रविवार, 25 मार्च 2018

जब समर्थन मूल्य पर खरीदना था तो भावांतर का ढ़ोंग क्यों?

अजय सिंह 

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री बताएं कि वे पीछे क्यों हटे ?

नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से सवाल किया है कि पहले चना, मसूर और सरसों को भावांतर योजना में शामिल कर अचानक दिल्ली से लौटकर चना, मसूर और सरसों को समर्थन मूल्य पर खरीदने की घोषणा क्यों की? उन्होंने कहा कि एमएसपी खरीदने का निर्णय तो केंद्र सरकार का है तो फिर यह शिवराज सरकार का ऐतिहासिक फैसला कहां से हुआ ? 
नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि जलेबी जैसी भावांतर योजना में किसानों को फंसाकर अब स्वयं मुख्यमंत्री उसमें फंसने जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री खुद ही आज तक इस योजना को समझ नहीं पाए. सिंह ने कहा कि संकट में पड़े किसानों के जीवन के साथ प्रयोग कर रहे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को यह बताना चाहिए कि उन्होंने भावांतर योजना में चना, मसूर और सरसों को शामिल करके फिर दहाड़कर यह बताया कि इससे किसानों को बहुत फायदा होगा. फिर करोड़ों रूपए का विज्ञापन में इसका प्रचार करने के बाद समर्थन मूल्य पर खरीदने के एलान के पीछे रहस्य क्या है?
उन्होंने कहा कि पत्रकारों को जो जानकारी दी उससे स्पष्ट है कि प्रदेश में भावांतर योजना पूरी तरह फ्लॉप है लेकिन मुख्यमंत्री अपनी प्रतिष्ठा के लिए जिद में इस योजना को किसानों की कीमत पर लागू किए हुए हैं. सिंह ने कहा कि यह बात समझ से परे है. किसान भी यह समझ नहीं पा रहे हैं कि जब समर्थन मूल्य पर ही सरकार को खरीदना था तो ढोंग क्यों किया? और अब सरकार पीछे क्यों हट रही हैं. उन्होंने कहा कि किसानों के हितैषी बनने का ढ़ोंग करना कोई मुख्यमंत्री की हॉबी हो गई है. अब सरकार इस हद तक उतर आई है कि भाजपा के कार्यकर्ताओं को किसान बताकर योजना की तारीफ करवा रही है. समर्थन मूल्य घोषित करने और किसानों से फसलें खरीदने की व्यवस्था तो वर्षों पुरानी है इसमें मध्यप्रदेश सरकार ने ऐतिहासिक निर्णय कौन सा लिया है, यह सब मुख्यमंत्री का प्रपंच है. 

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