बुधवार, 28 फ़रवरी 2018

जैविक खेती की ओर लौट रहा किसान

कृषि को फायदे का सौदा बनाने में जैविक खेती का विशेष महत्व है. भोपाल जिले के अनेक किसान जैविक खेती कर  अपनी सीमित कृषि जोत में अच्छी पैदावार का फायदा ले रहे हैं. ऐसे ही एक किसान हैं रघुवीर सिंह राजपूत पिता बलराम निवासी ग्राम पीपलखेड़ी तहसील बैरसिया. उनके पास पांच एकड़ जमीन है जिससे में रासायनिक उर्वरकों, दवाओं को अपनाकर खेती कर अपना घर का खर्चा बड़ी मुश्किल से ही चला पाता था. एक तो इसमें खर्च भी अधिक आ रहा था तथा फसलों में रोग भी बहुत हो रहे थे. इसके अलावा सबसे बड़ा खतरा था, रासायनिक उर्वरकों के अवैज्ञानिक उपयोग के कारण जमीन की उपजाऊ क्षमता का लगातार कम होना. कृषि विभाग की आत्मा परियोजना से जुड़े़ अधिकारियों ने बताया कि जैविक खेती से न केवल मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में सहायक है, बल्कि उत्पादन लागत भी कम होती है. वर्षा आधारित क्षेत्र में जैविक खेती और भी लाभदायक होती है.     आत्मा योजना से जुड़े़ अधिकारी- कर्मचारियों द्वारा रघुवीर को बताया गया कि जैविक खेती से बहुत लाभ मिलेगा. इनके मार्गदर्शन में रघुवीर ने जैविक खेती प्रारंभ की और ढाई एकड़ में जैविक खेती कर रहे हैं.  जिसमें वर्मी कम्पोस्ट, निबोली खाद और गौमूत्र का इस्तेमाल किया. जिसमें कि उत्पादन अच्छा हुआ. बढ़ती आमदनी को देखकर मेरे ग्राम के अन्य किसानों ने भी उनसे सलाह लेकर जैविक खेती प्रारंभ कर दी है. अब पीपलखेड़ी गांव में जैविक समूह गठित हुआ जिसमें ग्राम के लगभग 20 किसान सम्मिलित हुए हैं, उन्होंने भी जैविक खेती चालू कर दी है. जिससे कि उनकी आय में वृद्धि के साथ उत्पादन भी अच्छा हुआ है.  रघुवीर सिंह राजपूत बहुत प्रसन्न होकर कहते हैं कि सभी किसान भाई जैविक खेती कर जमीन की उर्वरता बढ़ायें, अपनी आय व उत्पादन बढ़ायें.

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