मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सेवा नियमितिकरण की मांग को लेकर आंदोलनरत अतिथि शिक्षकों का सोमवार को आंदोलन खत्म हो गया. इस मौके पर उन्होंने सरकार को 15 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए फिर भोपाल में जंगी प्रदर्शन का ऐलान किया. सरकार की नीतियों से व्यथित अतिथि शिक्षकों ने इस बार होली नहीं मनाने का भी फैसला लिया. राजधानी के आंबेडकर पार्क में अतिथि शिक्षक संघ के बैनर तले दो दिन से प्रदेशभर से यहां पहुंचे हजारों अतिथि शिक्षक धरना दे रहे थे. संघ के अध्यक्ष शंभूचरण दुबे भाजपा के राज्यसभा सांसद प्रभात झा द्वारा अतिथि शिक्षकों के खिलाफ दिए गए बयान पर माफी मांगने की मांग करते हुए पानी की टंकी पर चढ़ गए थे. अतिथि शिक्षकों ने बीते दिनों सरकार के विरोधस्वरूप सिर मुंडाया था, जिनमें कई महिलाएं भी शामिल थीं. इस पर कथित तौर पर भाजपा नेता झा ने चुटकी लेते हुए कहा था कि आंदोलनकारी वही कटवाते हैं जो दोबारा उग आता है. अतिथि शिक्षक इस बयान से आक्रोशित हैं. दुबे ने पानी की टंकी पर चढ़कर झा के बयान की निंदा की. साथ ही झा से माफी मांगने की मांग की. जब तक ऐसा नहीं होता, वे टंकी से नहीं उतरेंगे. जरूरत पड़ी तो टंकी से कूद जाएंगे. बाद में मौके पर पहुंची पुलिस ने दुबे को समझाया और टंकी से नीचे उतारा. बाद में अतिथि शिक्षकों ने दस दिन का अल्टीमेटम देते हुए आंदोलन को खत्म कर दिया. उनका कहना है कि वे दो दिन का आंदोलन करने आए थे, अब वे 15 दिन बाद पूरी तैयारी से राजधानी आएंगे. दुबे ने कहा कि अतिथि शिक्षक सरकार की नीतियों से व्यथित हैं, यही कारण है कि वे होली नहीं मनाएंगे.
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