मध्यप्रदेश शासन के जल संसाधन, जनसम्पर्क एवं संसदीय कार्य विभाग मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने राहत की चाय एवं बिजली के विस्कुट कार्यक्रम के तहत् ग्राम दुगार्पुर एवं निचरौली का दौरा किया. उन्होंने सूखा राहत राशि की किसानों को जानकारी देते हुए कहा कि जिन लोगों की राहत राशि रह गई है वह अपने बैंक पासपुक, समग्र आईडी एवं आधार नम्बर पटवारी को दें. ग्राम दुगार्पुर में जनसम्पर्क मंत्री ने बताया कि दुगार्पुर के 675 किसानों को 32 लाख 31 हजार 560 रुपए की राशि सूखा राहत के रूप में मिलेगी. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार गांव, गरीब और किसान के हित में काम कर रही है. इसी का परिणाम है कि किसानों को सूखे की मार से बचाने के लिए गांव-गांव जाकर राहत राशि बांट रहे है. जनसम्पर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र के निचरौली पहुंचने पर सरपंच रहीश यादव के नेतृत्व में ग्रामीणजन ने उनका स्वागत किया. जनसम्पर्क मंत्री ने बताया कि निचरौली के 393 किसानों को 13 लाख 73 हजार 396 रुपए की राहत राशि वितरित की जायेगी. ग्रामीणजन ने बिजली की समस्या बताई जिसके संबंध में जनसम्पर्क मंत्री ने मौके पर उपस्थित एसई विद्युत मंडल अरूण शर्मा से कहा कि नियमानुसार पैसे जमा कर फुके विद्युत ट्रांसफार्मर बदले.
जनसम्पर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने कहा कि भावांतर भुगतान योजना में किसानों को समर्थन मूल्य एवं वास्तिवक मूल्य के अंतर की राशि दी गई है. अब रवी फसल 2017-18 में चना, मसूर, सरसों एवं प्याज को भावांतर में सम्मिलित किया गया है. मध्यप्रदेश सरकार किसानों की बेहतरी के लिए कृत संकल्पित है. गेहूँ और धान के समर्थन मूल्य पर 200 रुपए प्रति क्विंटल की सहायता राशि मिलेगी. चना मसूर एवं सरसों के गोदाम में भण्डारण करने पर चार माह तक के भण्डारण का भुगतान सरकार करेगी. मंडियों में ग्रेडिंग एवं पैकेजिक प्लांट लगाए जायेंगे. प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के सदस्यों कालातीत बकाया ऋणों के लिए समाधान योजना लागू की गई है.
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