किसानों के साथ अपराधियों जैसा बर्ताव कर रही है प्रदेश सरकार
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| अजय सिंह |
मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर किसानों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि अपने हक और अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे किसानों की आवाज को बन्दूक की नोक पर दबाने की कोशिश की जा रही है! खिसकते जनाधार से बौखलाई प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा किसानों के सीनों को छलनी किया जा रहा है और उन्हें अपराधियों की तरह जेल में ठूंसा जा रहा है! सिंह सतना में बकिया बराज बांध से अप्रभावित की जमीन न लौटाने के लिए अनशन पर बैठे किसानों को संबोधित कर रहे थे. अपनी जमीन वापसी को लेकर पिछले 12 दिनों से टमस कछार संघर्ष समिति के बैनर तले कोटर में क्रमिक अनशन पर बैठे किसानों का समर्थन करने पहुंचे नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि वर्तमान सरकार से अब कोई भी उम्मीद करना बेमानी है. प्रदेश सरकार बकिया बराज बांध के अप्रभावित किसानों की जमीन वापसी पर अगर इतनी ही गंभीर होती तो किसानों की जमीन बहुत पहले वापस कर दी जाती. उन्होंने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि जिला प्रशासन किसानों की जमीन वापसी की बजाय उनके साथ कूट रचना कर रहा है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पिछले दिनों किसानों को फर्जी पट्टा वितरण किया गया जब यह मामला विधानसभा में उठा तो उसमें लीपापोती करके त्रुटि सुधार की बात की जा रही है. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर पट्टा फर्जी नही था तो उसमें फिर सुधार किस बात का किया जा रहा है. उन्होंने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि बांध की ऊंचाई को कांग्रेस की सरकार ने कम किया था और किसानों को पट्टा भी कांग्रेस की ही सरकार देगी.
नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान समय में प्रदेश में दो तरह के कानून चल रहे हैं. एक कानून प्रदेश की आम जनता के लिए है जिसमे किसी को बिना कारण बताए जेल में ठूंस दिया जाता है और दूसरा कानून प्रदेश के मंत्रियों और भाजपा नेताओं के लिए है जिसमें हत्या के आरोपी और गरीब बेटी को आत्महत्या के लिए विवश करने वाले लोग मंत्री पद को सुशोभित कर रहे हैं. उन्होंने दावा करते हुऐ कहा कि सरकार के इस दोहरे चरित्र को जनता जान चुकी है और उसका जवाब आने वाले विधानसभा के चुनाव में प्रदेश की जनता जरूर देगी. इस दौरान नेता प्रतिपक्ष ने अनशन पर बैठे किसानों को जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया.
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