मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि गुंडों का मनोबल तोड़े. किसी भी अपराधी या गुंडे का कोई मानव अधिकार नहीं होता है. गुंडे, बदमाशों के अवैध अतिक्रमण तोड़ दें. समाज में अपराधी सम्मान के साथ जी न पाए ऐसी कार्रवाई जरूरी है.
मध्यप्रदेश में महिलाओं के साथ बढ़ रही अपराधिक घटना को देखते हुए राजधानी भोपाल में पुलिस द्वारा 'वॉक ए कॉज' की पहल की गई. पुलिस की इस पहल की शुरूआत करते हुए आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने फ्लैग आॅफ किया. इसी के साथ उन्होंने भोपाल के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि वह सिर्फ फ्लैग आॅफ ही नहीं कर रहे हैं, बल्कि खुद भी झंडा लेकर साथ में चलेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों पर हो रहे अपराधों को लेकर सरकार पूरी तरख सख्त हैं, बेटियों की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने गुंडों और बलात्कारियों पर कोई भी ढील न बरती जाए, इसके सख्त निर्देश दिए हैं, साथ ही बच्चियों के साथ घिनौना कृत करने वालों को फांसी की सजा दी जाए इसके लिए कड़े कानून को पास करने की मांग की है. बेटी की इज्जत हमारी इज्जत हैं, वूमेन क्राइम बिल्कुल बर्दास्त नहीं करेगा. उन्होंने कहा कि मैं जब सुबह अखबार पढ़ता हूं तो शर्म आती हैं कि कैसे कोई पिता अपनी बेटी पर बुरी नजर रखता है. कैसे कुछ गंडे किसी लड़की को अपनी हवस का शिकार बना लेते हैं. समाज में इस तरह की घटनाएं शर्मनाक हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा ये कौन सा युग है, जहां इस तरह की घटनाएं हो रहीं हैं. उन्होंने कहा कि बेटियों की सुरक्षा के लिए सर्वाधिकार पुलिस के हाथों में हैं. पिछले दिनों जो भी घटनाएं हुई हैं, उसमें मैंने साफ कहा कि गुंडों का मनोबल तोड़ दें. अपराध के मामले में हम जीरो टालरेंस की नीति ही अपनाएंगे. किसी कीमत पर गुंडों को बख्शा नहीं जाएगा. किसी भी अपराधी या गुंडे का कोई मानव अधिकार नहीं होता है. गुंडे, बदमाशों के अवैध अतिक्रमण तोड़ दें. समाज में अपराधी सम्मान के साथ जी न पाए ऐसी कार्रवाई जरूरी है.
बच्चों के दें अच्छे संस्कार
मुख्यमंत्री ने अपील की कि इस कार्रवाई में जनता का भी साथ चाहिए, कोई भी कहीं भी अगर इस तरह की वारदात होते देखता है उसकी सूचना फौरन पुलिस को दे. समाज के हर वर्ग के लोग निकले और अपनी जिम्मेदारी समझें. हम कभी इस जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटेंगे. समाज में एक अभियान चलाने की जरूरत है, मैं सभी लोगों से कहना चाहता हूं कि वह बेटों को भी संस्कार दें, उन्हें इस तरह पाले वह नारी का सम्मान करना सीखें, क्योंकि बेटा भी हमरा है और बेटी भी हमारी हैं, हम ऐसा प्रयास करें कि बचपन से उनमें अच्छे संस्कार दें, ऐसा करना हमारा नैतिक दायित्व हैं. इस मार्निंग वॉक में गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंह भी उपस्थित हैं. प्रदेश में हाल ही में कुछ दिनों लगतार बढ़े महिला अपराध के ग्राफ को कम करने सीएम शिवराज जिला पुलिस प्रशासन के साथ लगे हुए हैं.
मध्यप्रदेश में महिलाओं के साथ बढ़ रही अपराधिक घटना को देखते हुए राजधानी भोपाल में पुलिस द्वारा 'वॉक ए कॉज' की पहल की गई. पुलिस की इस पहल की शुरूआत करते हुए आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने फ्लैग आॅफ किया. इसी के साथ उन्होंने भोपाल के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि वह सिर्फ फ्लैग आॅफ ही नहीं कर रहे हैं, बल्कि खुद भी झंडा लेकर साथ में चलेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों पर हो रहे अपराधों को लेकर सरकार पूरी तरख सख्त हैं, बेटियों की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने गुंडों और बलात्कारियों पर कोई भी ढील न बरती जाए, इसके सख्त निर्देश दिए हैं, साथ ही बच्चियों के साथ घिनौना कृत करने वालों को फांसी की सजा दी जाए इसके लिए कड़े कानून को पास करने की मांग की है. बेटी की इज्जत हमारी इज्जत हैं, वूमेन क्राइम बिल्कुल बर्दास्त नहीं करेगा. उन्होंने कहा कि मैं जब सुबह अखबार पढ़ता हूं तो शर्म आती हैं कि कैसे कोई पिता अपनी बेटी पर बुरी नजर रखता है. कैसे कुछ गंडे किसी लड़की को अपनी हवस का शिकार बना लेते हैं. समाज में इस तरह की घटनाएं शर्मनाक हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा ये कौन सा युग है, जहां इस तरह की घटनाएं हो रहीं हैं. उन्होंने कहा कि बेटियों की सुरक्षा के लिए सर्वाधिकार पुलिस के हाथों में हैं. पिछले दिनों जो भी घटनाएं हुई हैं, उसमें मैंने साफ कहा कि गुंडों का मनोबल तोड़ दें. अपराध के मामले में हम जीरो टालरेंस की नीति ही अपनाएंगे. किसी कीमत पर गुंडों को बख्शा नहीं जाएगा. किसी भी अपराधी या गुंडे का कोई मानव अधिकार नहीं होता है. गुंडे, बदमाशों के अवैध अतिक्रमण तोड़ दें. समाज में अपराधी सम्मान के साथ जी न पाए ऐसी कार्रवाई जरूरी है.
बच्चों के दें अच्छे संस्कार
मुख्यमंत्री ने अपील की कि इस कार्रवाई में जनता का भी साथ चाहिए, कोई भी कहीं भी अगर इस तरह की वारदात होते देखता है उसकी सूचना फौरन पुलिस को दे. समाज के हर वर्ग के लोग निकले और अपनी जिम्मेदारी समझें. हम कभी इस जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटेंगे. समाज में एक अभियान चलाने की जरूरत है, मैं सभी लोगों से कहना चाहता हूं कि वह बेटों को भी संस्कार दें, उन्हें इस तरह पाले वह नारी का सम्मान करना सीखें, क्योंकि बेटा भी हमरा है और बेटी भी हमारी हैं, हम ऐसा प्रयास करें कि बचपन से उनमें अच्छे संस्कार दें, ऐसा करना हमारा नैतिक दायित्व हैं. इस मार्निंग वॉक में गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंह भी उपस्थित हैं. प्रदेश में हाल ही में कुछ दिनों लगतार बढ़े महिला अपराध के ग्राफ को कम करने सीएम शिवराज जिला पुलिस प्रशासन के साथ लगे हुए हैं.

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