मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय कोयला एवं रेल मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात कर प्रदेश में बंद पड़ी कोयला खदानों को शुरू करने का अनुरोध किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2015 में प्रारम्भ की गयी जमुनिया खदान का काम शुरू नहीं होने से कोयले का उत्पादन नहीं हो रहा है. साथ ही धनकशा खदान, जिसका भूमि-पूजन वर्ष 2013 में हो चुका है का भी कार्य बंद पड़ा है . उन्होंने आग्रह किया कि इन दोनों खदानों के कार्य शीघ्र ही प्रारम्भ करवाये जायें. इन खदानों पर तेजी से कार्य होने पर कोयला खदानों के अस्थायी कर्मचारियों और उनसे जुड़े परिवारों को लाभ होगा. इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री द्वारा नरेन्द्रसिंह तोमर और थावरचंद गहलोत भी मौजूद थे.मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के छिन्दवाड़ा क्षेत्र की विष्णुपुरी और मोआरी खदानों को केन्द्र सरकार द्वारा बंद करने निर्णय और कुछ खदानों को पूर्व में बंद किये जाने से लगभग तीन हजार स्थायी कर्मचारियों को अन्यंत्र स्थानांतरित किये जाने की सम्भावना है. आदिवासी बहुल उन्होंने कहा है कि ऐसा होने से पिछड़े क्षेत्र की अर्थ-व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है.

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