गुरुवार, 22 फ़रवरी 2018

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव पर लगा गुटबाजी फैलाने का आरोप

अरुण यादव 
बाला बच्चन 

 बाला बच्चन हुए नाराज, प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया को की शिकायत

   मध्यप्रदेश कांग्रेस में एक बार फिर गुटबाजी उभरकर सामने आई है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक बाला बच्चन ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव पर आरोप लगाया है कि वे गुटबाजी फैला रहे हैं. बच्चन ने इसकी शिकायत प्रदेश पदाधिकारी दीपक बावरिया से की है.
मध्यप्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता लंबे समय से चुनाव को देखते हुए यह प्रयास कर रहे हैं कि कार्यकर्ताओं के बीच एकजुटता का संदेश जाए, इसके लिए वे सभी नेता समय-समय पर एक मंच पर दिखाई देते भी रहे हैं. मगर इन नेताओं के समर्थक कहीं न कहीं कोई मुद्दा उठाकर पार्टी की गुटबाजी को उभार देते हैं. हाल ही में विधासभा में उप नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ नेता बाला बच्चन ने प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष अरुण यादव पर हमला बोला है. बच्चन ने प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया से मुलाकात की और शिकायत की कि प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव और उनके भाई विधायक सचिन यादव पार्टी में गुटबाजी फैला रहे हैं. बच्चन ने ये आरोप बड़वानी नगर पालिका के अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुए लक्ष्मणसिंह के शपथ समारोह में बाद लगाए. इस समारोह यादव के छोटे भाई सचिन यादव मुख्य अतिथि थे, लेकिन बाला बच्चन को नहीं बुलाया गया था. इससे वे नाराज हुए और उन्होंने इस तरह की शिकायत की. 
बच्चन के इस आरोप के बाद कांग्रेस में हलचल सी मच गई. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता फिर चिंंतित नजर आए. हालांकि अरुण यादव ने इस मामले में पहले तो खुद को उप चुनाव में व्यस्त होने का हवाला दिया और कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है कि क्या हुआ, मगर बाद में वे यह भी कह गए कि अगर कोई कार्यक्रम में आमंत्रण को लेकर उनकी नाराजगी है तो वे माफी मांगते हैं. वैसे उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है.
उल्लेखनीय है  कि बाला बच्चन राजपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं, जो कि इसी बड़वानी जिले अंतर्गत आता है. उनका आरोप है न तो मुझे इस कार्यक्रम के बारे में बताया गया न ही बुलाया गया. कार्यक्रम की रूपरेखा तय करते वक्त मुझसे सलाह तक नहीं ली गई. इस बारे में जब कांग्रेस प्रवक्ता मानक अग्रवाल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस का अंदरूनी मामला है. बाला बच्चन वरिष्ठ नेता हैं और वो किसी से नाराज नहीं हैं. उन्होंने केवल अपनी बात प्रदेश प्रभारी के सामने रखी है.
सांसद को नहीं बुलाया तो भाजपा पार्षद नहीं पहुंचे 
शपथ ग्रहण समारोह को लेकर कांग्रेस के अलावा भाजपा में भी नाराजगी दिखाई दी.  भाजपा पार्षदों का कहना है कि सांसद व जिले के जनप्रतिनिधि होने के नाते सांसद सुभाष पटेल को आमंत्रित किया जाना चाहिए था. जब कसरावद विधायक को आमंत्रित किया गया, तो सांसद को बुलाने में क्या एतराज रहा? भाजपा पार्षदों का आरोप है कि कांग्रेस ने अपना प्रभाव दिखाने के लिए आयोजन किया. इन सबके चलते सभी भाजपा पार्षदों ने सामूहिक रुप से कार्यक्रम का बहिष्कार किया है.   

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