शुक्रवार, 30 मार्च 2018

जनता नहीं है हमसे नाखुश: शिवराज

शिवराजसिंह चौहान 
प्रदेश में सत्ता विरोधी रुख को नकारते हुए शिवराजसिंह चौहान ने राजधानी भोपाल में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि वे जनता के बीच जा रहे हैं और ऐसा कुछ भी नहीं दिख रहा जिससे कहा जाए कि जनता हमसे नाखुश है. उन्होंने कहा कि उन्हें लगातार जनता का प्यार मिल रहा है. प्रदेश में कई मंत्रियों के कानूनी मामलों में घिरे होने से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि कानून अपना कम करेगा. प्रदेश में लगातार अवैध खनन का मुद्दा सामने आने पर चौहान ने दावा किया कि अवैध खनन पर सरकार कार्रवाई कर रही है, इसीलिए ऐसे मामले सामने आ रहे हैं.
कुपोषण के बारे में उन्होंने कहा कि प्रदेश में कुपोषण का इतिहास रहा है, पर अब ये पहले से कम हुआ है. उन्होंने कहा कि कुपोषण दूर करने के लिए क्लस्टर चिह्नित कर व्यवस्था की जा रही है. भावांतर भुगतान योजना के सवाल पर चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार ने इसमें करीब 1900 करोड़ रुपए खर्च किए, यह प्रदेश की योजना थी और इसमें केंद्र की कोई प्रतिबद्धता नहीं थी, पर अब केंद्र सरकार इस पर ध्यान दे रही है. उन्होंने कहा कि उन्हें सूचना मिली है कि केंद्र इस योजना के लिए 400 करोड़ रुपए स्वीकृत कर रहा है. चौहान ने कहा कि सरकार कृषि उत्पाद निर्यात एजेंसी बनाने पर विचार कर रही है, जो केंद्र के साथ मिलकर निर्यात की संभावनाएं तलाशेगी. उन्होंने कहा कि किसी भी फसल का उत्पादन आनुपातिक तौर पर असंतुलित ना हो, इस बात का भी ध्यान रखा जाएगा. उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण को भी प्रेरित किया जाएगा. 
प्रदेश में शिक्षा की स्थिति सुधारने पर  चौहान ने कहा कि कई जगहों पर स्कूल खोलने के बजाए एक जगह बड़ा स्कूल खोलने पर विचार किया जा रहा है, जिसमें गुणवत्ता से समझौता नहीं हो.  स्कूलों की मनमानी फीस पर उन्होंने कहा कि इसके लिए नियम बना लिए हैं, स्कूल अब उसी के मुताबिक फीस ले पाएंगे. इसी तरह अस्पतालों द्वारा भी मनमानी रकम वसूलने के बारे में विचार होगा.  चौहान ने कहा कि प्रदेश में बुनियादी सुविधाओं पर उनका जोर है, इस साल के दिसंबर तक हर गांव को और उसके बाद मजरे टोलों को भी सड़क से जोड़ने का काम होगा. आने वाले समय में बिजली के क्षेत्र में सौर परियोजनाओं पर काम करने की योजना है. प्रदेश में क्लीन एनर्जी की ओर भी जाएंगे. उन्होंने कहा कि 2015 तक सिंचाई में 80 लाख हेक्टेयर का लक्ष्य रखा गया है क्योंकि 65 फीसदी जनता आज भी कृषि पर निर्भर है.

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