बेरोजगार सेना ने कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाए जाने का विरोध किया. सेना के कार्यकर्ताओं ने विरोध के चलते आज वित्त मंत्री जयंत मलैया के निवास पर धरना दिया. प्रदेश में चुनावी साल में शिवराज सिंह चौहान सरकार के बजट में कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति की उम्र 60 से 62 किए जाने के प्रस्ताव का अभी से विरोध शुरू हो गया है. राजधानी में बेरोजगार सेना ने इसी सिलसिले में वित्त मंत्री जयंत मलैया के बंगले के बाहर धरना दिया. बेरोजगार सेना वित्त मंत्री को प्रस्ताव के विरोध में ज्ञापन देने पहुंची थी, लेकिन जब मंत्री बंगले पर नहीं मिले तो विरोध जताने के लिए बाहर धरने पर बैठ गए. प्रदेश सरकार फरवरी के अंतिम सप्ताह में शुरू हो रहे बजट सत्र में अपना आखिरी पूर्ण बजट पेश करने जा रही है. कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बजट में कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाकर 60 से 62 साल की जा सकती है. बेरोजगार सेना इसी का विरोध कर रही है. दरअसल, बढ़ती बेरोजगारी को लेकर युवा दिवस पर बेरोजगार सेना का गठन किया गया है. सेना के प्रमुख अक्षय हुंका ने कहा था कि सरकारी आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश के हर 6 वें घर में एक युवा बेरोजगार है और हर 7 वें घर में एक शिक्षित युवा बेरोजगार बैठा है. वास्तविक स्थिति तो इससे भी कहीं ज्यादा खराब है. उनका दावा है कि एमपी में 21 से 30 साल की उम्र के करीब 1 करोड़ 41 लाख युवा हैं.

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