बाल संरक्षण आयोग की कार्यशाला में बनी सहमतिमध्यप्रदेश बाल संरक्षण आयोग द्वारा बाल अधिकारों पर आयोजित कार्यशाला में यह सर्व-सम्मति बनी कि 6 से 14 साल तक उम्र के बच्चों को शिक्षा से वंचित रखने वालों को पंच से सांसद स्तर तक के चुनाव के लिए अयोग्य घोषित करने के संबंध में कानून बनाया जाना चाहिए.. मध्यप्रदेश बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ. राघवेन्द्र शर्मा द्वारा रखे गये इस प्रस्ताव का महिला-बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनिस तथा सहकारिता राज्य मंत्री विश्वास सारंग ने समर्थन किया.
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में समन्वय भवन में आयोग द्वारा बाल अधिकारों पर राज्य-स्तरीय कार्यशाला में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष तथा सदस्य, किशोर न्याय बोर्ड के सदस्यों, विशेष किशोर पुलिस इकाई के प्रभारियों, बाल कल्याण अधिकारियों सहित बाल कल्याण के क्षेत्र में कार्यरत शासकीय-अशासकीय संस्थाओं के प्रतिनिधियों तथा मीडियाकर्मी उपस्थित थे. कार्यशाला में शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009, किशोर न्याय अधिनियम-2015, पास्को एक्ट के प्रावधानों तथा चाईल्ड फ्रेंडली पुलिस की अवधारणा पर जानकारी दी गई.
कार्यशाला में एक दिन के लिए आयोग का अध्यक्ष बनने वाले जबलपुर के 11 वर्षीय बाल गायक श्रेयांस बालमारे, बाल मित्र समाज के निर्माण में लगी भोपाल की बालिका कुमारी सोनिया प्रजापति और दुर्घटना में दोनों हाथ गँवाने के बावजूद राष्ट्रीय तैराकी प्रतियोगिताएँ जीतने वाला बालक अब्दुल कादिर इंदौरी भी उपस्थित था. महिला-बाल विकास मंत्री चिटनिस ने प्रतिभागियों से कहा कि कार्यशाला का विषय समय के अनुरूप है. उन्होंने बाल आयोग द्वारा सीमित संसाधनों में व्यापक कार्य करने की प्रशंसा करते हुए कहा कि हमें भारतीय मूल्यों के अनुसार जीवन को समग्रता से समझना होगा. माता-पिता का परिवार और समाज में व्यवहार बच्चों को प्रभावित करता है. अत: माता-पिता की अपने आचरण के प्रति संवेदनशीलता आवश्यक है.
राज्य मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि बच्चों की देखभाल माता-पिता का परम दायित्व है. सारंग ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. अब्दुल कलाम से संबंधित संस्मरण सुनाते हुए कहा कि बच्चे ही परिवार, समाज और देश का भविष्य हैं. अत: बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिये किये जा रहे कार्य वास्तव में देश के बेहतर भविष्य के लिये किये जा रहे कार्य हैं. बाल आयोग के अध्यक्ष डॉ. राघवेन्द्र शर्मा ने आयोग की गतिविधियों की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि जीवन में संघर्ष कर आगे बढ़ने वाले ही रियल टाईम हीरो हैं. आयोग के वार्षिक प्रशासकीय प्रतिवेदन वर्ष 2017-18 तथा बाल मित्र समूह जबलपुर के लोगो का विमोचन भी किया गया. कार्यक्रम में आयोग के सचिव एन.पी. डहरिया, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्रीमती अनुराधा शंकर और वर्ल्ड विजन संस्था के वर्गीस उपस्थित थे.
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