सोमवार, 26 मार्च 2018

मेडिकल कालेजों में खुलेंगी वायरोलाजी लैब

मध्यप्रदेश के  सभी मेडिकल कॉलेज में वायरोलॉजी लैब स्थापित की जायेगी. पहली वायरोलॉजी लैब गाँधी मेडिकल कॉलेज भोपाल में स्थापित की जा रही है. यह लैब पूरे प्रदेश में सबसे बड़ी होगी.
लैब आधुनिक जांच के उपकरणों से सुसज्जित होगी और प्रशिक्षित डॉक्टर इबोला, जिक्का, डेंगू, चिकनगुनिया और एच-1 एन-1 इंफल्युऐंजा वायरसों पर नियंत्रण के लिये उपलब्ध रहेंगें. लैब के निर्माण और उपकरण पर लगभग 29 करोड़ रुपये खर्च होगा. लैब में हेपेटाइटिस ए, बी, सी और ई, डेंगू, चिकनगुनिया, हर्पीज सिंप्लेक्स वायरस, रूबेला, टोक्सोप्लाज्मा गोडी, रोटा वायरस आदि की पहचान और जाँच हो सकेगी. इससे ब्लड सैम्पल को प्रदेश से बाहर भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी और खर्चों में कमी के साथ कम समय में ही मरीजों को उचित उपचार मिलेगा. गाँधी मेडिकल कॉलेज भोपाल में इस लैब की इमारत बन कर तैयार हो चुकी है. लैब जल्द ही शुरू होगी. दूसरे चरण में ग्वालियर, इंदौर, रीवा एवं सागर में भी वायरोलॉजी लैब की स्थापना की जाएगी. लैब की स्थापना से स्नातक एवं स्नातकोत्तर मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों को शैक्षणिक गतिविधियों में भी लाभ होगा और प्रदेश स्तर पर नये संक्रमण वायरस से संबंधित डाटाबेस तैयार होगा, जो आगामी वर्षों में रिसर्च के लिये उपयोगी होगा.

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