शिवराज कैबिनेट का फैसला, एक लाख की आबादी वाला शहर बनेगा तहसीलमध्यप्रदेश सरकार ने कृषि ऋण के डिफाल्टर किसानों का 26 सौ करोड़ रुपए ब्याज माफ करने का फैसला किया है. इस योजना का लाभ प्रदेश के 17 लाख से ज्यादा किसानों को मिलेगा. वहीं एक लाख की आबादी पर हर शहर में नई तहसील होगी.
सरकार ने ये फैसले आज राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिए. बैठक के बाद जनसंपर्क मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि बैठक में एक लाख की आबादी पर अब शहर में तहसील बनाने का फैसला लिया गया. तहसील के लिए 2 करोड़ की लागत का भवन और वाहन के लिए 5 लाख रुपए भी सरकार की तरफ दिए जाएंगे. बैठक में सरकार ने सहकारी बैंकों के कृषि ऋण के डिफाल्टर किसानों का ब्याज माफ करने के लिए समाधान योजना को मंजूरी दी. इसके तहत डिफॉल्टर किसानों का ब्याज माफ किया जाएगा. सरकार के मुताबिक समाधान योजना के तहत किसानों का करीब 2600 करोड़ रुपए का ब्याज माफ होगा और 17 लाख 78 हजार किसानों को इस योजना का लाभा मिलेगा. वहीं किसान अब 2 किश्तों में मूलधन दे सकेंगे, हालांकि 15 जून तक उन्हें पहली किश्त चुकानी होगी. इतना ही नहीं सरकार ने हर किसान को न्यूनतम 5000 रुपए का मुआवजा देने का भी फैसला किया है. सरकार ने चना, मसूर, सरसो पर 100 रुपए और गेंहू, धान पर 200 रुपए बोनस राशि देने का भी फैसला किया है.
मिश्रा ने बताया कि सरकार ने नायब तहसीलदार के 550 नए पदों को भी मंजूरी दी. इसके अलावा तृतीय श्रेणी के 191 और चतुर्थ श्रेणी के 191 पदों को भी कैबिनेट द्वारा मंजूरी दी गई. सरकार ने सभी विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक नायाब तहसीलदार और सभी जिलों में 11 नायब तहसीलदार के पद को भी मंजूरी दी. ये जिलों में अमला चुनाव संबंधी कार्य करेगा. सरकार ने राजस्व पुस्तक परिपत्र आरबीसी 6, 4 में भी संशोधन करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दी.
विधवा महिला से शादी करने पर दिए जाएंगे 2 लाख
जनसंपर्क मंत्री ने बताया कि सरकार ने तय किया है कि अब से विधवाओं के लिए कल्याणी शब्द का उपयोग करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी. इतना ही नहीं विधवाओं के उत्थान के लिए सरकार ने उनके पुर्नविवाह को प्रोत्साहित करने का फैसला भी किया है. सरकार ने तय किया है कि विधवा महिला से शादी करने पर सरकार की तरफ से 2 लाख रुपए दिए जाएंगे.
मंत्री करेंगे पेयजल संकट की समीक्षा
मंत्री ने बताया कि कैबिनेट में पेयजल संकट मामले को लेकर भी चर्चा हुई है. इसके बाद यह फैसला लिया कि सभी मंत्री अपने प्रभार वाले जिलों में पेयजल की समीक्षा करेंगे. लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री और विभाग एक-एक कर सभी जिलों में लोगों से जाकर बात करेंगे. गेहूं खरीदी केंद्र पिछली बार की तरह बरकरार रहेंगे. मंत्री अपने प्रभार वाले जिलों खरीदी की समीक्षा करेंगे. इन सबका मॉनिटरिंग सेंटर मुख्यमंत्री निवास में बनेगा.
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