मंगलवार, 27 फ़रवरी 2018

समय-सीमा बताने से इंकार किया शिक्षा मंत्री ने

 शिक्षकों की मांग पूरी करने का मामला, कहा तैयार किया जा रहा प्रस्ताव
मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश की राजधानी भोपाल में पिछले महीने आंदोलन करने वाले शिक्षकों की मांगे पूरी किए जाने के बारे में निर्धारित समय सीमा बताएं जाने से इंकार कर दिया है.  विधानसभा में आज कांग्रेस विधायक आरिफ अकील के सवाल के लिखित जवाब में स्कूल शिक्षा मंत्री विजय शाह ने यह बात कही.  शाह ने कहा अध्यापक संवर्ग की सेवाओं को शिक्षा, जनजातीय कार्य विभाग के अधीनस्थ करने के संबंध में समुचित प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है. निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है. अतिथि शिक्षकों को मानदेय का भुगतान मध्यप्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश दिनांक 9 नवंबर 2016 के बिंदु क्रमांक 6 के अनुसार किया जाता है और समग्र स्थिति के प्रकाश में मानदेय बढ़ाने का प्रकरण विचाराधीन नहीं है. सरकार ने पांच वर्ष से अधिक समय से निरंतर रूप से सेवारत अतिथि शिक्षकों को नियमित किए जाने से भी इंकार करते हुए कहा है कि सीधी भर्ती अंतर्गत संविदा शाला शिक्षकों के रिक्त पदों में से 25 प्रतिशत पद को अतिथि शिक्षकों के लिए आरक्षित करने का निर्णय है, जिसके संबंध में कार्यवाही प्रचलित है. पात्रता परीक्षा में अर्हता प्राप्त करना एवं निर्धारित शैक्षणिक एवं शिक्षण प्रशिक्षण योग्यता धारित करना अनिवार्य है, इसलिए शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता.  विधायक आरिफ अकील ने एक अन्य प्रश्न अतिथि शिक्षकों के मानदेय का उठाते हुए शिक्षा मंत्री से जानकारी मांगी कि क्या इनका मानेदय मजदूरों से भी कम है? इनका वेतन नहीं बढ़ने का क्या कारण है और कब तक बढ़ेगा? इसके जवाब में शिक्षा मंत्री शाह ने कहा है कि 9 नवम्बर 2016 के स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश के आधार पर इन्हें मानदेय दिया जा रहा है और मानदेय बढ़ाने का कोई प्रकरण विचाराधीन नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि इन्हें नियमित करने का कोई प्रस्ताव नहीं है. अध्यापक संवर्ग की भर्ती में इन्हें 25 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा.
इंदौर में सरकारी स्कूलों में कम हुए विद्यार्थी
कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने इंदौर जिले के सरकारी और निजी स्कूलों में पहली, छठवीं, नवमीं और 11वीं कक्षा में प्रवेश लेने वाले और नाम कटवाने वाले छात्र छात्राओं के बारे में जानकारी मांगी थी. इसके लिखित जवाब में मंत्री शाह ने बताया है कि वर्ष 2014-15 से 2017-18 तक लगातार सरकारी स्कूलों में पहली और छठवीं कक्षा में प्रवेश घटा है. इसके विपरीत प्राइमरी में निजी विद्यालयों में प्रवेश बढ़ा है जबकि छठवीं क्लास में पिछले साल प्रवेश की स्थिति घटने के बजाय बढ़ने वाली रही है. इसी तरह नवमीं और 11वीं कक्षा में भी निजी विद्यालयों में प्रवेश लेने वालों की संख्या सरकारी विद्यालयों से अधिक है.
तिवारी को दी श्रद्धांजलि
राज्य विधानसभा में आज पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और कांग्रेस नेता स्वर्गीय श्रीनिवास तिवारी सहित अन्य  दिवंगतों को श्रद्धांजलि देकर आज की कार्यवाही बुधवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दी गई. आज सदन शुरु होते ही विधानसभा अध्यक्ष डा. सीताशरण शर्मा पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी, पूर्व विधायक सुरेश सेठ, पूरन सिंह बेड़िया, तातूराम अहिरवार, केशर बाई डाबर, पूर्व केन्द्रीय मंत्री रघुनाथ झा,पूर्व केन्द्रीय मंत्री डा. बोल्ला बुल्लि रमैया, विधानसभा के भूतपूर्व सचिव भरत नारायण श्रीवास्तव, जम्मू कश्मीर के राजौरी में शहीद हुए जवानों के निधन का उल्लेख किया. इसके बाद मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान, नेता प्रतिपक्ष अजयसिंह, विधानसभा उपाध्यक्ष डा. राजेन्द्र सिंह सहित अन्य विधायकों ने दिवंगतों के निधन का उल्लेख किया और अपनी और अपने दल की ओर से श्रद्धांजलि दी. इसके बाद सदन में दो मिनट का मौन रखकर आज की कार्रवाई कल बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.
मेट्रो परियोजना इंदिरा गांधी के गरीबी हटाओ प्रस्ताव जैसी
भाजपा के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने आज फिर मेट्रो को लेकर अपनी सरकार पर तंज कसा. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में मेट्रो परियोजना की हालत ठीक वैसी है, जैसी इंदिरा गांधी की गरीबी हटाओ के प्रस्ताव जैसी. गौर ने आज मीडिया से चर्चार् करते हुए इंदौर, भोपाल में मेट्रो के प्रस्ताव को केन्द्र को भेजे जाने की बात पर यह टिप्पणी की. उल्लेखनीय है कि सोमवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण में इस बात का उल्लेख किया गया कि भोपाल और इंदौर में मेट्रो परियोजना का प्रस्ताव केन्द्र को भेजा गया है. उल्लेखनीय है कि गौर नगरीय प्रशासन मंत्री रहे हैं और मेट्रो रेल के लिए वे काफी कुछ कार्य भी मंत्री रहते हुए कर चुके थे. यह उनका सपना भी है कि भोपाल में जल्द मेट्रो रेल चालू हो. 

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