होलिका दहन के पूर्व सात दिनों तक मनाया जाने वाला सांस्कृतिक पर्व भगौरिया आज 25 फरवरी को झाबुआ जिले के रायपुरिया, काकवानी एवं ढोल्यावाड में मनाया गया. नये-नये परिधानों व परंपरागत गहने, चश्मा धारण किये हुए युवक-युवतियों ने भगोरिया में खूब आनंद लिया. झूलो पर झूलने के साथ ही पान कुल्फी, बर्फ के गोले, आईसक्रीम एवं शर्बत का जायका लिया. तो बच्चों के लिए भी हाट में मंनोरंजन के साधनों की भी कमी नहीं थी. बच्चों ने चकरी, घोडागाडी का आनंद लिया. आदिवासी मामलो के केन्द्रीय राज्यमंत्री जसवंत भाबर ने भी झाबुआ के भगौरिया में सहभागिता की. उनके साथ विधायक झाबुआ शांतिलाल बिलवाल,,पेटलावद निर्मला भूरिया, सहित जनप्रतिनिधि एवं बडी संख्या मे ग्रामीणजन उपस्थित थे. मेला स्थल पर अस्थाई फोटो स्टूडियों की भी भरमार थी. नये नये वस्त्र धारण किये मेले में आये युवक-युवतियों ने फोटो स्टूडियों पर परंपरागत गहनों के साथ रंग बिरंगे चश्में पहन कर फोटो भी खिंचवाये. भगोरिया मेले में आये लोगो ने अपने रिश्तेदारो को झूले पर झूलाया, पान, मिठाई कुल्फी, भजिये आईस्क्रीम खिलाकर सत्कार किया एवं अभिवादन कर उत्सव की बधाई दी. ढोल-मांदल के साथ थिरकते हुए युवक-युवतियों ने ढोल पर नाच कर कुरार्टी के साथ भगौरिया उत्सव का आनंद लिया. 26 फरवरी को जिले में कुन्दनपुर, रंभापुर, पेटलावद एवं मोहनकोट में भगौरिया उत्सव मनाया जायेगा. भगौरिया उत्सव में उत्सव का आनंद लेने आये ग्रामीणो को नुक्कड नाटक के माध्यम से स्वच्छ भारत मिशन, स्वच्छ पेयजल एवं साक्षरता का महत्व बताया गया एवं शासन की अन्य योजनाओं की जानकारी दी गई एवं भगौरिया उत्सव स्थल पर जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रदर्शनी लगाकर लाडली लक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना मुख्यमंत्री मजदूर सुरक्षा योजना, स्वच्छता मिशन, उज्जवला योजना, प्रधान मंत्री आवास योजना, मनरेगा योजना, कृषि संबंधी योजनाओं की जानकारी दी गई. संस्कृति विभाग के नृतक दलो ने दी प्रस्तृति
भगौरिया पर्व के दौरान झाबुआ जिले में मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग द्वारा जनजातीय नृत्यो पर आधारित एकाग्र सम्पदा समारोह का आयोजन भी किया गया. भगौरिया पर्व के दौरान पारंपरिक नृत्य दलो के कलाकारो द्वारा नृत्यो की प्रस्तुति दी गई. भगौरिया पर्व की दृष्टि से सुसज्जित संस्कृति विभाग द्वारा एक वाहन जिसमें एलईडी, ध्वनि एवं अन्य तकनीकी उपकरण थे. के माध्यम से भगौरिया से संबंधित फोटो एवं विडियों का प्रदर्शन भी किया गया. भगौरिया उत्सव के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नृत्य दल, अच्छा ढोल बनाने वाले व्यक्ति, अच्छा सुसज्जित होकर आये युवक-युवती को भी पुरस्कृत किया.
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