सोमवार, 26 फ़रवरी 2018

राज्यपाल ने गिनाई सरकार की उपलब्धियां, बताई भविष्य की रुपरेखा

कहा सबके साथ, सबका विकास की अवधारणा पर सरकार कर रही काम
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने चौदहवीं विधानसभा के पांचवें और आखिरी बजट सत्र का शुभारंभ करते हुए, प्रदेश सरकार की उपलब्धियां गिनाई और भविष्य की योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की.  राज्य विधानसभा के बजट सत्र का शुभारंभ करते हुुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि मेरी सरकार ‘सबके साथ-सबका विकास’ की अवधारणा से कार्य कर रही है. मेरी सरकार की निगाह से कोई भी वर्ग और तबका भूला-बिसरा नहीं रहा है. जाति, धर्म और वर्ग से परे सरकार की योजनाओं का लाभ सभी के लिए सुनिश्चित किया गया है. उन्होंने कहा कि मेरी सरकार की प्राथमिकता हर गरीब के लिए रोटी,  कपड़ा और मककान के साथ पढ़Þाई , दवाई और रोजगार है और रहेगी. अपने अभिभाषण की शुरूआत में ही राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि मेरी सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के      ऊ र्जावान और कल्पनाशील नेतृत्व में देश और समाज के निर्माण में हमकदम है. प्रधानमंत्री की फ्लेगशिप योजनाओं के अमल में प्रदेश देश में अग्रणी है. प्रधानमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश के विकास और लोगों की तरक्की और खुशहाली के कामों में केन्द्र सरकार का भरपूर सहयोग मिला है. मुझे विश्वास है कि सरकार सभी क्षेत्रों में प्रदेश को देश का अग्रणी प्रदेश बनाने में सफल होगी.
उन्होंने कहा कि प्रदेश की जीवन-रेखा नर्मदा नदी के संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने के लिए नदी के दोनों तट पर 144 दिन में 3 हजार 350 कि.मी. की नमामि देवी नर्मदा-सेवा यात्रा की गई.  आपने कहा कि राज्य में कैशलेश प्रणाली को बढ़Þावा देने के राज्य सरकार के निर्णय के प्रकाश में मेरी सरकार के शत-प्रतिशत भुगतान ई-भुगतान प्रणाली से किए जा रहे राज्यपाल ने अभिभाषण में कहा कि सरकार ने डीजल पर वेट की दर 27 से घटाकर 22 और पेट्रोल पर वेट की दर 31 से घटाकर 28 प्रतिशत कर दी है. प्रति लीटर डेढ़Þ रुपए के अतिरिक्त कर  को भी समाप्त कर दिया गया है. 
राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में कहा कि प्रदेश को पांच बार ‘‘कृ्रषि कर्मण पुरस्कार’’  प्राप्त हो चुका है. इस वर्ष सरकार ने किसानों को उनकी कृषि उपज का उचित मूल्य उपलब्ध करवाने के लिए पायलेट आधार पर खरीफ मौसम से मुख्यमंत्री भावांतरण भुगतान योजना प्रारंभ की है.  राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने अभिभाषण में बताया कि प्रदेश में सूखे की स्थिति के उपरान्त भी वर्ष 2017-18 रबी में 112 लाख हेक्टेयर में बोनी हुई है. जो यह दिखलाता है कि हमारी विकसित सिंचाई क्षमता ने मानसून की अनिश्चितताओं से पार पाने में हमें सक्षम बनाया है. अपने अभिभाषण के अंत में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि मेरी सरकार ने पिछले चौदह वर्षों में प्रदेश को देश का अग्रणी प्रदेश बनाने के बहुआयामी प्रयास किए हैं. आज प्रदेश कई क्षेत्रों में सबसे तेजी से आगे बढ़Þता प्रदेश है. यह एक    पड़ाव भर है, मंजिल नहीं. हमारा पूरा प्रयास है कि विकास के मामले में हम देश में नम्बर एक पर आएं और दुनिया के बेहतरीन राज्यों के समकक्ष हों. मेरी सरकार का यह विश्वास है कि जनता और समाज के सहयोग से ऐसा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है और इसे हासिल करने के लिए मेरी सरकार कटिबद्ध है. 
बिजली में आत्मनिर्भर है प्रदेश
राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश आज बिजली मेें आत्म-निर्भर है. गैर कृषि उपभोक्ताओं को 10 घंटे बिजली दी जा रही है. उपलब्ध बिजली क्षमता 18 हजार मेगावाट है जिसे वर्ष 2019 तक 20 हजार मेगावाट किया जाएगा. पारेषण क्षमता 16 हजार मेबावाट की जाएगी. राज्यपाल ने बताया कि मेरी सरकार ने 40 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता का लक्ष्य समय पूर्व प्राप्त कर लिया है. इसमें नर्मदा योजनाओं से  सिंचित साढ़Þे पांच लाख हेक्टेयर स्त्रोतों से सिंचाई क्षमता 80 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य है.
महिला सशक्तिकरण को यथार्थ में बदला सरकार ने
आपने कहा कि सरकार ने नर्मदा जल को प्रदेश के दूरस्थ अंचलों तक ले जाने के लिए कई नवाचारी योजनाएं लागू की हैं. नर्मदा-शिप्रा- सिंहस्थ लिंक का कार्य पूर्र्ण हो गया है.  मालवा क्षेत्र में नर्मदा जल पहुंचाने के विशेष प्रयास किए जा रहे हैं. सीहोर, शाजापुर और राजगढ़Þ के 369 गांवों में 2 लाख हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा के लिए नर्मदा-पार्वती लिंक माईक्रो सिंचाई परियोजना स्वीकृत की गई है.  राज्यपाल ने कहा कि सरकार महिला सशक्तिकरण को यथार्थ में बदलने में सफल रही है. लाड़ो अभियान से वर्ष 2016-17 में 322 बाल-विवाह रोके गए.  लाड़ली लक्ष्मी योजना का लाभ अब तक 27 लाख बालिकाओं को मिला है. 
87 हजार नागरिकों ने लिया तीर्थ दर्शन योजना का लाभ
लगभग बीस मिनट तक चले अभिभाषण में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि साहित्य, संस्कृति, सिनेमा, सामाजिक समरसता, सद्भाव आदि बहुआयामी क्षेत्रों में उत्कृष्टता, सृजनात्मकता और बहुउल्लेखनीय योगदान को समाद्दत करने के लिए स्थापित बीस सम्मानों को सरकार के बढ़ाकर  58 कर दिया है.  मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना का लाभ इस वर्ष 87 हजार वरिष्ठ नागरिकों ने लिया है. अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों अन्य पिछड़ा वर्गो के बैकलाग, कैरीफारवर्ड पदों और नि:शक्तजनों के आरक्षित रिक्त पदों की पूर्ति के अभियान की समय-सीमा 30 जून तक बढ़Þा दी गई है. 




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