मध्य्रप्रदेश की ग्रामीण बसाहटों में अगले वित्तीय वर्ष 2018-19 के दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम पर 273 करोड़ 82 लाख रुपए की विभिन्न जल प्रदाय योजनाओं का क्रियान्वयन होगा. इस राशि में 140 करोड़ रुपए केन्द्रांश और 133 करोड़ 62 लाख रुपए राज्यांश का प्रावधान रहेगा.
इसके अलावा, मध्यप्रदेश सरकार ने भी सुचारू पेयजल व्यवस्था के लिए 534 करोड़ 73 लाख रुपए का प्रावधान अगले वित्तीय वर्ष के बजट में किया है. मध्यप्रदेश जल निगम के लिए 1395 करोड़ रुपए का प्रावधान उपलब्ध करवाया गया है. प्रदेश की ग्रामीण बसाहटों में पेयजल प्रदाय का स्तर निर्धारित है. हैण्डपम्प योजनाओं से 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रति दिन और नल जल योजनाओं से 70 लीटर प्रति व्यक्ति प्रति दिन निर्धारित है. पेयजल स्तर की निर्धारित मात्रा को बढ़ाने के प्रयास किये जा रहे हैं. प्रदेश की अधिकांश ग्रामीण जल प्रदाय योजनाएं भू-गर्भीय जल स्त्रोतों, मुख्यत: नलकूपों पर आधारित हैं. वर्तमान में अधिकाधिक मात्रा में नलजल योजनाओं का क्रियान्वयन कर घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से ग्रामीण आबादी को पेयजल उपलब्ध करवाने के कार्य को प्राथमिकता दी जा रही है.
इसके अलावा, मध्यप्रदेश सरकार ने भी सुचारू पेयजल व्यवस्था के लिए 534 करोड़ 73 लाख रुपए का प्रावधान अगले वित्तीय वर्ष के बजट में किया है. मध्यप्रदेश जल निगम के लिए 1395 करोड़ रुपए का प्रावधान उपलब्ध करवाया गया है. प्रदेश की ग्रामीण बसाहटों में पेयजल प्रदाय का स्तर निर्धारित है. हैण्डपम्प योजनाओं से 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रति दिन और नल जल योजनाओं से 70 लीटर प्रति व्यक्ति प्रति दिन निर्धारित है. पेयजल स्तर की निर्धारित मात्रा को बढ़ाने के प्रयास किये जा रहे हैं. प्रदेश की अधिकांश ग्रामीण जल प्रदाय योजनाएं भू-गर्भीय जल स्त्रोतों, मुख्यत: नलकूपों पर आधारित हैं. वर्तमान में अधिकाधिक मात्रा में नलजल योजनाओं का क्रियान्वयन कर घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से ग्रामीण आबादी को पेयजल उपलब्ध करवाने के कार्य को प्राथमिकता दी जा रही है.
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