मध्यप्रदेश समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गौरी यादव ने एक बार फिर कहा कि प्रदेश में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए बसपा से गठबंधन करने को सपा तैयार है. उन्होंने कहा कि प्रदेश सपा द्वारा इस तरह का प्रस्ताव पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व को भेज दिया है. जहां पर बसपा के राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ चर्चा के बाद आधिकारिक रूप से घोषणा की जाएगी.
सपा के प्रदेश अध्यक्ष इन दिनों रीवा प्रवास पर हैं. यहां पर यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी संगठनात्मक रूप से मजबूत है. प्रदेश के सभी विधानसभा सीटों पर संगठन तैयार है, यदि किसी कारणवश गठबंधन नहीं हुआ तो समाजवादी पार्टी प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी उतारेगी. यादव ने कहा कि बसपा और सपा के गठबंधन के साथ कांग्रेस भी यदि शामिल होती है तो बड़ी शक्ति के रूप में मोर्चा सामने आएगा. उन्होंने कहा कि भाजपा के कुशासन को हटाने के लिए समान विचारधारा वाले किसी भी दल के साथ वह समझौते के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के प्रदेश और राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से अब तक कोई प्रस्ताव नहीं आया है.
बसपा और सपा का यदि किसी कारणवश गठबंधन नहीं हुआ तो 50 सीटों पर पार्टी अपने प्रत्याशियों की घोषणां पहले कर देगी. यादव ने कहा है कि 50 प्रत्याशियों की सूची राष्ट्रीय नेतृत्व को पहले ही सौंप दी है. जल्द ही उनकी घोषणां कर दी जाएगी. यह भी कहा है कि दूसरे दलों से आने वाले नेताओं की तुलना में पार्टी के कार्यकतार्ओं को अधिक महत्व दिया जाएगा. अधिकांश सीटों पर पुराने कार्यकर्ता चुनाव लड़ेंगे. सपा अध्यक्ष का यह भी दावा है कि भाजपा और कांग्रेस के कई पूर्व विधायक उनके संपर्क में हैं और पार्टी में काम करना चाहते हैं.
सपा के प्रदेश अध्यक्ष इन दिनों रीवा प्रवास पर हैं. यहां पर यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी संगठनात्मक रूप से मजबूत है. प्रदेश के सभी विधानसभा सीटों पर संगठन तैयार है, यदि किसी कारणवश गठबंधन नहीं हुआ तो समाजवादी पार्टी प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी उतारेगी. यादव ने कहा कि बसपा और सपा के गठबंधन के साथ कांग्रेस भी यदि शामिल होती है तो बड़ी शक्ति के रूप में मोर्चा सामने आएगा. उन्होंने कहा कि भाजपा के कुशासन को हटाने के लिए समान विचारधारा वाले किसी भी दल के साथ वह समझौते के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के प्रदेश और राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से अब तक कोई प्रस्ताव नहीं आया है.
बसपा और सपा का यदि किसी कारणवश गठबंधन नहीं हुआ तो 50 सीटों पर पार्टी अपने प्रत्याशियों की घोषणां पहले कर देगी. यादव ने कहा है कि 50 प्रत्याशियों की सूची राष्ट्रीय नेतृत्व को पहले ही सौंप दी है. जल्द ही उनकी घोषणां कर दी जाएगी. यह भी कहा है कि दूसरे दलों से आने वाले नेताओं की तुलना में पार्टी के कार्यकतार्ओं को अधिक महत्व दिया जाएगा. अधिकांश सीटों पर पुराने कार्यकर्ता चुनाव लड़ेंगे. सपा अध्यक्ष का यह भी दावा है कि भाजपा और कांग्रेस के कई पूर्व विधायक उनके संपर्क में हैं और पार्टी में काम करना चाहते हैं.

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