मध्यप्रदेश महिला आयोग अब नवाचार के माध्यम से लड़कियों और महिलाओं को जागरुक करेगा. प्रदेशभर में आयोग नृत्य नाटिका के जरिए लड़कियों और महिलाओं के खिलाफ होने वाले शोषण को लेकर जागरुता लाई जाएगी.
महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हो रहे अपराधों और शोषण के खिलाफ को जागरूक करने के लिए राज्य महिला आयोग प्रदेश भर के प्रत्येक जिले में नवाचार करने जा रहा है. आयोग नृत्य नाटिका और अन्य मनोरंजक प्रयासों के जरिए लोगों को जागरुक करेगा. आयोग की ओर से ब्लॉक और जिला स्तर पर गठित समितियां भी अपना योगदान देंगी. आयोग महिला सशक्तिकरण को लेकर कई कार्यक्रम आयोजित करने जा रहा है.इसमें हर जिले में जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे. बताया जाता है कि नृत्य नाटिका की थीम मां पर आधारित होगी. इसमें महिलाओं को उनके खिलाफ होने वाले अपराधों से सावधान रहने के लिए तैयार किया जाएगा. उन्हें नुक्कड़ नाटक के साथ विशेषज्ञों द्वारा जीवन जीने की कला के बारे में भी बताया जाएगा.
आयोग का प्रयास है कि महिलाएं अपने दैनिक जीवन में होने वाले अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठा सके। आयोग का कहना है कि इसके लिए एक मसौदा तैयार कर लिया जाएगा. इसके लिए कलाकार मधुमिता नकवी हर जिले से टीम का चयन कर रही हैं, जिसमें 20 महिलाओं की टीम होगी. हर महीने एक जिले में नृत्य नाटिका का आयोजन किया जाएगा. महिला आयोग ने कई नामों से समितियां बनाई है. ब्लॉक और जिला स्तर पर गठित महिला आयोग की समितियां सिर्फ महिलाओं की समस्याएं ही नहीं सुनेंगी, बल्कि अब उनके अधिकारों के संरक्षण के प्रति जागरूक भी करेंगी. समितियां भी ब्लॉक स्तर पर नृत्य नाटिका तैयार करेंगी. इनमें मुक्ति समिति, करूणा समिति, दिव्या समिति, सलाहकार समिति, सखी, सखी-संगिनी और आनंद समिति शामिल हैं. ब्लॉक स्तर पर सखी-संगिनी समिति महिलाओं की शिकायत सुनने के अलावा जागरूकता कार्यक्रम भी चलाएंगी. जिससे महिलाओं व लड़कियों को जागरूक किया जा सके.
समिति भी नृत्य नाटिका के लिए टीम तैयार करेगी और प्रस्तुति की जिम्मेदारी भी उनकी होगी. इसके लिए अपने-अपने ब्लॉक में समितियां नृत्य नाटिका ज्वलंत समस्याओं पर आयोजित करेगी. इससे पहले समिति ट्रू पैरेंटिंग पर अभिभावकों को प्रशिक्षण दे रही थी.
महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हो रहे अपराधों और शोषण के खिलाफ को जागरूक करने के लिए राज्य महिला आयोग प्रदेश भर के प्रत्येक जिले में नवाचार करने जा रहा है. आयोग नृत्य नाटिका और अन्य मनोरंजक प्रयासों के जरिए लोगों को जागरुक करेगा. आयोग की ओर से ब्लॉक और जिला स्तर पर गठित समितियां भी अपना योगदान देंगी. आयोग महिला सशक्तिकरण को लेकर कई कार्यक्रम आयोजित करने जा रहा है.इसमें हर जिले में जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे. बताया जाता है कि नृत्य नाटिका की थीम मां पर आधारित होगी. इसमें महिलाओं को उनके खिलाफ होने वाले अपराधों से सावधान रहने के लिए तैयार किया जाएगा. उन्हें नुक्कड़ नाटक के साथ विशेषज्ञों द्वारा जीवन जीने की कला के बारे में भी बताया जाएगा.
आयोग का प्रयास है कि महिलाएं अपने दैनिक जीवन में होने वाले अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठा सके। आयोग का कहना है कि इसके लिए एक मसौदा तैयार कर लिया जाएगा. इसके लिए कलाकार मधुमिता नकवी हर जिले से टीम का चयन कर रही हैं, जिसमें 20 महिलाओं की टीम होगी. हर महीने एक जिले में नृत्य नाटिका का आयोजन किया जाएगा. महिला आयोग ने कई नामों से समितियां बनाई है. ब्लॉक और जिला स्तर पर गठित महिला आयोग की समितियां सिर्फ महिलाओं की समस्याएं ही नहीं सुनेंगी, बल्कि अब उनके अधिकारों के संरक्षण के प्रति जागरूक भी करेंगी. समितियां भी ब्लॉक स्तर पर नृत्य नाटिका तैयार करेंगी. इनमें मुक्ति समिति, करूणा समिति, दिव्या समिति, सलाहकार समिति, सखी, सखी-संगिनी और आनंद समिति शामिल हैं. ब्लॉक स्तर पर सखी-संगिनी समिति महिलाओं की शिकायत सुनने के अलावा जागरूकता कार्यक्रम भी चलाएंगी. जिससे महिलाओं व लड़कियों को जागरूक किया जा सके.
समिति भी नृत्य नाटिका के लिए टीम तैयार करेगी और प्रस्तुति की जिम्मेदारी भी उनकी होगी. इसके लिए अपने-अपने ब्लॉक में समितियां नृत्य नाटिका ज्वलंत समस्याओं पर आयोजित करेगी. इससे पहले समिति ट्रू पैरेंटिंग पर अभिभावकों को प्रशिक्षण दे रही थी.

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