शुक्रवार, 23 मार्च 2018

स्कूल प्रबंधन फीस में दस प्रतिशत से अधिक वृद्धि नहीं करें

मध्यप्रदेश के भोपाल जिला प्रशासन की पहल पर जिला पंचायत सभाकक्ष में आज सम्पन्न बैठक में अपर कलेक्टर  दिशा नागवंशी द्वारा सभी सीबीएसई स्कूलों के प्राचार्यों को कहा गया कि सीबीएसई की ओर से जारी किए गए परिपत्र के आधार पर सभी स्कूल सुनिश्चित करें कि विद्यार्थियों की फीस में प्रतिवर्ष 10 से अधिक की वृद्धि नहीं की जाए.  बैठक में  नागवंशी ने उपस्थित सभी प्राचार्यों से कहा कि देखा गया है कि बच्चों को किताबें-यूनिफार्म आदि अधिकृत दुकान से खरीदने के लिए बाध्य किया जाता है, कईं स्कूल मनमर्जी से फीस में बढ़ोत्तरी करते हैं, प्रतिवर्ष यूनिफार्म बदलते हैं एवं एनसीईआरटी की किताबों को भी संचालित नहीं किया जाता है. उन्होंने सभी प्राचार्यों को चेतावनी देते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि एक सप्ताह के भीतर सभी स्कूल फीस की वार्षिक वृद्धि का विवरण जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से भेजना सुनिश्चित करें अन्यथा धारा 188 के तहत वैधानिक कार्यवाही की जायेगी. बैठक में बाल संरक्षण आयोग के सदस्य  कमल विश्वकर्मा ने कहा कि देखने में आया है कि कईं स्कूलों ने अभी तक एनसीईआरटी की किताबों का उपयोग नहीं किया है, जबकि कक्षा एक से 12वीं तक एनसीईआरटी की किताबों को संचालित करने का प्रावधान है. उन्होंने कहा कि लगातार शिकायतें मिल रहीं हैं कि स्कूल मनमानी फीस वसूल रहे हैं, यूनिफार्म का प्रमोशन करवाते हैं, और अधिकृत दुकान से ही किताबें लेने के लिए बाध्य करते हैं. उन्होंने सभी प्राचार्यों को कहा कि विद्यार्थियों और अभिभावकों के हित में इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. अपर कलेक्टर नागवंशी ने बैठक में कहा कि सभी स्कूल प्रबंधन सुनिश्चित करें बच्चों को लाने-ले जाने वाली बसों में कैमरा, जीपीएस एवं महिला कंडक्टर आवश्यक रूप से तैनात हो. उन्होंने कहा कि स्कूल परिसर में बच्चों के साथ यदि कोई दुर्घटना होती है तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन की होगी. उन्होंने कहा कि सभी स्कूल सीबीएसई नियमों का पालन करना सुनिश्चित करें. बैठक में सीबीएसई स्कूल एवं मान्यता प्राप्त स्कूलों के प्राचार्य एवं अभिभावकगण मौजूद थे.

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