मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कांग्रेस शासन पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में किसानों को राहत के नाम पर ऊंट के मुंह में जीरे के समान राशि मिलती थी. मगर भाजपा की सरकार ने यह राशि को बढ़ाई है. हम किसान के नुकसान की पूरी भरपाई करेगी.
चौहान ने यह बात आज अपने निवास पर भाजपा के किसान मोर्चा के पदाधिकारियों से की मुलाकात के दौरान कही. किसान मोर्चा और संगठनों के पदाधिकारी आज उनसे मुख्यमंत्री निवास पहुंचे थे. ये पदाधिकारी भाजपा द्वारा निकाली जाने वाले किसान सम्मान यात्रा के संदर्भ में मुलाकात करने गए थे. मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के समय ओला, पाला प्रभावित किसानों को दिया जाने वाला मुआवजा ऊंट के मुंह में जीरा के समान थी, लेकिन हमारी सरकार ने किसानों का जितना नुकसान हुआ, उसकी भरपाई की. मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 अप्रैल किसानों के लिए उत्सव का दिन होगा, जब किसानों के खाते में 2650 करोड़ रुपए जाएंगे. इससे वह ब्याज मुक्त हो जाएंगे. किसान अन्नादाता है और हमने अन्नदाता सुखी रहे, इसके लिए हर उपाय किए हैं. फसलों में समर्थन मूल्य बढ़ाया, भावांतर योजना से किसानों को लाभ दिया, ऋणी किसानों की ब्याज माफ की गई.
भारतीय जनता किसान मोर्चा द्वारा 1 से 15 अप्रैल तक प्रदेश में चलाई जाने वाले किसान सम्मान यात्रा के गीत का लोकार्पण भी मुख्यमंत्री द्वारा कराया गया. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अपनी जिंदगी तो जनता के लिए है. किसान हमारे अन्नदाता हैं. किसानों के परिश्रम और सरकार के सहयोग, नीति और कार्यक्रमों के कारण सरकार को 5 वीं बार मध्यप्रदेश को कृषि कर्मण पुरस्कार मिला है. उन्होंने कहा कि 1-1 एकड़ में 5-5 लाख रुपया कमाने वाले भी किसान मध्यप्रदेश में हैं. प्रगतिशील किसान खेती को अलग ढंग से करते हैं, वे हमारी प्रेरणा हैं. प्रगतिशील किसानों से दूसरे किसान भाई भी सीखें. इन्हें ही ब्रांड एंबेसडर बनाकर कृषि महोत्सव में बुलाएंगे और कहेंगे कि आप बताओ, क्या करना है, कैसे करना है. किसानों का जितना नुकसान, उतनी भरपाई हम करेंगे. यह भाजपा की सरकार है, जिसने तय किया है कि समर्थन मूल्य तो मिलेगा ही, लेकिन मुख्यमंत्री कृषि समृद्धि योजना के अंतर्गत पसीने की कीमत अलग से और मिल जाएगी. सरकार गेहूं 1735 रुपए में खरीद रही है और 265 रुपए प्रति क्विंटल अलग से उनके खाते में डाल दिया जाएगा. शरबती गेहूं पैदा करने वाले किसानों को भी अलग से 265 रुपया अलग से दिया जाएगा, चाहे वे गेहूं 2 हजार रुपए क्विंटल बेचें.
चौहान ने यह बात आज अपने निवास पर भाजपा के किसान मोर्चा के पदाधिकारियों से की मुलाकात के दौरान कही. किसान मोर्चा और संगठनों के पदाधिकारी आज उनसे मुख्यमंत्री निवास पहुंचे थे. ये पदाधिकारी भाजपा द्वारा निकाली जाने वाले किसान सम्मान यात्रा के संदर्भ में मुलाकात करने गए थे. मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के समय ओला, पाला प्रभावित किसानों को दिया जाने वाला मुआवजा ऊंट के मुंह में जीरा के समान थी, लेकिन हमारी सरकार ने किसानों का जितना नुकसान हुआ, उसकी भरपाई की. मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 अप्रैल किसानों के लिए उत्सव का दिन होगा, जब किसानों के खाते में 2650 करोड़ रुपए जाएंगे. इससे वह ब्याज मुक्त हो जाएंगे. किसान अन्नादाता है और हमने अन्नदाता सुखी रहे, इसके लिए हर उपाय किए हैं. फसलों में समर्थन मूल्य बढ़ाया, भावांतर योजना से किसानों को लाभ दिया, ऋणी किसानों की ब्याज माफ की गई.
भारतीय जनता किसान मोर्चा द्वारा 1 से 15 अप्रैल तक प्रदेश में चलाई जाने वाले किसान सम्मान यात्रा के गीत का लोकार्पण भी मुख्यमंत्री द्वारा कराया गया. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अपनी जिंदगी तो जनता के लिए है. किसान हमारे अन्नदाता हैं. किसानों के परिश्रम और सरकार के सहयोग, नीति और कार्यक्रमों के कारण सरकार को 5 वीं बार मध्यप्रदेश को कृषि कर्मण पुरस्कार मिला है. उन्होंने कहा कि 1-1 एकड़ में 5-5 लाख रुपया कमाने वाले भी किसान मध्यप्रदेश में हैं. प्रगतिशील किसान खेती को अलग ढंग से करते हैं, वे हमारी प्रेरणा हैं. प्रगतिशील किसानों से दूसरे किसान भाई भी सीखें. इन्हें ही ब्रांड एंबेसडर बनाकर कृषि महोत्सव में बुलाएंगे और कहेंगे कि आप बताओ, क्या करना है, कैसे करना है. किसानों का जितना नुकसान, उतनी भरपाई हम करेंगे. यह भाजपा की सरकार है, जिसने तय किया है कि समर्थन मूल्य तो मिलेगा ही, लेकिन मुख्यमंत्री कृषि समृद्धि योजना के अंतर्गत पसीने की कीमत अलग से और मिल जाएगी. सरकार गेहूं 1735 रुपए में खरीद रही है और 265 रुपए प्रति क्विंटल अलग से उनके खाते में डाल दिया जाएगा. शरबती गेहूं पैदा करने वाले किसानों को भी अलग से 265 रुपया अलग से दिया जाएगा, चाहे वे गेहूं 2 हजार रुपए क्विंटल बेचें.

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