गुरुवार, 29 मार्च 2018

बालिका अपराध रोकने की जाएगी परिवार की काउंसलिंग

मध्यप्रदेश के होशंगाबाद संभाग में बालिकाआें के साथ होने वाले अपराधों की रोकथाम के लिए पालकों को जागरुक बनाया जाएगा. शासन ने यह फैसला लिया है कि इसके लिए परिवार वालों की काउंसलिंग की जाएगी. यह निर्देश होशंगबाद संभाग के संभागायुक्त उमाकांत उमराव ने दिए. 
 नर्मदापुरम संभाग कमिश्नर  उमाकांत उमराव ने किशोरियों एवं अबोध बालिकाओ के विरूद्ध होने वाले घृणित यौन अपराधों की रोक थाम एवं सुरक्षा के उपाय किए जाने एवं समुदाय स्तर से निगरानी तथा पालकों को जागरूक बनाने के उद्देश्य से उन परिवारों की काउंसलिंग करने के निर्देश दिए है जिनके घरों में ऐसी बालिकाएं है जिनकी मां का निधन हो गया है, जिनका भाई नहीं है या ऐसी बालिकाएं जिनके माता-पिता मजदूरी करने जाते है और बच्ची को घर में या आस पडोस में छोडकर जाते है. कमिश्नर ने बताया कि नर्मदापुरम संभाग के होशंगाबाद, हरदा एवं बैतूल जिले में सभी आंगनबाडी कार्यकर्ता, सहायिकाओं, रसोईयों एवं शौर्या दल के सदस्यों को प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे अपने-अपने क्षेत्र में ऐसे परिवारों का चिन्हांकन कर उनकी काउंसलिंग कर सकें. उमराव ने कहा कि बेटियों की सुरक्षा के प्रति जागरूकता लाने के लिए मास्टर ट्रेनर बनाए जाएंगे. महिला एवं बाल विकास विभाग डाक्टर, कर्मचारियों, शिक्षक, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों को मास्टर ट्रेनर बना सकेगे. यह मास्टर ट्रेनर आंगनबाडी कार्यकर्ता, सहायिका, आशा कार्यकर्ता को ट्रेनिंग देगे.
ट्रेनिंग लेने के बाद आंगनबाडी कार्यकर्ता एवं सहायिका ऐसे परिवार जिनके यहां 14 से 15 साल की बालिका हो और जिसके माता-पिता बाहर कार्य करने जाते हो उनके घरों के आसपास स्वयं जाकर देखेंगी कि बालिका ठीक से रह रही है कि नहीं. कमिश्नर ने बताया कि मास्टर ट्रेनर ब्लाक स्तर पर आंगनबाडी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता एवं आंगनबाडी सहायिका, शौर्या दल के सदस्य आदि को प्रशिक्षित करेगे. कमिश्नर ने सभी स्कूलों एवं महाविद्यालय मे कोमल नाम की लघु फिल्म दिखाने के निर्देश दिए. यह फिल्म गुड टच एवं बेड टच पर आधारित है और बालिकाओं को जागरूक करने वाली फिल्म है. उमराव ने संयुक्त संचालक महिला एवं बाल विकास श्री शिवकुमार शर्मा को निर्देशित किया कि वे जब परिवार की काउंसलिंग का कार्य कराएंगे तो अपनी बेटियों की सुरक्षा के लिए पालको को क्या करना है एवं क्या नहीं करना है के बारे में जागरूक करने का कार्य आंगनबाडी कार्यकर्ता के माध्यम से अनिवार्य रूप से करेगे.
प्रशिक्षित किया जाएगा आटो चालकों को 
कमिश्नर ने कहा कि आटो चालकों का प्रशिक्षण भी आयोजित किया जाएगा. पुलिस विभाग के सहयोग से सभी आटो चालकों को ट्रेनिंग दी जाएगी. आॅटो चालक अकसर अस्पताल, स्कूल, कालेज के पास, सार्वजनिक स्थानों एवं चौराहो पर आटो सवारी की प्रतिक्षा में खडे रहते है. छेडखनी की घटनाओ पर निगरानी रखने के लिए उनको प्रशिक्षित किया जाएगा. यदि आटो चालक छेडखानी की कोई घटना देखेगे तो वे तत्काल इसकी सूचना पुलिस को देगे. कमिश्नर ने कहा कि छेड़खानी की घटनाओं को रोकने के लिए विद्यालय, महाविद्यालय व कन्या छात्रावासों में पुलिस थाने, अनुविभागीय अधिकारी, जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी तथा चाइल्ड लाईन का नम्बर 1098 एवं महिला हेल्प लाईन 1091 के फोन नम्बर डिस्पले किये जाएगे.

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