आप में किसानों के साथ मजाक है.   उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में नाकाम रही है. वहीं बजट में 7.5 लाख व्यक्तिगत शौचालय का निर्माण करने की घोषणा की जा रही है, जबकि सरकार खुद जानती है कि प्रदेश के 40 लाख परिवार एक किलोमीटर दूर से पानी लाते हैं. ऐसे में शौचालय का कोई अर्थ नहीं रह जाता है. 

जैविक खेती की ओर लौट रहा किसान

कृषि को फायदे का सौदा बनाने में जैविक खेती का विशेष महत्व है. भोपाल जिले के अनेक किसान जैविक खेती कर  अपनी सीमित कृषि जोत में अच्छी पैदावार का फायदा ले रहे हैं. ऐसे ही एक किसान हैं रघुवीर सिंह राजपूत पिता बलराम निवासी ग्राम पीपलखेड़ी तहसील बैरसिया. उनके पास पांच एकड़ जमीन है जिससे में रासायनिक उर्वरकों, दवाओं को अपनाकर खेती कर अपना घर का खर्चा बड़ी मुश्किल से ही चला पाता था. एक तो इसमें खर्च भी अधिक आ रहा था तथा फसलों में रोग भी बहुत हो रहे थे. इसके अलावा सबसे बड़ा खतरा था, रासायनिक उर्वरकों के अवैज्ञानिक उपयोग के कारण जमीन की उपजाऊ क्षमता का लगातार कम होना. कृषि विभाग की आत्मा परियोजना से जुड़े़ अधिकारियों ने बताया कि जैविक खेती से न केवल मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में सहायक है, बल्कि उत्पादन लागत भी कम होती है. वर्षा आधारित क्षेत्र में जैविक खेती और भी लाभदायक होती है.     आत्मा योजना से जुड़े़ अधिकारी- कर्मचारियों द्वारा रघुवीर को बताया गया कि जैविक खेती से बहुत लाभ मिलेगा. इनके मार्गदर्शन में रघुवीर ने जैविक खेती प्रारंभ की और ढाई एकड़ में जैविक खेती कर रहे हैं.  जिसमें वर्मी कम्पोस्ट, निबोली खाद और गौमूत्र का इस्तेमाल किया. जिसमें कि उत्पादन अच्छा हुआ. बढ़ती आमदनी को देखकर मेरे ग्राम के अन्य किसानों ने भी उनसे सलाह लेकर जैविक खेती प्रारंभ कर दी है. अब पीपलखेड़ी गांव में जैविक समूह गठित हुआ जिसमें ग्राम के लगभग 20 किसान सम्मिलित हुए हैं, उन्होंने भी जैविक खेती चालू कर दी है. जिससे कि उनकी आय में वृद्धि के साथ उत्पादन भी अच्छा हुआ है.  रघुवीर सिंह राजपूत बहुत प्रसन्न होकर कहते हैं कि सभी किसान भाई जैविक खेती कर जमीन की उर्वरता बढ़ायें, अपनी आय व उत्पादन बढ़ायें.

मुख्यमंत्री ने कहा ऐतिहासिक है बजट

 कांग्रेस ने बजट को बताया निराशाजनक
विधानसभा में प्रस्तुत किए गए शिवराज सरकार के बजट को कांग्रेस ने निराशाजनक बताया. वहीं मुख्यमंत्री ने बजट को ऐतिहासिक बताया और कहा कि यह पहली बार हुआ है, जब बजट 2 लाख करोड़ के पार गया है. वहीं नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि बजट राशि हर बार बढ़ती है, परन्तु खर्च पर सरकार का नियंत्रण नहीं है.
शिवराज सिंह चौहान ने अपने बयान में कहा कि यह ऐतिहासिक बजट है पहली बार प्रदेश का बजट 2 लाख के पार गया है. उन्होंने कहा कि कृषि के लिए विशेष ध्यान है. सड़क, बिजली और पानी के लिए खास ध्यान दिया है. किसानों के लिए हम बजट में एक नई योजना लाए है, इसमें किसान को उचित दाम मिलेगा. उन्होंने कहा कि यह बजट किसानों का बजट प्रदेश सरकार ने बुधवार को प्रदेश का बजट पेश किया.
 बजट पर नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि ऐसा लग रहा है जैसे 2003 का ही बजट है. क्या सौभाग्य योजना पहले लागू नहीं हो सकती थी? बजट राशि हर बार बढ़ जाती है, लेकिन खर्च पर नियंत्रण सरकार के पास नही है. आज भी किसान आत्महत्या कर रहा है.भावन्तर योजना एक मायाजाल हो गया है. बिजली विभाग में सबसे बड़ा घोटाला हो रहा है. हम बिजली दूसरों से खरीद का उन्हें लाभ दे रहे हैं.
सरकार के सामान्य प्रशासन मंत्री लाल सिंह आर्य का दावा है कि यह बजट हर वर्ग के लिए है. इसमें कल्याणकारी योजनाओं का प्रावधान है.यह बजट विकास के लिए व जनकल्याणकारी बजट है. मंत्री संजय पाठक ने इसे जनता का बजट बताया. कांग्रेस विधायक डॉ. गोविंद सिंह ने बजट को निराशाजनक करार देते हुए कहा कि इस बजट से पता चलता है कि राज्य की आर्थिक व्यवस्था चौपट हो चुकी है. दो लाख करोड़ का बजट हैं और कर्ज तेजी से बढ़ रहा है. यह सरकार पूरी तरह सिर्फ घोषणाओं पर निर्भर है. यह उन पर अमल नहीं करती. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने कहा कि यह बजट प्रत्येक क्षेत्र में फेल है. उन्होंने कहा कि बजट में पुरानी योजनाओं को ही दोहराया गया है. किसानों के कर्ज माफ करने की घोषणा न करके सरकार ने किसानों के साथ छल किया है. 
बजट में सभी वर्ग को रखा ध्यान में 
विधानसभा अध्यक्ष डा. सीताशरण शर्मा ने कहा कि सरकार ने बजट सभी वर्गों को ध्यान में रखकर बनाया है.विशेषकर किसानों को संकट से उबारने का प्रयास इस बजट में किया गया है. उन्होंने कहा कि मध्यम और कम आय वर्ग वाले लोगों के लिए भी बजट में विशेष स्थान दिया गया है.युवाओं एवं महिलाओं का भी ध्यान रखा गया है.

निगम-मंडल कर्मचारियों को मिलेगा सातवा वेतनमान

वित्त मंत्री जयंत मलैया ने बजट  प्रस्तुत करते हुए कहा कि राज्य में शासकीय सेवकों को सातवें वेतनमान का लाभ दिया गया है. स्थापना अनुदान प्राप्त करने वाली श्वशासी संस्थाओं, स्व वित्त पोषित नगरीय निकायों, निगम मंडलों एवं मंडल के सेवायुक् तों को भी सातवां वेतनमान दिया जाएगा. वित्त मंत्री ने कहा कि 1 जनवरी 2016 के पूर्व शासकीय सेवा से सेवानिवृत्तों को देय पेंशन एवं परिवार पेंशन में वृद्धि विचाराधीन रही है. इन्हें देयपेंशन में 10 प्रतिशत की दर से वृद्धि प्रस्तावित है. वित्त मंत्री ने कहा कि महाविद्यालयों में सेवाएं दे रहे अतिथि विद्वारनों एवं शालाओं में कार्यरत अतिथि शिक्षकों के मानदेय तथा अंशकालिक सफाई कर्मचारियों, भृत्यों एवं लिपिकों के मासिक पारिश्रमिक में वृद्धि भी विचाराधीन है. 
किसानों के लिए अरबो रुपए हैं, फिर भी आप मचा रहे शोर
वित्त मंत्री जब नर्मदा से माइक्रो इरीकेशन योजनाओं की जानकारी दे रहे थे, तो उपनेता प्रतिपक्ष बाला बच्चन सहित अनेक सदस्यों ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि प्रदेश में अधिकांश स्थानों पर नर्मदा सूख चुकी है. मध्यप्रदेश  के हिस्से का पानी गुजरात सरकार को दिया जा रहा है. विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि बजट में किसानों की उपेक्षा हो रही है. इस पर पंचायत  मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि हमने अरबों रुपए किसानों के लिए रखे हैं. इसके बाद भी आप शोर मचा रहे हैं. बिजली की बात आने पर बसपा की शीला त्यागी ने कहा कि गांवों में घनघोर बिजली संकट है और तीन-तीन तक बिजली नहीं आ रही है. वित्त मंत्री जयंत मलैया जब बजट पेश करने के लिए खड़े हुए, कांग्रेस के मुकेश नायक ने तंज कसते हुए कहा कि वित्त मंत्री भाजपा सरकार का अंतिम बजट पेश कर रहे हैं उन्हें बधाई. इस पर जयंत मलैया ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और बजट भाषण शुरू कर दिया.
आदिवासी सांस्कृतिक केन्द्रों के लिए 5 करोड़ 90 लाख
वित्त मंत्री ने बजट प्रस्तुत करते हुए कहा कि सांस्कृतिक केन्द्र उमरिया जिले में आदिवासी कला केन्द्र तथा मूर्धन्य चित्रकार स्वर्गीय जनगणसिंह श्याम की स्मृति स्वरुप कला संग्रहालय की स्थापना प्रस्तावित है. विशेष पिछड़ी जनजातियों की संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए श्योपुर में सहरिया, छिंदवाड़ा में भारयिा और डिंडारी में बैगा सांस्कृतिक केन्द्र के लिए प्रति केन्द्र 5 करोड़ 90 लाख रुपए के मान से स्थापना की जाना है. उन्होंने बताया कि आदि शंकराचार्य की विशाल प्रतिमा की स्थापना और अन्य अनुषांगिक व्यवस्थाओं के लिए आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास का गठन किया गया है. इसके लिए 11 करोड़ का प्रावधान है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में सांस्कृतिक विकास के लिए 243 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है.

कृषि और स्वास्थ्य पर दिया जोर

 कांग्रेस के हंगामें के बीच वित्त मंत्री ने पेश किया बजट
राज्य विधानसभा में आज वित्त मंत्री जयंत मलैया ने प्रदेश का बजट पेश किया. बजट में स्वास्थ्य और कृषि पर जोर दिया. वित्त मंत्री ने बजट प्रस्तुत करते हुए बताया कि राज्य की अर्थव्यस्था ने स्थिर मूल्यों पर 7.3 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल की है, जो राष्ट्रीय वृद्धि दर से अधिक है. वित्त मंत्री के बजट भाषण के दौरान कांग्रेस ने कई बार हंगामा भी किया, जिसका जवाब भी मंत्री ने सरकार की उपलब्धियों को बताकर दिया. 
राज्य विधानसभा में आज सुबह वित्त मंत्री जयंत मलैया ने वर्ष 2018-19 का बजट पेश किया. बजट पेश करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की आर्थिक व्यवस्था में लगातार सुधार हुआ है. वित्त मंत्री जयंत मलैया के बजट भाषण के दौरान कांग्रेस विधायकों ने कई बार हंगामा किया. कांग्रेस ने राज्य सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाया है. वित्त मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंदी का असर मध्य प्रदेश पर भी पड़ा है. वित्त मंत्री ने भावांतर योजना के लिए तीन हजार करोड़ का प्रावधान किया है. उन्होंने कहा कि  बजट में  मछली पालन के लिए 51 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. 1038 करोड़ रुपए पशु पालन के लिए खर्च होंगे.  सहकारिता क्षेत्र के लिए 1500 करोड़ से अधिक का प्रावधान, 28 लाख किसानों को को होगा लाभ. सिंचाई के लिए 10928 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया, इस बीच विपक्षी सदस्यों ने नर्मदा नदी में पानी नहीं होने के मुद्दे पर हंगामा करना शुरू कर दिया. विपक्ष के हंगामे पर मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि सिंचाई के लिए इतना पैसा कभी नहीं मिला.  किसानों के लिए मुख्यमंत्री समाधान ऋण योजना शुरू की जाएगी. प्रदेश में गेहूं और मक्का का उत्पादन बढ़ गया है. 
वित्त मंत्री ने बताया कि प्रदेश के निकायों की सभी परियोजनाओं के लिए 11,932 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. वित्त मंत्री के बजट भाषण में कांग्रेस ने पकौड़े का मुद्दा उठाया तो वित्त मंत्री ने कहा कि पकौड़े बनाना अच्छा काम, आपको समझ में नहीं आएगा. उन्होंने कहा कि पीने के पानी के लिए ग्रामीण क्षेत्र में 2,986 करोड़ और शहरी क्षेत्र के लिए 697 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. प्रदेश के सभी शहरी क्षेत्र ओडीफ घोषित हो चुके हैं. प्रदेश में 7.5 लाख व्यक्तिगत शौचालय निर्माण किया गया.   वित्त मंत्री ने कहा कि 20 प्रमुख नगरों में लोक परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है. इसके अंतर्गत हब एंड स्पोक मॉडल आधारित कलस्टर बस सेवा संचालित करने की कार्यवाही शुरु की गई है. भोपाल एवं इंदौर में मेट्रो रेल परियोजना के प्रथम चरण का निर्माण कार्य 2018-19 में शुरु करने का लक्ष्य है. 
वित्त मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत 77 लाख वंचित परिवारों को लाभान्वित किया जाएगा. ग्रामीण क्षेत्रों में निजी सेवा प्रदाताओं द्वारा 10 बिस्तर या अधिक क्षमता के अस्पताल खोलने पर पूंजी निवेश का 40 प्रतिशत (अधिकतम 3 करोड़) और जनजातीय क्षेत्रो में 50 प्रतिशत प्रोत्साहन अनुदान दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि आकांक्षा योजना के तहत निशुल्क शिक्षा का प्रावधान किया गया है. पुलिस बल के लिए 6434 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. आवास योजना के तहत 6600 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. पुलिस आवास योजना के लिए 240 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दी जाने वाली राशि में वृद्धि की जाएगी.

बजट में वित्त मंत्री ने की बड़ी घोषणाएं
* जबलपुर, सागर, ग्वालियर शहरों में बनाया जाएगा बायपास.
* भोपाल-इंदौर एक्सप्रेस वे का होगा निर्माण.
* उद्योग संवर्धन के लिए 1158 करोड़ रुपए का किया प्रावधान.
* शासकीय अस्पतालों में बढ़ाए जाएंगे 45 हजार बेड. 
* बिजली विभाग के लिए 1872 करोड़ का प्रावधान.
* प्रदेश में छह नए मेडिकल कालेज खोले जाएंगे.
* 3 हजार किलोमीटर सड़कें बनाई जाएंगी.
* दो लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षेत्र बढ़ाने का किया प्रावधान.
* 532 सड़क और 32 पुलों के निर्माण के लिए राशि प्रस्तावित.
*  बिजली के क्षेत्र में 83 करोड़ की योजना.
* मुख्यमंत्री भावांतर योजना में एक हजार करोड़ का प्रावधान.
* प्याज उत्पादकों के लिए उद्यानिकी भावांतर योजना की जाएगी लागू. इसके लिए 250 करोड़ रुपए का प्रावधान.
* प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में 2 हजार करोड़ का प्रावधान.
* किसानों के ऋण वापसी के लिए खरीफ 2017 के लिए अंतिम तारीख 17 अप्रैल तक बढ़ाई. 
* किसानों के लिए मुख्यमंत्री समाचार योजना शुरु की जाएगी.
* स्मार्ट सिटी योजना के लिए 7 सौ करोड़ रुपए का प्रावधान.
* आंगनबाड़ी योजना का किया जाएगा विस्तार.
* महिला बाल विकास के लिए 3722 करोड़ रुपए का प्रावधान.
* पुलिस बल के लिए 6434 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया. 
* इंदौर में बोन मैरो ट्रांसप्लांट की व्यवस्था पूरी. 
* आवास योजना के तहत 6600 करोड़ रुपए का प्रावधान.
* आकांक्षा योजना के तहत निशुल्क शिक्षा का प्रावधान.
* पुलिस आवास योजना के लिए 240 करोड़ रुपए का प्रावधान.
* लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 9000 करोड़ रुपए का प्रावधान.
* अतिथि शिक्षक व अतिथि विद्वानों का वेतन बढ़ेगा.
* स्कूल शिक्षा के लिए 21 हजार 724 करोड़ रुपए का प्रावधान.
* स्वच्छ भारत मिशन में शहरी क्षेत्र के लिए 395 करोड़ रुपए का प्रावधान.
* अध्यापक संवर्ग को खत्म कर शिक्षक बनाया जाएगा.
*प्रदेश के सभी शहरी क्षेत्र ओडीफ घोषित हो चुके हैं.
* 1 जनवरी 2016 से पहले सेवानिवृत्त हुए लोगों की पेंशनरों में 10 फीसदी की बढ़ोतरी प्रस्तावित है.
* आंगनवाड़ी कार्यकताओं का मानदेय बढ़ाया जाएगा, पेंशनरों को 7वां वेतनमान का लाभ दिया जाएगा.
* मछली पालन के लिए 51 करोड़ रुपए खर्च होंगे.
* 1038 करोड़ रुपए पशु पालन के लिए खर्च होंगे.
* सहकारिता क्षेत्र के लिए 1500 करोड़ से अधिक का प्रावधान, 28 लाख किसानों को को होगा लाभ.
* अल्पकालिक कर्ज चुकाने के डिफाल्टर किसानों के लिए समझौता योजना आएगी.
* किसानों की फसल के संरक्षण के लिए कोल्ड स्टोरेज की संख्या बढ़ाई जाएगी.
* स्कूलों में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जा रही है.
* भोपाल के हमीदिया अस्पताल में 2000 बिस्तरों की क्षमता का निर्माण कार्य जारी. 
* जबलपुर में राज्य कैंसर इंस्टीट्यूट स्वीकृत.
* पूरक पोषण आहार के लिए 3722 करोड़ रुपए का प्रावधान.
* आयुष शिक्षा के लिए 413 करोड़ का प्रावधान.
* 50 अनुसूचित क्षेत्रों में पचास और अन्य ग्रामीण क्षेत्र में पूंजी अनुदान 40 फीसदी होगा.
* ग्रामीण क्षेत्रों में 10 बिस्तर का अस्पताल खोलने पर अनुदान देगी सरकार.
 * स्वास्थ्य स्कीम से 77 लाख परिवार को मिलेगा लाभ.


आधार अद्यतन करवाने स्कूलों में लगेंगे कैम्प

आधार अधिनियम के अन्तर्गत बच्चों की 5 और फिर 15 वर्ष की आयु पर आधार की बायोमैट्रिक सूचना को अद्यतन करवाना अनिवार्य है. इसके साथ ही विद्यार्थियों का छात्रवृत्ति एवं अन्य सुविधाओं के लिये आधार पंजीयन और उसमें सही मोबाइल नम्बर होना जरूरी है. विद्यार्थियों के आधार की जानकारी को अद्यतन करने के लिये सभी शासकीय एवं निजी विद्यालयों में केम्प लगाये जाएंगे.प्रमुख सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी  मनु श्रीवास्तव ने यह जानकारी दी है कि दो वर्ष की अवधि में आधार को अद्यतन नहीं करवाने पर वह निष्क्रिय हो जायेगा तथा आगामी एक वर्ष में अपडेशन नहीं करवाने पर आधार को लोप कर दिया जायेगा. तद्नुसार 15 वर्ष की आयु पर बायोमैट्रिक अपडेशन नहीं करवाने पर आधार का 18 वर्ष पर लोप हो जायेगा. इस स्थिति में बच्चों को प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होने में समस्या आ सकती है. प्रदेश में आधार पंजीयन लगभग 92 प्रतिशत है. इनमें से 5 से 18 वर्ष आयु वर्ग में 84 प्रतिशत और 5 वर्ष से कम की आयु में 50 प्रतिशत है. यह तथ्य सामने आया है कि कई बच्चों के आधार पंजीयन में आयु, मोबाइल नम्बर सही नहीं है. इससे उनके बैंक खाते नहीं खुल पा रहे हैं. मेंडेटरी अपडेशन के अतिरिक्त अन्य अपडेशन में विद्यार्थियों को 25 रुपये देने होंगे. प्रमुख सचिव  श्रीवास्तव ने सभी कलेक्टर्स को स्कूलों में कैम्प लगवाकर विद्यार्थियों के आधार का अपडेशन करवाने के निर्देश दिये हैं.

मंगलवार, 27 फ़रवरी 2018

कंटेनर ने कुचला 5 महिलाओं को

 इंदौर के सांवेर में सड़क किनारे जा रही पांच महिलाओं को तेज गति से भागते कंटेनर ने कुचल दिया और आगे जा कर पलट गया. इस हादसे में दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गयी वही तीन घायल है. इनमें से एक को इंदौर एम वाय अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस ने कंटेनर को जब्त कर लिया है. वही इस हादसे के बाद इंदौर उज्जैन मार्ग करीब तीन घंते के लिए ग्रामीणों ने बंद कर दिया.
हादसा खान बड़ोदिया का है. 5 महिलाएं खेतों में काम करने के लिए घर से निकली थीं. घर से निकलकर जैसे ही वे इंदौर-उज्जैन हाईवे पर पहुंची पीछे से आए एक तेजगति कंटेनर (एनएल 01 एए 2411 ) ने उन्हें टक्कर मारते हुए पलट गया. कंटेनर के नीचे एक महिला दब गयी. कंटेनर हटा कर नीचे दबी महिला को बाहर निकाला गया. लेकिन तब तक उसकी मौत हो चूकी थी. वही एक महिला को अस्पताल जाते हुए दम तोड़ दिया. तीन घायल महिलाओं को इलाज के लिए सांवेर अस्पताल ले जाया गया. जहां से एक गम्भीर महिला को इंदौर रेफर कर दिया गया. वही इस हादसे के बाद ग्रामीण आक्रोशित हो गए. उन्होंने चक्काजाम कर दिया. मौके पर पहुंची पुलिस से भी ग्रामीणों की झड़प हुई. मामाले को गर्म होता देख इंदौर से पुलिस बल भेजा गया. करीब तीन घंटे की मश्क्कत के बाद इंदौर उज्जैन रोड को फिर से यातायात के लिए शुरू किया जा सका. 

आभूषणों से भरा बैग हुआ चोरी

चार्टेड बस के जरिए इंदौर से भोपाल आ रहे बिल्डर का आभूषण से भरा बैग बदमाश चुरा ले गए. वारदात कल सोमवार शाम की है. बताया जा रहा है कि बिल्डर अपने काम से इंदौर गया था. वापस आते समय चोरों ने सोने चांदी के जेवरों से भरा बैग चोरों ने पार कर दिया. बिल्डर जब गोविन्दपुरा स्थित आईएसबीटी बस स्टेंड पर उतरा तो देखा बैग गायब था. पुलिस के अनुसार दानिशकुंज कोलार निवासी पंकज सिंह पिता संतोष सिंह  एक बिल्डर है. वह अपने निजी काम से इंदौर गये थे. कल सोमवार दोपहर वह चार्टेड बस एमपी 04 पीएम 3672 से भोपाल आ रहे थे.  जब शाम आईएसबीटी बस पर उतरे तो देखा उनका बैग नहीं था. बैग में सोने चांदी के जेवर थे, जिनकी किमत 95 हजार के करिब है. इसके बाद संतोष सिंह ने चोरी की रिपोर्ट संबंधित गोविंदपुरा थाने पहुंचकर दर्ज करवाई. पुलिस ने बताया कि परियादी की शिकायत पर आज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
छात्रा से छेड़छाड़
राजधानी भोपाल के कोलार इलाके में आठवीं क्लास की छात्रा के साथ सरेराह छेड़खानी करने का मामला सामने आया है. पुलिस के अनुसार पार्वती नगर कोलार निवासी 16 वर्षीय नाबालिग 8वीं कक्षा में पढ़ाई करती है.  छात्रा आपनी स्कूटी से घर जा रही थी. तभी मंदाकिनी गेट के सामने निखिल सिंह नाम के युवक ने छात्रा की गाड़ी रोक ली और चाबी निकाल कर अपने सात चलने को कहा. नहीं जाने पर आरोपी निखिल ने छात्रा का हाथ पकड़ कर जबरदस्ती करना शुरू कर दी. इसका विरोध करने पर निखिल मौके से फरार हो गया. घटना के बाद छात्रा ने घर पहुंचकर अपने परिजनों को छेड़छाड़ की जानकारी दी.  

होलिका दहन में गोबर के कंडो का करें उपयोग

पर्यावरण मंत्री  अंतर सिंह आर्य ने होली के त्यौहार पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए नागरिकों से अपील की है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए होलिका दहन में लकड़ियों के स्थान पर गोबर के कंडों का उपयोग करें.  आर्य ने कहा है कि ऐसा करने से जीवनदायी ऑक्सीजन देने वाले वृक्षों को संरक्षण प्राप्त होगा.  मंत्री  आर्य ने नागरिकों से सुखे गुलाल की होली खेलने की भी अपील की है. उन्होंने कहा है कि जल में मिलाये गए रंग से केवल उतना ही जल खराब नहीं होता, बल्कि रंगयुक्त जल साफ जल को भी खराब करता है. उन्होंने कहा कि प्राकृतिक एवं सम्पूर्ण जल-स्रोतों के संरक्षण के लिए सूखे गुलाल की होली खेलें. जहां आवश्यकता हो, वहाँ प्राकृतिक फूलों से निर्मित रंगों का उपयोग करें. इससे शरीर और स्वास्थ पर अनुकूल प्रभाव होता है. साथ ही जल-स्रोतों के प्रभावित होने की संभावना भी नहीं रहती.  पर्यावरण मंत्री  अंतर सिंह आर्य ने कहा कि इन प्रयासों से पर्यावरण को बचाने तथा कम वर्षा जैसी प्राकृतिक आपदा की स्थिति से बचने में सहयोग मिलेगा. उन्होंने कहा कि नागरिक इसे अपना नैतिक दायित्व मानकर खुशी-खुशी होली का त्यौहार मनायें.

सेटेलाइट से होगा फसल सर्वेक्षण

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि भावांतर भुगतान योजना को और अधिक बेहतर बनाया जायेगा. योजनांतर्गत फसल पंजीयन की मेन्यूल सर्वेक्षण व्यवस्था को बदला जायेगा. सर्वेक्षण का कार्य सेटेलाइट के माध्यम से करवाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे सर्वेक्षण में मानवीय त्रुटियां नहीं हों. उन्होंने कहा कि किसान फसल को अच्छे मूल्य पर बाजार में बेच सकें, इसके लिये भंडारण को प्रेरित करने का भी प्रयास किया जा रहा है. किसान को फसल भंडारित करने पर फसल मूल्य का 25 प्रतिशत भुगतान तत्काल बैंक से मिल जायेगा. इसका ब्याज सरकार द्वारा भरा जायेगा. यह योजना किसानों में तेजी से लोकप्रिय हुई है. किसान अब अन्य फसलों को भी इस योजना में शामिल करने की मांग कर रहे हैं.   मुख्यमंत्री ने बताया कि जनता काम करने वालों को समर्थन देती है. प्रदेश में सरकार ने समावेशी विकास को साकार करने का प्रयास किया है. गरीबों को एक रुपये किलो अनाज, मेधावी बच्चों की उच्च शिक्षा की फीस भरवाने,नि:शुल्क इलाज, रहने के लिये भूमि आदि अनेक सामाजिक सुरक्षा की योजनाएँ जनता के साथ संवाद कर बनाई गई हैं. कृषि क्षेत्र में सरकार के प्रयासों से बम्पर उत्पादन हुआ है. नई चुनौती किसान को उसकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाना है. कृषि उत्पाद मूल्य संवर्धन की दिशा में भी प्रयास किये जा रहे हैं. सूखे के दृष्टिगत गेहूँ के लिये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य 1735 रुपये के अतिरिक्त 265 रुपये किसानों को दिये जायेंगे.
मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई करने के साथ व्यवस्था में सुधार के लिए लोकसेवा प्रदाय, संपत्ति राजसात करने के कानून और ई-टेंडरिंग, ई-मेजरमेंट और ई-पेमेंट की व्यवस्थाएं की गई हैं. शिक्षकों का केवल एक कैडर होगा. विगत वर्षों में करीब 2 लाख शिक्षकों की नियु्क्ति हुई है. शीघ्र ही 40 हजार शिक्षकों की भर्ती की जायेगी. बुन्देलखंड में 50 छोटी-बड़ी सिंचाई परियोजनाओं पर काम हो रहा है. चंदेलकालीन तालाबों को भरने के प्रयास किये गये हैं. केन-बेतवा पर बांध बनाने की योजना है. सरकार ने सिंचित क्षेत्र 7.5 लाख से बढ़ाकर 40 लाख हेक्टेयर किया है. यह कार्य निश्चित समय से पूर्व हुआ है. इसे बढ़ाकर 80 लाख हेक्टेयर करने की योजना है. उन्होंने बताया कि निजी स्कूलों में मनमानी फीस आदि अनियमिताओं को रोकने शीघ्र ही विधेयक ला रहे है. युवाओं को नये अवसर उपलब्ध करवाने के लिये युवा सशक्तिकरण मिशन बनाया है. इस वर्ष 7.5 लाख युवाओं को कौशल उन्नयन और 7.5 लाख युवाओं को स्व-रोजगार दिलाने का प्रयास किया जायेगा. वर्ष 2019 में 2 अक्टूबर तक ग्रामीण अंचल के सभी घरों में शौचालय होगा. स्वास्थ्य की बेहतर सुविधाओं के लिये सागर में मेडिकल कॉलेज खोला गया है. इस वर्ष सात नये मेडिकल कॉलेज खोले जायेंगे. राज्य में 5 लाख तक उपचार योजना का प्रभावी क्रियान्वयन होगा.

निजी विद्यालय 10 प्रतिशत तक वृद्धि कर सकेंगे फीस

मध्यप्रदेश निजी विद्यालय फीस विधेयक लागू
मध्यप्रदेश में निजी विद्यालयों द्वारा प्रति वर्ष ली जाने वाली फीस में अप्रत्याशित वृद्धि को रोकने के लिए मध्यप्रदेश निजी विद्यालय विधेयक-2017 को राज्य शासन द्वारा स्वीकृति प्रदान कर दी गई हैं. यह विधेयक 22 फरवरी से लागू हो गया है. विधेयक के प्रमुख प्रावधान के अनुसार विद्यालय प्रबंधन पूर्ववर्ती वर्ष के लिए नियत फीस के लिए 10 प्रतिशत की सीमा तक फीस में वृद्धि कर सकेगा. स्कूल प्रबंधन द्वारा यदि पिछले वर्ष के तुलना में फीस में वृद्धि 10 से 15 प्रतिशत प्रस्तावित हो तो ऐसे प्रस्ताव को स्वीकृत करने के लिए जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित जिला समिति की मंजूरी लेना अनिवार्य होगा. इसी प्रकार यदि पिछले वर्ष के शुल्क के तुलना में फीस में वृद्धि 15 प्रतिशत से अधिक प्रस्तावित की गई हो तो इसके लिये आयुक्त लोक शिक्षण की अध्यक्षता में गठित राज्य समिति इसकी मंजूरी देगी. फीस तथा संबंधित विषयों के लिये गठित जिला समिति निजी विद्यालय के प्रबंधन और अध्ययनरत छात्र के फीस संबंधी नियमों के उल्लंघन और शिकायत प्रकरणों की जाँच कर सकेगी. समिति अपनी जाँच में यह पाती है कि संबंधित स्कूल प्रबंधन द्वारा निर्धारित नियम से अधिक फीस ली गई है तो समिति छात्र के पालक को फीस राशि लौटाने का आदेश दे सकेगी. इसके साथ ही 2 लाख रुपये तक की पेनाल्टी लगाने का अधिकार जिला समिति को होगा. ऐसे प्रकरणों में जहाँ फीस वापसी के आदेश दूसरी बार जारी होंगे, वहाँ पेनाल्टी की राशि 4 लाख रुपये तक लगाई जा सकेगी. दो बार के बाद के प्रकरणों में समिति 6 लाख रुपये तक पेनाल्टी लगा सकेगी. इसके साथ ही निजी विद्यालय की मान्यता निलंबित और रद्द करने की अनुशंसा जिला समिति सक्षम प्राधिकारी को कर सकेगी.स्कूल शिक्षा विभाग के इस निर्णय से निजी विद्यालयों द्वारा किये जा रहे शिक्षा के व्यवसायीकरण तथा फीस के नाम पर विभिन्न मदों में राशि संग्रहित करने की प्रवृत्ति और उसमें अप्रत्याशित वृद्धि करने की प्रवृत्ति पर नियंत्रण किया जा सकेगा.

अब संविदा कर्मचारियों ने दी हड़ताल की चेतावनी

1 नवम्बर 2017 से चरणबद्व आंदोलन कर रहे म.प्र. संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ  ने 16 मार्च से सरकार को कलमबंद हड़ताल का अल्टीमेटम दे दिया है. मप्र संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर ने बताया कि हमने हड़ताल का नोटिस केवल वल्लभ भवन में मुख्यसचिव, अपर मुख्य सचिव, समस्त विभागों के प्रमुख सचिव, विभागाध्यक्षों को ही ज्ञापन नहीं सौंपा हैं बल्कि दस मंत्री जिसमें राजस्व मंत्री उमांशकर गुप्ता, जीएडी मंत्री लाल सिंह आर्य, स्वास्थ्य मंत्री रूस्तम सिंह, स्वास्थ्य राज्यमंत्री शरद जैन, जालम सिंह पटेल, विश्वास सारंग, गौरी शंकर बिसैन, पारसंचद्र जैन, संजय पाठक सहित ग्यारह विधायकों को 15 मार्च तक संविदा कर्मचारियों को नियमित किए जाने, जिन संविदा कर्मचारियों को हटा दिया गया है उन्हें वापस लिए जाने तथा नियमित नहीं किए जाने की स्थिति में 16 मार्च से संविदा कर्मचारियों की प्रदेश व्यापी हड़ताल का सामना करने के लिए तैयार रहने के लिए अल्टीमेटम दे दिया है. म.प्र. संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर ने कहा है कि हमने 1 नवम्बर से लगातार शांतिपूर्वक विभिन्न प्रकार के आंदोलनों से सरकार का ध्यानाकर्षण कर रहे हैं लेकिन सरकार ने आश्वासन के अलावा अभी तक कुछ भी नहीं दिया है. जिससे प्रदेश के संविदा कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है. अब संविदा कर्मचारी अधिकारी आश्वासन पर काम नहीं करेगें. इसलिए म.प्र. सरकार का हमने 21 दिन पहले 16 मार्च से कलम बंद हड़ताल करने का अल्टीमेटम दे दिया है . सरकार 15 मार्च तक संविदा कर्मचारियों को नियमित करने के आदेश जारी कर देती है तो हम सरकार का अभिनंदन करेंगें नहीं तो 16 मार्च से हड़ताल करेंगें. 
हड़ताल में राज्य शिक्षा केन्द्र, जिला शिक्षा केन्द्र, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, मनरेगा,  स्वच्छ भारत अभियान, मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क विकास प्राधीकरण, आजीविका मिशन, राज्य जल मिशन, राजीव गांधी जलग्रहण मिशन, आईएववाय, आईएपी,, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, डीआरडीए, आईएलपी , शहरी विकास अभिकरण,  स्वास्थ्य विभाग, आयुष विभाग, राष्ट्रीय ग्रामीण एवं शहरी स्वास्थ्य मिशन, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी विभाग, ऊर्जा विभाग, म.प्र. समस्त विघुत वितरण कम्पनी,, महिला बाल विकास विभाग, खेल एवं युवक कल्याण विभाग एवं उनकी समस्त योजनाएं, महिला आर्थिक विकास निगम, तेजस्वनी परियोजना, किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग, आदिम जाति एवं सामाजिक न्याय विभाग, वन विभाग, चिकित्सा शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, कौशल विकास केन्द्र,नगरीय प्रशासन विभाग, कुटीर एवं ग्रामोउघोग विभाग, स्कूल शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभाग,संस्कृति एवं धार्मिक न्यास विभाग, वाणिज्यक कर विभाग, सहकारिता विभाग,सुशासन एवं प्रशासन विभाग, समस्त निगम मण्डल, योजना एवं आर्थिक सांख्यिकी विभाग, पुलिस हाऊसिंग विभाग, मनरेगा एवं रोजगार सहायक, लोक निर्माण विभाग, पशुपालन विभाग, लोक सेवा एवं प्रबंधन विभाग, ईगर्वनेस विभाग, विकास प्राधीकरण विभाग, पीएचई, हैण्डपंप टैक्निशियन, आवास एवं पर्यावरण विभाग, जनअभियान परिषद, राष्टीय खाद्य मिशन, आत्मा परियोजना, सामाजिक न्याय विभाग विकलांग एवं पुनर्वास केन्द्र, विभिन्न निगम मंडलों के कर्मचारी शामिल होंगें. 

श्रीदेवी, शशि कपूर को नहीं दी श्रद्धांजलि

 दिवंगतों की सूची से नाम हटाया, कांग्रेस विधायक हुए नाराज 
मध्यप्रदेश विधानसभा में आज दिवंगतों को श्रद्धांजलि के दौरान मशहूर अभिनेत्री श्रीदेवी और अभिनेता शशि कपूर को श्रद्धांजलि नहीं दी गई. सदन की कार्रवाई शुरु होने के कुछ समय पूर्व ही यह फैसला लिया और दिवंगतों की सूची से दोनों का नाम काट दिया गया.  मशहूर अभिनेत्री श्रीदेवी की मौत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु के समय शराब पिए होने की वजह से मध्यप्रदेश की विधानसभा ने उन्हें श्रद्धांजलि देने का फैसला बदल दिया है. यही नहीं श्रीदेवी के साथ-साथ वरिष्ठ अभिनेता शशि कपूर का नाम भी श्रद्धांजलि सूची से हटा दिया गया है. इस बात की जानकारी जब कांग्रेस विधायकों को लगी तो वे नाराज हो गए. कांग्रेस विधायक गोविंद सिंह ने कहा कि श्रीदेवी सांप्रदायिकता का विरोध करती थी. वे इस विषय को सदन में पूरी ताकत के साथ आगामी बैठक में रखेंगे. कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा के दबाव में सरकार ने श्रीदेवी एवं शशिकपूर का नाम सूची से हटाया है.  उल्लेखनीय है कि आज मंगलवार के लिए जो कार्य सूची बनी, उसमें पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी के अलावा 11 अन्य नाम थे. इनमें फिल्म अभिनेता शशि कपूर और अभिनेत्री श्रीदेवी का भी नाम था लेकिन दोपहर बाद जब यह खबर आई कि श्रीदेवी की मौत बाथटब में डूबने की वजह से हुई है. उनकी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यह भी पता चला कि मरते वक्त उन्होंने शराब पी रखी थी. ऐसे में भाजपा के नेताओं ने कार्य सूची में से उनका नाम हटाने का फैसला किया.  जानकारी के मुताबिक, संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र के कहने पर विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर सीताशरण शर्मा ने श्रीदेवी का नाम निधन उल्लेख सूची से निकलवा दिया. उनके साथ शशि कपूर का भी नाम निकाल दिया गया. हालांकि, यह नहीं बताया गया कि शशि कपूर का नाम क्यों हटाया गया, लेकिन श्रीदेवी के नाम का नाम हटाने की वजह स्पष्ट बता दी गई. इस मामले में विधानसभा अध्यक्ष डा. सीताशरण शर्मा का कहना है कि राजनीति क्षेत्र के विधायक, सांसद या फिर इस क्षेत्र में काम करने वाले दिवंगतों को ही सदन में श्रद्धांजलि दी जानी चाहिए. दोनों का नाम हटाए गए हैं, ये कोई विषय नहीं है.

कोलारस और मुंगावली में उप-चुनाव की मतगणना आज

मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले के कोलारस और अशोकनगर जिले के मुंगावली विधानसभा उप-चुनाव की मतगणना बुधवार 28 फरवरी को होगी. कोलारस उप-चुनाव के वोटों की गिनती के लिए 23 राउंड होंगे, जबकि मुंगावली में मतों की गणना 19 राउंड में होगी. कोलारस उप-चुनाव में 22 और मुंगावली में 13 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सलीना सिंह ने दोनों जिलों के कलेक्टर और रिटर्निंग आॅफीसर से चर्चा कर मतगणना की तैयारियों की जानकारी ली. उन्होंने मतगणना में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों का अक्षरश: पालन करने को कहा है. मतगणना सुबह 8 बजे से प्रारंभ होगी. इसके पहले कड़ी सुरक्षा के बीच स्ट्रांग-रूम से ईवीएम को बाहर निकाला जाएगा.  दोनों मतगणना स्थल पर त्रि-स्तरीय कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहेगी. दोनों स्थल पर सीएपीएफ की एक-एक कम्पनी तथा स्थानीय पुलिस बल तैनात किया गया है. प्राधिकार-पत्र के बिना किसी भी व्यक्ति को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी. मतगणना स्थल पर कैमरा, मोबाइल आदि ले जाना प्रतिबंधित रहेगा. मीडिया को जानकारी देने के लिए मतगणना स्थल पर मीडिया सेंटर भी बनाया गया है. सबसे पहले डाक मत-पत्र की गिनती की जाएगी. डाक मत-पत्र की गणना रिटर्निंग आॅफीसर की टेबिल पर होगी.

कृषि, स्वास्थ्य और रोजगार पर फोकस होगा बजट

 वित्त मंत्री जयंत मलैया ने कहा कि इस साल का  शिवराज सरकार का आखिरी बजट कल पेश किया जाएगा, जिसमें सभी वर्गों का ध्यान रखा जाएगा.  वित्त मंत्री ने विधानसभा परिसर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए यह बात कही. उन्होंने कहा कि इस साल का कल पेश किए जाने वाले बजट में सभी वर्गों का ध्यान रखा जाएगा. बजट पूरी तरह से कृषि, स्वास्थ्य, रोजगापर पर फोकस रहेगा.  उन्होंने कहा कि मलैया ने नरेन्द्र मोदी के पकोड़े को लेकर दिए गए बयान पर कहा कि पकौड़े तलने वाले सूट-बूट वालों से ज्यादा कमाते हैं. वित्त मंत्री के इस बयान पर कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि पकौड़े बेचना स्किल नहीं, अनस्किल डेवलप्मेंट है.

समय-सीमा बताने से इंकार किया शिक्षा मंत्री ने

 शिक्षकों की मांग पूरी करने का मामला, कहा तैयार किया जा रहा प्रस्ताव
मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश की राजधानी भोपाल में पिछले महीने आंदोलन करने वाले शिक्षकों की मांगे पूरी किए जाने के बारे में निर्धारित समय सीमा बताएं जाने से इंकार कर दिया है.  विधानसभा में आज कांग्रेस विधायक आरिफ अकील के सवाल के लिखित जवाब में स्कूल शिक्षा मंत्री विजय शाह ने यह बात कही.  शाह ने कहा अध्यापक संवर्ग की सेवाओं को शिक्षा, जनजातीय कार्य विभाग के अधीनस्थ करने के संबंध में समुचित प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है. निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है. अतिथि शिक्षकों को मानदेय का भुगतान मध्यप्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश दिनांक 9 नवंबर 2016 के बिंदु क्रमांक 6 के अनुसार किया जाता है और समग्र स्थिति के प्रकाश में मानदेय बढ़ाने का प्रकरण विचाराधीन नहीं है. सरकार ने पांच वर्ष से अधिक समय से निरंतर रूप से सेवारत अतिथि शिक्षकों को नियमित किए जाने से भी इंकार करते हुए कहा है कि सीधी भर्ती अंतर्गत संविदा शाला शिक्षकों के रिक्त पदों में से 25 प्रतिशत पद को अतिथि शिक्षकों के लिए आरक्षित करने का निर्णय है, जिसके संबंध में कार्यवाही प्रचलित है. पात्रता परीक्षा में अर्हता प्राप्त करना एवं निर्धारित शैक्षणिक एवं शिक्षण प्रशिक्षण योग्यता धारित करना अनिवार्य है, इसलिए शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता.  विधायक आरिफ अकील ने एक अन्य प्रश्न अतिथि शिक्षकों के मानदेय का उठाते हुए शिक्षा मंत्री से जानकारी मांगी कि क्या इनका मानेदय मजदूरों से भी कम है? इनका वेतन नहीं बढ़ने का क्या कारण है और कब तक बढ़ेगा? इसके जवाब में शिक्षा मंत्री शाह ने कहा है कि 9 नवम्बर 2016 के स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश के आधार पर इन्हें मानदेय दिया जा रहा है और मानदेय बढ़ाने का कोई प्रकरण विचाराधीन नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि इन्हें नियमित करने का कोई प्रस्ताव नहीं है. अध्यापक संवर्ग की भर्ती में इन्हें 25 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा.
इंदौर में सरकारी स्कूलों में कम हुए विद्यार्थी
कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने इंदौर जिले के सरकारी और निजी स्कूलों में पहली, छठवीं, नवमीं और 11वीं कक्षा में प्रवेश लेने वाले और नाम कटवाने वाले छात्र छात्राओं के बारे में जानकारी मांगी थी. इसके लिखित जवाब में मंत्री शाह ने बताया है कि वर्ष 2014-15 से 2017-18 तक लगातार सरकारी स्कूलों में पहली और छठवीं कक्षा में प्रवेश घटा है. इसके विपरीत प्राइमरी में निजी विद्यालयों में प्रवेश बढ़ा है जबकि छठवीं क्लास में पिछले साल प्रवेश की स्थिति घटने के बजाय बढ़ने वाली रही है. इसी तरह नवमीं और 11वीं कक्षा में भी निजी विद्यालयों में प्रवेश लेने वालों की संख्या सरकारी विद्यालयों से अधिक है.
तिवारी को दी श्रद्धांजलि
राज्य विधानसभा में आज पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और कांग्रेस नेता स्वर्गीय श्रीनिवास तिवारी सहित अन्य  दिवंगतों को श्रद्धांजलि देकर आज की कार्यवाही बुधवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दी गई. आज सदन शुरु होते ही विधानसभा अध्यक्ष डा. सीताशरण शर्मा पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी, पूर्व विधायक सुरेश सेठ, पूरन सिंह बेड़िया, तातूराम अहिरवार, केशर बाई डाबर, पूर्व केन्द्रीय मंत्री रघुनाथ झा,पूर्व केन्द्रीय मंत्री डा. बोल्ला बुल्लि रमैया, विधानसभा के भूतपूर्व सचिव भरत नारायण श्रीवास्तव, जम्मू कश्मीर के राजौरी में शहीद हुए जवानों के निधन का उल्लेख किया. इसके बाद मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान, नेता प्रतिपक्ष अजयसिंह, विधानसभा उपाध्यक्ष डा. राजेन्द्र सिंह सहित अन्य विधायकों ने दिवंगतों के निधन का उल्लेख किया और अपनी और अपने दल की ओर से श्रद्धांजलि दी. इसके बाद सदन में दो मिनट का मौन रखकर आज की कार्रवाई कल बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.
मेट्रो परियोजना इंदिरा गांधी के गरीबी हटाओ प्रस्ताव जैसी
भाजपा के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने आज फिर मेट्रो को लेकर अपनी सरकार पर तंज कसा. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में मेट्रो परियोजना की हालत ठीक वैसी है, जैसी इंदिरा गांधी की गरीबी हटाओ के प्रस्ताव जैसी. गौर ने आज मीडिया से चर्चार् करते हुए इंदौर, भोपाल में मेट्रो के प्रस्ताव को केन्द्र को भेजे जाने की बात पर यह टिप्पणी की. उल्लेखनीय है कि सोमवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण में इस बात का उल्लेख किया गया कि भोपाल और इंदौर में मेट्रो परियोजना का प्रस्ताव केन्द्र को भेजा गया है. उल्लेखनीय है कि गौर नगरीय प्रशासन मंत्री रहे हैं और मेट्रो रेल के लिए वे काफी कुछ कार्य भी मंत्री रहते हुए कर चुके थे. यह उनका सपना भी है कि भोपाल में जल्द मेट्रो रेल चालू हो. 

आनलाइन किए 4330 माडल नक्शे


राज्य शासन की ई-गवर्नेस की अवधारणा के तहत नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा आमजन की मकान निर्माण मंजूरी प्रक्रिया को आसान बनाया गया है. विभाग द्वारा सभी 14 नगरनिगम में आटोमेटिव विल्डिंग प्लान एप्रुवल सिस्टम विकसित किया गया है. इस सिस्टम पर 4330 माडल नक्शे अपलोड भी कर दिए गए हैं. आवेदक उन नक्शों में से अपने प्लाट के आकार के अनुसार नक्शे का स्वयं चयन कर सकते हैं. नगरीय विकास एवं आवास मंत्री माया सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया है शीघ्र ही प्रदेश के सभी नगरीय निकाय में यह व्यवस्था लागू की जाएगी. उन्होंने बताया कि नगरीय निकायों की कार्य प्रणाली में सुधार लाने के लिए वर्ष 2013-14 से 'शहरी सुधार कार्यक्रम'' लागू किया गया है. नगरीय निकायों की कार्य प्रणाली में पारदर्शिता के लिए ई-नगर पालिका परियोजना प्रारंभ की गई है. इस व्यवस्था से सभी नगरीय निकायों को जोड़ा जा चुका है. नागरिक सेवाओं को आनलाइन किया गया है. नागरिक अब मोबाइल एप के द्वारा इन सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं. इसी प्रकार नागरिक निकायों को पेमेन्ट गेटवे से भी जोड़ा गया है. अब नागरिक अपने घर पर बैठकर ही सभी सेवाओं में आनलाइन भुगतान आसानी से कर सकते हैं. मंत्री सिंह ने बताया कि नगर निगम स्तर पर भवन अनुज्ञा प्रक्रिया को भी आनलाइन कर सुगम बनाया गया है. आनलाइन प्रक्रिया में आवेदक को विभाग द्वारा पूर्व से मान्य 4330 नक्शे भी उपलबध कराए गए हैं. नक्शे का प्लाट के साइज के अनुसार चयन करने की सुविधा है. नगरीय निकाय के डिमांड नोट के अनुसार आवेदक द्वारा फीस जमाकर करने पर रसीद मिलते ही नक्शा स्वीकृति माना जाएगा.

3 लाख से अधिक विद्यार्थियों का हुआ अभिरुचि परीक्षण

मध्यप्रदेश में सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा-10 के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों और अपने करियर के विकल्पों की जानकारी देने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने 15 फरवरी को 3 लाख 10 हजार विद्यार्थियों का अभिरुचि परीक्षण (इंटरेस्ट टेस्ट) लिया. अभिरुचि परीक्षण 8 हजार 152 सरकारी स्कूलों में हुआ. परीक्षण टेस्ट में 72 हजार 747 मोबाइल सेट्स का उपयोग किया गया. इसमें विद्यार्थियों ने एम.पी. करियर मित्र एप पर एक-एक करके 140 प्रश्नों के संबंध में अपनी पसंद-नापसंद को जाहिर किया.  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विद्यार्थियों को उनकी अभिरुचि के अनुसार विषय चयन के लिए प्रति वर्ष एक लाख विद्यार्थियों के एप्टीट्यूट टेस्ट और करियर काउंसिलिंग कराने के निर्देश स्कूल शिक्षा विभाग को दिए थे. एप्टीट्यूट टेस्ट के आधार पर विद्यार्थियों की पसंद के आधार पर उनके भविष्य का रोडमेप एम.पी. करियर मित्र पोर्टल पर प्रदर्शित होगा. एम.पी. करियर मित्र पोर्टल में छात्र अपनी समग्री आई.डी. से अपनी रुचियों के बारे में विस्तृत रिपोर्ट देख पायेंगे. एम.पी. करियर मित्र पोर्टल छात्रों को विषयों का चयन करने में मदद करेगा. पोर्टल में छात्रों को रुचि के अनुसार शिक्षण संस्थानों में संचालित पाठ्यक्रमों की जानकारी भी प्राप्त होगी. यह सम्पूर्ण कार्यक्रम तीन चरणों में संचालित होगा. अभिरुचि परीक्षण का परिणाम 2 अप्रैल को घोषित होगा. इस वर्ष जून माह में प्रत्येक विद्यार्थी एवं पालक की काउंसिलिंग की व्यवस्था सभी सरकारी स्कूलों में की जाएगी. इसके लिए श्यामची आई फाउण्डेशन, पुणे के साथ एमओयू किया गया है. फाउण्डेशन यह कार्य नि:शुल्क रूप से कापोर्रेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) फण्ड का उपयोग करते हुए करेगा.

13 लाख से अधिक राजस्व प्रकरणों का निराकरण

उमाशंकर गुप्ता 
राजस्व न्यायालयों के कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और तत्परता लाने के उद्देश्य से राजस्व न्यायालयों का कम्प्यूटरीकरण  परियोजना लागू की गयी है. इसमें अभी तक 18 लाख 885 प्रकरण दर्ज किये गए हैं. इनमें से 13 लाख 62 हजार 876 प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है. राजस्व मंत्री  उमाशंकर गुप्ता ने बताया है कि राजस्व न्यायालयों में दर्ज प्रकरणों की सतत समीक्षा भी की जा रही है. राजस्व न्यायालयों में दर्ज प्रकरणों के सभी पक्षकारों एवं अधिवक्ताओं को उनके प्रकरण से संबंधित सभी सूचनाएं आॅनलाइन एवं एस.एम.एस. अलर्ट द्वारा दी जा रही हैं. राजस्व प्रकरणों में पारित आदेश की प्रति भी आॅनलाइन प्राप्त की जा सकती है.  प्रकरण को सर्च करके उसकी स्थिति के बारे में जानकारी ले सकते हैं. राजस्व न्यायालयों के अधीन मुख्य रूप से नामांतरण, जमीन पर मालिकाना हक की घोषणा संबंधी मुकदमें, ग्राम सभा की भूमि को सुरक्षित करने एवं अवैध कब्जेदारों की बेदखली, मेड बंदी एवं पैमाइश मामले और इन मामलों से संबंधित अपील, रिवीजन और रिव्यू से संबंधित प्रकरण आते हैं.

अतिथि शिक्षक नहीं मनाएंगे होली

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सेवा नियमितिकरण की मांग को लेकर आंदोलनरत अतिथि शिक्षकों का सोमवार को आंदोलन खत्म हो गया. इस मौके पर उन्होंने सरकार को 15 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए फिर भोपाल में जंगी प्रदर्शन का ऐलान किया. सरकार की नीतियों से व्यथित अतिथि शिक्षकों ने इस बार होली नहीं मनाने का भी फैसला लिया. राजधानी के आंबेडकर पार्क में अतिथि शिक्षक संघ के बैनर तले दो दिन से प्रदेशभर से यहां पहुंचे हजारों अतिथि शिक्षक धरना दे रहे थे. संघ के अध्यक्ष शंभूचरण दुबे भाजपा के राज्यसभा सांसद प्रभात झा द्वारा अतिथि शिक्षकों के खिलाफ दिए गए बयान पर माफी मांगने की मांग करते हुए पानी की टंकी पर चढ़ गए थे. अतिथि शिक्षकों ने बीते दिनों सरकार के विरोधस्वरूप सिर मुंडाया था, जिनमें कई महिलाएं भी शामिल थीं. इस पर कथित तौर पर भाजपा नेता झा ने चुटकी लेते हुए कहा था कि आंदोलनकारी वही कटवाते हैं जो दोबारा उग आता है. अतिथि शिक्षक इस बयान से आक्रोशित हैं.  दुबे ने पानी की टंकी पर चढ़कर झा के बयान की निंदा की. साथ ही झा से माफी मांगने की मांग की. जब तक ऐसा नहीं होता, वे टंकी से नहीं उतरेंगे. जरूरत पड़ी तो टंकी से कूद जाएंगे. बाद में मौके पर पहुंची पुलिस ने दुबे को समझाया और टंकी से नीचे उतारा. बाद में अतिथि शिक्षकों ने दस दिन का अल्टीमेटम देते हुए आंदोलन को खत्म कर दिया. उनका कहना है कि वे दो दिन का आंदोलन करने आए थे, अब वे 15 दिन बाद पूरी तैयारी से राजधानी आएंगे. दुबे ने कहा कि अतिथि शिक्षक सरकार की नीतियों से व्यथित हैं, यही कारण है कि वे होली नहीं मनाएंगे.

सोमवार, 26 फ़रवरी 2018

कांग्रेस के हंगामें के साथ शुरु हुआ बजट सत्र

मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र आज सोमवार को कांग्रेस के हंगामें के साथ हुआ. कांग्रेस ने किसानों की मांगों को लेकर राज्यपाल आनंदीबने पटेल के अभिभाषण के दौरान नारेबाजी की और पोस्टर दिखाए.कांग्रेस  के हंगामें के बीच ही राज्यपाल को अपना अभिभाषण पूरा करना पड़ा.अभिभाषण पूरा होने के बाद विधानसभा की आज की कार्यवाही कल मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई.
कांग्रेस विधायकों ने जमकर नारेबाजी करते हुए राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान सदन में प्रवेश किया. कांग्रेस विधायकों का आरोप था कि प्रदेश में किसानों की हालत खराब है, जिस पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है, या तो सरकार किसानों का कर्ज माफ करे या फिर गद्दी छोड़ दे. पहले दिन सदन में कांग्रेस विधायकों ने किसानों का कर्ज माफ करो के नारे लगाए. इसके अलावा पोस्टर भी दिखाए. विधानसभा अध्यक्ष डा. सीताशरण शर्मा ने कई बार प्रयास किया कि कांग्रेस विधायक शांत हो जाएं, मगर कांग्रेस विधायकों द्वारा नारेबाजी की जाती रही. हंगामें के बीच ही राज्यपाल को अपना अभिभाषण पूरा करना  पड़ा. चतुर्दश विधानसभा का बजट सत्र 28 मार्च तक चलेगा. विधानसभा सत्र में वित्त मंत्री जयंत मलैया 28 फरवरी को राज्य का बजट पेश करेंगे. कांग्रे्रस विधायकों के हंगामें को लेकर विधानसभा परिसर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि विपक्ष सदन में बाहुबल नहीं बुद्धिबल का प्रयोग करे. उन्होंने कहा कि सदन में चर्चा के लिए नियम प्रक्रिया के तहत जिस विषय पर चर्चा चाहें होगी, लेकिन बेवजह हल्ला मचाया जाए, यह ठीक नहीं है. उन्होंने नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह के बयान पर कहा कि 12 साल से विपक्ष ऐसी ही बोल रहा है. उल्लेखनीय है कि कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी आज साइकिल यात्रा के साथ राजधानी पहुंचे.पुराने शहर से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव और नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह उनके साथ विधानसभा पहुंचे.  जीतू पटवारी रविवार को इंदौर से साइकिल यात्रा शुरु की थी, उन्होंने सरकार का ध्यान किसानों की ओर आकर्षित करने के लिए यह यात्रा शुरु की है.

मैसेंजर पर अश्लील फोटो भेजने वाला गिरफ्तार

फेसबुक मैसेंजर पर एक छात्रा को अश्लील फोटोज भेजने वाले मनचले आरोपी को इंदौर की क्राइम ब्रांच पुलिस ने गिरफ्तार किया है. इंदौर क्राइम ब्रांच के अनुसार  आरोपी ने युवती की आॅरिजनल फोटोज को एडिट करके अश्लील इमेज बनाई थी. पुलिस की आरोपी से पूछताछ जारी है.  इंदौर क्राइम ब्रांच के अनुसार आरोपी की पहचान पंकज पिता हरीश चौधरी उम्र 19 वर्ष निवासी मकान नम्बर 78 आदर्श बिजासन नगर परदेशीपुरा इंदौर, के रूप में हुई है.  एएसपी सिंह का कहना है कि बीते दिनों छोटा बागडदा अनाज मंडी में डाटा एंट्री का काम करने वाली एक युवती ने थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी. शिकायत में छात्रा द्वारा बताया गया था कि आरोपी पंकज ने करीब एक वर्ष पूर्व उसे शादी के लिए प्रपोज किया था. पंकज का प्रपोजल रिजेक्ट करने के बाद उसने युवती को बदमान करने की ठान ली.  एएसपी सिंह का कहना है कि आरोपी पंकज ने युवती की फोटोज को एडिट करके अश्लील मैसेज बना लिए. वह इन आपत्तिजनक फोटोज को फेसबुक मैसेंजर पर शेयर करने लगा. एएसपी सिंह का कहना है कि छात्रा की शिकायत पर आरोपी पंकज को हिरासत में लेकर कोर्ट में पेश किया गया.

मोबाइल लैब से होगा विज्ञान का प्रचार-प्रसार

प्रदेश के दूरस्थ अंचलों में मोबाइल लैब के माध्यम से विज्ञान का प्रचार-प्रसार किया जायेगा. इसके माध्यम से विद्यालय एवं महाविद्यालय के विद्यार्थियों सहित आमजन को नित नई हो रही खोजों की जानकारी दी जाएगी. राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने यह बात मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (मेपकास्ट) की कार्यकारी समिति की बैठक में कही. उन्होंने इस संबंध में शीघ्र कार्यवाही करने के निर्देश दिये. गुप्ता ने दमोह की जिला संसाधन दिग्दर्शिका का विमोचन भी किया. दिग्दर्शिका में दमोह जिले की सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध है.बैठक में परिषद द्वारा स्वीकृत की जाने वाली रिसर्च स्कॉलरशिप बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया. उज्जैन तारामण्डल परिसर में उप-क्षेत्रीय विज्ञान केन्द्र, वराहमिहिर वेदशाला ग्राम डोंगला जिला उज्जैन में हॉस्टल एवं रहवासी आवास निर्माण और औबेदुल्लागंज में टीश्यू कल्चर लैब के नवीनीकरण करवाने का भी निर्णय लिया गया. परिषद के अधिकारी-कर्मचारियों को नियमानुसार सातवें वेतनमान का लाभ देने के संबंध में भी सहमति व्यक्त की गई.
मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा डिस्टिंगविश्ड फेलोशिप योजना में तीन फेलोशिप देने का निर्णय लिया गया. भौतिकी, रसायन के क्षेत्र में अनुसंधान के लिये सर सी.वी. रमन, जैव-प्रौद्योगिकी एवं जैव-विज्ञान के क्षेत्र में अनुसंधान के लिये आचार्य जे.सी. बोस और कृषि, जैविक खेती, जल तथा सिंचाई के क्षेत्र में अनुसंधान के लिए डॉ. आर.एल. रिछारिया फेलोशिप दी जाएगी. आवेदक को उसकी नियमित आय के अतिरिक्त 2 वर्ष तक प्रति माह 50 हजार रुपये दिये जाएंगे. इसके अतिरिक्त फेलो को ढाई लाख रुपए प्रति वर्ष अनुदान राशि दी जाएगी. फेलोशिप के लिए विज्ञापन के माध्यम से आवेदन आमंत्रित किये जायेंगे.बैठक में प्रमुख सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मनु श्रीवास्तव, महानिदेशक मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद डॉ. नवीन चन्द्रा एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे.

नलकूप खनन पर होगी सख्त कार्रवाई

मध्यप्रदेश के इंदौर कलेक्टर निशांत वरवड़े की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में समयसीमा संबंधी लंबित पत्रों तथा अंतर्विभागीय समन्वय से संबंधित मामलों की समीक्षा बैठक संपन्न हुई. बैठक में कलेक्टर ने संबंधित विभागों लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी तथा नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पेयजल को संरक्षित करने की दृष्टि से बिना अनुमति नलकूप, ट्यूबवेल, हैण्डपम्प खनन पाये जाने पर सख्त कार्यवाही करें. सभी एसडीएम को भी अपने-अपने क्षेत्रों का भ्रमण करने और बिना अनुमति नलकूप, ट्यूबवेल, हैण्डपम्प खनन पाये जाने पर सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए. यह भी कहा कि संबंधितों के विरूद्ध आईपीसी की धारा 188 के तहत प्रकरण भी दर्ज कराया जाये. बिना अनुमति नलकूप, ट्यूबवेल, हैण्डपम्प खनन पाये जाने पर मौके पर मशीन की जब्ती की कार्यवाही भी की जाये.  बैठक में माध्यमिक शिक्षा मण्डल मध्यप्रदेश भोपाल की आगामी 1 मार्च व सीबीएसई बोर्ड की 5 मार्च  से प्रारंभ हो रही हाई स्कूल व हायर सेकेण्डरी की परीक्षाओं में संवेदनशील चिन्हित परीक्षा केन्द्रों में चैकिंग के लिए जिला अधिकारियों की ड्यूटी लगाने के निर्देश शिक्षा विभाग को दिए. सभी एसडीएम को भी निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रांतर्गत आने वाले परीक्षा केन्द्रों की आकस्मिक चैकिंग करें. परीक्षाओं में नकल रोकने हेतु उड़नदस्ता दलों के गठन के भी निर्देश दिए. बैठक में स्वरोजगार योजनाओं में ऋण वितरण की प्रगति की समीक्षा की गई. बताया गया कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी में 90 प्रतिशत, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार में 80 प्रतिशत से अधिक मामलों में ऋण का वितरण किया जा चुका हैं. कलेक्टर ने स्वरोजगार योजनाओं में ऋण वितरण कार्य में तेजी लाने व योजनाओं में  शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. बैठक में सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण अनुसार नये पात्र हितग्राहियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन स्वीकृति की प्रगति की समीक्षा की गई तथा निर्देश दिए कि शेष बचे नये पात्र सभी हितग्राहियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन स्वीकृत करना सुनिश्चित किया जाये. समग्र पोर्टल पर आधार सीडिंग की भी समीक्षा की गई तथा आधार सीडिंग कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए.      बैठक में दुकानविहीन ग्राम पंचायतों में उचित मूल्य की दुकान खोले जाने की प्रगति की भी समीक्षा की गई तथा निर्देश दिए कि शासन निदेर्शानुसार शीघ्रता से कार्यवाही सुनिश्चित की जाए. पिछले 6 माह से उचित मूल्य की दुकानों से खाद्यान्न न लेने वाले हितग्राहियों को चिन्हित कर नाम हटाने के संबंध में शासन निदेर्शानुसार कार्यवाही की प्रगति की समीक्षा की गई. बताया गया कि पिछले एक सप्ताह में ऐसे लगभग 4 हजार व्यक्तियों के नाम चिन्हित कर हटाने कार्यवाही की गई. बैठक में मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना में किसानों को उनकी उपज के विक्रय के भाव में अंतर की राशि को खातों में जमा करने की स्थिति के संबंध में पूछताछ की गई व आवश्यक निर्देश दिए. बैठक में अंतर्विभागीय समन्वय से सबंधित मामलों पर भी चर्चा की गई. वन विभाग द्वारा वनाधिकार पट्टो के लिए स्थल निरीक्षण, जल संसाधन विभाग से कन्वर्जेस कर तालाबों का निर्माण, एमपी टूरिज्म के लिए महू के आसपास रिसोर्ट हेतु जमीन दिए जाने, आरटीओ व महिला एवं बाल विकास विभाग के समन्वय से पिंक लायसेंस बनाये जाने, आयुष हास्पिटल के लिए जमीन दिए जाने आदि से संबंधित मामलों पर चर्चा कर विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए.

बुनियादी मुद्दों पर फेल हो चुकी है सरकार

 आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयोजक और राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक अग्रवाल ने विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत में राज्यपाल के अभिभाषण पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इसमें आम जनता से जुड़े किसी मुद्दे पर राज्यपाल ने कुछ भी नहीं बोला है. चूंकि राज्यपाल का अभिभाषण राज्य सरकार के कार्यों का लेखा जोखा होता है और इसमें आम जनता के मुद्दे सिरे से गायब हैं, इससे साफ है कि प्रदेश सरकार जनहितैषी मुद्दों पर पूरी तरह फेल हो गई है और उसे सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है. उन्होंने कहा कि अभिभाषण में किसानों के हालात पर कुछ भी नहीं बोला गया है, जबकि प्रदेश में हर रोज 5 किसान आत्महत्या कर रहे हैं. भावान्तर जैसी योजनाओं ने प्रदेश के किसानों की रीढ़ तोड़ दी है. दिलचस्प यह है कि यह पूरी योजना ही अपने आप में गैरकानूनी है. प्रदेश में बिजली के दाम सबसे ज्यादा हैं. जनता को प्रति यूनिट 7-8 रुपए की बिजली दी जा रही है. यही नहीं मध्य प्रदेश के 43 लाख घरों में बिजली नहीं है. इस पर एक शब्द भी नहीं बोला गया है. वर्तमान में शिक्षा के हालात प्रदेश में भयावह हैं. प्रदेश का रिजल्ट महज 48 प्रतिशत रहा है. 52 प्रतिशत बच्चे फेल हो रहे हैं. इस पर अभिभाषण में कोई टिप्पणी नहीं की गई है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में कुपोषण के हालत भी भयावह हैं. हर रोज 75 बच्चों की मौत का आंकड़ा साफ करता है कि प्रदेश के भविष्य को मजबूत बनाने के लिए सरकार कुछ भी नहीं कर पाई है. इसके अलावा प्रदेश में रोजगार के हालात भयावह हैं. पिछले दिनों पटवारी परीक्षा में देखा गया कि प्रति पद औसतन 120 से ज्यादा युवाओं ने आवेदन दिया. बेरोजगारी के दंश से त्रस्त युवा सड़कों पर हैं, जब वे रोजगार की मांग करते हैं, तो उन्हें पीटा जा रहा है. राजधानी भोपाल में पिछले दिनों बेरोजगार युवाओं पर शिवराज सरकार के पुलिकर्मियों ने लाठियां चलाईं. 
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार पूरी तरह से घिरी हुई है. अकेले बिजली के क्षेत्र में ही आम आदमी पार्टी ने 2 लाख करोड़ से ज्यादा के घोटालों का खुलासा किया है. व्यापमं, डंपर, खनन, डाकघर से लेकर धान खरीद तक में घोटाला हुआ है. इनसे प्रदेश की जनता का कितना पैसा नेताओं उद्योगपतियों की जेब में गया इसका जिक्र अभिभाषण में नहीं है. उन्होंने कहा कि विभिन्न कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. प्रदेश में खेतों तक पानी पहुंचाने की कोई व्यवस्था नहीं है. पानी की स्थिति बेहद गंभीर है और आने वाले दिनों में जल संकट की स्थिति बन रही है. इस बारे में भी अभिभाषण में चुप्पी साधी गई है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य के हालात भी बेहद दयनीय हैं. इस पर सरकार चुप है. कुल मिलाकर सरकार के पास जनता की बुनियादी सुविधाओं पर कहने के लिए कुछ भी नहीं है. राज्यपाल का अभिभाषण प्रदेश की आधी हकीकत ही बताता है. पूरी बात है कि प्रदेश की सरकार के पास अपनी उपलब्धियों के नाम पर कुछ भी नहीं है. ऐसे में सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है. 

अदालत परिसर में युवक को मारा चाकू

राजधानी में पिछले दिनों बजरिया इलाके में हुए डबल मर्डर मामले की पेशी में आए एक युवक पर कोर्ट परिसर में आज सोमवार को जानलेवा हमला हुआ है. चार से पांच लोगों ने छुरी, चाकू और डंडों से गवाह नीलेश राय पर ताबड़तोड़ हमला कर उसकी हत्या करने का प्रयास किया. नीलेश राय को सिर, चेहरे और शरीर के कई जगहों पर गंभीर चोटें आई हैं. अस्पताल ले जाते हुए नीलेश राय ने मीडिया से बात करते हुए आरोप लगाया कि उस पर हमला स्थानीय मंत्री विश्वास सारंग के समर्थकों ने किया है. नीलेश राय ने एक कथित हमलावर की पहचान अविनाश ठाकुर के रूप में की है. यह हमला उस समय हुआ जब नीलेश राय गवाही देकर कोर्ट के पिछले दरवाजे के तरफ जा रहा था. एकाएक छुरी, चाकू और डंडों से लैस चार-पांच युवकों ने नीलेश राय पर हमला कर दिया. नीलेश राय पर हमला कर युवक भाग गए. हमले की वारदात होते ही कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई. लोग इधर-उधर भागने लगे. कोर्ट परिसर में मौजूद कई पुलिस कर्मी मौका ए वारदात की तरफ दौड़े.विदित हो कि बीते दिनों बजरिया थाना क्षेत्र में मंत्री विश्वास सारंग के समर्थन अमित चौहान और उसके एक दोस्त की बंटी नामक आरोपी ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. हत्या के बाद बंटी फरार हो गया था. बाद में बंटी ने अपने आपको को पुलिस के हवाले कर दिया था. इसी मामले के संबंध में नीलेश राय कोर्ट में पेशी के लिए आया था. नीलेश राय, बंटी ग्रुप का बताया जा रहा है.

गौ सेवकों ने किया प्रदर्शन

 पंचायत स्तर पर नियुक्ति, निश्चित मानदेय और एबीएफओ की भर्ती में गौ सेवको को 50 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग को लेकर सोमवार को गो सेवकों ने राजधानी भोपाल में जंगी प्रदर्शन किया. अपनी मांगो के समर्थन में गो सेवक नीलम पार्क में एकत्रित होकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने जा रहे थे लेकिन पुलिस ने उन्हे नीलम पार्क में ही रोक दिया. अनुमति नही होने की वजह से पुलिस ने गौ सेवकों को पार्क के अंदर कर बाहर से लोहे का गेट बंद कर दिया. पुलिस प्रशासन द्वारा पार्क में बंद किए जाने से नाराज गौसेवकों ने पार्क के अंदर ही सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. गौ सेवकों को भीड देखते हुए पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे.  पुलिस के आलाअधिकारियों ने संघ नेताओं को सीएम के पास उनका मांग पत्र पहुंचाने का आश्वासन दिया लेकिन संघ के पदाधिकारी नही माने.

आईटीबीपी के जवानों, अधिकारियों को सिखाएंगे चीनी भाषा

सांची के बौद्ध-भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय में चीनी भाषा सीखने के लिए अगले सत्र में आईटीबीपी 25 जवानों और अधिकारियों को भेजेगा. 2016 में केवल चार जवानों को भेजा गया था. डोकलाम विवाद के बाद सीमा पर तैनात जवानों के बीच संवाद के नजरिए से इस कदम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
सांची बौद्ध-भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय के कुलसचिव और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक राजेश गुप्ता ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2016-17 में आईटीबीपी के चार कर्मचारी चीनी भाषा सीखने आए थे. इनमें दो जवान और दो इंस्पेक्टर थे. इन्होंने चीनी भाषा में एक साल का सर्टिफिकेट कोर्स किया था. इससे उन्हें भारत-चीन सीमा पर चीनी फौज और सीमा पर रहने वालों से संवाद करने में काफी सहूलियत होती है. उन्होंने कहा कि आईटीबीपी ने अगले सत्र से अपने 25 और कर्मचारियों को हमारे विश्वविद्यालय में चीनी भाषा सीखने के लिए नामांकित किया है. इनमें जवानों के साथ-साथ तीन अलग-अलग रैंक के अधिकारी शामिल हैं. हमें इनकी सूची भी मिल गई है. यह सत्र जुलाई 2018 में शुरू होगा और इन्हें भी चीनी भाषा में एक साल का सर्टिफिकेट कोर्स कराया जाएगा.
उन्होंने कहा कि हमने आईटीबीपी की जरूरतों के हिसाब से इस सर्टिफिकेट कोर्स को डिजाइन किया है. कोर्स के दौरान हम उन्हें अध्ययन सामग्री भी देते हैं. गुप्ता ने बताया कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में चीनी सीमा पर हमारे देश में कई ऐसे गांव हैं, जहां बौद्ध धर्मावलंबी रहते हैं और चीनी भाषा बोलते हैं. इसलिए चीनी भाषा का कोर्स कर रहे इन जवानों को हम बौद्ध धर्म के बारे में बताते हैं, जो इनके लिए मददगार होगा. उन्होंने कहा कि वर्ष 2016-17 के शैक्षणिक सत्र से ही विश्वविद्यालय में चीनी भाषा सिखाई जा रही है. पहले साल हमने चीनी भाषा में एक साल का प्रमाणपत्र कोर्स शुरू किया. इसे कर चुके छात्रों के लिए दूसरे शैक्षणिक सत्र 2017-18 में हमने चीनी भाषा में एक साल का डिप्लोमा शुरू किया और आने वाले सालों में हम चीनी भाषा में एडवांस कोर्स भी कराएंगे.
गुप्ता ने बताया कि मध्य भारत में सांची बौद्ध-भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय ही एकमात्र विश्वविद्यालय है, जिसमें चीनी भाषा आईटीबीपी के जवानों को सिखाई जा रही है. वर्ष 2012 में खुला यह विश्वविद्यालय यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल सांची बौद्ध स्तूप के निकट है और प्रदेश की राजधानी भोपाल से करीब 35 किलोमीटर दूर है.

जीतू पटवारी पहुंचे साइकिल से

मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने किसानों के लिए 'किसान अधिकार यात्रा'  रैली की शुरूआत की है.  इस यात्रा के तहत इंदौर से  कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी आज राजधानी पहुंचे. पटवारी का प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव, नेता प्रतिपक्ष अजयसिंह और कांग्रेस विधायकों ने स्वागत किया.  इस साइकिल रैली का मकसद किसानों को कृषि के दौरान लिया गए ऋण में छूट की मांग को लेकर है. इस रैली में राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता अजय सिंह के साथ विधायकों ने भी पूरे उत्साह के साथ भाग लिया है.
 उल्लेखनीय है कि  रविवार को भी जीतू पटवारी ने इंदौर भोपाल में साईकल यात्रा निकाली, जिसमें उनके साथ कांग्रेस के कई साइकिल यात्रा निकाली. इस यात्रा के दौरान विधायक द्वारा लगभग 200 किलोमीटर साइकिल चालाई गई थी. रैली के रुप में भोपाल आए जीतू पटवारी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा है कि किसान जहां हाड़तोड़ मेहनत कर के देश कि जनता के लिए काम कर रहा है. वह खुद भूखा और कर्ज के दलदल में फंस के आत्महत्या कर रहा है वहीं भाजपा की सरकार किसानों को तिलतिल कर के मार रही है. लगातार पेट्रोल और डीजल के दामों को बढ़ाकर खाद और बीज के दामों को भी बढ़ा रही है. यात्रा के दौरान पटवारी ने कहा कि लगभग 90 लाख किसानों पर करीब 60 हजार करोड़ का कर्ज है. अगर यू पी और महाराष्ट्र सरकार भाजपा सरकार का कर्ज माफ कर सकती है तो किसानों का कर्ज माफ करने में क्या हर्ज है. वहीं एक तरफ तो मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार कृषि क्षेत्र में केन्द्र सरकार से पुरुस्कार पर पुरुस्कार लिए जा रहे है.  वहीं दूसरी ओर प्रदेश का किसान अपनी दुर्दशा पर रो रहा है.  मध्य प्रदेश में किसानों की आर्थिक हालत खराब है. किसानों को उनकी फसल की मूल लागत भी नहीं मिल रही है. शिवराज सरकार भावांतर योजना के नाम पर किसानों के साथ मजाक उड़ा रही है.

विकास और जनकल्याण कार्यों में अग्रणी राज्य है मध्यप्रदेश

मुख्यमंत्री  से मिले कर्नाटक राज्य के पत्रकार
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि वर्तमान राजनैतिक परिदृश्य में पॉलिटिक्स आॅफ परफार्मरमेंस का नया चलन प्रारंभ हुआ है. इसमें विकास करने वालों को ही सफलता मिलेगी. मध्यप्रदेश आज विकास और जनकल्याण कार्यों में अग्रणी राज्य है. डेढ़ दशक पूर्व इसकी पहचान पिछड़े और बीमारू राज्य के रूप में थी. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश विकसित और तेजी से आगे बढ़ने वाला राज्य है. कृषि, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना, लोक सेवा गांरटी एक्ट, पर्यटन, सौर ऊर्जा, स्वच्छता सर्वेक्षण, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं, सड़क, बिजली, सिंचाई, महिला शक्तिकरण और किसान कल्याण के कार्यों में देश का अव्वल राज्य है. 
चौहान आज विधानसभा परिसर में कर्नाटक राज्य के पत्रकारों के साथ अनौपचारिक चर्चा कर रहे थे. इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  एस.के. मिश्रा और आयुक्त जनसम्पर्क पी. नरहरि भी मौजूद थे. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने विकास और जनकल्याण कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है, अनेक नवाचार किये हैं, प्रभावी योजनाएं बनाई हैं. महिला सशक्तिकरण के लिए स्थानीय स्वशासी सरकारों तथा शिक्षकों के पदों में 50 प्रतिशत और अन्य सभी शासकीय सेवाओं में 33 प्रतिशत (वन विभाग को छोड़कर) आरक्षण की व्यवस्था की गई है. बेटियों को परिवार बोझ नहीं मानें, शिक्षा की उचित सुविधा उपलब्ध हो; इसके लिए वर्ष 2006 में मध्यप्रदेश में लाड़ली लक्ष्मी योजना लागू की गई. आज प्रदेश में 37 लाख लाड़ली लक्ष्मियां हैं. समय-समय पर शिक्षा के लिए और 21 वर्ष की होने पर 1 लाख रुपए से अधिक की राशि इन लाड़लियों को दी जा रही है. महिला सशक्तिकरण प्रयासों के सुखद परिणाम भी दिखने लगे हैं. लैंगिक अनुपात में प्रदेश का भिंड जिला सबसे पिछड़ा था, आज वहां का लैंगिक अनुपात भी सुधर रहा है. महिलाओं के प्रति अपराधों के दोषियों को कड़ा दंड देने, बेटियों के साथ बलात्कार का जघन्य अपराध करने वाले को मृत्यु दंड देने संबंधी विधेयक विधानसभा से पारित कर राष्ट्रपति के अनुमोदन के लिये भेजा गया है. इसी तरह किसानों को प्रदेश में जीरो प्रतिशत पर ऋण दिया जाता है. प्राकृतिक आपदा के समय राज्य सरकार द्वारा भरपूर मदद की जाती है. भावांतर योजना आदि राहत के अनेक प्रभावी कदमों के साथ ही फसलों की क्षति पूर्ति भी की जाती है. क्षति आंकलन 30 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर के मान से किया जाता है. प्रयास है कि किसान विपरीत परिस्थितियों में भी हताश नहीं हों. राज्य में कानून बनाकर गरीब को रहने की जमीन का मालिक बनाया गया है. गरीब प्रतिभाओं को प्रगति के अवसर मिलें, धन का अभाव प्रतिभा के विकास में बाधा नहीं बने; इसके लिये मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी छात्रवृत्ति योजना शुरू की गयी है. इसमें मेधावी बच्चों की उच्च शिक्षा की फीस राज्य सरकार भरती है.   चौहान ने बताया कि मध्यप्रदेश को विगत पांच वर्षों से कृषि कर्मण पुरस्कार मिल रहा है. कृषि वृद्धि दर औसतन बीस प्रतिशत बनी हुई है. सिंचित क्षेत्र साढ़े सात लाख से बढ़ाकर चालीस लाख हेक्टेयर हो गया है. इसे अस्सी लाख हेक्टेयर तक ले जाने पर तेजी से कार्य हो रहा है. नदी जोड़ो परियोजनाओं में नर्मदा-क्षिप्रा जुड़ गयी हैं. नर्मदा-गंभीर का कार्य पूर्णता पर है. प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश प्रथम है. पर्यटन में बेस्ट राज्य का पुरस्कार भी मिला है. लोक सेवा गारंटी प्रदाय कानून बनाने वाला मध्यप्रदेश पहला राज्य है. गत वर्ष के स्वच्छता सर्वेक्षण में चयनित सौ शहरों में बाईस शहर मध्यप्रदेश के थे. पर्यावरण संरक्षण की जागरुकता और कर्तव्य बोध में भी देश का अग्रणी राज्य है मध्यप्रदेश. नर्मदा सेवा यात्रा के रुप में नदी संरक्षण का दुनिया का सबसे बड़ा अभियान यहां संचालित हुआ है. नर्मदा नदी के तटों पर बारह घंटों की अवधि में 6.73 करोड़ पौधों का रोपण प्रदेशवासियों ने किया है.  चौहान ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए देश में एक साथ चुनाव करवाये जाने के पक्ष का पुरजोर समर्थन किया. इस दिशा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों को अभिनंदनीय बताते हुए उन्होंने कहा कि अलग-अलग चुनाव होने से विकास बाधित होता है. चुनाव एक साथ कराना देश के हित में है. चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्रियों की शीघ्र ही होने वाली बैठक में वे स्वयं इस संबंध में चर्चा करेंगे.

राज्यपाल ने गिनाई सरकार की उपलब्धियां, बताई भविष्य की रुपरेखा

कहा सबके साथ, सबका विकास की अवधारणा पर सरकार कर रही काम
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने चौदहवीं विधानसभा के पांचवें और आखिरी बजट सत्र का शुभारंभ करते हुए, प्रदेश सरकार की उपलब्धियां गिनाई और भविष्य की योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की.  राज्य विधानसभा के बजट सत्र का शुभारंभ करते हुुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि मेरी सरकार ‘सबके साथ-सबका विकास’ की अवधारणा से कार्य कर रही है. मेरी सरकार की निगाह से कोई भी वर्ग और तबका भूला-बिसरा नहीं रहा है. जाति, धर्म और वर्ग से परे सरकार की योजनाओं का लाभ सभी के लिए सुनिश्चित किया गया है. उन्होंने कहा कि मेरी सरकार की प्राथमिकता हर गरीब के लिए रोटी,  कपड़ा और मककान के साथ पढ़Þाई , दवाई और रोजगार है और रहेगी. अपने अभिभाषण की शुरूआत में ही राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि मेरी सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के      ऊ र्जावान और कल्पनाशील नेतृत्व में देश और समाज के निर्माण में हमकदम है. प्रधानमंत्री की फ्लेगशिप योजनाओं के अमल में प्रदेश देश में अग्रणी है. प्रधानमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश के विकास और लोगों की तरक्की और खुशहाली के कामों में केन्द्र सरकार का भरपूर सहयोग मिला है. मुझे विश्वास है कि सरकार सभी क्षेत्रों में प्रदेश को देश का अग्रणी प्रदेश बनाने में सफल होगी.
उन्होंने कहा कि प्रदेश की जीवन-रेखा नर्मदा नदी के संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने के लिए नदी के दोनों तट पर 144 दिन में 3 हजार 350 कि.मी. की नमामि देवी नर्मदा-सेवा यात्रा की गई.  आपने कहा कि राज्य में कैशलेश प्रणाली को बढ़Þावा देने के राज्य सरकार के निर्णय के प्रकाश में मेरी सरकार के शत-प्रतिशत भुगतान ई-भुगतान प्रणाली से किए जा रहे राज्यपाल ने अभिभाषण में कहा कि सरकार ने डीजल पर वेट की दर 27 से घटाकर 22 और पेट्रोल पर वेट की दर 31 से घटाकर 28 प्रतिशत कर दी है. प्रति लीटर डेढ़Þ रुपए के अतिरिक्त कर  को भी समाप्त कर दिया गया है. 
राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में कहा कि प्रदेश को पांच बार ‘‘कृ्रषि कर्मण पुरस्कार’’  प्राप्त हो चुका है. इस वर्ष सरकार ने किसानों को उनकी कृषि उपज का उचित मूल्य उपलब्ध करवाने के लिए पायलेट आधार पर खरीफ मौसम से मुख्यमंत्री भावांतरण भुगतान योजना प्रारंभ की है.  राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने अभिभाषण में बताया कि प्रदेश में सूखे की स्थिति के उपरान्त भी वर्ष 2017-18 रबी में 112 लाख हेक्टेयर में बोनी हुई है. जो यह दिखलाता है कि हमारी विकसित सिंचाई क्षमता ने मानसून की अनिश्चितताओं से पार पाने में हमें सक्षम बनाया है. अपने अभिभाषण के अंत में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि मेरी सरकार ने पिछले चौदह वर्षों में प्रदेश को देश का अग्रणी प्रदेश बनाने के बहुआयामी प्रयास किए हैं. आज प्रदेश कई क्षेत्रों में सबसे तेजी से आगे बढ़Þता प्रदेश है. यह एक    पड़ाव भर है, मंजिल नहीं. हमारा पूरा प्रयास है कि विकास के मामले में हम देश में नम्बर एक पर आएं और दुनिया के बेहतरीन राज्यों के समकक्ष हों. मेरी सरकार का यह विश्वास है कि जनता और समाज के सहयोग से ऐसा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है और इसे हासिल करने के लिए मेरी सरकार कटिबद्ध है. 
बिजली में आत्मनिर्भर है प्रदेश
राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश आज बिजली मेें आत्म-निर्भर है. गैर कृषि उपभोक्ताओं को 10 घंटे बिजली दी जा रही है. उपलब्ध बिजली क्षमता 18 हजार मेगावाट है जिसे वर्ष 2019 तक 20 हजार मेगावाट किया जाएगा. पारेषण क्षमता 16 हजार मेबावाट की जाएगी. राज्यपाल ने बताया कि मेरी सरकार ने 40 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता का लक्ष्य समय पूर्व प्राप्त कर लिया है. इसमें नर्मदा योजनाओं से  सिंचित साढ़Þे पांच लाख हेक्टेयर स्त्रोतों से सिंचाई क्षमता 80 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य है.
महिला सशक्तिकरण को यथार्थ में बदला सरकार ने
आपने कहा कि सरकार ने नर्मदा जल को प्रदेश के दूरस्थ अंचलों तक ले जाने के लिए कई नवाचारी योजनाएं लागू की हैं. नर्मदा-शिप्रा- सिंहस्थ लिंक का कार्य पूर्र्ण हो गया है.  मालवा क्षेत्र में नर्मदा जल पहुंचाने के विशेष प्रयास किए जा रहे हैं. सीहोर, शाजापुर और राजगढ़Þ के 369 गांवों में 2 लाख हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा के लिए नर्मदा-पार्वती लिंक माईक्रो सिंचाई परियोजना स्वीकृत की गई है.  राज्यपाल ने कहा कि सरकार महिला सशक्तिकरण को यथार्थ में बदलने में सफल रही है. लाड़ो अभियान से वर्ष 2016-17 में 322 बाल-विवाह रोके गए.  लाड़ली लक्ष्मी योजना का लाभ अब तक 27 लाख बालिकाओं को मिला है. 
87 हजार नागरिकों ने लिया तीर्थ दर्शन योजना का लाभ
लगभग बीस मिनट तक चले अभिभाषण में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि साहित्य, संस्कृति, सिनेमा, सामाजिक समरसता, सद्भाव आदि बहुआयामी क्षेत्रों में उत्कृष्टता, सृजनात्मकता और बहुउल्लेखनीय योगदान को समाद्दत करने के लिए स्थापित बीस सम्मानों को सरकार के बढ़ाकर  58 कर दिया है.  मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना का लाभ इस वर्ष 87 हजार वरिष्ठ नागरिकों ने लिया है. अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों अन्य पिछड़ा वर्गो के बैकलाग, कैरीफारवर्ड पदों और नि:शक्तजनों के आरक्षित रिक्त पदों की पूर्ति के अभियान की समय-सीमा 30 जून तक बढ़Þा दी गई है. 




विश्व जल दिवस पर होंगे जल संरक्षण के कार्य

विश्व जल दिवस 22 मार्च के अवसर पर जिले में जलाभिषेक अभियान के तहत जल संरक्षण के कार्य आरंभ किए जाएंगे. यह जानकारी मध्यप्रदेश के रायसेन जिला कलेक्टर  भावना वालिम्बे ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित टीएल बैठक के दौरान दी. जल संरक्षण के कार्यो के लिए उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे प्राचीन जल संरचनाओं तथा नवीन जल संरचनाओं की आवश्यकता के तकनीकी प्रस्ताव 10 मार्च तक भिजवाना सुनिश्चित करें ताकि प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर जल संरक्षण के कार्यो को शीघ्र प्रारंभ किया जा सके.
कलेक्टर ने कहा कि जल संरक्षण के लिए पुराने कुए, बावड़ी तथा अन्य प्राचीन जल स्त्रोतों की सफाई एवं जीर्णोद्धार का कार्य किया जा सकता है. नवीन जल संरचनाओं की आवश्यकता प्रतीत होने पर उसे प्रस्तावित कर गूगल शीट पर अपडेट करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि आज भी हमारी प्राचीन जल संरचनाएं जल के स्थाई स्त्रोत है, जो रखरखाव एवं उपयोग नहीं होने के कारण नष्ट हो गए हैं.उन्हें पुर्नजीवित करने की आवश्यकता है. उन्होंने जल के महत्व को बताते हुए लोगों को प्रेरित कर जलाभिषेक अभियान से जोड़ने की भी बात कही. उन्होंने जिले के लोगों को इस अभियान से जोड़ने के लिए डिस्ट्रिक्ट एनआईसी के पोर्टल पर जल दूत के रूप में आॅनलाईन पंजीयन की व्यवस्था करने के निर्देश जिला सूचना अधिकारी को दिए. 
बैठक में यह जानकारी दी गई कि एक मार्च को बेगमगंज जनपद की सभी ग्राम पंचायतों में जिला अधिकारियों द्वारा भ्रमण किया जाएगा. उन्होंने अधिकारियों को सरकारी योजनाओं का फीडबेक, गांव की समस्याओं तथा उनके निराकरण के संबंध में उसी दिन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के लिए कहा है. आगामी 14 मार्च को जिले में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा. उन्होंने ग्राम सभाओं में प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के शेष रह गए हितग्राहियों की सूची का वाचन करने के भी निर्देश दिए हैं. उन्होंने सभी अधिकारियो को 14 मार्च को होने वाली विशेष ग्राम सभाओं के संबंध में अपने विभागों की आवश्यक जानकारी तैयार रखने के निर्देश दिए.
आधी-अधूरी जानकारी देने पर जताई नाराजगी
 बैठक के दौरान कलेक्टर वालिम्बे ने आधी-अधूरी दिए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यह देखा गया है कि जिला अधिकारियों को भोपाल या संभाग स्तर पर बैठक होने पर वे अपने प्रतिनिधि को टीएल बैठक में भेजते हैं, जिन्हें विभागीय गतिविधियों तथा टीएल पत्रों पर चल रही कार्यवाही की पूर्ण जानकारी नहीं होती है. उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जब वे संभाग या राज्य स्तरीय बैठक में जाएं तो बैठक में ऐसे अधिकारी को भेजें जिसे सम्पूर्ण जानकारी हो. कलेक्टर वालिम्बे ने टीएल बैठक के दौरान कहा कि अंर्तविभागीय कार्यो के लिए केवल पत्राचार पर्याप्त नहीं है. कार्य में गति लाने के लिए अधिकारी स्वयं भी व्यक्तिगत सम्पर्क कर अपने विभागों के कार्य को गति प्रदान करें. उन्होंने कहा कि समन्वित रूप से कार्य करने पर ही जल्दी और बेहतर काम होगा. 

अतिथि शिक्षक पानी की टंकी पर चढ़ा, दी खुदकुशी की धमकी

चुनावी साल में अपनी सभी मांग पूरी होने की उम्मीद से अतिथि शिक्षकों ने ऐड़ी चोटी का दम लगा दिया है. राजधानी में धरना, प्रदर्शन कर रहे अतिथि शिक्षकों ने आज विधानसभा का घेराव करने से पुलिस द्वारा रोके जाने पर संघ के अध्यक्ष ने पानी की टंकी पर चढ़कर खुदकुशी की खुली चेतावनी दी है. राजधानी के आंबेडकर मैदान पर नियमितिकरण की मांग कर रहे अतिथि शिक्षकों के प्रदर्शन ने तब वृहद रुप ले लिया है जब संघ के अध्यक्ष अध्यक्ष शंभुचरण दुबे ने सोमवार को आत्मदाह का ऐलान कर दिया. दरअसल आज बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी विधानसभा का घेराव करने की कोशिश में है, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया और हल्का बल और वाटर कैनन का भी प्रयोग किया. वहीं विधानसभा घेराव करने से रोकने से नाराज अतिथि शिक्षक संघ के अध्यक्ष ने पानी की टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन किया और सरकार को खुली चेतावनी कि मांग पूरी नही हुई तो आत्महत्या कर लेंगे.  मौके भारी पुलिस बल तैनात है और आंबेडकर का गेट पुलिस ने लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया है, वहीं कुछ लोग विधानसभा घेराव के लिए निकले भी मगर उन्हें रोक दिया गया.  गौरतलब है कि राजधानी  में अलग-अलग विभागों के हजारों कर्मचारियों ने डेरा डाला हुआ है. वहीं नियमितिकरण की मांग को लेकर अतिथि शिक्षकों ने सरकार से लड़ाई का मूड बना लिया है. इन कर्मचारियों ने कल रविवार को मुंडन कराकर सरकार का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया था. लंबे समय से नियमित करने और शिक्षकों के समान वेतन की मांग कर रहे अतिथि शिक्षकों ने तीन दिनों से भोपाल में डेरा डाला हुआ है. इनका कहना है कि जब तक मांगें नहीं मानीं जाती आंदोलन चलता रहेगा.
अन्य कर्मचारी संगठन में कर रहे प्रदर्शन
प्रदेश की राजधानी में चुनावी साल में इन दिनों कर्मचारी संगठनों द्वारा लगातार प्रदर्शन किए जा रहे हैं. इनमें पंचायत कर्मचारियों का प्रदर्शन भी जारी है. प्रदर्शनकारी पंचायत स्तर पर नियुक्ति और निश्चित मानदेय के साथ एबीएफओ की भर्ती में 50 प्रतिशत  आरक्षण की मांग को लेकर धरना दे रहे हैं. इसके अलावा, प्रदेश के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी भी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. उनकी हड़ताल का आज आठवां दिन है. स्वास्थ्य कर्मचारी सरकार से अपने नियमितिकरण की मांग को लेकर धरने से बैठे हैं. इतना ही नहीं प्रदर्शनकारी सरकार के खिलाफ अपने खून से लिखकर ज्ञापन सौंप रहे हैं.

गैस सिलेंडर फटने से झुग्गी में लगी आग

राजधानी के अरेरा कालोनी स्थित गौतम नगर झुग्गी बस्ती में आज सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे खाना बनाते समय गैस सिलेंडर में फटने से आग लग गई. इससे झुग्गी में मौजूद आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए. घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. हबीबगंज थाना पुलिस के अनुसार पुलिस के अनुसार फैक्चर अस्पताल के सामने गौतम नगर झुग्गी बस्ती है. बस्ती में राजोबाई परिवार के साथ रहती है. सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे राजोबाई के यहां खाना बन रहा था, तभी गैस सिलेंडर फट गया और घर में मौजूद आधा दर्जन लोग घायल हो गए. आशंका है कि गैस सिलेंडर में लीकेज की वजह से आग लगी है. सिलेंडर में फटने के बाद झुग्गी में आग से काफी सामान जल गया है. सिलेंडर फटने के बाद झुग्गी की एक दीवार भरभराकर गिर गई है. दुर्घटना में घर के मेंबर झुलस गए और दीवार गिर गई. आग बुझाने के बाद लोगों ने घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. 
नाबालिग से किया बलात्कार
राजधानी के चूनाभट्टी थाना क्षेत्र में एक 16 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ बलात्कार किए जाने का मामला सामने आया है. पुलिस का कहना है कि  पवन रजक  सिक्यूरिटी गार्ड है. वह बीते दो साल से  नाबालिग को जानता है. बीती 5 जनवरी की रात पवन रजक ने नाबालिग को अपने कमरे पर बुलाया और जान से मारने की धमकी देकर बलात्कार किया. पुलिस का कहना है कि डरी-सहमी हालत में नाबालिग ने घर पहुंचकर अपने साथ हुई ज्यादती की बात को परिजनों से छिपा कर रखा. इसके बाद पवन ने नाबालिग को दोबारा धमकाते हुए दुष्कर्म करने के लिए बुलाया. पवन की बात से घबराकर नाबालिग ने हिम्मत दिखाते हुए अपने परिवार वालों अपने साथ हुई ज्यादती की बात बता दी. इसके बाद परिवार वालों ने थाने पहुंचकर पवन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई.  पुलिस का कहना है कि  आरोपी पवन रजक की गिरफ्तारी नहीं हुई है. आरोपी की तलाश जारी है.