गुरुवार, 29 मार्च 2018

मंत्री रामपाल के ग्राम से कांग्रेस निकालेगी न्याय यात्रा

अजय सिंह 
प्रीति आत्महत्या मामले में मंत्री रामपाल सिंह और उनके परिजनों पर अब तक कार्यवाही न होने के विरोध में कांग्रेस दो दिनी न्याय यात्रा निकालेगी. उदयपुरा से 5 अप्रैल को शुरू होकर यह यात्रा 6 अप्रैल को भोपाल में समाप्त होगी. नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा में कहा कि प्रीति रघुवंशी की आत्महत्या मामले को आज 11 दिन बीत गए हैं पर पीड़ित परिवार को अभी तक न्याय नहीं मिला है. उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में फरियादी से तो गहन पूछताछ हो गई पर मंत्री, उनके पुत्र और परिजनों को छूने तक की हिम्मत सरकार नहीं जुटा पाई है. 
 नेता प्रतिपक्ष  सिंह ने बताया कि इस दो दिवसीय यात्रा के बाद 16 अप्रैल से पूरे प्रदेश में न्याय यात्रा निकाली जाएगी. दूसरे चरण की यात्रा भगवान राम की तपोस्थली चित्रकूट से सुप्रसिद्ध तीर्थ स्थान कामदगिरी से इस यात्रा की शुरूआत होगी. यह यात्रा प्रदेश के हर उस नागरिक के लिए होगी जो आज इस सरकार से न्याय की आस खो चुका है. ऐसी व्यक्ति की आवाज कांग्रेस पार्टी मुखर करेगी. यह न्याय यात्रा किसानों, युवाओं, कर्मचारियों, दलित, आदिवासियों, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक वर्ग के साथ ही दिव्यांगों के साथ लगातार हो रहे अन्याय और अत्याचार के खिलाफ होगी. जनता की ताकत जो लोकतंत्र की नीव है के साथ कांग्रेस पार्टी आत्ममुग्धता के मुहाने पर पहुंच चुकी अहंकारी भाजपा और शिवराज सरकार को झकझोरेगी.
नेता प्रतिपक्ष  ने कहा कि मुख्यमंत्री के महिला के प्रति संवेदनशीलता उनके आदेश और निर्देश, उनके एक्शन-एक्शन-एक्शन का शिगुफा, कमर तोड़ देने और रूह कपा देने वाले निर्देश कितने नकली हैं और किनके लिए हैं यह उनके अपने निकटतम मंत्री रामपाल सिंह के परिवार द्वारा अपनी बहू उदयपुरा की प्रीति रघुवंशी के साथ प्रताड़ना के कारण 17 मार्च को आत्महत्या करने की घटना के बाद सामने आ गई. आज ग्यारहवां दिन हैं फरियादी प्रीति रघुवंशी के पिता, माता, भाई और परिजनों सहित सबके बयान हो गए लेकिन आरोपी के साथ शिवराज सरकार का रवैया बताता है कि वह कितना महिला हितैषी है.
सिंह ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री  से कहना चाहता हूं कि आप कितने भी फांसी जैसे कानून बना ले, भोपाल इंदौर सहित पूरे प्रदेश में पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू कर ले,कितने भी आदेश-निर्देश दें दें अगर आपका कानून आम के लिए अलग है और खास के लिए अलग है तो आपकी सारी ये बातें सिर्फ पाखंड हैं.  नेता प्रतिपक्ष  अजय सिंह ने एनसीआरबी की रिपोर्ट में मध्यप्रदेश में महिलाओं के प्रति बढ़ रह अपराध तथा स्वयं सरकार के रिपोर्ट में महिलाओं की भयावह स्थिति के आंकड़े जारी करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के तमाम दहाड़ने के बाद भी 27 मार्च को राजधानी भोपाल और ग्वालियर की दो घटनाएं शिवराज सरकार के पाखंड को उजागर करती है.  
आम और खास के लिए है अलग-अलग कानून
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने प्रीति रघुवंशी के मामले में सदन से लेकर सड़क तक मामला उठाया. राज्यपाल को भी ज्ञापन दिया, लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई. ऐसा लगता है कि प्रदेश में अंधा कानून है. भाजपा सरकार ने पिछले 15 साल में अपने मंत्रियों, भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को सभी कानूनों से बरी कर दिया है. जिसकी जो मर्जी में आए वह करें. आम गुंडों का तो जुलूस निकाला जा रहा है. बड़वाह में भारतीय जनता युवा मोर्चा और भाजपा के पदाधिकारी रिश्तेदार युवक यूनिक सुराणा बलात्कार का आरोपी है लेकिन उसका जुलूस नहीं निकाला गया.

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