रविवार, 25 मार्च 2018

बुरहानपुर के किसान बनाएंगे केले के तने से धागा

मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले के किसान अब केले के तने से धागा बनाएंगे. इन किसानों को गुजरात के नवासारी स्थित संस्थान के वैज्ञानिक प्रशिक्षण देंगे. 
यह जानकारी मध्यप्रदेश की महिला बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनिस ने दी. उन्होंने चिटनिस बुरहानपुर जिले के ग्राम बोरसल में आयोजित जल जागरण कार्यक्रम में सभा को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी. मंत्री ने कहा है कि बुरहानपुर में किसानों को केले के तने से धागा बनाने की मशीन उपलब्ध कराई जाएगी. धागे से कागज तथा कपड़ा बनाने की विधि के संबंध में प्रशिक्षण भी दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि गुजरात नवासारी में विद्यमान संस्था के वैज्ञानिकों द्वारा केले के तने के अन्य उपयोगों के बारे में किसानों को जानकारी व प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा. 
चिटनिस  के नेतृत्व में ग्राम बोरसल में निकाली गई कलश यात्रा के माध्यम से पानी बचाने, साफ-सफाई रखने के संबंध में वातावरण निर्मित किया गया. चिटनिस ने ग्राम बोरसल में धामनी नदी के रामडोह पर 5 करोड़ रूपए लागत से बैराज निर्माण की घोषणा की. साथ ही कहा कि 15 लाख रूपए लागत से पानी की टंकी निर्माण की भी प्रक्रिया शीघ्र आरंभ की जाएगी. बैराज निर्माण से 300 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा बढ़ेगी और विशेष रूप से बोरसल तथा चापोरा के 280 किसानों को लाभ होगा. ग्राम बोरसल के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के विस्तार के लिए 1 करोड़ 25 लाख रूपए उपलब्ध कराने की घोषणा कार्यक्रम में की गई. 2.50 लाख रूपए की लागत से शिवाजी प्रतिमा स्थल का सौंदर्यीकरण एवं 7.80 लाख रूपए की लागत से बनने वाली आंगनवाड़ी केन्द्र सहित अनेक विकास कार्यांे का भूमिपूजन किया.
जल संवाद कार्यक्रम में इंडियन इंस्टीटयूट आॅफ टेक्नोलॉजी खड़गपुर से आए मनीष ने पानी बचाने तथा कृषि के बेहतर तरीकों के संबंध में कृषकों से बातचीत की गई. नवासारी के वैज्ञानिक डॉ. चिराग देसाई ने केले के उपयोग के संबंध में कृषकों को जानकारी दी. जल संवाद कार्यक्रम में क्षेत्र में घटते भूजल स्तर और उसके प्रभाव पर प्रस्तुतिकरण दिया गया.मंत्री चिटनिस ने कम पानी की फसलें लेने, खेत में रासायनिक खाद और कीटनाशक के संतुलित उपयोग , खेत कुण्ड निर्माण, गौ संरक्षण, मधुमक्खी पालन, प्रधानमंत्री मातृत्व योजना के संबंध में भी ग्रामीणों से बातचीत की.

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