राजधानी के अपेक्स बैंक में काम करने वाली महिला के साथ 27 लाख रुपए की ठगी करने वाले आरोपी को साइबर ब्रांच भोपाल ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है. आरोपी अपने बड़े भाई के साथ मिलकर पालिसी मेच्चयोर करने के नाम पर लोगों से ठगी करता था. आरोपी का बड़ा भाई अब भी फरार है जिस पर पुलिस ने दस हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया है.
साइबर पुलिस के अनुसार महिला अपेक्स बैंक में कार्यरत है. महिला ने लिखित आवेदन में शिकायत दर्ज कराई कि पालिसी मेच्योर करने के नाम पर कंपनी के एजेंट ने उनके साथ धोखाधड़ी की है. महिला ने बताया कि अलग अलग लोगों ने एजेंट के रुप में बात करके उन्हें गुमराह किया है और पालिसी को मेच्योर कराने, बंद पालिसी फिर से चालू कराने और उसमें बोनस देने के नाम पर 27 लाख रुपए जमा करवा लिया है. महिला ने बताया कि कंपनी के ये एजेंट उनसे मार्च 2016 में संपर्क में आए थे, लेकिन जब पालिसी मेच्योर कराने के बाद बोनस और पैसा मिलने का समय आया तो उन्होंने संपर्क तोड़ लिया.
महिला की शिकायत पर साइबर क्राइम ब्रांच ने मामले की जांच पड़ताल की. फोन नंबर, ई-मेल और अन्य चीजों की सहायता से पुलिस ने नकली एजेंट राजीव कुमार निवासी जालौन उत्तरप्रदेश को दिल्ली से पकड़ा. राजीव ने जुर्म कबूलते हुए बताया कि पिता की सांस की बीमारी के इलाज के लिए वह और उसका भाई अवधेश मिलकर यह काम करता है. अवधेश की कूटनीति से वे लोग पूरे प्रदेशों में अलग अलग सिम और खाते का इस्तेमाल कर लोगों के साथ ठगी करते थे. राजीव ने बताया कि इस धंधे में अवधेश ही सिम और नकली खातों की व्यवस्था करता था.
पुलिस के अनुसार राजीव दिल्ली में एक कपड़े की दुकान में काम करता है. वहीं आरोपी अवधेश पुलिस गिरफ्त से बाहर है. पुलिस ने अवधेश पर दस हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया है. अवधेश अपनी पत्नी को गर्भवती अवस्था में छोड़कर फरार हुआ है. फिलहाल पुलिस राजीव और अवधेश की पत्नी से पूछताछ कर रही है और जल्द ही अवधेश को भी गिरफ्त में लेने की बात कर रही है.
साइबर पुलिस के अनुसार महिला अपेक्स बैंक में कार्यरत है. महिला ने लिखित आवेदन में शिकायत दर्ज कराई कि पालिसी मेच्योर करने के नाम पर कंपनी के एजेंट ने उनके साथ धोखाधड़ी की है. महिला ने बताया कि अलग अलग लोगों ने एजेंट के रुप में बात करके उन्हें गुमराह किया है और पालिसी को मेच्योर कराने, बंद पालिसी फिर से चालू कराने और उसमें बोनस देने के नाम पर 27 लाख रुपए जमा करवा लिया है. महिला ने बताया कि कंपनी के ये एजेंट उनसे मार्च 2016 में संपर्क में आए थे, लेकिन जब पालिसी मेच्योर कराने के बाद बोनस और पैसा मिलने का समय आया तो उन्होंने संपर्क तोड़ लिया.
महिला की शिकायत पर साइबर क्राइम ब्रांच ने मामले की जांच पड़ताल की. फोन नंबर, ई-मेल और अन्य चीजों की सहायता से पुलिस ने नकली एजेंट राजीव कुमार निवासी जालौन उत्तरप्रदेश को दिल्ली से पकड़ा. राजीव ने जुर्म कबूलते हुए बताया कि पिता की सांस की बीमारी के इलाज के लिए वह और उसका भाई अवधेश मिलकर यह काम करता है. अवधेश की कूटनीति से वे लोग पूरे प्रदेशों में अलग अलग सिम और खाते का इस्तेमाल कर लोगों के साथ ठगी करते थे. राजीव ने बताया कि इस धंधे में अवधेश ही सिम और नकली खातों की व्यवस्था करता था.
पुलिस के अनुसार राजीव दिल्ली में एक कपड़े की दुकान में काम करता है. वहीं आरोपी अवधेश पुलिस गिरफ्त से बाहर है. पुलिस ने अवधेश पर दस हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया है. अवधेश अपनी पत्नी को गर्भवती अवस्था में छोड़कर फरार हुआ है. फिलहाल पुलिस राजीव और अवधेश की पत्नी से पूछताछ कर रही है और जल्द ही अवधेश को भी गिरफ्त में लेने की बात कर रही है.
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