बुधवार, 28 मार्च 2018

छात्राओं को निर्वस्त्र करने के मामले की आयोग ने मांगी रिपोर्ट

मध्यप्रदेश के सागर जिले में स्थित डा. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय के कन्या छात्रावास के गलियारे में सैनिटरी पैड मिलने पर कथित तौर पर छात्राओं को निर्वस्त्र करने के मामले को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग  ने गंभीरता से लिया है. आयोग ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है. आयोग ने सागर विश्वविद्यालय का मामला मीडिया की सुर्खियां बनने पर संज्ञान लिया.
आयोग ने राज्य सरकार, मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में विस्तृत ब्यौरा मांगा है. आयोग ने अपने नोटिस में कहा है कि अगर मीडिया रिपोर्ट सही हैं तो यह मामला छात्राओं की निजता का हनन है, उनके साथ यह अमानवीय कृत्य है. यह गंभीर मामला है और छात्रावास प्रबंधन को इस प्रकरण में सुरक्षात्मक रवैया अपनाना चाहिए था, क्योंकि इसका असर मन-मस्तिष्क पर डालने वाला है. आयोग ने इस मामले को गंभीर करार देते हुए राज्य सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस भेजकर चार सप्ताह में जवाब मांगा है.
गौरतलब है कि केंद्रीय विश्वविद्यालय के लक्ष्मीबाई कन्या छात्रावास के गलियारे में सैनिटरी पैड  मिलने पर छात्रावास की अधीक्षक ने सख्त ऐतराज जताया था. छात्राओं ने रविवार को कुलपति से इसकी शिकायत की थी. कुलपति के माफी मांगने और आश्वासन के बाद छात्राएं छात्रावास लौट गई. कुलपति प्रो. तिवारी ने इस घटना की जांच के लिए एक समिति बनाई है, यह समिति 28 मार्च तक अपनी रिपोर्ट देगी. उन्होंने कहा कि इस घटना की जांच रिपोर्ट तीन दिन में मिल जाएगी. केयर टेकर को हटा दिया गया है.

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