शनिवार, 31 मार्च 2018

वन्य प्राणी अपराध प्रकरणों का अब होगा त्वरित निराकरण

मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने वन्य प्राणी अपराधों से संबंधित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिये न्यायाधीशों को दिये जाने वाले यूनिट में संशोधन किया है.अब वन अपराध प्रकरणों के निराकरण के लिये संबंधित न्यायाधीश को 3 के स्थान पर 4 और वन्य प्राणी अपराध प्रकरण के निराकरण पर 3 के स्थान पर 6 यूनिट मिलेंगे.इससे वन्य प्राणी अपराध प्रकरणों का जल्दी निराकरण होगा.
प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) जितेन्द्र अग्रवाल ने यह जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय दंड संहिता के तहत प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिये न्यायधीशों को यूनिट (अंक) देने का प्रावधान है.उच्च न्यायालय द्वारा विभिन्न प्रकार के अपराधिक प्रकरणों के निराकरण पर जज को दो से 16 अंक तक देने का प्रावधान है.अभी तक वन और वन्य प्राणी अपराध निराकरण करने पर जज को 3-3 यूनिट मिलती थीं.वन विभाग द्वारा की गई पहल से अब वन अपराध निराकरण होने पर 3 के स्थान पर 4 और वन्य प्राणी अपराध प्रकरण का निराकरण होने पर दोगुने अर्थात् 6 यूनिट प्राप्त होंगे. अग्रवाल ने बताया कि प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिये वन विभाग ने उच्च न्यायालय से इसकी अनुशंसा की थी.

मुख्य चुनाव आयुक्त ओ.पी. रावत 9-10 अप्रैल को इंदौर-भोपाल में


भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त  ओ.पी.रावत 9 अप्रैल को इंदौर और 10 अप्रैल को भोपाल आयेगें.  रावत 9 अप्रैल को सुबह 7.40 बजे इंदौर विमानतल पहुँचेगे. वे 11 बजे मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैंठक में वोटर लिस्ट के संबंध में चर्चा करेगें. बैठक में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी  सलीना सिंह, जिला निर्वाचन अधिकारी तथा चुनाव से जुड़े अन्य अधिकारी उपस्थित रहेगें.  ओ.पी. रावत इसी दिन शाम 6.30 बजे राजेन्द्र माथुर सभागार में इंदौर प्रेस क्लब के स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगे. कार्यक्रम के बाद वे रात्रि में भोपाल के लिए रवाना होगें.  ओ.पी. रावत 10 अप्रैल को 11 बजे मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी  सलीना सिंह और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ निर्वाचक नामावली की शुद्धता के संबंध में बैठक लेगें.  रावत दोपहर 12 बजे मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर निर्वाचक नामावली की शुद्धता के संबंध में चर्चा करेगें. मुख्य चुनाव आयुक्त रात्रि में नई दिल्ली लौट जायेगें.

विचाराधीन कैदियों से बर्बरता का व्यवहार, सख्त कार्रवाई हो


भोपाल जेल में बंद 31 विचारधीन कैदियों के साथ बर्बरता पूर्वक व्यवहार कर उन्हें टॉचर करने की शिकायतें सहीं पाई गई हैं.राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि की है.
यह आरोप पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टी की माधुरी ने आज शनिवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में लगाए हैं.माधुरी ने प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि भोपाल की सेंट्रल जेल में बंद 21 विचारधीन कैदियों के परिजनों ने बीते 24 मई 2017 को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से मुलाकात की और विचारधीन कैदियों के प्रताड़ित करने की शिकायत दर्ज करवाई.
मानवाधिकार कमीशन ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए अपनी एक टीम को जून 2017 में जांच के लिए भेजा था.जांच दल ने कैदियों, परिवार के सदस्यों, जेल अधिकारियों, वकीलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से बात की.कुछ समय थमने के बाद प्रताड़ना फिर तेज होने की शिकायत पर आयोग ने दिसंबर 2017 में फॉलोअप जांच के लिए फिर एक दल भेजा गया था.
माधुरी का आरोप है कि एनएचआरसी टीम की जांच रिपोर्ट अब उपब्लध है.टॉर्चर, मारपीट और प्रताड़ना की शिकायतें ज्यादातर सही पाई गई हैं.टीम ने यह भी पाया कि जेल स्टॉफ द्वारा कैदियों को एनएचआरसी से शिकायत न करने की धमकी भी दी गई थी.माधुरी का आरोप है कि भोपाल जेल में बंद 21 विचाराधीन और 10 गुजरात से भोपाल जेल शिफ्ट किए गए समेत कुल 31 कैदियों को अवैध एकांत कारावास में रखा जा रहा है.उनके साथ जेल कर्मचारियों द्वारा बर्बर मारपीट की जा रही है.साथ ही उन्हें रात भर सोने भी नहीं दिया जा रहा है.माधुरी ने अपने संगठन की ओर से मांग की है कि जेल में बंद सिमी के विचाराधीन कैदियों को प्रताड़ित करने वाले जेल अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.साथ ही कैदियों के साथ बर्बरता पूर्वक व्यवहार को बंद किया जाए.

सिमी आतंकी अबू, इकरार को उम्रकैद

मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी डकैती के आरोपी सिमी आतंकियों अबू फैजल और इकरार को भोपाल जिला कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है. डकैती, आतंक के लिए फंड जुटाने और षड्यंत्र के तीन अलग-अलग मामलों में अलग-अलग उम्रकैद की सजा सुनाई गई है.
2009 में मणप्पुरम गोल्ड फाइनेंस में हुई डकैती के आरोपी सिमी आतंकियों ने लूटा साढ़े 12 किलो सोना लूटा था. आठ में से 2 आरोपी अभी भी फरार हैं. गिरफ्तार 6 आतंकियों में से 4 मारे जा चुके हैं जबकि जेल में बंद अबू फैजल और इकरार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है. अबु फैजल कितना खतरनाक आतंकी है. दरअसल, अबु फैजल पर खुफिया एजेंसियों की नजर सबसे पहले 2006 में पड़ी थी. इंदौर पुलिस ने वर्ष 2006 में बस स्टैंड के पास एक होटल से सिमी के 11 आतंकियों को गिरफ्तार करने का दावा किया था. इनमें अबु फैजल भी शामिल था. जमानत पर छूटने के बाद से अबु फरार हो गया था और उसने देश में कई बड़े बम धमाकों और बैंक डकैती की वारदात को अंजाम दिया.
डकैती से जुटा रहे थे धन
सफदर नागौरी की गिरफ्तारी के बाद संगठन कमजोर हुआ, तो उसे मजबूत करने के लिए उसने एक गैंग बनाई थी. ये गैंग डकैती की बड़ी वारदातों को अंजाम देती थी. एनआईए की पूछताछ में अबु फैजल ने स्वीकार किया था कि उसने मध्य प्रदेश में लूट और डकैती की पांच बड़ी वारदातों को अंजाम दिया था. इनमें भोपाल में मणप्पुरम गोल्ड नामक एक वित्तीय संस्था में वर्ष 2010 में डाका डाल कर करीब ढ़ाई करोड़ रुपये के स्वर्णाभूषण उड़ाने का मामला भी शामिल है.
गौरतलब है कि भोपाल की सेंट्रल जेल से प्रतिबंधित संगठन सिमी से जुड़े आठ विचाराधीन कैदी 31 अक्टूबर 2017 की अलसुबह भोपाल सेंट्रल जेल में कांस्टेबल की हत्या कर फरार हो गए थे. करीब 9 घंटे बाद पुलिस ने एनकाउंटर में सभी आठ कैदियों को मार गिराया था.
आठ कैदियों के भागने के दौरान आतंकी अबु फैजल भी जेल में ही मौजूद था. वो जेल से भागा तो नहीं, लेकिन उसे जेल ब्रेक का मास्टरमाइंड माना जाता है. ये आशंका जताई जाती है कि उसने ही इस पूरी साजिश को अंजाम दिया था. हत्या के दो मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा यह आतंकी देश में कई बड़ी आतंकी वारदातों में शामिल रहा है.
अबु फैजल को ढाई साल पहले तिहाड़ जेल से भोपाल सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया था. उसे दो साल पहले 30 अक्टूबर के दिन ही एटीएस सिपाही सीतराम यादव की हत्या का दोषी करार दिया था, जबकि एक दिन बाद 31 अक्टूबर को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी. पिछले साल सिमी कैदियों ने भोपाल जेल ब्रेक के लिए 30 और 31 अक्टूबर की रात ही चुनी थी.
सफदर की गिरफ्तारी के बाद संभाली कमान
इंदौर के श्याम नगर में वर्ष 2008 में सफदर नागौरी सहित सिमी के 13 बड़े आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद अबु फैजल ने सिमी की कमान संभाल ली. नागौरी की गिरफ्तारी पर अपना विरोध दर्ज कराने के लिए अबु ने देश के कई शहरों में बम धमाकों को अंजाम दिया था.

नक्सलियों पर चुप्पी न साधे मीडियाः इंद्रेश कुमार

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार ने कहा कि मीडिया का एक बड़ा धड़ा देश हित और राष्ट्रीय एकता की कीमत समझता है और उसकी बात भी करता है.लेकिन एक वर्ग ऐसा भी है जो सैनिकों के खिलाफ दिखता है और नक्सलियों पर चुप्पी साध लेता है.उन्होंने कहा कि मीडिया के उस वर्ग को देश के लिए चिंता करने की जरूरत है.
 कुमार भारत की सुरक्षा मीडिया, विज्ञान एवं तकनीकी की भूमिका विषय पर भोपाल के विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी परिषद् संस्थान में आयोजित दो दिवसीय मीडिया महोत्सव 2018 में बोल रहे थे.यह कार्यक्रम राष्ट्रीय सुरक्षा मंच, वैज्ञानिक एवं आद्योगिक अनुसंधान परिषद्, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, कम्यूनिकेशन एवं इंफरमेशन रिसोर्सेज (निस्केयर), विवेकानंद केंद्र भोपाल, विश्व संवाद केंद्र, विश्वविद्यालयों और गैर सरकारी संगठन संपदन द्वारा आयोजित किया गया हैं.
कुमार का कहना था कि 2010 के बाद से मीडिया में भी कुछ सकारात्मक बदलाव भी आए है और लोग अब खुलकर देशहित की बातें करने लगे है.उन्होंने कहा कि मीडिया महोत्सव इतिहास बनाने का एक महत्वपूर्ण जरिया है.हमारा देश भारत ने सोने की चिडिया कहलाने का तमगा तो भ्रष्टाचार और लूट खसोट के चलते खो दिया, लेकिन संस्कृति और सभ्यता के लिए दुनिया आज भी भारत का ही मुंह ताकती है, जो भारत के लिए अत्यंत गौरवशाली बात है.इसके अलावा उन्होंने कहा कि जिस देश ने 1857 से 1947 तक अंग्रेजो से बहादुरी से लड़ने वाले 2 करोड़ 72 लाख लोग और जहर खाकर अपनी अस्मत बचाने वाली 4 लाख बहन-बेटियों को खोया हो उस देश को कांग्रेस ने आजाद कराने के बजाए विभाजन की आग में झोक दिया था.इसके साथ ही इंद्रेश कुमार ने राम मंदिर, तीन तलाक, कश्मीर समस्या जैसे विषयों पर भी अपनी राय रखी।
मीडिया महोत्सव के पहले सत्र में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने कहा कि मीडिया वर्तमान समय में पूर्व की अपेक्षा अधिक सचेत और जागरुक हुई है.लेकिन अभी भी उसकी सोच इतनी व्यापक नही है कि उसका प्रचार किया जाए.शुक्ला ने कहा कि पठानकोट हमले पर भारतीय मीडिया द्वारा की गई सकारात्मक रिपोर्टिंग का ही नतीजा है कि नापाक पाकिस्तान की पोल आज पूरी दुनिया के सामने खुल गई है.शायद इसी का परिणाम है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की अमेरिका के एयरपोर्ट पर कपड़े उतारकर चैकिंग की जाती है.
कार्यक्रम में मौजूद वरिष्ठ पत्रकार उदय माहुरकर ने कहा कि वीर सावरकर का क्रांतिकारी और हिंदु राष्ट्रवादी होने के अलावा भविष्यवेत्ता के रुप में उनका एक और स्वरूप भी था.उन्होंने 1930 में ही बांग्लादेश की और से नॉर्थ ईस्ट में हो रहे अवैध घुसपेठ को एक खतरे के रुप में देखा था, जो आज वास्तव में देश की सुरक्षा के लिए गंभीर समस्या बन चुकी हैं।.इसके पहले कार्यक्रम के आरंभ में यंग्स थियेटर फाउडेशन के कलाकारों द्वारा वंदे मातरम्  के साथ ही कवियों की रचनाओं की प्रस्तुति दी गई.कार्यक्रम में मीडिया महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष श्री एसके राउत, मप्र विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी परिषद् के महानिदेशक नवीन चंद्रा, कार्यक्रम के समन्वयक अनिल सौमित्र, प्रसिद्ध ब्लागर एवं पत्रकार प्रकाश हिंदुस्तानी भी थे.

गैस पीड़ितों ने कहा रोजाना सुनवाई हो


भोपाल गैस कांड से जुड़े अपराधों की आपराधिक जिम्मेदारी के लिए यूनियन कार्बाइड कारपोरेशन न्यायालय में उपलब्ध रहे.यह मांग भोपाल गैस पीड़ित संगठनों ने एक पत्रकार वार्ता में आज शनिवार को की है.
गैस पीड़ित संगठनों ने आरोप लगाया है कि यूनियन कार्बाइड का 100 फीसदी मालिक डाव केमिकल, 1 जून 2019 तक कम्पनी को तीन हिस्सों में बांटना चाहती है.इस बटवारे से यूनियन कारबाइड भी अलग-अलग कंपनियों में बट जाएगी.भोपाल ग्रुप फॉर इंफॉर्मेशन एंड एक्शन के सतीनाथ षडंगी ने आरोप लगाया है कि यूनियन कारबाइड को भोपाल जिला अदालत ने 1992 में फरार घोषित कर दिया था.यूनियन कारबाइड पर भोपाल शहर के हजारों निवासियों के कत्ल और पांच लाख से ज्यादा लोगों को बीमार करने के लिए भोपाल कोर्ट में मुकदमा चल रहा है. षडंगी ने आगे आरोप लगाए हैं कि डाव केमिकल भोपाल जिला अदालत द्वारा कोर्ट में प्रस्तुत होकर अपना पक्ष रखने के लिए बार-बार दिए निर्देशों की अवहेलना करता रहा है.षडंगी ने आरोप लगाया है कि अगर डाव कम्पनी को 3 अलग-अलग कंपनियों में बंटने दिया जाएगा, तो भोपाल गैस त्रासदी की जिम्मेदारी किसी भी कंपनी की नहीं रहेगी.षडंगी के मुताबिक पिछले 26 सालों से यूनियन कार्बाइड भारतीय अदालतों से फरार चल रही है.इनमें से दस साल एनडीए के शासन काल के हैं.अगर कम्पनी को तीन कम्पनी में बंटने से नहीं रोका जाता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी एनडीए सरकार की होगी. गैस पीड़ित संगठनों ने मांग की है कि आपराधिक न्याय प्रक्रिया को सुरक्षित रखने के लिए यूनियन कारबाइड के विखंडन और इसकी संपत्ति के तितर-बितर होने को रोकें.सीबीआई अदालत से इस संबंध में निषेधात्मक आदेश हासिल करें. 
मामले में तेजी लाने के लिए एक अलग न्यायाधीश की नियुक्ति हो और रोजाना सुनवाई की व्यवस्था हो.भोपाल कोर्ट द्वारा जारी समन और दूसरे निर्देशों के पालन सुनिश्चित करने के लिए अमेरिकी सरकार की सहायता ली जाए.
अन्य मांगों में यूनियन कार्बाइड और डाव केमिकल के खिलाफ अदालत में एकतरफा कार्रवाई करने के लिए पिटीशन लगाई जाए.इसके साथ ही डाव केमिकल कम्पनी की भारत में स्थित सभी संपत्ति को जब्त कर लिया जाए. इस पत्रकार वार्ता में भोपाल गैस पीड़ित स्टेशनरी कर्मचारी संघ, भोपाल गैस पीड़ित निराश्रित पेंशन भोगी संघर्ष मोर्चा, भोपाल गैस पीड़ित महिला पुरुष संघर्ष मोर्चा और डाव काराबइड के खिलाफ बच्चे संगठनों ने हिस्सा लिया.

बदनाम करने फेसबुक आईडी बनाने वाला गिरफ्तार

साइबर सेल ने ग्वालियर के एक युवक को अपनी भाभी की छोटी बहन को बदनाम करने की गरज से फर्जी फेसबुक आईडी बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया है.साइबर सेल में युवक की भाभी ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसकी छोटी बहन की एक फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर बदनाम करने की नियत से उसकी मां की जानकारी और मोबाइल नम्बर आपत्तिजनक कमेंट के साथ शेयर किए थे.
जानकारी शेयर होने के बाद आवेदिका की मां को लगातार अज्ञात व्यक्तियों से फोन आने शुरु हो गए थे.साइबर सेल ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं में केस रजिस्टर्ड कर जांच शुरु की.जांच में यह पता चला कि आपत्तिजनक फर्जी फेसबुक प्रोफाइल अविनाश नागर पिता रामेश्वर दयाल नागर उम्र 29 वर्ष निवासी तिकोनिया, मुरार ग्वालियर, ने बनाई थी.आरोपी अपनी भाभी की छोटी बहन से शादी करता चाहता था, मगर आरोपी की भाभी और उसके माता-पिता इस रिश्ते के खिलाफ थे.
आरोपी ने अपनी भाभी, उसकी छोटी बहन और उनके परिवार को बदनाम करने की नियत से फर्जी फेसबुक प्रोफाइल बनाकर इसमें आपत्तिजनक जानकारी और कमेंट किए थे.

भाजपा निकालें, ‘प्रायश्चित यात्रा

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरूण यादव ने भाजपा द्वारा 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक निकाली जाने वाली ‘किसान सम्मान यात्रा’ को राज्य सरकार की किसान विरोधी नीतियों, राजनैतिक जुमलों, भ्रष्टाचार करने के लिए बनायी गई विभिन्न योजनाओं से बर्बाद हो चुके अन्नदाता किसानों के गंभीर जख्मों पर नमक छिड़कने का प्रयास बताते हुए कहा है कि जो सत्तारूढ़ भाजपा प्रदेश में 29 हजार किसानों द्वारा की गई आत्महत्या और मंदसौर में गत् जून माह में किसान आंदोलन के दौरान 7 किसानों की पुलिस की गोली से हुई मौत की जबावदार हो, वह किस मुंह से ‘सम्मान यात्रा’ निकाल रही है? इसके बावजूद भी यदि उसे यात्रा निकालना ही है तो वह ‘प्रायश्चित यात्रा’ निकाले.
 यादव ने कहा कि पिछले 14 सालों से प्रदेश में भाजपा सरकार काबिज है, किसानों को पर्याप्त पानी, बिजली, पूर्ण गुणवत्ता वाले खाद-बीज नहीं मिल पा रहे हैं, सरकार और भाजपा नेताओं के संरक्षण में नकली खाद-बीज का धंधा करने वाले मुनाफाखोरों ने भी उनका शोषण किया है.खाद के नाम पर दी जाने वाली सब्सिडी का भुगतान आज तक नहीं हुआ है.फसल बीमा योजना के नाम पर भी प्रतिवर्ष किसानों को छला गया, 70 पैसे, 1.20 पैसे और 50 रू. जैसी सूक्ष्म राशि उन्हें फसल बीमा के नाम पर दी गई.कहीं-कहीं तो फसल बीमा की राशि के दिये गये चेक भी अनादृत हो गये.वहीं गत् वर्ष किसानों को समर्थन मूल्य पर प्याज खरीदने वाले सरकारी निर्णय में भी 750 करोड़ रू. का भ्रष्टाचार हो गया, जिसे लेकर सरकार ने भ्रष्टाचारियों को पूरी तरह संरक्षित कर दोषी ‘‘सिर्फ प्याज को ही बता दिया है।’’ भावांतर योजना भी भ्रष्टाचार को ही समर्पित होने वाली एक निरर्थक कवायद साबित होगी, जिसे लेकर सरकार के ही कृषि मंत्री व अन्य भाजपा नेताओं के विरोधाभासी स्वर सामने आ रहे हैं.इन विषम स्थितियों में किसानों की परेशानी थमने का नाम नहीं ले रही है और भाजपा ‘किसान सम्मान यात्रा’ निकाल रही है!यादव ने इस यात्रा में शामिल हो रहे प्रदेश सरकार के मुखिया श्री शिवराजसिंह चैहान और भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमारसिंह चैहान से जानना चाहा है कि यदि सरकार और भाजपा संगठन किसानों के प्रति हमदर्द हैं, तो उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि उनकी सरकार ने किसानों की कर्ज माफी और उनके समक्ष आई प्राकृतिक आपदा को लेकर धरातल पर अब तक क्या किया है? केंद्र की मोदी सरकार, जिसने किसानांे को मिलने वाला बोनस भी समाप्त कर दिया, पूर्ववर्ती यूपीए सरकार के दौरान जिस शिवराज सरकार ने किसानों का बोनस बढ़ाने के लिए अपने सहयोगी मंत्रियों, सांसदों, विधायकां और पार्टी पदाधिकारियों के साथ राजधानी के भेल दशहरा मैदान में उपवास किया था, वह शिवराज सरकार,  मोदी सरकार द्वारा किसानों को बोनस बंद कर दिये जाने के बाद भी आज तक खामोश क्यों बैठी है, साथ ही सत्ता और संगठन के दोनों मुखियाओं को यह भी बताना चाहिए कि किसानों के हित में अब तक प्रदेश को केंद्र की ओर से कितना धन और राहत राशि उपलब्ध कराई गई? 
यादव ने कहा कि जब वर्ष 2011 में प्रदेश के किसानों को तुषार-पाले का सामना करना पड़ा था, तब तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहनसिंह की सरकार ने शिवराज सरकार को 571.26 करोड़ रू. की राहत राशि जारी कर दी थी, आखिरकार क्या कारण है कि पिछले 4 वर्षों में किसानों के समक्ष उपस्थित हुई गंभीर विपत्तियों को केंद्र सरकार ने नजरअंदाज करते हुए किसानों के हित में किसी भी प्रकार की कोई भी सहायताध् धनराशि आवंटित क्यों नहीं की? 
यादव ने प्रदेश के किसानों से यह भी आग्रह किया है कि वे उनके जख्मांे पर नमक छिड़कने वाली इस यात्रा मार्ग पर भाजपा सत्ता और संगठन से जुड़े लोगों से उक्त मुद्दों का जबाव मांगें?

वन भूमि पर काबिज बैगा परिवारों को हटाया नहीं जायेगा


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने कहा है कि बैगा परिवार वर्षों से जिस जमीन पर काबिज हैं, उन्हे उसका मालिकाना हक दिया जायेगा.वन भूमि पर वर्षों से काबिज बैगा परिवारों को हटाया नहीं जायेगा.ऐसे परिवारों को भूमि का पट्टा देने के लिये विशेष अभियान चलाया जायेगा.वनाधिकार अधिनियम के तहत जिन बैगा परिवारों को भूमि आवंटित की गई है, उनके खेतों में कुओं का निःशुल्क निर्माण करवाया जायेगा, उन्हें डीजल पंप भी उपलब्ध करवाया जायेगा.प्रदेश के सभी बैगा परिवारों के लिये आगामी दो वर्षों में पक्के मकान बनाये जायेंगे.मुख्यमत्री ने कहा कि बैगा भाषा को संरक्षित करने के लिये बैगा भाषा के शिक्षक नियुक्त किए जाएंगे.बैगा संस्कृति को अक्षुण्य बनाये रखने के लिये डिण्डौरी में बैगा सांस्कृतिक केंद्र स्थापित किया जायेगा.चैहान ने बैगा समाज के लोगों से अपील की कि वे अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दें, उन्हें आगे बढ़ने के लिये प्रेरित और प्रोत्साहित करें.उन्होने कहा कि गांवों को स्वच्छ बनायें, शराब जैसी बुराईयों से दूर रहें. 
मुख्यमंत्री चैहान शहडोल जिले के लालपुर में आयोजित राज्य स्तरीय बैगा सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे.मुख्यमंत्री चैहान ने कहा कि यह सम्मेलन बैगा आदिवासियों की जिंदगी को बदलने का प्रयास है.उन्होने कहा कि बैगा समाज के लोग बहुत सरल, सौम्य और मेहनतकश होते हैं.चैहान ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने बैगा आदिवासियों की जिंदगी को सँवारने का संकल्प लिया है.मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार बैगा आदिवासियों के सर्वांगीण विकास के लिये प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है.प्रदेश की सभी बैगा बस्तियों में दिसम्बर माह के अंत तक बिजली पहुँचाई जायेगी ताकि सभी बैगा परिवारों के घर रौशन हो सकें.उन्होने कहा कि बैगा युवाओं को आईटीआई में निःशुल्क प्रशिक्षण दिलवाकर उनके कौशल को तराशा जायेगा.मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का समय कम्प्यूटर का समय है, अगर युवाओं को कम्प्यूटर का ज्ञान नहीं होगा, तो वे पिछड़े हुए माने जाते हैं.इस बात को दृष्टिगत रखते हुए बैगा युवाओं के लिये शहडोल और मण्डला जिले में दो बड़े कम्प्यूटर प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएंगे.बैगा बहुल सभी विकासखण्डों में एकलव्य विद्यालय खोले जाएंगे.बैगा युवाओं की शिक्षा में प्रदेश सरकार किसी प्रकार का गतिरोध उत्पन्न नहीं होने देगी.उन्होने कहा कि सभी बैगा परिवार के बच्चों को पहली कक्षा से पीएचडी तक निःशुल्क शिक्षा दी जायेगी.उन्होने बैगा युवाओं से अपील की कि वे अच्छी शिक्षा ग्रहण कर अपनी क्षमता बढ़ायें.चैहान ने कहा कि बैगा समाज की कक्षा 12वीं में अध्ययनरत बालिकाओं को एनएम का प्रशिक्षण दिलवा कर उन्हें स्वास्थ सेवा के कार्य में लगाया जायेगा.बैगा बहुल क्षेत्रों में बैगा आदिवासियों का स्वास्थ्य परीक्षण करवाया जायेगा तथा गंभीर रोग से पीड़ित होने पर उनका निःशुल्क उपचार भी करवाया जायेगा.मुख्यमंत्री ने कहा कि बैगा समाज के लोग भी असंगठित श्रमिक कल्याण योजना में पंजीयन करायें.उन्हें भी शासन की योजनाओं का भरपूर लाभ मिलेगा.चैहान ने शहडोल और अनूपपुर जिले में महिला स्व-सहायता समूह के कार्यों की सराहना करते हुए महिलाओं से अपील की कि स्व-सहायता समूह गठित कर आर्थिक क्रांति लायें।

विश्वविद्यालय ही तैयार करेंगे अपना अकादमिक कैलेण्डर


राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा है कि अगले शिक्षा सत्र से प्रदेश के सभी महाविद्यालयों में कक्षाओं के सुव्यवस्थित संचालन, समय पर परीक्षाएं कराने और परिणाम घोषित करने के लिए सभी विश्वविद्यालयों द्वारा अपने-अपने स्तर पर अकादमिक केलेण्डर तैयार किया जायेगा.इसके लिए सभी कुलपतियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिये गये हैं.अकादमिक केलेण्डर तैयार करने के लिए 6 अप्रैल को भोपाल में प्रदेश के सभी कुलपतियों की बैठक आयोजित की गयी है।
राज्यपाल  पटेल ने कहा कि विश्वविद्यालयों को अकादमिक कैलेण्डर का समयबद्ध क्रियान्वयन करना होगा.कक्षाओं का सुव्यवस्थित संचालन भी करवाना चाहिये.विश्वविद्यालय परीक्षाएं समय पर पारदर्शी रूप से करायें तथा परिणाम भी समय पर घोषित करें.सभी परीक्षा केन्द्रों में सी.सी. टीवी कैमरे लगाये जायें तथा परीक्षाओं के दौरान साक्षात्कार की वीडियो रिकार्डिंग भी कराई जाये.उन्होंने महाविद्यालयों में मेरिट के आधार पर प्रवेश देने, आवश्यकता के अनुसार पाठ्यक्रमों में बदलाव करने तथा समय के अनुरूप नये पाठ्यक्रम शुरू करने के निर्देश दिये.राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में गुणोत्तर सुधार के लिये समय और अनुशासन का पालन जरूरी है.उन्होंने कहा कि शासन द्वारा क्रियान्वित योजनाओं, कार्यक्रमों और नीतियों के बारे में भी शोध, अनुसंधान करवाना चाहिये.इससे योजनाओं के क्रियान्वयन और उससे लोगों के जीवन में आये बदलाव का आकलन करना आसान होगा.साथ ही, योजना को और अधिक बेहतर बनाने के संबंध में भी सुझाव मिलेंगे.उन्होंने युवाओं को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की गतिविधियों से जोड़ने की जरूरत भी बताई.पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की एक भारत- श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को साकार करना होगा.इस दिशा में विश्वविद्यालय भी अपने स्तर पर प्रयास करें.राज्यपाल ने कहा कि विद्यार्थियों में शिक्षा के साथ अन्य प्रतिभाएं भी हैं.बालिकाओं में खेलों के प्रति तेजी से रूझान बढ़ रहा है.उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में एथेलेटिक ट्रैक बन जाने से इंदौर सहित आसपास के खिलाड़ियों को भी मदद मिलेगी.
लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि इंदौर शिक्षा का बड़ा हब है.यहां अनेक प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान हैं.यहाँ आई.आई.टी. के साथ आई.आई.एम. भी है.देवी अहिल्या विश्वविद्यालय को मिला ‘ए‘‘ ग्रेड यहाँ की बेहतर शैक्षणिक गुणवत्ता को प्रदर्शित करता है.उन्होंने कहा कि इंदौर में देश के अन्य हिस्सों से भी बड़ी संख्या में विद्यार्थी अध्ययन करने के लिए आते हैं.ऐसे समय में जरूरी हो गया है कि दूरस्थ शिक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाये तथा उसका व्यापक प्रसार किया जाये.दूरस्थ शिक्षा का प्रसार स्कूलों तक भी होना चाहिये.उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ विद्यार्थियों को संस्कार देने की भी जरूरत है.लोकसभा अध्यक्ष ने विद्यार्थियों का आव्हान किया कि संस्कारवान बनें.शिक्षा के साथ अपनी बुद्धि में पैनापन भी लायें और अपने आपको स्वयं-सिद्धा बनायें.उन्होंने कहा कि शिक्षा और ज्ञान का उपयोग समाज और राष्ट्र को सशक्त बनाने के लिए करना होगा.ज्ञान को बाँटे.ज्ञान अनमोल धन है.यह ऐसी पूंजी है जिसे जितना बाँटोगे, उतना ही बढ़ेगा.इसे चोर चुरा नहीं सकता.
समारोह में राज्यपाल और लोकसभा अध्यक्ष ने विद्यार्थियों को उपाधि, स्वर्ण-पदक तथा रजत-पदक प्रदान किये.इस मौके पर राज्यपाल  पटेल और लोक सभा अध्यक्ष महाजन ने विश्वविद्यालय परिसर में 7 करोड़ रूपये की लागत से नव-निर्मित सिंथेटिक एथेलेटिक ट्रैक का लोकार्पण और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सेंटर का शुभारंभ किया.राज्यपाल पटेल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आई.आई.एम. अहमदाबाद के प्रोफेसर शैलेष गांधी और आई.आई.एम. इंदौर के प्रोफेसर अभिषेक मिश्रा से बात की.

उद्यमों को स्थापित करने के लिए मिलेंगी अनेक सहूलियतें


प्रदेश के समग्र औद्योगिक विकास के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पिछले वर्ष हुए एमएसएमई सम्मेलन में म.प्र.एमएसएमई विकास नीति 2017 जारी की गई थी.यह विकास नीति प्रदेश में एक अप्रैल, 2018 से लागू की जा रही है.सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्यमंत्री संजय-सत्येन्द्र पाठक ने नए वित्तीय वर्ष की प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए यह जानकारी दी है.उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए विभाग का 852 करोड़ 42 लाख 65 हजार रुपये का बजट मंजूर हुआ है.
राज्य मंत्री पाठक ने बताया कि विकास नीति 2017 के साथ-साथ ‘मध्यप्रदेश एमएसएमई प्रोत्साहन योजना 2017 भी इसी तारीख से लागू होगी.प्रोत्साहन योजना में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम श्रेणी के उद्योगों की नीति के अंतर्गत सहायताध्सुविधा उपलब्ध करवाई जायेगी।
विभिन्न अनुदान का एकीकरण कर एमएसएमई को निवेश का 40 प्रतिशत उद्योग विकास अनुदान के रूप में 5 वार्षिक किश्तों में दिया जायेगा.यदि निवेशक मध्यम श्रेणी के विनिर्माण उद्यम की स्थापना के उद्देश्य से निजी भूमि खरीदता है अथवा अविकसित शासकीय भूमि शासन से प्राप्त करता है, तो ऐसी इकाईयों को इकाई परिसर तक पानी, सड़क और बिजली व्यवस्था के लिये अधोसरंचना विकास में किये गये व्यय की 50 फीसदी वित्तीय सहायता, अधिकतम 25 लाख रूपये मिलेंगे।
 राज्य मंत्री पाठक ने बताया कि सूक्ष्म,लघु और मध्यम उद्यम के समग्र विकास को बढ़ावा देने के लिए स्वतंत्र रूप से गठित एमएसएमई विभाग की स्थापना के दो वर्ष 5 अप्रैल 2018 को पूर्ण कर रहा है.इन 2 वर्षों की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए श्री पाठक ने बताया कि विभाग ने एमएसएमई को विकसित करने के साथ- साथ सक्षम बनाने के लिए नीतियाँ बनाईं हैं.नीतियों के क्रियान्वयन हेतु नियम बनाए गए है

औद्योगिक इकाइयों को अपशिष्ट प्रबंधन प्रणालियों, जिनमें ईटीपी,एसटीपी आदि शामिल हैं, की स्थापना में निवेश के लिए 50 प्रतिशत पूँजी अनुदान अधिकतम 25 लाख रूपये मिलेंगे।
 निजी औद्योगिक क्षेत्रों तथा बहुमंजिला औद्योगिक परिसर की स्थापनाध् विकास के लिए व्यय की गई राशि का 20 प्रतिशत अधिकतम 2 करोड़ रूपये की सहायता प्रदान की जाएगी.विकसित औद्योगिक क्षेत्र का क्षेत्रफल न्यूनतम 5 एकड़ या बहुमंजिला औद्योगिक परिसर का कारपेट क्षेत्र कम से कम 10 हजार वर्ग फीट होना जरूरी है.इनमें 5 औद्योगिक इकाईयाँ कार्यरत होना जरूरी होगा।
नई औद्योगिक इकाईयाँ, जिनमें 10 से अधिक नियमित कर्मचारियों के सीपीएफ में प्रति कर्मचारी अधिकतम 1 हजार रूपये नियोक्ता के अंश के रूप में जमा किए जा रहे हों, ऐसे कर्मचारियों को नियोक्ता के अंश की शत-प्रतिशत राशि की प्रतिपूर्ति 5 वर्ष की अवधि के लिए या अधिकतम 5 लाख रूपये(इनमें से जो भी कम हो) प्रदान की जाएगी।
गुणवत्ता प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के लिए व्यय का 50 प्रतिशत अधिकतम 3 लाख रूपये की प्रतिपूर्ति विभाग द्वारा की जाएगी।

 राष्ट्रीय अन्तर्राष्ट्रीय नियमध्कानून के अंतर्गत शोध एवं अनुसंधान के आधार पर विकसित किए गये उत्पादोंध् उत्पादन प्रक्रियाओं का पेटेंट आईपीआर कराने पर हुए व्यय का शत-प्रतिशत, अधिकतम 5 लाख रूपये की प्रतिपूर्ति विभाग द्वारा की जाएगी।
 भारत सरकार की आईएनएसआईटीयू अपग्रेडेशन योजना के तहत पॉवरलूम का उन्नयन करने के लिए किये गये व्यय में से, भारत सरकार से प्राप्त वित्तीय सहायता के समायोजन के बाद, शेष राशि का शत-प्रतिशत या उन्नयन लागत का 25 प्रतिशत जो भी कम हो अधिकतम 8 पॉवरलूम प्रति इकाई सहायता प्रदान की जाएगी।

गूंज की मदद से मिला पानी

इंसान की बुनियादी जरुरत हैं रोटी कपड़ा और मकान.हम इन तीन चीजों के लिए ही जी जान से मेहनत करते हैं.ऐसी ही जरूरतों को पूरा कर हर मुश्किल को आसान करने का नाम ही ‘‘गूंज‘‘ हैं दरअसल मध्यप्रदेष के खंडवा जिले के आदिवासी ब्लॉक खालवा में आने वाले ग्राम मामाडोह में हर साल जल संकट की वजह से यहाँ के ग्रामीण गांव छोड़ कर पलायन कर जाते हैं.इस समस्या को समाज सेवी संस्था ‘‘गूंज‘‘ ने अपने क्लॉथ  फॉर वर्क प्रोग्राम के जरिए दूर किया.अब  ग्रांम मामाडोह में रहने वाले आदिवासियों ने पानी की समस्या को दूर कर खुद का वॉटर सप्लाय सिस्टम स्थापित किया.जो अब पुरे क्षेत्र  चर्चा का विषय बना हुआ हैं.
मधयपदेश के खंडवा जिले में पड़ने वाले आदिवासी ब्लॉक खालवा तहत आने वाली धावड़ी पंचायत का ग्राम मामाडोह.मामाडोह में रहने वाले आदिवासी पानी की बढ़ती समस्या  से इतने परेशान  गए थे की उन्हें अपना गांव तक छोड़ना पड़ता था.इतना ही नहीं इन्हें अपने मवेशी भी औने पौने दामों पर बेचने लिए मजबूर होना पड़ता था.ऐसे में मामाडोह के रहने वाले करण सिंह ने अपनी समस्या स्पंदन समाज सेवा समिति के सामने रखी .स्पंदन के प्रभारी सीमा प्रकाश ने गूंज संस्था से संपर्क कर  इस समस्या को साझा किया.गूंज संस्था ने ग्रामीणों को कपड़े और अनाज के बदले काम करने का प्रस्ताव दिया.
इस समस्या से निजात पाने के लिए जब ग्रामीणों से पूछा गया की कैसे इस विकट समस्या को दूर किया जा सकता हैं तो  गांव के लोगों से कहा कि गांव के पास में ही एक कुँवा है अगर इसे ही सही कर दिया जाए तो पानी की समस्सया से निजात मिल सकती है.बस यही से गांव में खुशियां लौटना शुरू हुई .ग्रामीणों ने करण सिंह के कुएं से गाद निकल कर उसे फिर से जीवित किया.कुँए में पानी आने के बाद करण सिंह ने ग्राम पंचायत के सहयोग से कुँए में मोटर डाल पूरे गांव में पाइप लाइन बिछा दी .अब गांव के लगभग 80 घरों में से 50 घर के सामने नाल लगे है जिसमे सुबह और शाम 2 से 3 घंटे पानी आता है।

शुक्रवार, 30 मार्च 2018

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं का सम्मेलन 8 को भोपाल में

 मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने 8 अप्रैल को भोपाल में आँगनवाड़ी कार्यकतार्ओं और सहायिकाओं का राज्य-स्तरीय सम्मेलन आयोजित करने के निर्देश दिये हैं. सम्मेलन लाल परेड ग्राउंड पर आयोजित किया जायेगा¯. मुख्यमंत्री ने स्टेट हैंगर पर आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के प्रतिनिध- मंडल से भेंट के दौरान यह निर्देश दिये. महिला-बाल विकास मंत्री  अर्चना चिटनिस की पहल पर हुई भेंट में प्रतिनिधि-मंडल ने मानदेय बढ़ाने, सेवा-निवृत्ति पर सम्मान-निधि और बीमे की व्यवस्था करने तथा आँगनवाड़ी कार्यकर्ता से पर्यवेक्षक के लिये पदोन्नोति का प्रावधान करने संबंधी माँगें रखीं. मुख्यमंत्री  चौहान ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका अपने दायित्वों के साथ-साथ अन्य विभागों के कार्यों का पूरी जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करती हैं. इनकी मांगों पर सकारात्मक रूप से विचार अवश्य किया जाएगा.
प्रतिनिधि-मंडल से भेंट के दौरान महिला-बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनिस, प्रमुख सचिव महिला-बाल विकास,  जे.एन. कंसोटिया तथा आयुक्त, एकीकृत बाल विकास परियोजना भी उपस्थित थे. महिला-बाल विकास मंत्री चिटनिस ने आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण के लिए मुख्यमंत्री चौहान का आभार व्यक्त किया.


कांग्रेस को भोपाल ननि द्वारा बजट पेश करने पर एतराज

 भोपाल नगर निगम द्वारा  बजट पेश करने पर कांग्रेस ने ऐतराज जताया है. नेता प्रतिपक्ष मोहम्मद सगीर ने मांग की है कि नगर निगम में सरकार अपना एडमिनिस्ट्रेटर तुरंत नियुक्त करे. उल्लेखनीय हे कि नगर निगम द्वारा कल शनिवार को बजट पेश किया जाना है.
नेता प्रतिपक्ष मोहम्मद सगीर और पार्षद एडवोकेट शगुफ्ता जकी ने यह मांग पत्रकारों से चर्चा करते हुए की. नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया है कि नगर निगम भोपाल पर भुगतान योग धनराशियां समस्त अवशिष्ट उधार धनों तथा ऋणों सहित कुल मिलाकर नगर में भूमियों तथा भवनों के वार्षिक मूल्य के दुगने से अधिक हो गई है. सगीर ने बताया कि निगम पर 21 अरब बीस करोड़ 32 लाख रुपए के कर्ज, 2016-17 के वित्तीय वर्ष में थे। अब यह कर्ज बढ़कर 38 अरब 25 करोड़ 9 लाख रुपए हो गए हैं. यह कर्ज निगम की खसरा नम्बर व रकबा संपत्ति से अधिक है. इस हिसाब से नियामनुसार निगम पर पूरा होल्ड शासन का हो जाता है.
सगीर ने कहा कि ऐसी स्थिति में नगर पालिका निगम अधिनियम 1956 पृष्ठ 53 से 57 तक जिन धाराओं का उल्लेख किया है उनमें नगर निगम की ऋण लेने की शक्ति की सीमा सीमित की गई हैं. इसलिए सरकार को भोपाल नगर निगम में नगर ?पालिका अधिनियम के अनुसार तुरंत ही एडमिनिस्ट्रेटर बैठाना चाहिए. सगीर ने आगे बताया कि इन कर्ज में एडीबी के 199.32 करोड़ हैं. जेएनएनयूआरएम के 350 करोड़ हैं. बीसीएलएल बस योजना की राशि वित्तीय वर्ष 2016-17 में 21 अरब 20 करोड़ 32 लाख और इस वर्ष 17 अरब 3 करोड़ 87 लाख 900 रुपए हो गई है. भोपाल नगर निगम को हुडको से लिए 22 करोड़ 40 लाख रुपए का कर्ज देना है.

बीएड प्रवेश प्रणाली का सरलीकरण हो

 मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया ने गत सत्र में बी.एड. संस्थानों की आधी से अधिक सीट खाली रहने को ध्यान में रखते हुए प्रवेश प्रणाली को नये सिरे से प्रस्तावित करने के निर्देश दिये हैं.  पवैया ने विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में यह निर्देश दिये.
मंत्री पवैया ने कहा कि बी.एड. शिक्षा प्रणाली में आमूलचूल परिवर्तन की नीति बनाई गई है. इस परिप्रेक्ष्य में देश के बी.एड. संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया को गुणवत्ता पूर्ण तथा सरल बनाया जाना जरूरी है. उन्होंने कहा कि नई प्रवेश प्रक्रिया का मसौदा प्रस्तावित किया जाये ताकि राज्यपाल से उसका अनुमोदन करवाया जा सके. पवैया ने कहा कि भारत सरकार द्वारा नयी नीति लागू करने से सत्र 2019-20 रिक्त वर्ष माना जाएगा. इसे देखते हुए वर्ष 2018-19 में राज्य स्तर पर ही प्रवेश प्रणाली तय करना आवश्यक है.

जनता नहीं है हमसे नाखुश: शिवराज

शिवराजसिंह चौहान 
प्रदेश में सत्ता विरोधी रुख को नकारते हुए शिवराजसिंह चौहान ने राजधानी भोपाल में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि वे जनता के बीच जा रहे हैं और ऐसा कुछ भी नहीं दिख रहा जिससे कहा जाए कि जनता हमसे नाखुश है. उन्होंने कहा कि उन्हें लगातार जनता का प्यार मिल रहा है. प्रदेश में कई मंत्रियों के कानूनी मामलों में घिरे होने से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि कानून अपना कम करेगा. प्रदेश में लगातार अवैध खनन का मुद्दा सामने आने पर चौहान ने दावा किया कि अवैध खनन पर सरकार कार्रवाई कर रही है, इसीलिए ऐसे मामले सामने आ रहे हैं.
कुपोषण के बारे में उन्होंने कहा कि प्रदेश में कुपोषण का इतिहास रहा है, पर अब ये पहले से कम हुआ है. उन्होंने कहा कि कुपोषण दूर करने के लिए क्लस्टर चिह्नित कर व्यवस्था की जा रही है. भावांतर भुगतान योजना के सवाल पर चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार ने इसमें करीब 1900 करोड़ रुपए खर्च किए, यह प्रदेश की योजना थी और इसमें केंद्र की कोई प्रतिबद्धता नहीं थी, पर अब केंद्र सरकार इस पर ध्यान दे रही है. उन्होंने कहा कि उन्हें सूचना मिली है कि केंद्र इस योजना के लिए 400 करोड़ रुपए स्वीकृत कर रहा है. चौहान ने कहा कि सरकार कृषि उत्पाद निर्यात एजेंसी बनाने पर विचार कर रही है, जो केंद्र के साथ मिलकर निर्यात की संभावनाएं तलाशेगी. उन्होंने कहा कि किसी भी फसल का उत्पादन आनुपातिक तौर पर असंतुलित ना हो, इस बात का भी ध्यान रखा जाएगा. उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण को भी प्रेरित किया जाएगा. 
प्रदेश में शिक्षा की स्थिति सुधारने पर  चौहान ने कहा कि कई जगहों पर स्कूल खोलने के बजाए एक जगह बड़ा स्कूल खोलने पर विचार किया जा रहा है, जिसमें गुणवत्ता से समझौता नहीं हो.  स्कूलों की मनमानी फीस पर उन्होंने कहा कि इसके लिए नियम बना लिए हैं, स्कूल अब उसी के मुताबिक फीस ले पाएंगे. इसी तरह अस्पतालों द्वारा भी मनमानी रकम वसूलने के बारे में विचार होगा.  चौहान ने कहा कि प्रदेश में बुनियादी सुविधाओं पर उनका जोर है, इस साल के दिसंबर तक हर गांव को और उसके बाद मजरे टोलों को भी सड़क से जोड़ने का काम होगा. आने वाले समय में बिजली के क्षेत्र में सौर परियोजनाओं पर काम करने की योजना है. प्रदेश में क्लीन एनर्जी की ओर भी जाएंगे. उन्होंने कहा कि 2015 तक सिंचाई में 80 लाख हेक्टेयर का लक्ष्य रखा गया है क्योंकि 65 फीसदी जनता आज भी कृषि पर निर्भर है.

बहू ने ससुर पर लगाया दुष्कर्म का आरोप

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के गौतम नगर इलाके में रिश्तों को शर्मसार कर देने का एक मामला सामने आया है. मामले में एक महिला ने अपने ससुर पर उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोप लगाए हैं. पीड़ित महिला ने बीते दिनों महिला हेल्पलाइन में अपने साथ हुई ज्यादती की शिकायत दर्ज करवाई थी. 
गौतम नगर थाना पुलिस के अनुसार 26 वर्षीय महिला की शिकायत पर आरोपी पति धीरज, ससुर बृजमोहन, सास शशि के खिलाफ  मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि महिला का आरोप है कि बीते दो माह पूर्व जब उसकी सास शशि, दिल्ली गई हुई थी, इसी दौरान उसके ससुर बृजमोहन ने महिला को घर को अकेला पाकर उसके साथ दुष्कर्म किया था.  सास के वापस भोपाल लौटने पर जब महिला ने अपने साथ हुई ज्यादती की जानकारी पति धीरज और सास शशि को दी, तो दोनों ने इस बात को राज रखने की धमकी दे डाली. पुलिस का कहना है कि महिला ने छतरपुर पहुंचकर अपने भाई को अपने साथ हुए दुष्कर्म की जानकारी दी. इसके बाद महिला द्वारा महिला हेल्पलाइन नम्बर पर इस मामले की शिकायत की गई. जांच के आधार पर  आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है. पुलिस का कहना है कि फिलहाल आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है. जल्द ही आरोपियों को हिरासत में लिया जाएगा.

मध्यप्रदेश में सेवानिवृत्ति आयु दो साल बढ़ी

 60 की जगह अब 62 में रिटायर्ड होंगे कर्मचारी
मध्यप्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था के कारण सामान्य वर्ग के कर्मचारी पदोन्नति से वंचित रह जाते हैं, इस बात को ध्यान में रखकर  सरकार ने सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष कर दी है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को इसकी घोषणा की. 
यहां के स्थानीय होटल में आयोजित प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में चौहान ने कहा कि राज्य सरकार ने वरिष्ठता के मुताबिक मिलने वाली पदोन्नति का लाभ हर कर्मचारी को मिले, इसे ध्यान में रखते हुए सेवानिवृत्ति की आयु में दो वर्ष की बढ़ोतरी का फैसला लिया है. लिहाजा अब कर्मचारी 60 नहीं बल्कि 62 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त होंगे.  मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बार कर्मचारी अपने सेवाकाल की निर्धारित पदोन्नति का लाभ नहीं हासिल कर पाते हैं और सेवानिवृत्त हो जाते हैं, लिहाजा सरकार ने तय किया है कि कर्मचारियों को उनका हक मिले इसलिए सेवानिवृत्ति की आयु में दो साल का इजाफा किया गया है. मुख्य मंत्री शिवराज सिह चौहान ने भोपाल में मीट द प्रेस कार्यक्रम में प्रदेश के अधिकारी कर्मचारियों की सेवा निव़त्ति आयु 60 वर्ष से बढाकर 62 वर्ष करने की घोषण की जिसका लाभ प्रदेश के 3 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को मिलेंगा. 
मेरे दिमाग में न आईएएस, न आईपीएस, सुरक्षा पहले
 प्रदेश में लगातार बढ़ते अपराधों पर लगाम कसने, महिलाओं के खिलाफ अपराधों में कमी लाने के उद्देश्य से प्रदेश में कमिश्नर प्रणाली को लेकर भी विवाद की स्थिति बनी हुई है. मुख्यमंत्री की इच्छा जताने के बाद आईएएस और आईपीएस लाबी आमने-सामने आ गई है. इस विवाद के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके दिमाग मे ना आईएएस हैं न आईपीएस, उनकी नजर में जनता की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि मध्य प्रदेश में पुलिस कर्मियों की तेजी से भर्ती की जा रही है. आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर अपराधों पर लगाम लगाने की कोशिश की जा रही है. ज्यादा से ज्यादा संसाधन भी पुलिस महकमे को दिए जा रहे है.
परफार्मेंस के आधार पर मिलेगा टिकट
प्रदेश में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मौजूदा विधायकों के टिकट काटने को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में शिवराज सिंह ने स्पष्ट किया कि पार्टी परफार्मेंस के आधार पर ही टिकट देगी. 
जोड़ी  है, जोड़ी सलामत रहे
परिवार में नई लीडरशीप के बारे में उन्होंने कहा कि बेटा कार्तिकेय सिम्बायोसिस कालेज पुणे में अध्यक्ष है, उसमें उनका कोई हाथ नहीं है. पत्नी साधना सिंह भी किरार समाज की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. उन्होंने कहा कि इसे राजनीति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए. नरेंद्र सिंह तोमर और शिवराज सिंह चौहान की जोड़ी के चुनाव की कमान संभालने पर उन्होंने कहा कि जोड़ी है, जोड़ी सलामत रहे.
शिवराज एप की सुरक्षा के लिए उठाएंगे कदम
डाटा लीक मामले के सामने आने पर उन्होंने कहा कि गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद शिवराज एप की सुरक्षा के लिए भी सरकार कदम उठाएगी. प्राइवेट स्कूलों द्वारा हर साल मनमानी फीस वसूलने को लेकर उन्होेंने कहा कि सरकार इसके लिए कानून बना रही है जिसके बाद प्राइवेट स्कूल मनमाने तरीके से वसूली नहीं कर पाएंगे.
कर्मचारियों ने किया स्वागत
मध्यप्रदेश त़तीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने मुख्य मंत्री की इस घोषणा का स्वागत किया है. संघ के महामंत्री लक्ष्मीनारायण शर्मा ने कहा कि संघ लंबे समय से सेवानिवृत्ति आयु बढाने की मांग कर रहा था. प्रदेश में अधिकारियों कर्मचारियों के प्रमोशन का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन होने से अनेक अधिकारी कर्मचारी बिना पदोन्नति के सेवा निवृत्त हो रहे थे जिससे कर्मचारी जगत में भारी नाराजगी थी. दौ वर्ष की रिटायरमेंट ऐज बढ़ाने के पीछे सरकार की मंशा है कि अब कोई भी अधिकारी कर्मचारी बिना पदोन्नति के सेवा निवृत्त नही होंगा.

चाय देने में देरी की तो मार दी गोली

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में चाय देने में देरी होने से नाराज ग्राहक ने गोलीबारी कर दी. गोलीबारी से क्षेत्र में सनसनी फैल गई. घटना में एक युवक के पैर में गोली लगी है, जिसका इलाज अस्पताल में चल रहा है.
घटना कोहेफिजा थाना क्षेत्र की पंचवटी कालोनी की है. जहां शुक्रवार सुबह गुप्ता टी स्टाल पर कार से एक युवक चाय पीने के लिए आया था. कई लोग दुकान के आसपास खड़े थे. इस दौरान चाय देने में देरी करने की वजह से युवक को गुस्सा आ गया और उसने चाय की दुकान पर खड़े मुकेश शर्मा से मारपीट कर फायरिंग कर दी. आरोपी ने चार फायर किए. एक गोली मुकेश को लगी जबकि चाय बनाने वाला युवक बाल-बाल बच गया. गोली मुकेश में पैर में लगी. उसका हमीदिया अस्पताल में इलाज चल रहा है. इलाके में फायरिंग से सनसनी फैल गई. घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी है. घटना के बाद अफरा-तफरी मच गई. कई लोग बाल-बाल बच गए. इस घटना ने प्रदेश की राजधानी की व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है. जब राजधानी सुरक्षित नहीं है, तो दूसरे जिलों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था का आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है

तृतीय, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी दो दिवसीय हड़ताल पर 12 से

मध्यप्रदेश के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी आगामी 12 एवं 13 अप्रैल को हड़ताल पर रहेंगे. कर्मचारियों ने मुख्य सचिव को इस आशय का नोटिस सौंप दिया है.
 प्रदेश के छह बड़े कर्मचारी संगठन लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ, मंत्रालय कर्मचारी संघ, त़तीय वर्ग कर्मचारी संघ, लघुवेतन कर्मचारी संघ, राजस्व कर्मचारी संघ एवं नगरपालिका कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों ने भोपाल में एक संयुक्त पत्रकार वार्ता आयोजित कर बताया कि अपनी मांगों की पूर्ति के लिए प्रदेश के चार लाख तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी 12 एवं 13 अप्रेल को दो दिवस का सामूहिक अवकाश लेकर हड्ताल पर रहेंगे. हड़ताल में राज्य सचिवालय से लेकर ग्राम सचिवालय तक का कार्य प्रभावित होगा. हड़ताल आंदोलन का नोटिस 28 मार्च को मुख्य सचिव को सौंप दिया गया है. कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि 17 जनवरी को मुख्यमंत्री निवास पर हुई चर्चा में मुख्यमंत्री ने दौ माह में मांगों की पूर्ति का आश्वासन दिया था उसके बाद भी कुछ नही हुआ. अब आश्वासन नही ठोस कार्यवाही चाहिए.
कर्मचारियों की प्रमुख मांगे
लिपिक संवर्गो की वेतन विसंगति दूर की जाएं, रमेश चन्द्र शर्मा समिति की अनुशंसाए लागू की जाये, अर्जित अवकाश संग्रहण की सीमा 240 दिवस से बढ़ाकर 300 दिवस की जाएं, भृत्य एवं जमादार का पदनाम परिवर्तन किया जाए,मंत्रालयीन अनुभाग अधिकारी एवं निज सचिव का वेतन पुनरीक्षण किया जाए, पेंशनरों को सातवें वेतनमान का लाभ दिया जाए, दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को स्थाई किया जाए, संविदा कर्मचारियों का नियमितिकरण किया जाए.

अब की बार, दो सौ पार में महती भूमिका निभाए शिक्षक प्रकोष्ठ

भारतीय जनता पार्टी शिक्षक प्रकोष्ठ की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक प्रदेश संयोजक रविनंदन मिश्र की अध्यक्षता में संपन्न हुई. बैठक में प्रदेश स्तरीय दो दिवसीय अभ्यास वर्ग 21 और 22 अप्रैल को पचमढ़ी में आयोजित करने का निश्चय किया गया. उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल से प्रदेशव्यापी किसान सम्मेलन यात्रा में शिक्षा प्रकोष्ठ की सक्रिय भागीदारी होगी. प्रदेश के अभ्यास वर्ग के बाद जिलों में मई में अभ्यास वर्ग होंगे. पदाधिकारी संभागीय बैठकें कर अक्तूबर तक सभी जिलों में शिक्षक सम्मेलन के आयोजन की रणनीति पर बैठक में विचार किया गया. मिश्र ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि मिशन 2018 में शिक्षक प्रकोष्ठ की निर्णायक भागीदारी होगी. शिक्षक समाज में सम्मानित व्यक्ति माना जाता है. शिक्षकजन के सामाजिक सम्मान और प्रभाव का लाभ पार्टी हित में सुनिश्चित कर विधानसभा चुनाव में अबकी बार 200 पार के लक्ष्य को सफल बनाने में जुटे. प्रकोष्ठ का प्रदेश के सभी 830 मंडलों तक गठन कर लिया गया है. प्रकोष्ठ के कार्यकर्ता नगरीय और देहाती अंचलों में केन्द्र और राज्य की उपलब्धियों से जन-जन को रूबरू करने में जुटे है. बैठक में होशंगाबाद जिला संयोजक देवी सिंह को मनोनीत किया गया है.

नृत्य नाटिका के जरिए किया जाएगा जागरुक

मध्यप्रदेश महिला आयोग अब नवाचार के माध्यम से लड़कियों और महिलाओं को जागरुक करेगा. प्रदेशभर में आयोग नृत्य नाटिका के जरिए लड़कियों और महिलाओं के खिलाफ होने वाले शोषण को लेकर जागरुता लाई जाएगी.
महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हो रहे अपराधों और शोषण के खिलाफ को जागरूक करने के लिए राज्य महिला आयोग प्रदेश भर के प्रत्येक जिले में नवाचार करने जा रहा है. आयोग नृत्य नाटिका और अन्य मनोरंजक प्रयासों के जरिए लोगों को जागरुक करेगा. आयोग की ओर से ब्लॉक और जिला स्तर पर गठित समितियां भी अपना योगदान देंगी. आयोग महिला सशक्तिकरण को लेकर कई कार्यक्रम आयोजित करने जा रहा है.इसमें हर जिले में जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे. बताया जाता है कि नृत्य नाटिका की थीम मां पर आधारित होगी. इसमें महिलाओं को उनके खिलाफ होने वाले अपराधों से सावधान रहने के लिए तैयार किया जाएगा. उन्हें नुक्कड़ नाटक के साथ विशेषज्ञों द्वारा जीवन जीने की कला के बारे में भी बताया जाएगा. 
आयोग का प्रयास है कि महिलाएं अपने दैनिक जीवन में होने वाले अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठा सके। आयोग का कहना है कि इसके लिए एक मसौदा तैयार कर लिया जाएगा. इसके लिए कलाकार मधुमिता नकवी हर जिले से टीम का चयन कर रही हैं, जिसमें 20 महिलाओं की टीम होगी. हर महीने एक जिले में नृत्य नाटिका का आयोजन किया जाएगा. महिला आयोग ने कई नामों से समितियां बनाई है. ब्लॉक और जिला स्तर पर गठित महिला आयोग की समितियां सिर्फ महिलाओं की समस्याएं ही नहीं सुनेंगी, बल्कि अब उनके अधिकारों के संरक्षण के प्रति जागरूक भी करेंगी. समितियां भी ब्लॉक स्तर पर नृत्य नाटिका तैयार करेंगी. इनमें मुक्ति समिति, करूणा समिति, दिव्या समिति, सलाहकार समिति, सखी, सखी-संगिनी और आनंद समिति शामिल हैं. ब्लॉक स्तर पर सखी-संगिनी समिति महिलाओं की शिकायत सुनने के अलावा जागरूकता कार्यक्रम भी चलाएंगी. जिससे महिलाओं व लड़कियों को जागरूक किया जा सके.
समिति भी नृत्य नाटिका के लिए टीम तैयार करेगी और प्रस्तुति की जिम्मेदारी भी उनकी होगी. इसके लिए अपने-अपने ब्लॉक में समितियां नृत्य नाटिका ज्वलंत समस्याओं पर आयोजित करेगी. इससे पहले समिति ट्रू पैरेंटिंग पर अभिभावकों को प्रशिक्षण दे रही थी.

गुंडों का नहीं होता कोई मानव अधिकार

मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि गुंडों का मनोबल तोड़े. किसी भी अपराधी या गुंडे का कोई मानव अधिकार नहीं होता है. गुंडे, बदमाशों के अवैध अतिक्रमण तोड़ दें. समाज में अपराधी सम्मान के साथ जी न पाए ऐसी कार्रवाई जरूरी है.
मध्यप्रदेश में महिलाओं के साथ बढ़ रही अपराधिक घटना को देखते हुए राजधानी भोपाल में पुलिस द्वारा 'वॉक ए कॉज' की पहल की गई. पुलिस की इस पहल की शुरूआत करते हुए आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने फ्लैग आॅफ किया. इसी के साथ उन्होंने भोपाल के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि वह सिर्फ फ्लैग आॅफ ही नहीं कर रहे हैं, बल्कि खुद भी झंडा लेकर साथ में चलेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों पर हो रहे अपराधों को लेकर सरकार पूरी तरख सख्त हैं, बेटियों की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है. 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने गुंडों और बलात्कारियों पर कोई भी ढील न बरती जाए, इसके सख्त निर्देश दिए हैं, साथ ही बच्चियों के साथ घिनौना कृत करने वालों को फांसी की सजा दी जाए इसके लिए कड़े कानून को पास करने की मांग की है. बेटी की इज्जत हमारी इज्जत हैं, वूमेन क्राइम बिल्कुल बर्दास्त नहीं करेगा. उन्होंने कहा कि मैं जब सुबह अखबार पढ़ता हूं तो शर्म आती हैं कि कैसे कोई पिता अपनी बेटी पर बुरी नजर रखता है. कैसे कुछ गंडे किसी लड़की को अपनी हवस का शिकार बना लेते हैं. समाज में इस तरह की घटनाएं शर्मनाक हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा ये कौन सा युग है, जहां इस तरह की घटनाएं हो रहीं हैं. उन्होंने कहा कि बेटियों की सुरक्षा के लिए सर्वाधिकार पुलिस के हाथों में हैं. पिछले दिनों जो भी घटनाएं हुई हैं, उसमें मैंने साफ कहा कि गुंडों का मनोबल तोड़ दें. अपराध के मामले में हम जीरो टालरेंस की नीति ही अपनाएंगे. किसी कीमत पर गुंडों को बख्शा नहीं जाएगा. किसी भी अपराधी या गुंडे का कोई मानव अधिकार नहीं होता है. गुंडे, बदमाशों के अवैध अतिक्रमण तोड़ दें. समाज में अपराधी सम्मान के साथ जी न पाए ऐसी कार्रवाई जरूरी है.
बच्चों के दें अच्छे संस्कार
मुख्यमंत्री ने अपील की कि इस कार्रवाई में जनता का भी साथ चाहिए, कोई भी कहीं भी अगर इस तरह की वारदात होते देखता है उसकी सूचना फौरन पुलिस को दे. समाज के हर वर्ग के लोग निकले और अपनी जिम्मेदारी समझें. हम कभी इस जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटेंगे. समाज में एक अभियान चलाने की जरूरत है, मैं सभी लोगों से कहना चाहता हूं कि वह बेटों को भी संस्कार दें, उन्हें इस तरह पाले वह नारी का सम्मान करना सीखें, क्योंकि बेटा भी हमरा है और बेटी भी हमारी हैं, हम ऐसा प्रयास करें कि बचपन से उनमें अच्छे संस्कार दें, ऐसा करना हमारा नैतिक दायित्व हैं.  इस मार्निंग वॉक में गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंह भी उपस्थित हैं. प्रदेश में हाल ही में कुछ दिनों लगतार बढ़े महिला अपराध के ग्राफ को कम करने सीएम शिवराज जिला पुलिस प्रशासन के साथ लगे हुए हैं.  

दिल्ली ले जाकर युवती से 5 माह तक करते रहे बलात्कार

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के मिसरोद थाना क्षेत्र से एक युवती को युवक और उसके दो अन्य साथी बेहोश कर दिल्ली ले गए और पांच महीने तक उसके साथ बलात्कार किया. बाद में युवती जैसे-तैसे दिल्ली से भोपाल आई और पुलिस को इस आशय की शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरु कर दी है.
मिसरोद थाना पुलिस के अनुसार युवती की शिकायत पर आरोपी तरुण एवं उसके दो अन्य साथियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है.  पुलिस का कहना है कि युवती और आरोपी तरुण, आशिमा माल स्थित मोति महल रेस्टोरेंट में एक साथ काम करते थे. युवती का आरोप है कि बीते 23 नवंबर 2017 को तरुण ने उसे 80 फिट रोड स्थित काली मंदिर बुलाया था. मंदिर के बाहर प्रसाद के नाम पर तरुण ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर युवती को नशीली वस्तु खिला दी. वस्तु को  खाने के बाद युवती बेहोश हो गई थी. जब उसे होश आया, तो युवती ने अपने आपको दिल्ली में पाया.  पुलिस का कहना है कि युवती का आरोप है कि तरुण और उसके साथियों ने दिल्ली में करीब पांच महीने तक उसके साथ दुष्कर्म किया था. युवती के परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट थाने में बीते 24 नवंबर 2017 को की थी. पुलिस का कहना है कि इस मामले की जांच शुरू की जा चुकी है. जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा.

गुरुवार, 29 मार्च 2018

व्यापारी को दिया नोट गिरने का झांसा, ले उड़े सवा चार लाख

महारणा प्रताप नगर जोन-1 में नोट गिरने का झांसा देकर तीन जालसाजों ने एक व्यापारी की कार से सवा चार लाख रुपए लेकर ले उड़े. वारदात आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के कैद हो गई. पुलिस को फुटेज मिल गए हैं.  पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है.
पुलिस के अनुसार आर्यन गुप्ता व्यापारी हैं. सिटी बैंक के सामने ओम इलेक्ट्रिकल में सामान खरीदने के लिए आए थे. इस दौरान एक व्यक्ति आया  और गाड़ी को पीछे करने की बात करने लगा.  वे कार हटाने लगे, तभी दूसरा युवक आया और गाड़ी के नीचे नोट गिरने की बात कहने लगा. वे नीचे पडेÞ दो सौ और दस रुपए का नोट उठाने लगे. इसी बीच बदमाश कार में रखा बैग लेकर भाग गए. बैग में सवा लाख रुपए रखे हुए थे. बाद में आर्यन ने थाने जाकर शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के बाद सीसीटीवी कैमरे में यह वारदात कैद होन की बात पुलिस ने कही है. पुलिस के अनुसार कैमरे के कैद फोटो के जरिए आरोपियों की तलाश की जा रही है.
बालिका से ज्यादती, आरोपी गिरफ्तार
राजधानी के बिलखिरिया थाना क्षेत्र में छह वर्षीय नाबालिग के साथ ज्यादती करने मामला सामने आया है. नाबालिग पहली कक्षा की छात्रा है,वह घर पर थी.  छात्रा के माता - पिता के मजूदरी पर जाने वाले वह घर के बाहर अपनी बहनों और सहेलियों के साथ खेल रही थी. तभी पड़ोस में रहने वाले राजेश जाटव उसे समोसा खिलाने के बहाने अपने घर में ले गया. जहां आरोपी युवक ने उसके साथ शराब के नशे में ज्यादती की जब माता पिता घर लौटे तो उन्हें मासूम के साथ हुई ज्यादती के संबंध में पता चला. बाद में माता-पिता थाने पहुंचकर उन्होंने आरोपी युवक के खिलाफ केस दर्ज कराई. पुलिस ने भी  आरोपी युवक को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी का बाद में पुलिस ने जुलूस भी निकाला. 

लोन दिलाने के नाम पर मांगी रिश्वत

मध्यप्रदेश के बड़वानी में आईडीबीआई बैंक एक अधिकारी को मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में लोन दिलाने के लिए एक लाख की रिश्वत लेने के मामले में लोकायुक्त पुलिस ने रंगेंहाथों गिरफ्तार किया है. अधिकारी पचास हजार रुपए पहले ले लिया था. बाकी की रकम लेते समय लोकायुक्त पुलिस ने धर दबोचा.
लोकायुक्त एसपी इंदौर दिलीप सोनी ने बताया कि संजवानी के रहने वाले राधेश्याम चौपल किराना दुकान खोलना चाहता था. इसके लिए उसने  मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से आईडीबीआई बैंक से सात लाख रुपए का लोन लेने के लिए आवेदन दिया था. जिसे पास कराने के लिए बैंक का रीजनल सेल्स मैनेजर विकास पाटीदार ने एक लाख रिश्वत की मांग की थी. राधेश्याम पहली किश्त के पचास हजार रुपए पहले ही मैनेजर को दे चुका था. अब बाकी के पैसे की मांग कर रहा था. राधेश्याम ने तंग आकर इसकी शिकायत इंदौर लोकायुक्त से की. लोकायुक्त ने योजना बनाकर दूसरी किश्त के 40 हजार लेकर राधेश्याम को विकास के पास भेजा. जैसे ही राधेश्याम ने विकास को पैसे दिए लोकायुक्त के अधिकारियों ने उसे रंगहाथों पकड़ लिया. पाटीदार के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है.

सरकार में अपराध रोकने की इच्छाशक्ति नहीं

 
के के मिश्रा
मध्य प्रदेश के खरगोन जिले की जिला इकाई के पदाधिकारी के भतीजे और भाजयुमो के नेता यूनिक सुराणा पर लगे दुष्कर्म के आरोप और प्रकरण दर्ज होने के बाद भी गिरफ्तारी न होने पर कांग्रेस ने जमकर हमला बोला है. साथ ही आरोपी की भाजपा के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित वरिष्ठ नेताओं के साथ तस्वीरें जारी की हैं. 

प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता के के मिश्रा ने एक बयान जारी कर कहा कि राज्य की कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है. सरकार पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू किए जाने के शिगूफे के जरिए जनता का ध्यान बांटना चाहती है. सरकार की इच्छा ही नहीं है अपराध रोकने की. 
मिश्रा ने आगे कहा है कि 26 मार्च को खरगोन जिला भाजपा के सचिव जितेन्द्र सुराणा के भतीजे और भाजयुमो नेता यूनिक सुराणा के खिलाफ धारा 376, 376 (2) (एन), 190, 506, पास्को एक्ट 3,4 के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज हुआ है, उसकी गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई. एक तरफ पुलिस मनचलों का जुलूस निकालकर वाहवाही लूटने में लगी हैं. वहीं यूनिक पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है.  मिश्रा ने कुछ तस्वीरें जारी कर कहा है कि सुराणा के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा से करीबी है. इसके प्रमाण के तौर पर भी तस्वीरें जारी की.

कांग्रेस शासनकाल में किसानों को मिलती ऊंट के मुंह में जीरा समान राहत राशि

मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कांग्रेस शासन पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में किसानों को राहत के नाम पर ऊंट के मुंह में जीरे के समान राशि मिलती थी. मगर भाजपा की सरकार ने यह राशि को बढ़ाई है. हम किसान के नुकसान की पूरी भरपाई करेगी.
चौहान ने यह बात आज अपने निवास पर भाजपा के किसान मोर्चा  के पदाधिकारियों से की मुलाकात के दौरान कही. किसान मोर्चा और संगठनों के पदाधिकारी आज उनसे मुख्यमंत्री निवास पहुंचे थे. ये पदाधिकारी भाजपा द्वारा निकाली जाने वाले किसान सम्मान यात्रा के संदर्भ में मुलाकात करने गए थे. मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने  कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के समय ओला, पाला प्रभावित किसानों को दिया जाने वाला मुआवजा ऊंट के मुंह में जीरा के समान थी, लेकिन हमारी सरकार ने किसानों का जितना नुकसान हुआ, उसकी भरपाई की. मुख्यमंत्री  ने कहा कि 1 अप्रैल किसानों के लिए उत्सव का दिन होगा, जब किसानों के खाते में 2650 करोड़ रुपए जाएंगे. इससे वह ब्याज मुक्त हो जाएंगे. किसान अन्नादाता है और हमने अन्नदाता सुखी रहे, इसके लिए हर उपाय किए हैं. फसलों में समर्थन मूल्य बढ़ाया, भावांतर योजना से किसानों को लाभ दिया, ऋणी किसानों की ब्याज माफ की गई.
भारतीय जनता किसान मोर्चा द्वारा 1 से 15 अप्रैल तक प्रदेश में चलाई जाने वाले किसान सम्मान यात्रा के गीत का लोकार्पण भी मुख्यमंत्री द्वारा कराया गया. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अपनी जिंदगी तो जनता के लिए है.  किसान हमारे अन्नदाता हैं. किसानों के परिश्रम और सरकार के सहयोग, नीति और कार्यक्रमों के कारण सरकार को 5 वीं बार मध्यप्रदेश को कृषि कर्मण पुरस्कार मिला है. उन्होंने कहा कि  1-1 एकड़ में 5-5 लाख रुपया कमाने वाले भी किसान मध्यप्रदेश में हैं. प्रगतिशील किसान खेती को अलग ढंग से करते हैं, वे हमारी प्रेरणा हैं. प्रगतिशील किसानों से दूसरे किसान भाई भी सीखें. इन्हें ही ब्रांड एंबेसडर बनाकर कृषि महोत्सव में बुलाएंगे और कहेंगे कि आप बताओ, क्या करना है, कैसे करना है. किसानों का जितना नुकसान, उतनी भरपाई हम करेंगे. यह भाजपा की सरकार है, जिसने तय किया है कि समर्थन मूल्य तो मिलेगा ही, लेकिन मुख्यमंत्री कृषि समृद्धि योजना के अंतर्गत पसीने की कीमत अलग से और मिल जाएगी. सरकार गेहूं 1735 रुपए  में खरीद रही है और 265 रुपए प्रति क्विंटल अलग से उनके खाते में डाल दिया जाएगा. शरबती गेहूं पैदा करने वाले किसानों को भी अलग से 265 रुपया अलग से दिया जाएगा, चाहे वे गेहूं 2 हजार रुपए क्विंटल बेचें.

मंत्री रामपाल के ग्राम से कांग्रेस निकालेगी न्याय यात्रा

अजय सिंह 
प्रीति आत्महत्या मामले में मंत्री रामपाल सिंह और उनके परिजनों पर अब तक कार्यवाही न होने के विरोध में कांग्रेस दो दिनी न्याय यात्रा निकालेगी. उदयपुरा से 5 अप्रैल को शुरू होकर यह यात्रा 6 अप्रैल को भोपाल में समाप्त होगी. नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा में कहा कि प्रीति रघुवंशी की आत्महत्या मामले को आज 11 दिन बीत गए हैं पर पीड़ित परिवार को अभी तक न्याय नहीं मिला है. उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में फरियादी से तो गहन पूछताछ हो गई पर मंत्री, उनके पुत्र और परिजनों को छूने तक की हिम्मत सरकार नहीं जुटा पाई है. 
 नेता प्रतिपक्ष  सिंह ने बताया कि इस दो दिवसीय यात्रा के बाद 16 अप्रैल से पूरे प्रदेश में न्याय यात्रा निकाली जाएगी. दूसरे चरण की यात्रा भगवान राम की तपोस्थली चित्रकूट से सुप्रसिद्ध तीर्थ स्थान कामदगिरी से इस यात्रा की शुरूआत होगी. यह यात्रा प्रदेश के हर उस नागरिक के लिए होगी जो आज इस सरकार से न्याय की आस खो चुका है. ऐसी व्यक्ति की आवाज कांग्रेस पार्टी मुखर करेगी. यह न्याय यात्रा किसानों, युवाओं, कर्मचारियों, दलित, आदिवासियों, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक वर्ग के साथ ही दिव्यांगों के साथ लगातार हो रहे अन्याय और अत्याचार के खिलाफ होगी. जनता की ताकत जो लोकतंत्र की नीव है के साथ कांग्रेस पार्टी आत्ममुग्धता के मुहाने पर पहुंच चुकी अहंकारी भाजपा और शिवराज सरकार को झकझोरेगी.
नेता प्रतिपक्ष  ने कहा कि मुख्यमंत्री के महिला के प्रति संवेदनशीलता उनके आदेश और निर्देश, उनके एक्शन-एक्शन-एक्शन का शिगुफा, कमर तोड़ देने और रूह कपा देने वाले निर्देश कितने नकली हैं और किनके लिए हैं यह उनके अपने निकटतम मंत्री रामपाल सिंह के परिवार द्वारा अपनी बहू उदयपुरा की प्रीति रघुवंशी के साथ प्रताड़ना के कारण 17 मार्च को आत्महत्या करने की घटना के बाद सामने आ गई. आज ग्यारहवां दिन हैं फरियादी प्रीति रघुवंशी के पिता, माता, भाई और परिजनों सहित सबके बयान हो गए लेकिन आरोपी के साथ शिवराज सरकार का रवैया बताता है कि वह कितना महिला हितैषी है.
सिंह ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री  से कहना चाहता हूं कि आप कितने भी फांसी जैसे कानून बना ले, भोपाल इंदौर सहित पूरे प्रदेश में पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू कर ले,कितने भी आदेश-निर्देश दें दें अगर आपका कानून आम के लिए अलग है और खास के लिए अलग है तो आपकी सारी ये बातें सिर्फ पाखंड हैं.  नेता प्रतिपक्ष  अजय सिंह ने एनसीआरबी की रिपोर्ट में मध्यप्रदेश में महिलाओं के प्रति बढ़ रह अपराध तथा स्वयं सरकार के रिपोर्ट में महिलाओं की भयावह स्थिति के आंकड़े जारी करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के तमाम दहाड़ने के बाद भी 27 मार्च को राजधानी भोपाल और ग्वालियर की दो घटनाएं शिवराज सरकार के पाखंड को उजागर करती है.  
आम और खास के लिए है अलग-अलग कानून
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने प्रीति रघुवंशी के मामले में सदन से लेकर सड़क तक मामला उठाया. राज्यपाल को भी ज्ञापन दिया, लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई. ऐसा लगता है कि प्रदेश में अंधा कानून है. भाजपा सरकार ने पिछले 15 साल में अपने मंत्रियों, भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को सभी कानूनों से बरी कर दिया है. जिसकी जो मर्जी में आए वह करें. आम गुंडों का तो जुलूस निकाला जा रहा है. बड़वाह में भारतीय जनता युवा मोर्चा और भाजपा के पदाधिकारी रिश्तेदार युवक यूनिक सुराणा बलात्कार का आरोपी है लेकिन उसका जुलूस नहीं निकाला गया.

अध्यक्ष बनाए जाने की अटकलों को खारिज किया तोमर ने

केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने आज राजधानी भोपाल में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान को हटाए जाने एवं उन्हें अध्यक्ष बनाए जाने की बातों को खारिज किया. उन्होंने कहा कि प्रदेश में चौथी बार भाजपा की सरकार बनेगी.
तोमर ने यह बात आज राजधानी में पत्रकारों से चर्चा में कही. वे एक कार्यक्रम में शामिल होने भोपाल पहुंचे थे. तोमर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान को अध्यक्ष पद से हटाए जाने के सवाल पर कहा कि चौहान को हटाए जाने का कोई प्रस्ताव नहीं है, हालांकि जब उनसे पूछा गया कि क्या विधानसभा चुनाव नंदकुमारसिंह चौहान के नेतृत्व में ही भाजपा लड़ेगी, इस पर उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता के नेतृत्व में चुनाव लड़ती आई है और उन्हीं के नेतृत्व में विधानसभा चुनाव लड़ा जाएगा. उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ता मिलकर चुनाव लड़ेंगे. खुद के प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा को लेकर जब तोमर से सवाल किया तो उन्होंने कहा कि जो विषय नहीं है, उस पर चर्चा की जरुरत भी नहीं है. उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस के पास मुद्दा नहीं है, वह मुद्दा विहीन है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस देशभर में अब अप्रांसगिक हो चुकी है. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की सरकार ने किसानों के लिए बहुत कुछ किया है और आगे भी वह करती रहेगी. 
उल्लेखनीय है कि बीते दिनों से प्रदेश भाजपा में नेतृत्व बदलाव को लेकर अटकलें ंलगाई जा रही है. उसी के तहत नरेन्द्र सिंह तोमर को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा ने भी जोर पकड़ा है. इसी के चलते तोमर की सक्रियता भी प्रदेश में बढ़ी है. तोमर विधानसभा चुनाव को लेकर सक्रिय नजर आ रहे हैं. वे आज राजधानी में थे. इसके बाद मालवा अंचल के धार, मंदसौर और नीमच  भी जाएंगे. तोमर की इस सक्रियता और कार्यक्रमों में  शामिल होने को देख उनके नाम की चर्चा भी प्रदेश अध्यक्ष के लिए चली है.

मध्यप्रदेश के सभी शहरों में चलेगा हेलमेट चेकिंग अभियान

मध्यप्रदेश के सभी शहरों में एक अप्रैल से हेलमेट को लेकर विशेष चेकिंग अभियान प्रारंभ किया जाएगा. पुलिस मुख्यालय भोपाल से आदेश जारी कर दिए गए है. 1अप्रैल से 30 अप्रैल तक चलने वाले इस विशेष अभियान में वाहन नियमों का उल्लंघन करने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. 
गौरतलब है कि गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने पिछले दिनों सुरक्षा की दृष्टि से बिना हेलमेट वाले दुपहिया वाहन चालकों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर चालानी कार्यवाही करने के निर्देश दिए थे. आदेश में सुप्रीम कोर्ट कमेट आॅन सेफ्टी की समीक्षा बैठक का हवाला दिया गया है. नई दिल्ली में हुई उक्त बैठक में मप्र में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए दो पहिया और चार पहिया वाहन चालकों की चेकिंग करने वाले विशेष अभियान को लगातार चलाए जाने की बात कही गई थी.  बिना हेलमेट पहने दो पहिया वाहन चालकों, शराब पीकर दो पहिया-चार पहिया वाहन चालकों, वाहन का थर्ड पार्टी बीमा कराए बगैर वाहन चलाने वाले चालकों, यातायात संकेतो का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरूद्ध कार्रवाही की जाएगी.
सरकरी आंकड़ों में कमी
सरकारी आंकड़ों के अनुसार मध्यप्रदेश में सड़क दुर्घटना की संख्या, मृत्यु की संख्या और घायलों की संख्या में कमी आई है. साल 2018 के जनवरी-फरवरी माह में विगत वर्ष की समयावधि की तुलना में दुर्घटना की संख्या में 3.49 प्रतिशत कमी आई है. इसी दौरान मृत्यु की संख्या में भी 2.67 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है.

बालिका अपराध रोकने की जाएगी परिवार की काउंसलिंग

मध्यप्रदेश के होशंगाबाद संभाग में बालिकाआें के साथ होने वाले अपराधों की रोकथाम के लिए पालकों को जागरुक बनाया जाएगा. शासन ने यह फैसला लिया है कि इसके लिए परिवार वालों की काउंसलिंग की जाएगी. यह निर्देश होशंगबाद संभाग के संभागायुक्त उमाकांत उमराव ने दिए. 
 नर्मदापुरम संभाग कमिश्नर  उमाकांत उमराव ने किशोरियों एवं अबोध बालिकाओ के विरूद्ध होने वाले घृणित यौन अपराधों की रोक थाम एवं सुरक्षा के उपाय किए जाने एवं समुदाय स्तर से निगरानी तथा पालकों को जागरूक बनाने के उद्देश्य से उन परिवारों की काउंसलिंग करने के निर्देश दिए है जिनके घरों में ऐसी बालिकाएं है जिनकी मां का निधन हो गया है, जिनका भाई नहीं है या ऐसी बालिकाएं जिनके माता-पिता मजदूरी करने जाते है और बच्ची को घर में या आस पडोस में छोडकर जाते है. कमिश्नर ने बताया कि नर्मदापुरम संभाग के होशंगाबाद, हरदा एवं बैतूल जिले में सभी आंगनबाडी कार्यकर्ता, सहायिकाओं, रसोईयों एवं शौर्या दल के सदस्यों को प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे अपने-अपने क्षेत्र में ऐसे परिवारों का चिन्हांकन कर उनकी काउंसलिंग कर सकें. उमराव ने कहा कि बेटियों की सुरक्षा के प्रति जागरूकता लाने के लिए मास्टर ट्रेनर बनाए जाएंगे. महिला एवं बाल विकास विभाग डाक्टर, कर्मचारियों, शिक्षक, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों को मास्टर ट्रेनर बना सकेगे. यह मास्टर ट्रेनर आंगनबाडी कार्यकर्ता, सहायिका, आशा कार्यकर्ता को ट्रेनिंग देगे.
ट्रेनिंग लेने के बाद आंगनबाडी कार्यकर्ता एवं सहायिका ऐसे परिवार जिनके यहां 14 से 15 साल की बालिका हो और जिसके माता-पिता बाहर कार्य करने जाते हो उनके घरों के आसपास स्वयं जाकर देखेंगी कि बालिका ठीक से रह रही है कि नहीं. कमिश्नर ने बताया कि मास्टर ट्रेनर ब्लाक स्तर पर आंगनबाडी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता एवं आंगनबाडी सहायिका, शौर्या दल के सदस्य आदि को प्रशिक्षित करेगे. कमिश्नर ने सभी स्कूलों एवं महाविद्यालय मे कोमल नाम की लघु फिल्म दिखाने के निर्देश दिए. यह फिल्म गुड टच एवं बेड टच पर आधारित है और बालिकाओं को जागरूक करने वाली फिल्म है. उमराव ने संयुक्त संचालक महिला एवं बाल विकास श्री शिवकुमार शर्मा को निर्देशित किया कि वे जब परिवार की काउंसलिंग का कार्य कराएंगे तो अपनी बेटियों की सुरक्षा के लिए पालको को क्या करना है एवं क्या नहीं करना है के बारे में जागरूक करने का कार्य आंगनबाडी कार्यकर्ता के माध्यम से अनिवार्य रूप से करेगे.
प्रशिक्षित किया जाएगा आटो चालकों को 
कमिश्नर ने कहा कि आटो चालकों का प्रशिक्षण भी आयोजित किया जाएगा. पुलिस विभाग के सहयोग से सभी आटो चालकों को ट्रेनिंग दी जाएगी. आॅटो चालक अकसर अस्पताल, स्कूल, कालेज के पास, सार्वजनिक स्थानों एवं चौराहो पर आटो सवारी की प्रतिक्षा में खडे रहते है. छेडखनी की घटनाओ पर निगरानी रखने के लिए उनको प्रशिक्षित किया जाएगा. यदि आटो चालक छेडखानी की कोई घटना देखेगे तो वे तत्काल इसकी सूचना पुलिस को देगे. कमिश्नर ने कहा कि छेड़खानी की घटनाओं को रोकने के लिए विद्यालय, महाविद्यालय व कन्या छात्रावासों में पुलिस थाने, अनुविभागीय अधिकारी, जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी तथा चाइल्ड लाईन का नम्बर 1098 एवं महिला हेल्प लाईन 1091 के फोन नम्बर डिस्पले किये जाएगे.

छिंदवाड़ा जिले की बंद खदानें फिर शुरू होंगी

मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले की विष्णुपुरी और मोआरी की बंद खदानों में खनन फिर से शुरू किया जायेगा. यह आश्वासन केन्द्रीय कोयला मंत्री  पीयूष गोयल ने मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान को नई दिल्ली में इस संबंध की गई मुलाकात के दौरान दिया. केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि विष्णुपुरी और मोआरी खदानों का कार्य सुरक्षा की दृष्टि से बंद किया गया था जिसको कड़ी सुरक्षा के तय मानकों को ध्यान में रखकर पुन: शुरू किया जाएगा. इससे कोयला खदानों के अस्थायी कर्मचारियों और उनसे जुड़े परिवारों को लाभ होगा. इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्रीद्वय  नरेन्द्र सिंह तोमर और थावरचंद गहलोत मौजूद थे. 
मुख्यमंत्री ने बताया कि जमुनिया खदान, जिसको वर्ष 2015 में प्रारम्भ किया गया था, का कार्य ठीक से नहीं चल रहा है. चौहान ने कार्य को गति देने का आग्रह किया. मुख्यमंत्री ने धनकशा खदान, जिसका भूमि पूजन 2013 में हो चुका है, का कार्य शीघ्र प्रारंभ करने की भी मांग की. चौहान ने कहा कि कोयला खदानों से तीव्र गति से कार्य होने पर खदानों के अस्थायी कर्मचारी को बाहर स्थानांतरित नहीं किया जायेगा एवं खदानों से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े परिवारों को रोजगार की कमी नहीं आएगी.

चुनाव से अयोग्य घोषित करने बनें कानून

बाल संरक्षण आयोग की कार्यशाला में बनी सहमति
 मध्यप्रदेश बाल संरक्षण आयोग द्वारा बाल अधिकारों पर आयोजित कार्यशाला में यह सर्व-सम्मति बनी कि 6 से 14 साल तक उम्र के बच्चों को शिक्षा से वंचित रखने वालों को पंच से सांसद स्तर तक के चुनाव के लिए अयोग्य घोषित करने के संबंध में कानून बनाया जाना चाहिए.. मध्यप्रदेश बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ. राघवेन्द्र शर्मा द्वारा रखे गये इस प्रस्ताव का महिला-बाल विकास मंत्री  अर्चना चिटनिस तथा सहकारिता राज्य मंत्री विश्वास सारंग ने समर्थन किया. 
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में समन्वय भवन में आयोग द्वारा बाल अधिकारों पर राज्य-स्तरीय कार्यशाला में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष तथा सदस्य, किशोर न्याय बोर्ड के सदस्यों, विशेष किशोर पुलिस इकाई के प्रभारियों, बाल कल्याण अधिकारियों सहित बाल कल्याण के क्षेत्र में कार्यरत शासकीय-अशासकीय संस्थाओं के प्रतिनिधियों तथा मीडियाकर्मी उपस्थित थे. कार्यशाला में शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009, किशोर न्याय अधिनियम-2015, पास्को एक्ट के प्रावधानों तथा चाईल्ड फ्रेंडली पुलिस की अवधारणा पर जानकारी दी गई. 
कार्यशाला में एक दिन के लिए आयोग का अध्यक्ष बनने वाले जबलपुर के 11 वर्षीय बाल गायक  श्रेयांस बालमारे, बाल मित्र समाज के निर्माण में लगी भोपाल की बालिका कुमारी सोनिया प्रजापति और दुर्घटना में दोनों हाथ गँवाने के बावजूद राष्ट्रीय तैराकी प्रतियोगिताएँ जीतने वाला बालक अब्दुल कादिर इंदौरी भी उपस्थित था. महिला-बाल विकास मंत्री  चिटनिस ने प्रतिभागियों से कहा कि कार्यशाला का विषय समय के अनुरूप है. उन्होंने बाल आयोग द्वारा सीमित संसाधनों में व्यापक कार्य करने की प्रशंसा करते हुए कहा कि हमें भारतीय मूल्यों के अनुसार जीवन को समग्रता से समझना होगा. माता-पिता का परिवार और समाज में व्यवहार बच्चों को प्रभावित करता है. अत: माता-पिता की अपने आचरण के प्रति संवेदनशीलता आवश्यक है. 
राज्य मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि बच्चों की देखभाल माता-पिता का परम दायित्व है.  सारंग ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. अब्दुल कलाम से संबंधित संस्मरण सुनाते हुए कहा कि बच्चे ही परिवार, समाज और देश का भविष्य हैं. अत: बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिये किये जा रहे कार्य वास्तव में देश के बेहतर भविष्य के लिये किये जा रहे कार्य हैं. बाल आयोग के अध्यक्ष डॉ. राघवेन्द्र शर्मा ने आयोग की गतिविधियों की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि जीवन में संघर्ष कर आगे बढ़ने वाले ही रियल टाईम हीरो हैं. आयोग के वार्षिक प्रशासकीय प्रतिवेदन वर्ष 2017-18 तथा बाल मित्र समूह जबलपुर के लोगो का विमोचन भी किया गया. कार्यक्रम में आयोग के सचिव एन.पी. डहरिया, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्रीमती अनुराधा शंकर और वर्ल्ड विजन संस्था के  वर्गीस उपस्थित थे.

बुधवार, 28 मार्च 2018

यूनियन कार्बाइड परिसर में लगी आग, लोगों में दहसत


मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के यूनियन कार्बाइड में आग लग गई. आग यूनियन कार्बाइड परिसर में रखे रसायन के खाली पड़े ड्रम्स में लगी. इन ड्रम्स में खतरनाक केमिकल था लिहाजा आग की सूचना पर दमकल की 10 गाड़ियां मौके पर पहुंची. आग पर तुरंत काबू पाया गया.
यूनियन कार्बाइड में आग लगने की खबर जैसे ही लोगों को मिली वे घरों से बाहर आ गए.लोग यह जानने का प्रयास कर रहे थे कि आग ही है या फिर गैस का रिसाव हुआ है. लोगों के मन में भय दिखाई दे रहा था.बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में रखे केमिकल ड्रम में यह आग लगी थी. ड्रम में आग लगने के बाद आग काफी बड़े परिसर में फैल गई थी. लोगों की सूचना मिलने के बाद पहुंची दमकलों ने आग पर काबू पाया. 
उल्लेखनीय है कि 1984 में यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री से ही जहरीली गैस का रिसाव हुआ था और देश ने सबसे बड़ी औद्योगिक त्रासदी देखी थी. इसमें 15 हजार से ज्यादा लोगोंं की जानें गई थी और लाखों प्रभावित हुए थे. इस त्रासदी का असर आज भी देखा जा सकता है.  जानकारी के मुताबिक यूनियन कार्बाइड परिसर में रखे रसायन के खाली पड़े ड्रम्स में ये आग लगी. खास बात ये है कि आग बड़ी थी और ये वही कन्टेनर हैं जिनमें रसायन भरा था. यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो वही जहरीला रसायन हवा में जहर घोल देता. इस लिहाज से एक बड़ी घटना टल गई.

मध्यप्रदेश के किसानों समस्याएं बताई केन्द्रीय मंत्री को


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय मंत्री राधा मोहन सिंह से मुलाकात कर प्रदेश में बम्पर उत्पादन से उत्पन्न हुई स्थिति से अवगत कराया. इस अवसर पर केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री  नरेन्द्र सिंह तोमर तथा सामाजिक न्याय मंत्री  थावरचंद गेहलोत भी उपस्थित थे.
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में दलहन के उत्पादन को बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किये गये थे. इसके फलस्वरूप प्रदेश में दलहन का बम्पर उत्पादन हुआ है. बम्पर उत्पादन के कारण कृषि उत्पादों की कीमतों में भारी गिरावट आई है जिससे किसानों को उनकी फसल का वाजिब दाम नहीं मिल पा रहा है. राज्य शासन ने इस समस्या से निपटने के लिए भावांतर भुगतान योजना शुरू की है. योजना के माध्यम से किसानों को बाजार भाव और समर्थन मूल्य का अंतर उनके खातों में शासन द्वारा सीधे जमा कर दिया जाता है. श्री चौहान ने बताया कि इस योजना के तहत राज्य सरकार ने अभी तक 1700 करोड़ रुपए खर्च किये हैं. अभी तक केन्द्र सरकार द्वारा इस योजना का केन्द्रांश (50 प्रतिशत) नहीं मिल पाया है. मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने हाल ही में चना, मसूर और सरसों को मूल्य समर्थन नीति के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य पर लिये जाने का निर्णय लिया है जिससे कि किसानों को उनके उत्पाद का सही दाम मिल सके. 
मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय कृषि मंत्री से आग्रह किया कि चना, मसूर एवं सरसों का उर्पाजन न्यूनतम समर्थन मूल्य पर आगामी 10 अप्रैल से 31 मई तक नैफेड द्वारा किया जाये. साथ ही नैफेड की साख सीमा (क्रेडिट लिमिट) 19 हजार करोड़ से बढ़ाई जाये.  श्री चौहान ने प्रदेश की 257 कृषि उपज मंडियों के लिए केन्द्र सरकार द्वारा सर्वेयर नियुक्त करने का भी आग्रह किया. बम्पर उत्पादन को देखते हुए श्री चौहान ने कृषि मंत्री से प्रति कृषक एक दिन में विक्रय करने की सीमा 25 क्विंटल को समाप्त करने की भी मांग की. साथ ही उपार्जित मात्रा की 90 प्रतिशत राशि को तत्काल भुगतान करने का आग्रह किया. श्री चौहान ने उपार्जित चना, मसूर और सरसों के भंडारण के लिए 30 किलोमीटर की तय सीमा को बढ़ाकर 80 किलोमीटर की सीमा में वेयर हाउसिंग के गोदामों में भंडारण करने की अनुमति देने का आग्रह किया. 
 चौहान ने मध्यप्रदेश के धान को बासमती जी.आई.टैग न दिये जाने का भी विरोध जताया. उपस्थित केन्द्रीय मंत्री द्वय  नरेन्द्र तोमर और श्री थावर चंद गहलौत ने भी श्री चौहान का समर्थन करते हुए अपना विरोध दर्ज किया और कहा कि मध्यप्रदेश के 13 जिलों में उत्पादित चावल पिछले 108 वर्षों से बासमती के नाम से जाना जाता है. पूरे विश्व में इसकी पहचान है तथा आई.सी.ए.आर. को इस संबंध में पूरी रिपोर्ट दी जा चुकी है जिसमें राज्य की ओर से ऐतिहासिक तथ्यात्मक और तकनीकी बिन्दुओं के माध्यम से स्पष्ट किया गया है कि मध्यप्रदेश के इन 13 जिलों में पैदा किया हुआ चावल बासमती ही है.  मुख्यमंत्री चौहान  और केन्द्रीय मंत्री द्वय ने कृषि मंत्री  राधामोहन सिंह से आग्रह किया कि इस संबंध में वे शीघ्रताशिघ्र निर्णय लें और मध्यप्रदेश के किसानों के साथ न्याय करें. 

दुल्हे हेलीकाप्टर से ले गए दुल्हन

 मध्य प्रदेश के रतलाम में एक निकाह ऐसा हुआ जहां दो दूल्हे हेलीकॉप्टर में सवार होकर आए और निकाह के बाद हेलिकॉप्टर से ही अपनी-अपनी दुल्हनों को लेकर विदा हुए.   दरअसल, राजस्थान के झालावाड़ जिले के सुकेत के माइंस कारोबारी आरिफ खान के दो बेटे आदिल और आसिफ खान का निकाह जावरा में अलग-अलग परिवार में हुआ. इनमें से एक लड़की तो अपने परिवार के साथ झुग्गी में रहती थी. दोनों भाई अपनी दुल्हन को लेने के लिए हेलीकॉप्टर से आए. दूल्हे के अलावा पूरी बारात कार व अन्य वाहनों से जावरा पहुंची थी.  हेलीकॉप्टर ग्राम भैसाना में बनाए गए हेलीपैड पर उतारा गया. पहली बार दूल्हे के हेलीकॉप्टर से आने की चर्चा पूरे शहर में रही. एक का दोपहर में तो दूसरे का रात में निकाह कबूल हुआ. मंगलवार को बारात की बिदाई के साथ-साथ दुल्हन की बिदाई भी हुई. दोनों को विदा करने उनके परिजन बड़ी संख्या में हेलीपेड पर पहुंचे. यहां साथ आए परिजनों ने दूल्हा-दुल्हनों को आशीर्वाद देकर विदा किया. दोनों दूूल्हों का कहना है कि उनके पिता की इच्छा थी कि उनके बेटों की बारात हेलीकॉप्टर से लेकर जाऊं. पिता की इच्छा के लिए दोनों दूल्हे हेलीकॉप्टर से जावरा आए और दुल्हनों को हेलीकॉप्टर से लेकर विदा हुए. वहीं दुल्हन के घर वालों ने अपनी बेटी को भाग्यवान बताया कि वह अपने पिया  घर हेलीकॉप्टर से विदा हुई है.

बंद पड़ी कोयला खदानों को शुरू की जाएं

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय कोयला एवं रेल मंत्री  पीयूष गोयल से मुलाकात कर प्रदेश में बंद पड़ी कोयला खदानों को शुरू करने का अनुरोध किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2015 में प्रारम्भ की गयी जमुनिया खदान का काम शुरू नहीं होने से कोयले का उत्पादन नहीं हो रहा है. साथ ही धनकशा खदान, जिसका भूमि-पूजन वर्ष 2013 में हो चुका है का भी कार्य बंद पड़ा है . उन्होंने आग्रह किया कि इन दोनों खदानों के कार्य शीघ्र ही प्रारम्भ करवाये जायें. इन खदानों पर तेजी से कार्य होने पर कोयला खदानों के अस्थायी कर्मचारियों और उनसे जुड़े परिवारों को लाभ होगा. इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री द्वारा  नरेन्द्रसिंह तोमर और थावरचंद गहलोत भी मौजूद थे.मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के छिन्दवाड़ा क्षेत्र की विष्णुपुरी और मोआरी खदानों को केन्द्र सरकार द्वारा बंद करने निर्णय और कुछ खदानों को पूर्व में बंद किये जाने से लगभग तीन हजार स्थायी कर्मचारियों को अन्यंत्र स्थानांतरित किये जाने की सम्भावना है. आदिवासी बहुल उन्होंने कहा है कि ऐसा होने से पिछड़े क्षेत्र की अर्थ-व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है.

जबरिया प्रोफेशनल टैक्स वसूल रही है सरकार


नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने ही प्रधानमंत्री और केंद्रीय वित्त मंत्री के एक देश एक टैक्स की भावना के विरूद्ध मध्यप्रदेश में छोटे व्यापारियों से जीएसटी के अलावा गैरकानूनी तरीके से 2500 प्रोफेशनल टैक्स भी वसूल रही है. सोने पे सुहागा यह है कि पूरे देश में मध्यप्रदेश ही एकमात्र राज्य है जो यह जबरिया कर वसूल रहा है साथ ही व्यापारियों को धमकाया भी जा रहा है. नेता प्रतिपक्ष ने तत्काल सरकार से यह टैक्स वापस लेने और सेल्सटैक्स विभाग को निर्देशित करने को कहा है कि व्यापारियों को न धमकाएं.
नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि भाजपा अपने को व्यापारियों को हितैषी बताकर उनका शोषण करती रही है फिर उनसे यह जबरिया कर जो की पूरी तरह गैर कानूनी है क्यों वसूला जा रहा है?  सिंह ने कहा कि सिर्फ मध्यप्रदेश भारत का एकमात्र प्रदेश है जहां जीएसटी लागू होने के बाद भी पूरे प्रदेश के छोटे-छोटे व्यापारियों से प्रोफेशनल टैक्स 2500 रूपए जबरन वसूला जा रहा है. सेल्सटैक्स विभाग से सभी व्यापारियों को फोन करके 2500 रूपए 31 मार्च से पहले जमा करने को कहा जा रहा है और धमकी दी जा रही है कि यदि आप यह रकम नहीं जमा करते हैं तो आपके ऊपर सख्त कार्यवाही की जाएगी. सिंह ने कहा कि जब जीएसटी को लागू किया गया था तब प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा था कि एक देश में एक टैक्स होना चाहिए, फिर क्या कारण है कि पूरे देश में सिर्फ मध्यप्रदेश में ही यह अलग से टैक्स वसूला जा रहा है.
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जब मध्यप्रदेश में वेट टैक्स लगता था तब 10 लाख रूपए सालाना टर्न ओवर वालों को प्रोफेशनल टैक्स में छूट थी, पर अब चाहे 1 लाख का या 100 लाख के टर्न ओवर हो सभी को 2500 रूपए का टैक्स लगाया जा रहा है. जीएसटी लागू होने के बाद भी मध्यप्रदेश सरकार द्वारा दोहरा टैक्स लगाकर व्यापारियों को परेशान किया जा रहा है. नेता प्रतिपक्ष श्री सिंह ने कहा कि अगर मध्यप्रदेश सरकार ने छोटे व्यापारियों से टैक्स वसूलना बंद नहीं किया तो वे इस कर को वापस करवाने को लेकर कांग्रेस पार्टी, व्यापारियों के साथ प्रधानमंत्री से मिलेंगे. 

विश्व स्वास्थ्य दिवस पर होंगे 3 एच आधारित कार्यक्रम

स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत 'स्वच्छता से सिद्धी' पखवाड़ा पूरे प्रदेश में एक से 15 अप्रैल  तक मनाया जायेगा. इसमें सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थाओं में सफाई अभियान चलाया जायेगा. प्रदेश में स्वच्छता पखवाड़ा पिछले दो सालों से मनाया जा रहा है. मध्यप्रदेश में पिछले वर्ष पखवाड़े में देश में सर्वोत्तम काम किया गया था.
उप संचालक डॉ. पंकज शुक्ला ने बताया कि स्वच्छता पखवाड़ा सस्था और समुदाय स्तर पर मनाया जायेगा. संस्था स्तर पर चिकित्सक, स्टाफ नर्स, डी.पी.एम.यू.यूनिट, आर.के.एस. सदस्य, एनजीओ और एच.एस.एन.सी. के सदस्यों को शामिल किया जायेगा. समुदाय स्तर पर वी.एच.एस.एन.सी. सदस्य आशा, आशा फेसिलिटेटर, ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजमेंट यूनिट आदि होंगे.
पखवाड़े के दौरान एक अप्रैल को 11 बजे स्वच्छता शपथ दिलाई जायेगी. स्थानीय जन-प्रतिनिधि और कलेक्टरों की अगुवाई में होने वाले शुभारंभ कार्यक्रम में लोगों को स्वच्छता के लाभों के बारे में जानकारी दी जायेगी. जिला स्तर पर स्वास्थ्य विभाग के साथ स्वच्छ भारत मिशन की समन्वय बैठक होगी.
2 से 9 अप्रैल के बीच स्वच्छता रैली, नुक्कड़ नाटक, श्रमदान के माध्यम से शहर एवं गांव में स्वच्छता का संदेश, सभी चिकित्सालयों की अस्पताल और स्थानीय लोगों के सहयोग से सघन साफ-सफाई और निरंतर स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी.  विश्व स्वास्थ्य दिवस 7 अप्रैल को सभी चिकित्सालयों और स्वास्थ्य संस्थाओं में 3 एच- हैल्दी एटीट्यूड, हैल्दी हैबिट्स और हैल्दी लाइफ स्टाईल थीम पर आधारित कार्यक्रम होंगे. 10 अप्रैल को स्वच्छता की मॉनिटरिंग के लिये गठित टीम कार्य के दौरान आई हुई चुनौतियों और अच्छे कार्यों का फीडबैक लेगी. 11 से 14 अप्रैल तक संस्था स्तर पर स्वास्थ्य संस्थाओं की स्वच्छता आॅडिट, अस्पताल के कर्मचारियों की स्वच्छता आधारित पेटिंग, रांगोली, कायाकल्प क्विज प्रतियोगिता, कर्मचारियों का प्रशिक्षण, शालाओं का भ्रमण और स्वास्थ्य एवं रक्त शिवरों का आयोजन होगा.
इसी दौरान समुदाय स्तर पर आशा द्वारा ग्राम स्तर पर स्वच्छता ही सेवा अभियान चलाया जायेगा. इसमें ग्रामीणों को स्वच्छता, व्यक्तिगत साफ-सफाई, शौचालय का उपयोग, हाथ धोने का सही तरीका, मौसमी बीमारियों से बचाव आदि की जानकारी दी जाएगी. इसके अलावा स्वास्थ्य संस्थाओं की स्वच्छता आॅडिट, अस्पताल के कर्मचारियों के लिए स्वच्छता संबंधित पेंटिंग, रांगोली, कायकल्प क्वीज और प्रशिक्षण के साथ शालाओं का भ्रमण करवाया जायेगा. अंतिम दिन 15 अप्रैल को ग्रामसभा और ग्राम बैठक में संस्थाओं को गोद लेने की कार्यवाही होगी.

कड़कनाथ मुर्गा अब आॅनलाइन उपलब्ध

कड़कनाथ एप का लोकार्पण  
सहकारिता राज्य मंत्री  विश्वास सारंग ने आज निवास कार्यालय पर 'मध्यप्रदेश कड़कनाथ एप'' का लोकार्पण किया. इस अवसर पर प्रमुख सचिव सहकारिता  के.सी. गुप्ता, आयुक्त सहकारिता रेणु पंत, अधिकारी और नागरिक मौजूद थे. 
राज्य मंत्री ने कहा कि सहकारिता विभाग द्वारा नये कार्यक्रम शुरू किये गये हैं. सहकारिता से अंत्योदय योजना में सहकारी समितियों का गठन कर रोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किये गये हैं. इसी कड़ी में कड़कनाथ मुर्गा-पालन और विक्रय से जुड़ी सहकारी समितियों के लिये 'मध्यप्रदेश कड़कनाथ मोबाइल एप'' तैयार कर आज से शुरू किया जा रहा है. सहकारी समितियों के माध्यम से व्यक्तियों को स्थानीय परिवेश और उपलब्धताओं को ध्यान में रख उत्पादन से जोड़ा जा रहा है. व्यक्तियों को सहकारी समितियों से जोड़कर उन्हें रोजगार के लिये जरूरी तकनीकी मार्गदर्शन और पूँजी की व्यवस्था भी करवाई जा रही है.  राज्य मंत्री सारंग ने कहा कि उपभोक्ता और व्यापारी एप के माध्यम से समितियों तक पहुँच सकते हैं. एप द्वारा समितियों को एक ऐसा प्लेटफार्म उपलब्ध करवाया जा रहा है, जो उन्हें आधुनिक बाजार की सुविधा देगा. एप में उपलब्ध मेन्यु में सीधे क्लिक करने पर समिति का ई-मेल, फोन और उत्पादन की जानकारी प्राप्त की जा सकती है. माँग और पूछताछ का आॅप्शन भी दिया गया है. सबमिट बटन पर क्लिक करने से सीधे संस्था को ई-मेल करने की सुविधा है. एप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है. 
सारंग ने कहा कि कड़कनाथ प्रजाति का मुर्गा अन्य प्रजातियों के मुर्गों से बेहतर होता है. इसमें प्रोटीन की मात्रा अधिक और फेट की मात्रा न के बराबर पायी जाती है. उन्होंने बताया कि विटामिन-बी-1, बी-2, बी-6, बी-12, सी, ई, नियासिन, केल्शियम, फास्फोरस और हीमोग्लोबिन से भरपूर होता है. यह अन्य मुर्गों की तुलना में लाभकारी है. इसका रक्त, हड्डियाँ और सम्पूर्ण शरीर काला होता है. यह दुनिया में केवल मध्यप्रदेश के झाबुआ और अलीराजपुर में पाया जाता है. 
 सारंग ने बताया कि झाबुआ, अलीराजपुर और देवास जिले में कड़कनाथ मुर्गा-पालन की 21 सहकारी समितियों का पंजीयन हुआ है. इनमें 430 सदस्य हैं. एप में इनकी पूरी जानकारी है. चार समितियों द्वारा व्यवसाय शुरू कर दिया गया है. शेष समितियाँ व्यवसाय शुरू करने की प्रक्रिया में हैं. कड़कनाथ एप के माध्यम से कोई भी व्यक्ति इन समितियों के पास उपलब्ध कड़कनाथ मुर्गा खरीदने के लिये आॅनलाइन डिमाण्ड कर सकता है. भविष्य में आॅनलाइन आर्डर के साथ होम डिलीवरी की भी सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी.