प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरूण यादव ने भाजपा द्वारा 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक निकाली जाने वाली ‘किसान सम्मान यात्रा’ को राज्य सरकार की किसान विरोधी नीतियों, राजनैतिक जुमलों, भ्रष्टाचार करने के लिए बनायी गई विभिन्न योजनाओं से बर्बाद हो चुके अन्नदाता किसानों के गंभीर जख्मों पर नमक छिड़कने का प्रयास बताते हुए कहा है कि जो सत्तारूढ़ भाजपा प्रदेश में 29 हजार किसानों द्वारा की गई आत्महत्या और मंदसौर में गत् जून माह में किसान आंदोलन के दौरान 7 किसानों की पुलिस की गोली से हुई मौत की जबावदार हो, वह किस मुंह से ‘सम्मान यात्रा’ निकाल रही है? इसके बावजूद भी यदि उसे यात्रा निकालना ही है तो वह ‘प्रायश्चित यात्रा’ निकाले.
यादव ने कहा कि पिछले 14 सालों से प्रदेश में भाजपा सरकार काबिज है, किसानों को पर्याप्त पानी, बिजली, पूर्ण गुणवत्ता वाले खाद-बीज नहीं मिल पा रहे हैं, सरकार और भाजपा नेताओं के संरक्षण में नकली खाद-बीज का धंधा करने वाले मुनाफाखोरों ने भी उनका शोषण किया है.खाद के नाम पर दी जाने वाली सब्सिडी का भुगतान आज तक नहीं हुआ है.फसल बीमा योजना के नाम पर भी प्रतिवर्ष किसानों को छला गया, 70 पैसे, 1.20 पैसे और 50 रू. जैसी सूक्ष्म राशि उन्हें फसल बीमा के नाम पर दी गई.कहीं-कहीं तो फसल बीमा की राशि के दिये गये चेक भी अनादृत हो गये.वहीं गत् वर्ष किसानों को समर्थन मूल्य पर प्याज खरीदने वाले सरकारी निर्णय में भी 750 करोड़ रू. का भ्रष्टाचार हो गया, जिसे लेकर सरकार ने भ्रष्टाचारियों को पूरी तरह संरक्षित कर दोषी ‘‘सिर्फ प्याज को ही बता दिया है।’’ भावांतर योजना भी भ्रष्टाचार को ही समर्पित होने वाली एक निरर्थक कवायद साबित होगी, जिसे लेकर सरकार के ही कृषि मंत्री व अन्य भाजपा नेताओं के विरोधाभासी स्वर सामने आ रहे हैं.इन विषम स्थितियों में किसानों की परेशानी थमने का नाम नहीं ले रही है और भाजपा ‘किसान सम्मान यात्रा’ निकाल रही है!यादव ने इस यात्रा में शामिल हो रहे प्रदेश सरकार के मुखिया श्री शिवराजसिंह चैहान और भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमारसिंह चैहान से जानना चाहा है कि यदि सरकार और भाजपा संगठन किसानों के प्रति हमदर्द हैं, तो उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि उनकी सरकार ने किसानों की कर्ज माफी और उनके समक्ष आई प्राकृतिक आपदा को लेकर धरातल पर अब तक क्या किया है? केंद्र की मोदी सरकार, जिसने किसानांे को मिलने वाला बोनस भी समाप्त कर दिया, पूर्ववर्ती यूपीए सरकार के दौरान जिस शिवराज सरकार ने किसानों का बोनस बढ़ाने के लिए अपने सहयोगी मंत्रियों, सांसदों, विधायकां और पार्टी पदाधिकारियों के साथ राजधानी के भेल दशहरा मैदान में उपवास किया था, वह शिवराज सरकार, मोदी सरकार द्वारा किसानों को बोनस बंद कर दिये जाने के बाद भी आज तक खामोश क्यों बैठी है, साथ ही सत्ता और संगठन के दोनों मुखियाओं को यह भी बताना चाहिए कि किसानों के हित में अब तक प्रदेश को केंद्र की ओर से कितना धन और राहत राशि उपलब्ध कराई गई?
यादव ने कहा कि जब वर्ष 2011 में प्रदेश के किसानों को तुषार-पाले का सामना करना पड़ा था, तब तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहनसिंह की सरकार ने शिवराज सरकार को 571.26 करोड़ रू. की राहत राशि जारी कर दी थी, आखिरकार क्या कारण है कि पिछले 4 वर्षों में किसानों के समक्ष उपस्थित हुई गंभीर विपत्तियों को केंद्र सरकार ने नजरअंदाज करते हुए किसानों के हित में किसी भी प्रकार की कोई भी सहायताध् धनराशि आवंटित क्यों नहीं की?
यादव ने प्रदेश के किसानों से यह भी आग्रह किया है कि वे उनके जख्मांे पर नमक छिड़कने वाली इस यात्रा मार्ग पर भाजपा सत्ता और संगठन से जुड़े लोगों से उक्त मुद्दों का जबाव मांगें?
यादव ने कहा कि पिछले 14 सालों से प्रदेश में भाजपा सरकार काबिज है, किसानों को पर्याप्त पानी, बिजली, पूर्ण गुणवत्ता वाले खाद-बीज नहीं मिल पा रहे हैं, सरकार और भाजपा नेताओं के संरक्षण में नकली खाद-बीज का धंधा करने वाले मुनाफाखोरों ने भी उनका शोषण किया है.खाद के नाम पर दी जाने वाली सब्सिडी का भुगतान आज तक नहीं हुआ है.फसल बीमा योजना के नाम पर भी प्रतिवर्ष किसानों को छला गया, 70 पैसे, 1.20 पैसे और 50 रू. जैसी सूक्ष्म राशि उन्हें फसल बीमा के नाम पर दी गई.कहीं-कहीं तो फसल बीमा की राशि के दिये गये चेक भी अनादृत हो गये.वहीं गत् वर्ष किसानों को समर्थन मूल्य पर प्याज खरीदने वाले सरकारी निर्णय में भी 750 करोड़ रू. का भ्रष्टाचार हो गया, जिसे लेकर सरकार ने भ्रष्टाचारियों को पूरी तरह संरक्षित कर दोषी ‘‘सिर्फ प्याज को ही बता दिया है।’’ भावांतर योजना भी भ्रष्टाचार को ही समर्पित होने वाली एक निरर्थक कवायद साबित होगी, जिसे लेकर सरकार के ही कृषि मंत्री व अन्य भाजपा नेताओं के विरोधाभासी स्वर सामने आ रहे हैं.इन विषम स्थितियों में किसानों की परेशानी थमने का नाम नहीं ले रही है और भाजपा ‘किसान सम्मान यात्रा’ निकाल रही है!यादव ने इस यात्रा में शामिल हो रहे प्रदेश सरकार के मुखिया श्री शिवराजसिंह चैहान और भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमारसिंह चैहान से जानना चाहा है कि यदि सरकार और भाजपा संगठन किसानों के प्रति हमदर्द हैं, तो उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि उनकी सरकार ने किसानों की कर्ज माफी और उनके समक्ष आई प्राकृतिक आपदा को लेकर धरातल पर अब तक क्या किया है? केंद्र की मोदी सरकार, जिसने किसानांे को मिलने वाला बोनस भी समाप्त कर दिया, पूर्ववर्ती यूपीए सरकार के दौरान जिस शिवराज सरकार ने किसानों का बोनस बढ़ाने के लिए अपने सहयोगी मंत्रियों, सांसदों, विधायकां और पार्टी पदाधिकारियों के साथ राजधानी के भेल दशहरा मैदान में उपवास किया था, वह शिवराज सरकार, मोदी सरकार द्वारा किसानों को बोनस बंद कर दिये जाने के बाद भी आज तक खामोश क्यों बैठी है, साथ ही सत्ता और संगठन के दोनों मुखियाओं को यह भी बताना चाहिए कि किसानों के हित में अब तक प्रदेश को केंद्र की ओर से कितना धन और राहत राशि उपलब्ध कराई गई?
यादव ने कहा कि जब वर्ष 2011 में प्रदेश के किसानों को तुषार-पाले का सामना करना पड़ा था, तब तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहनसिंह की सरकार ने शिवराज सरकार को 571.26 करोड़ रू. की राहत राशि जारी कर दी थी, आखिरकार क्या कारण है कि पिछले 4 वर्षों में किसानों के समक्ष उपस्थित हुई गंभीर विपत्तियों को केंद्र सरकार ने नजरअंदाज करते हुए किसानों के हित में किसी भी प्रकार की कोई भी सहायताध् धनराशि आवंटित क्यों नहीं की?
यादव ने प्रदेश के किसानों से यह भी आग्रह किया है कि वे उनके जख्मांे पर नमक छिड़कने वाली इस यात्रा मार्ग पर भाजपा सत्ता और संगठन से जुड़े लोगों से उक्त मुद्दों का जबाव मांगें?
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