सोमवार, 26 फ़रवरी 2018

अतिथि शिक्षक पानी की टंकी पर चढ़ा, दी खुदकुशी की धमकी

चुनावी साल में अपनी सभी मांग पूरी होने की उम्मीद से अतिथि शिक्षकों ने ऐड़ी चोटी का दम लगा दिया है. राजधानी में धरना, प्रदर्शन कर रहे अतिथि शिक्षकों ने आज विधानसभा का घेराव करने से पुलिस द्वारा रोके जाने पर संघ के अध्यक्ष ने पानी की टंकी पर चढ़कर खुदकुशी की खुली चेतावनी दी है. राजधानी के आंबेडकर मैदान पर नियमितिकरण की मांग कर रहे अतिथि शिक्षकों के प्रदर्शन ने तब वृहद रुप ले लिया है जब संघ के अध्यक्ष अध्यक्ष शंभुचरण दुबे ने सोमवार को आत्मदाह का ऐलान कर दिया. दरअसल आज बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी विधानसभा का घेराव करने की कोशिश में है, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया और हल्का बल और वाटर कैनन का भी प्रयोग किया. वहीं विधानसभा घेराव करने से रोकने से नाराज अतिथि शिक्षक संघ के अध्यक्ष ने पानी की टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन किया और सरकार को खुली चेतावनी कि मांग पूरी नही हुई तो आत्महत्या कर लेंगे.  मौके भारी पुलिस बल तैनात है और आंबेडकर का गेट पुलिस ने लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया है, वहीं कुछ लोग विधानसभा घेराव के लिए निकले भी मगर उन्हें रोक दिया गया.  गौरतलब है कि राजधानी  में अलग-अलग विभागों के हजारों कर्मचारियों ने डेरा डाला हुआ है. वहीं नियमितिकरण की मांग को लेकर अतिथि शिक्षकों ने सरकार से लड़ाई का मूड बना लिया है. इन कर्मचारियों ने कल रविवार को मुंडन कराकर सरकार का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया था. लंबे समय से नियमित करने और शिक्षकों के समान वेतन की मांग कर रहे अतिथि शिक्षकों ने तीन दिनों से भोपाल में डेरा डाला हुआ है. इनका कहना है कि जब तक मांगें नहीं मानीं जाती आंदोलन चलता रहेगा.
अन्य कर्मचारी संगठन में कर रहे प्रदर्शन
प्रदेश की राजधानी में चुनावी साल में इन दिनों कर्मचारी संगठनों द्वारा लगातार प्रदर्शन किए जा रहे हैं. इनमें पंचायत कर्मचारियों का प्रदर्शन भी जारी है. प्रदर्शनकारी पंचायत स्तर पर नियुक्ति और निश्चित मानदेय के साथ एबीएफओ की भर्ती में 50 प्रतिशत  आरक्षण की मांग को लेकर धरना दे रहे हैं. इसके अलावा, प्रदेश के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी भी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. उनकी हड़ताल का आज आठवां दिन है. स्वास्थ्य कर्मचारी सरकार से अपने नियमितिकरण की मांग को लेकर धरने से बैठे हैं. इतना ही नहीं प्रदर्शनकारी सरकार के खिलाफ अपने खून से लिखकर ज्ञापन सौंप रहे हैं.

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