सोमवार, 26 फ़रवरी 2018

बुनियादी मुद्दों पर फेल हो चुकी है सरकार

 आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयोजक और राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक अग्रवाल ने विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत में राज्यपाल के अभिभाषण पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इसमें आम जनता से जुड़े किसी मुद्दे पर राज्यपाल ने कुछ भी नहीं बोला है. चूंकि राज्यपाल का अभिभाषण राज्य सरकार के कार्यों का लेखा जोखा होता है और इसमें आम जनता के मुद्दे सिरे से गायब हैं, इससे साफ है कि प्रदेश सरकार जनहितैषी मुद्दों पर पूरी तरह फेल हो गई है और उसे सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है. उन्होंने कहा कि अभिभाषण में किसानों के हालात पर कुछ भी नहीं बोला गया है, जबकि प्रदेश में हर रोज 5 किसान आत्महत्या कर रहे हैं. भावान्तर जैसी योजनाओं ने प्रदेश के किसानों की रीढ़ तोड़ दी है. दिलचस्प यह है कि यह पूरी योजना ही अपने आप में गैरकानूनी है. प्रदेश में बिजली के दाम सबसे ज्यादा हैं. जनता को प्रति यूनिट 7-8 रुपए की बिजली दी जा रही है. यही नहीं मध्य प्रदेश के 43 लाख घरों में बिजली नहीं है. इस पर एक शब्द भी नहीं बोला गया है. वर्तमान में शिक्षा के हालात प्रदेश में भयावह हैं. प्रदेश का रिजल्ट महज 48 प्रतिशत रहा है. 52 प्रतिशत बच्चे फेल हो रहे हैं. इस पर अभिभाषण में कोई टिप्पणी नहीं की गई है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में कुपोषण के हालत भी भयावह हैं. हर रोज 75 बच्चों की मौत का आंकड़ा साफ करता है कि प्रदेश के भविष्य को मजबूत बनाने के लिए सरकार कुछ भी नहीं कर पाई है. इसके अलावा प्रदेश में रोजगार के हालात भयावह हैं. पिछले दिनों पटवारी परीक्षा में देखा गया कि प्रति पद औसतन 120 से ज्यादा युवाओं ने आवेदन दिया. बेरोजगारी के दंश से त्रस्त युवा सड़कों पर हैं, जब वे रोजगार की मांग करते हैं, तो उन्हें पीटा जा रहा है. राजधानी भोपाल में पिछले दिनों बेरोजगार युवाओं पर शिवराज सरकार के पुलिकर्मियों ने लाठियां चलाईं. 
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार पूरी तरह से घिरी हुई है. अकेले बिजली के क्षेत्र में ही आम आदमी पार्टी ने 2 लाख करोड़ से ज्यादा के घोटालों का खुलासा किया है. व्यापमं, डंपर, खनन, डाकघर से लेकर धान खरीद तक में घोटाला हुआ है. इनसे प्रदेश की जनता का कितना पैसा नेताओं उद्योगपतियों की जेब में गया इसका जिक्र अभिभाषण में नहीं है. उन्होंने कहा कि विभिन्न कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. प्रदेश में खेतों तक पानी पहुंचाने की कोई व्यवस्था नहीं है. पानी की स्थिति बेहद गंभीर है और आने वाले दिनों में जल संकट की स्थिति बन रही है. इस बारे में भी अभिभाषण में चुप्पी साधी गई है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य के हालात भी बेहद दयनीय हैं. इस पर सरकार चुप है. कुल मिलाकर सरकार के पास जनता की बुनियादी सुविधाओं पर कहने के लिए कुछ भी नहीं है. राज्यपाल का अभिभाषण प्रदेश की आधी हकीकत ही बताता है. पूरी बात है कि प्रदेश की सरकार के पास अपनी उपलब्धियों के नाम पर कुछ भी नहीं है. ऐसे में सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है. 

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