मध्यप्रदेश के उमरिया में चल रहे पुलिस प्रशिक्षण में दायित्व निर्वहन के साथ साथ व्यक्तित्व विकास एवं शरीर विकास का प्रशिक्षण देकर प्रशिक्षु आरक्षकों को हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार किया जाता हैं. पुलिस प्रशिक्षण शाला उमरिया के प्राचार्य एवं पुलिस अधीक्षक मुकेश बैस ने बताया कि पुलिस प्रशिक्षण शाला में प्रशिक्षण का उद्देश्य सिर्फ पुलिसिंग के लिए आरक्षकों को तैयार करना ही नही हैं अपितु उन्हें इस तरह से तैयार किया जाता है कि पुलिस की व्यस्तता भरी जिंदगी में नकारात्मक उर्जा का प्रवेश नही हों, इसके लिए उन्हें नियमित रूप से योगा कराया जाता हैं. समय समय पर ड्रिल के माध्यम से बाह्य मूल्यांकन भी किया जाता हैं, जो नव आरक्षक अपना वांछित प्रदर्शन नही कर पाते, उनके प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देकर अलग से प्रयास किये जाते हैं. गत दिवस पुलिस प्रशिक्षण शाला उमरिया में 34वां नव आरक्षक बुनियादी प्रशिक्षण की बाह्य परीक्षा सम्पन्न हुई. उप पुलिस अधीक्षक सागर शैलेंद्र कुमार मार्टिन के नेतृत्व में पांच सदस्यीय दल ने आरक्षकों की शारीरिक फिटनेस का मूल्यांकन किया. मैदान में भी एक-एक करके उनकी शारीरिक क्षमता का आकलन किया गया. परीक्षा के दौरान ड्रिल, परेड, योगा, यूएसी, सिटप, पुसप, भीड़ नियंत्रण, अश्रु गैस, बलवा ड्रिल, मैप रीडिंग, वायरलेस, यातायात संचालन का भी मूल्यांकन किया गया. सभी आरक्षकों द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन टेस्ट के दौरान किया गया, उनके द्वारा खिलाड़ी भावना एवं फिटनेस स्किल भी का भी प्रदर्शन सराहनीय रहा.

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