गुरुवार, 31 मई 2018

अनशन खत्म, मांगें और लड़ाई रहेगी जारी

 11 जून से 15 जुलाई तक गांव-गांव जाएंगे आप के कार्यकर्ता

आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयोजक आलोक अग्रवाल सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने आज दोपहर को अनशन समाप्त कर दिया. इस अवसर पर अग्रवाल ने कहा कि हमने केन्द्रीय नेतृत्व की अपील पर अनशन तो खत्म कर दिया, मगर मांगे और लड़ाई जारी रखेंगे.
केंद्रीय नेतृत्व की ओर से गुरुवार सुबह राज्यसभा सांसद और पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह एवं पार्टी के राष्ट्रीय सचिव पंकज गुप्ता को अनशन तोड़ने की अपील के साथ भेजा गया. इस बीच, अनशनकारियों के गिरते स्वास्थ्य को देखते हुए कार्यकर्ताओं की ओर से लगातार अनशन तोड़ने और सड़क पर जमीनी लड़ाई लड़ने का आह्वान किया गया. बाद में सांसद संजय सिंह ने अपने वक्तव्य के दौरान अनशन पंडाल में मौजूद कार्यकर्ताओं एवं जनता के बीच रायशुमारी कराई. इसके बाद प्रदेश संयोजक आलोक अग्रवाल ने भारी दबाव के बीच अनशन तोड़ने पर सहमति जताई लेकिन साथ ही वादा किया यह लड़ाई सड़क पर जारी रहेगी और आगामी चुनावों में भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने तक यह संघर्ष जारी रहेगा. इसके लिए पार्टी 11 जून से 15 जुलाई के बीच आम आदमी जनजागरण यात्रा निकालेगी. इसमें प्रदेश के सभी 52 हजार गांवों और शहरों के सभी मोहल्लों तक संदेश पहुंचाया जाएगा.
सांसद संजय सिंह ने कहा कि यह बेईमान तो चाहते हैं कि हम मर जाएं, हमारी लड़ाई कमजोर हो, लेकिन हमें इस बारे में सोचना चाहिए. उन्होंने बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ हमने इस विषय पर लंबी चर्चा की. इस चर्चा के बाद अरविंद केजरीवाल ने हमें यह अनुरोध करने के लिए भेजा है कि अब इस अनशन को खत्म कर दिया जाए. उन्होंने कहा कि केजरीवाल  ने साफ कहा है कि हमारा ध्येय इस आंदोलन को प्रदेश के गांव-गांव तक पहुंचाना है और इसके लिए आलोक अग्रवाल का स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है. बीते छह दिनों में कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार हुआ है और प्रदेश के किसानों, मजदूरों, युवाओं, माताओं, बहनों के बीच यह संदेश गया है कि आम आदमी पार्टी उनकी लड़ाई को पूरी मजबूती से लड़ रही है. प्रदेश का हर आदमी अब आपके लिए लड़ने के लिए तैयार है. 
प्रदेश संयोजक आलोक अग्रवाल ने कहा कि आज हम यह संकल्प लें कि अगले डेढ़ महीने में मध्य प्रदेश के 52 हजार गांव और हर शहर के हर मोहल्ले में पहुंचेंगे. इस दौरान हम आम आदमी जनजागरण यात्रा निकालेंगे और प्रदेश की वर्तमान सरकार की लूट का खुलासा करेंगे. उन्होंने कहा कि डेढ़ महीने की इस यात्रा में सभी मंडल अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारी आम आदमी पार्टी की लड़ाई को जनता के बीच ले जाएंगे और इसे जनता की लड़ाई बनाएंग. उन्होंने कहा कि दिल्ली में चुनाव जनता ने लड़ा था और यहां भी जनता को ही लड़ना पड़ेगा तभी व्यवस्था परिवर्तन की लड़ाई पूरी होगा.
पार्टी के राष्ट्रीय सचिव पंकज गुप्ता ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि एक तरफ देश का किसान भूखा मर रहा है और दूसरी तरफ नीरव मोदी 20 हजार करोड़ लेकर भाग जाता है. उसे पकड़ने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की जाती है. एक तरफ देश का किसान इस चिलचिलाती धूप में अपने खेत में खड़ा है और फसल के लिए कतार लगाए है. उधर हमारे प्रधानंत्री इंडोनेशिया में रंग-बिरंगे कपड़े पहनकर घूम रहे हैं. इससे पता चलता है कि इस सरकार के लिए किसकी जान की कीमत ज्यादा है. इंडोनेशिया के और अमरीका के लोग इन्हें प्यारे हैं या फिर इस देश की भूखी जनता का दर्द इन्हें दिखाई देता है. उन्होंने कहा कि अभी हाल ही में प्रदेश के मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि चाहे कुछ हो जाए मैं किसानों का कर्ज माफ नहीं करूंगा. यह उनका घमंड है, उनका दंभ है, लेकिन उन्हें याद रखना चाहिए कि 5 साल पहले दिल्ली की सरकार ने भी यही कहा था कि हम आपकी बात को नहीं सुनेंगे. वहां जनता ने क्या हाल किया. वही हाल मध्य प्रदेश में भी करेंगे. 

प्रशिक्षण से हर स्तर पर पुलिस बल दक्ष और प्रभावी होगा: सिंह

* अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था में टेक्नोलॉजी की भूमिका महत्वपूर्ण 

केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम के प्रमुख अंग न्याय, पुलिस और अभियोजन का औपचारिक प्रशिक्षण भी आवश्यक हैं. इस दिशा में भी पहल की जानी चाहिए. हर स्तर का पुलिस बल दक्ष और प्रभावी हो, इसके लिये उनके नियमित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए. 
राजनाथ सिंह भोपाल में केन्द्रीय पुलिस प्रशिक्षण अकादमी का उद्घाटन कर रहे थे. सिंह ने कहा कि पुलिसकर्मी को सेवा अवधि के दौरान पांच-पांच वर्ष के अंतराल पर प्रशिक्षण मिले. प्रशिक्षण की इस व्यवस्था के लिए करीब दस हजार प्रशिक्षकों की आवश्यकता का आंकलन किया गया है. ब्यूरो आॅफ पुलिस रिसर्च एण्ड डेवलपमेंट को इस दिशा में पहल के लिए कहा गया है. केन्द्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्मार्ट पुलिस निर्माण के प्रयासों में ब्यूरो की भूमिका बताते हुए कहा कि टेक्नोलाजी का अधिकतम उपयोग किया जाना चाहिए. अकादमी के पूर्णत: टेक्नोलाजी आधारित होने, फाइलों का आॅनलाईन मूवमेंट, जीरो वेस्ट और ट्रीटेड सीवेज वाटर से सिंचाई आदि प्रयासों की सराहना की. उन्होंने संस्थान में व्यापक वृक्षारोपण की आवश्यकता बतायी और इस काम में राज्य सरकार से सहयोग का अनुरोध किया. उन्होंने मुख्यमंत्री चौहान का अकादमी के लिये नि:शुल्क भूमि उपलब्ध कराने के लिए आभार माना.  सिंह ने कहा कि पुलिस के प्रति आम जनता में विश्वास का ऐसा वातावरण निर्मित हो, जिसमें आमजन थानों को न्याय के मंदिर के रूप में देखें.
मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आंतरिक सुरक्षा की आधुनिक चुनौतियों से निपटने के लिये पुलिस का नियमित प्रशिक्षण जरूरी है. उन्होंने कहा है कि प्रदेश में आगामी अगस्त माह में वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा. राज्य पुलिस द्वारा 15 अगस्त को अकादमी में वृक्षारोपण किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्थान के प्रदेश में स्थित होने का लाभ राज्य के पुलिस बल को भी मिलेगा. हाक पुलिस बल का प्रशिक्षण संस्थान में होगा. उन्होंने कहा कि देश में नक्सलवादी, आतंकवादी और राष्ट्रविरोधी शक्तियों से ताकत के साथ निपटने के लिए संचालित अभियान की सफलताएं दिख रही हैं. उन्होंने कहा कि पुलिस का कार्य अत्यंत चुनौतीपूर्ण हैं. इस कार्य में प्रशिक्षण की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है. अपराधों के नियंत्रण और कानून-व्यवस्था में टेक्नोलॉजी की भूमिका निरंतर महत्वपूर्ण होती जा रही है. आवश्यक है कि पुलिस बल को भी समय-समय पर अत्याधुनिक साधन-संसाधनों से सम्पन्न किया जाए.
समारोह में अकादमी की परिकल्पना से व्यवहारिक रूप में सामने आने के विभिन्न चरण पर आधारित वृत्त चित्र का प्रदर्शन किया गया. अकादमी 401 एकड़ भू-भाग में फैली है. अकादमी के भवन निर्माण पर 187 और मशीन एवं संसाधनों पर 37 करोड़ रुपए व्यय किए गए हैं. शुरूआत में केन्द्रीय गृह मंत्री और मुख्यमंत्री ने पूजन-अर्चन कर परिसर का अवलोकन किया. 

नोटिस भेज कर किसानों के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचा रही सरकार



प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा है कि शिवराजसिंह भोले-भाले और बुजुर्ग किसानों से बांड भरवाने का नोटिस जारी कर उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचा रहे हैं. प्रशासन द्वारा सज्जन लोगों के साथ अपराधी जैसा व्यवहार किया जा रहा है.  
कमलनाथ ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं इस तरह का कृत्य करके किसानों को भड़का रहे हैं. नोटिस भेजकर एक सभ्य किसान समाज की निष्ठा पर जबरन शक किया जा रहा है. सरकार के इस कदम से यदि भविष्य में कोई अप्रिय स्थिति निर्मित होती है तो मुख्यमंत्री स्वयं इसके जिम्मेदार होंगे. शिवराजसिंह के बयानों से यह आभास भी होता है कि उन्हें स्वयं अप्रिय स्थिति की आशंका है और उसके भय से वे अकारण अभी से दूसरों पर दोषारोपण कर रहे हैं.   कमलनाथ ने कहा है कि सरकार दमन की नीति पर चल रही है और जानबूझकर किसानों को प्रताड़ित कर रही है. यह ऐसा संवेदनशील मामला है कि इसमें जरा सी चूक से किसान भड़क जाएंगे. सरकार एक जून से शुरू हो रहे किसानों के आंदोलन को विफल करने की कोशिश में खुद मुसीबत को आमंत्रण दे रही है और मुख्यमंत्री हैं कि सरकारी तंत्र के इस कृत्य को रोकना तो दूर, उल्टे कांग्रेस को बदनाम करने पर तुले हैं.     

पत्नी से अननेचुरल सेक्स करने वाला पति गिरफ्तार


राजधानी  के पिपलानी थाना क्षेत्र में एक पति द्वारा अपनी पत्नी के साथ अननेचुरल सेक्स किए जाने का मामला सामने आया है. पत्नी की मर्जी के खिलाफ जाकर उसके साथ अननेचुरल सेक्स करने के आरोप में  पति के खिलाफ संबंधित पिपलानी थाने में प्रकरण दर्ज किया गया है.
पिपलानी थाना पुलिस के अनुसार 34 वर्षीय महिला की शिकायत पर आरोपी पति अंसार खान के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.  महिला का आरोप है कि उसका पति उसकी मर्जी के खिलाफ जाकर उसके साथ अननेचुरल सेक्स करता है. जब पीड़ित महिला अपने साथ हो रही इस ज्यादती का विरोध करती है, तो पति अंसार खान उसे जान से मारने की धमकी देने लगा. रोजाना की प्रताड़ना से तंग आकर महिला ने थाने पहुंचकर अपने पति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई.  पुलिस का कहना है कि मामला दर्ज करने के बाद आरोपी अंसार खान को गिरफ्तार कर लिया गया.
शादी का झांसा देकर किया दुष्कर्म
राजधानी के बागसेवनियां  पुलिस के अनुसार 21 वर्षीय युवती की शिकायत पर आरोपी शुभम शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज किया है. पुलिस का कहना है कि युवती का आरोप है कि शुभम शर्मा ने उसे शादी का झांसा देकर उसके साथ करीब दो साल तक दुष्कर्म किया है. आरोपी शुभम, भेल संगम सोसाइटी स्थित अपने एक दोस्त के कमरे में युवती को लेकर उसके साथ दुष्कर्म करता था. दो साल बाद जब युवती ने शुभम शर्मा पर शादी करने का दबाव बनाया, तो वह साफ मुकर गया. बाद में युवती ने थाने जाकर शिकायत की.  पुलिस ने शुभम को गिरफ्तार कर लिया है.

किसानों का नहीं, कांग्रेस का है आंदोलन: राजनाथ



केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथसिंह ने कहा कि मंदसौर में किया जा रहा किसान आंदोलन किसानों का नहीं, बल्कि कांग्रेस का आंदोलन है. जब भी चुनाव आते हैं, कांगे्रस कोई न कोई शिगुफा छोड़ती है.
केन्द्रीय मंत्री आज राजधानी में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की प्रशंसा करते हुए कहा कि शिवराजसिंह गरीबों के प्रति संवेदनशील हैं. उन्होंने प्रदेश में गरीबों और किसानों के हित में काम किए हैं. उन्होंने कहा कि चार सालों में परिवर्तन कर देंगे, यह दावा हम नहीं कर सकते, लेकिन 2022 को हमने लक्ष्य रखा है कि किसानों की आय दो गुना कर देेंगे. राजनाथसिंंह ने किसान आंदोलन को लेकर कहा कि यह आंदोलन किसानों का नहीं, बल्कि कांग्रेस का आंदोलन है. जब भी चुनाव आते हैं, कांग्रेस के अध्यक्ष कोई न कोई शिगूफा छोड़ देते हैं. 
सिंह ने केन्द्र सरकार के चार साल पूरे होने पर उपलब्धियां गिनाई और कहा कि पहली बार ऐसा हुआ है, जब कोई चुनी हुई सरकार ने अपने कामकाज का ब्यौरा दिया है.उन्होंने कहा कि चार सालों में देश की विश्व में प्रतिष्ठा बढ़ी है.
जनता को राहत देने पर कर रहे विचार
केन्द्रीय मंत्री राजनाथसिंह ने देश में निरंतर बढ़ रही पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर कहा कि इससे अर्थव्यवस्था पर कोई बड़ा संकट खड़ा नहीं होगा. हम जल्द ही जनता को राहत देने का विचार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि भारत अब दुनिया के टाप-7 इकोनामी पावर में शामिल हो गया है. उन्होंने विश्वास दिलाया कि जल्द ही हमारा देश टाप- 5 में शामिल होगा.
बिना सुरक्षा के विकास नहीं
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि बिना सुरक्षा के किसी देश का विकास नहीं हो सकता है. उन्होंने दावा किया कि चार सालों में किसी भी तरह की कोई आतंकी वारदात नहीं हुई है. गुरुदासपुर पठानकोट में एयरबेस को तबाह करने की कोशिश की थी, लेकिन सुरक्षा बलों ने मंसूबों को नाकाम कर दिया और सभी आतंकवादियों को मार गिराया.इसके बाद कोई भी बड़ी दुर्घटना हमारे देश में नहीं हुई है. यह अच्छी बात तो हैं, साथ ही यह हमारी कामयाबी भी है. 
पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़वा देना बंद करे
केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथसिंह ने कहा कि पाकिस्तान को आतंकवाद को बढ़ावा देना बंद करना चाहिए.यदि पाकिस्तान खुद आतंकवाद का खात्मा नहीं कर पाता है तो वह अपने पड़ौसी देश भारत से सहयोग ले सकता है.उन्होंने कहा कि पाकिस्तान लगातार सीज फायर का उल्लंघन कर रहा है.लोग मारे जा रहे हैं.जम्मू कश्मीर के लोग बेघर हो गए हैं. उन्होंने कहा कि सीमा पर रहने वाले लोगों के लिए 14 सौ बंकर बनाने का फैसला किया है.

उपार्जन में गड़बड़ी करने वालों पर करें कार्यवाही

 प्रमुख सचिव ने कलेक्टरों को दिए निर्देश 
प्रदेश में किसानों के हितों की अनदेखी करते हुए उपार्जन कार्य में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश प्रमुख सचिव किसान-कल्याण तथा कृषि विकास डॉ. राजेश राजौरा ने जिला कलेक्टर्स को दिए है.
प्रमुख सचिव ने कलेक्टर्स को लिखे पत्र में कहा है कि 31 मई से 2 जून  तक आगामी 3 दिनों में संबंधित जिले में चना, मसूर, सरसों का उपार्जन जिन मण्डियों में किया जा रहा है वहां के लाईसेंसधारी मण्डियों के व्यापारियों के चना, मसूर और सरसों के स्टॉक के सत्यापन के लिए गोदामों की विधिवत जांच सुनिश्चित की जाए. उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्रदेश की प्रत्येक मंडी में राजस्व, कृषि, खाद्य और सहकारिता के संयुक्त दल को प्राईस सपोर्ट स्कीम अनुरूप चना, मसूर और सरसों के उपार्जन की कार्रवाई सुचारू रूप से सपन्न करने के लिए टीम गठित करने के निर्देश पूर्व में ही दिए जा चुके हैं. डॉ. राजौरा ने सागर, विदिशा रायसेन, देवास, दमोह, राजगढ़, उज्जैन, गुना, हरदा, सीहोर, अशोकनगर और शाजापुर जिले के कलेक्टर्स को जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करने की हिदायत दी है.

कमलनाथ-सिंधिया बैलगाड़ी से जाएंगे मुख्यमंत्री निवास


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ और प्रदेश कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया पेट्रोल-डीजल बढ़ती कीमतों के विरोध स्वरूप बैलगाड़ी से मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर घेराव और प्रदर्शन करेंगे. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव और प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया भी उनके साथ इस प्रदर्शन में रहेंगे. 
यह जानकारी देते हुए प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष संगठन प्रभारी चंद्रप्रभाष शेखर ने बताया है कि यह बैलगाड़ी यात्रा आगामी मंगलवार, पांच जून को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से शुरू होगी. पेट्रोल-डीजल पर से राज्य सरकार द्वारा लगाए गए करों को कम करने के लिए नेतागण मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौपेंगे. बैलगाड़ी यात्रा में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता शामिल होंगे.  
 गोलीकांड की जांच रिपोर्ट छह जून के पहले करें सार्वजनिक
कांग्रेस ने मांग की है कि मंदसौर गोलीकांड की जांच रिपोर्ट को 6 जून के पहले सार्वजनिक किया जाना चाहिए. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि विगत छह जून, 2017 को मंदसौर गोलीकांड में हुई किसानों की मौत को लेकर गठित जैन आयोग का कार्यकाल चार बार बढ़ाये जाने के बाद विगत 11 मई को समाप्त हो गया. कार्यकाल समाप्ति के बीस दिन बाद भी आयोग ने जांच रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं की है, वह रिपोर्ट कहां और किसके पास है? कमलनाथ ने कहा है कि आगामी छह जून को मंदसौर गोलीकांड को एक वर्ष होने के पूर्व शिवराज सरकार जस्टिस जैन आयोग की रिपोर्ट को जारी करे. उन्होंने कहा कि गोलीकांड के दोषियों को शीघ्र सजा और पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिले.  उन्होंने दोषियों को सजा देने की मांग की है. कमलनाथ ने यह भी मांग की है कि मंदसौर गोलीकांड में हजारों किसानों पर दर्ज सैकड़ों झूठे मुकदमे भी छह जून के पूर्व वापिस ले शिवराज सरकार.  

विज्ञापन के जरिए खुद की ब्रांडिंग कर रहे शिवराज


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा है कि पिछले साढ़े चौदह सालों से मध्यप्रदेश सरकार विज्ञापनों के माध्यम से भ्रमित करने वाले और झूठे आंकड़े अखबारों में प्रकाशित करा रही है. विज्ञापनों पर जनता की खून पसीने की कमाई का करोड़ों रुपए पानी की तरह खर्च किया जा रहा है. कमलनाथ ने आरोप लगाया कि जनता की कमाई से करोड़ों रुपए खर्च कर शिवराज  खुद की ब्रांडिंग कर रहे हैं.
कमलनाथ ने कहा कि जब लगभग हर रोज किसान आत्महत्या कर रहे हैं और हर वर्ग परेशान है, तब घोषणावीर किसान पुत्र मुख्यमंत्री भाषणों और विज्ञापनों में सबके खुशहाल होने की झूठी बातें करते हैं. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने विगत दिनों अखबारों में पूरे-पूरे पेज के चार पृष्ठों के विज्ञापन दिये हैं. इनमें भ्रमित करने वाले झूठे और चौकाने वाले आंकड़े प्रस्तुत किये गये हैं. विज्ञापनों में कई बातें पूरी तरह मिथ्या हैं. 
कमलनाथ ने कहा कि यह यक्ष प्रश्न है कि यदि मध्यप्रदेश सरकार ने वास्तव में प्रदेश का विकास किया है तो यह जनता को दिखेगा और उन्हें उसका लाभ महसूस होगा, फिर क्या कारण है कि सरकार को विज्ञापनों पर करोड़ों रुपए खर्च करके विकास कार्यों को बताना पड़ रहा है. यदि भाजपा सरकार ईमानदारी से प्रदेश में विकास कार्यांे को जमीन पर उतारती तो उन्हें झूठे विज्ञापनों का सहारा नहीं लेना पड़ता और जनमानस में अपने आप विकास प्रतिबिंबित होता. नाथ ने आरोप लगाया कि शिवराजसिंह जनता की गाढ़ी कमाई से करोड़ों रुपए खर्च कर खुद की ब्रांडिंग कर हैं. अखबारों में प्रकाशित विज्ञापन में सबसे नीचे की लाईन में स्पष्ट लिखा है कि शिवराजसिंह चौहान एप को डाउनलोड करें. आखिर जनता को शिवराजसिंह चौहान के व्यक्तिगत एप से क्या लाभ मिलेगा. यह तो जनता के पैसों का खुला दुरूपयोग है. 

बुधवार, 30 मई 2018

डालर एक्सचेंज के नाम पर लगाया 2 लाख का चूना

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में तीन हजार डालर एक्सचेंज करने के नाम पर एक मनी एक्सचेंजर को एक युवक ने दो लाख रुपए का चूना लगा दिया. घटना बीती 21 मई की है. कमला नगर थाने ने बताया कि मयूर दासवानी, जो एक मनी एक्सचेंजर और आशा टूर एंड ट्रेवल्स के नाम से गेहूं खेड़ा क्षेत्र में ट्रेवल्स एजेंसी चलाते है. इनको डॉलर एक्सचेंज करने के नाम पर एक युवक बगैर डॉलर दिए दो लाख रुपए लेकर फरार हो गया.
कमला नगर पुलिस ने आगे बताया कि मयूर दासवानी को पिछले 20 मई को एक युवक ने 500 डॉलर एक्सचेंज करने के लिए सायाजी होटल में बुलाया था. उस युवक ने अपने आपको सायाजी होटल का सेल्स एक्सजीक्यूटिव बताया था. इसी युवक ने मयूर दासवानी को 21 मई को फिर तीन हजार डॉलर बदलने के लिए सायाजी होटल दोबारा बुलाया. इस युवक ने मयूर दासवानी को रेस्टोरेंट में बैठाकर उनसे तीन हजार डालर के बदले दो लाख रुपए लिए और यह कहते हुए चला गया कि थोड़ी देर में डॉलर लेकर आता है. जब काफी देर तक यह युवक डालर लेकर नहीं आया तो मयूर दासवानी ने उसके बारे में होटल स्टाफ  से पूछा. होटल स्टाफ ने बताया कि यह युवक उनके होटल में कर्मचारी नहीं है. ठगे जाने के बाद मयूर दासवानी ने कमला नगर थाने में रिपोर्ट लिखवाई. पुलिस का कहना है कि होटल के सीसीटीवी फुटेज में आरोपी युवक द्वारा मयूर दासवानी से पैसे लेते हुए रिकार्ड हुआ है. साथ ही आरोपी जिस क्विड कार में सीसीटीवी फुटेज में जाते देखा गया वह किसी मनोज कुमार यादव निवासी शाजहांनाबाद के नाम से रजिस्टर्ड है. मनोज दासवानी ने बताया कि इस युवक ने उनका भरोसा जीतकर उनके साथ धोखा किया है. मनोज दासवानी ने आगे बताया कि आरोपी युवक और उसका साथी दोनों करीब 30 साल की उम्र के हैं और मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव की तरह बोलचाल करते है

गुमटियां हटवाएंगे कलेक्टर


प्रदेश में हाई-वे जंक्शन्स के आसपास की गुमटियों को हटवाने के लिये कलेक्टरों को विभाग प्रमुख द्वारा निर्देश जारी कराए जाएं. इन गुमटियों से जंक्शन पर विजिबिलिटी कम हो जाती है और वहां दुर्घटना की संभावनाएं बढ़ जाती ह. आज राज्य सड़क सुरक्षा क्रियांवयन समिति के नोडल अधिकारियों की बैठक में सड़क सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई. अध्यक्षता पीटीआरआई के पुलिस उप महानिरीक्षक  इन्दुप्रकाश अरजरिया ने की.
बैठक में तय किया गया कि टेक्निकल प्वाइन्ट आॅफ व्यू से हाई-वे जंक्शन्स पर 20 से 30 मीटर दूरी पर स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं और साइन बोर्ड लगाये जायें. बताया गया कि 55 प्रतिशत दुर्घटनाएं राष्ट्रीय राजमार्ग पर होती ह. बैठक में सड़क निर्माण में निर्धारित आॅडिट प्वाइन्ट से भी समिति को अवगत करवाने की आवश्यकता बताई गई. जानकारी दी गई कि राज्य सड़क सुरक्षा परिषद् की आगामी बैठक गृह मंत्री की अध्यक्षता में जुलाई माह में संभावित है.
समिति ने स्कूल शिक्षा विभाग से कहा कि सड़क सुरक्षा संबंधी विषय के जरिये स्कूली बच्चों में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास करें. पाठ्यक्रम में जोड़े गये सड़क सुरक्षा संबंधी अध्याय से समिति को भी अवगत करवाया जाये. बैठक में सड़क निर्माण से संबंधित विभागों से उनके ब्लेक स्पॉट पर चर्चा की गई. विगत तीन वर्ष में आधा किलोमीटर के दायरे की सड़क पर पाँच दुर्घटना और 10 से अधिक मृत्यु होने वाले स्थानों को ब्लेक स्पॉट की श्रेणी में रखा जाता है. प्रदेश में अभी ऐसे 616 ब्लेक स्पॉट चिन्हित किये गये ह. बैठक में रोड सेफ्टी एजुकेशन पर भी चर्चा की गई.

बैंको में पर्याप्त मात्रा में नगदी उपलब्ध रहे

मुख्यमंत्री ने कहा  ऋण व्यवस्था पारदर्शी हो

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य-स्तरीय बैंकर्स समिति की 168वीं बैठक में कहा है कि बैंकों में पर्याप्त मात्रा में नगदी उपलब्ध रहे. स्व-रोजगार योजनाओं का ऋण वितरण पारदर्शिता के साथ किया जाए. सामाजिक सुरक्षा योजना के हितग्राहियों और मनरेगा के श्रमिकों को पेंशन और मजदूरी भुगतान की समुचित सुविधा उपलब्ध करवाएं. उन्होंने कहा कि प्रदेश के पिछड़े जिलों में जमा-ऋण-अनुपात को बढ़ाने और ग्रामीण अंचल में बैंक शाखाओं की संख्या बढ़ाने के प्रयास किए जाएं. बिजनेस प्रतिनिधि और चलित बैंकिंग की व्यवस्थाओं को विस्तारित किया जाए. 
बैठक में मुख्य सचिव बी.पी. सिंह भी मौजूद थे. बैठक में सर्व-समिति से निर्णय लिया गया कि आगामी 4 अगस्त को प्रदेश के सभी जिलों में रोजगार मेले आयोजित किए जाएंगे. मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बैंकर्स की वर्ष 2018-19 की कार्य-योजना का विमोचन किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि बैंक राज्य की समृद्धि और विकास का आधार हैं. कृषि, उद्योग और बुनियादी विकास आदि सभी क्षेत्रों में होने वाले कार्य, बैंकिंग व्यवस्था पर निर्भर हैं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शीघ्र ही समर्थन मूल्य पर कृषि उपज की खरीदी और प्रोत्साहन राशि के लगभग 25 हजार करोड़ रुपए बैंकों में जमा किए जा रहे हैं. किसानों एवं अन्य पात्र हितग्रहियों को उन्हें स्वीकृत राशि प्राप्त करने में असुविधा और विलंब नहीं हो. बैंक सुनिश्चित करें कि शाखाओं में नगदी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहे. मुख्यमंत्री ने बैंकर्स को स्व-रोजगार योजनाओं में लक्ष्य से 13 प्रतिशत अधिक उपलब्धि हासिल करने के लिए बधाई दी. उन्होंने कहा कि स्व-रोजगार योजनाओं के ऋण वितरण के साथ ही स्व-रोजगार के अवसरों की सहज उपलब्धता का वातावरण भी बनाया जाए. इससे जनता में बैंकों के प्रति विश्वास बढ़ेगा. चौहान ने रोजगार मेलों में ऋण वितरण की व्यवस्था करने की जरूरत बताई. उन्होंने कहा कि युवाओं के साथ ही स्व-सहायता समूहों और माइक्रो फाइनेंसिंग कंपनियों को भी मेले में शामिल किया जाना चाहिए. मेले में राज्य और केन्द्र सरकार की सभी योजनाओं के हितग्राहियों के लिए ऋण वितरण की व्यवस्था होना चाहिए.
चौहान ने कहा कि बैंकर्स द्वारा ऐसा माडल तैयार किया जाए कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के पेंशनर्स और मनरेगा के श्रमिकों को, उनके गांवों में ही आसानी से स्वीकृत राशि प्राप्त हो सके. उन्होंने बैंकर्स को कृषि क्षेत्र में स्व-रोजगार के अवसर सृजित करने, कृषक युवा उद्यमी योजना पर फोकस करने और अधिक से अधिक ऋण वितरण के लिए प्रेरित किया. चौहान ने राज्य में 9000 करोड़ रुपए का कैश फ्लो बनाए रखने, साख सीमा में वर्ष 2017-18 में 13 प्रतिशत और वर्ष 2018-19 में 14 प्रतिशत की वृद्धि अर्जित करने और जमा-ऋण-अनुपात के लक्ष्य से 3.06 प्रतिशत अधिक की वृद्धि के लिये बैंकर्स को बधाई दी. उन्होंने कहा कि प्रदेश के 40 प्रतिशत से कम जमा-ऋण-अनुपात वाले क्षेत्रों में बैंकर्स विशेष ध्यान दें.
सेंट्रल बैंक आफ इंडिया के कार्यकारी निदेशक बी.एस. शेखावत ने बैठक में बताया कि मध्यप्रदेश की जीडीपी वृद्धि दर गत वर्ष 19.7 प्रतिशत रही, जो देश की औसत वृद्धि से अधिक है. इस क्षेत्र में राज्य का देश में आठवां स्थान है. उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2017-18 के दौरान ऋण वितरण में 13.89 प्रतिशत और जमा में 8.45 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है. वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए 1 लाख 47 हजार 618 करोड़ की वार्षिक योजना बनायी गयी है. रिजर्व बैंक आफ इंडिया के निदेर्शानुसार लीड बैंक योजना में सुधार किया जा रहा है. शेखवात ने बैंकर्स को बिजनेस करसपान्डेंट व्यवस्था को अधिक सशक्त बनाने के लिए कहा.


कलेक्टर ने पहले पिलाया शरबत, फिर सुनी समस्याएं

मध्यप्रदेश के शहडोल जिले की कलेक्टर ने समस्याएं लेकर आए लोगों को पहले तो शरबत पिलाया और फिर उसके बाद उनकी समस्याएं सुनी. यह देख समस्या लेकर आए लोग भावुक हो गए और उन्होंने कलेक्टर के इस कदम की सराहना भी की.
हाल ही में पदस्थ हुई शहडोल कलेक्टर अनुभा श्रीवास्तव ने मंगलवार को पहली ही सुनवाई में अभिनव प्रयोग करते हुए जिले भर से आए आवेदकों को अपने हाथों से शरबत पिलाया. आवदेक ने पहली बार किसी शासकीय संस्थान में स्वागत पाकर अत्यन्त प्रसन्न थे. जन सुनवाई में बैठे अधिकारियों को कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आवेदकों की समस्याओं का त्वरित निदान किया जाए, किसी भी परिस्थिति में आवेदक को अपनी समस्या के निराकरण लिए दुबारा कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़े. जनसुनवाई में कलेक्टर के अतिरिक्त अपर कलेक्टर  सरोधन सिंह, एस.डी.एम. सोहागपुर रमेश सिंह, डिप्टी कलेक्टर प्रशांत त्रिपाठी, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे.
जनसुनवाई में बुढार में एन.आर.सी. में रसोइयां पद पर कार्यरत गीता बाई पनिका ने आवेदन दिया कि उसे पद से पृथक कर दिया गया. कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को तत्काल प्रतिवेदन देने के निर्देश दिए. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश पाण्डेय ने तत्काल समस्या का निराकरण करते हुए उसे सेवा में रखने के निर्देश बी.एम.ओ. बुढार को दिए. इस तरह समस्या का निराकरण किया गया. जन सुनवाई में प्रमुख रुप से जमीन से संवंधित मामले, पेंशन, प्रधानमंत्री आवास, गरीबी रेखा में नाम जोड़ने से संवंधित प्रकरण प्राप्त हुए.

तबीयत बिगड़ने लगी अनशन पर बैठे लोगों की

आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयोजक आलोक अग्रवाल एवं तीन अन्य नेताओं धनीराम भाई, बसोरी लाल यादव और अशोक शाह धुर्वे का किसानों, बिजली और बेरोजगारी के मुद्दे पर किया जा रहा अनिश्चितकालीन अनशन पांचवें दिन भी जारी रहा. अनशन के पांचवें दिन अनशनकारियों की स्थिति बिगड़ती नजर आ रही है.
पांचवें दिन अनशनकारियों को संबोधित करते हुए आम आदमी पार्टी के प्रदेश संगठन सचिव और इंदौर जोन के प्रभारी युवराज सिंह ने कार्यकर्ताओं एवं किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी ने किसानों के हक की जो लड़ाई शुरू की है, वह किसानों की कर्ज माफी समेत सभी मांगों के हल होने तक जारी रहेगी और यह लड़ाई हर मोर्चे पर लड़ी जाएगी. हर गांव, हर गली तक आम आदमी पार्टी अपनी आवाज को पहुंचाएगी और किसानों की लड़ाई को सफल बनाएगी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस भी आज मंदसौर के शहीद किसानों के जरिये राजनीति कर रही है, लेकिन बीते 14 सालों में कांग्रेस कहीं भी किसानों के साथ खड़ी दिखाई नहीं दी. आम आदमी पार्टी ने प्रदेश की सड़कों पर विपक्ष की असली भूमिका निभाते हुए हर मोर्चे पर किसानों की लड़ाई लड़ी है। अनशन के पांचवें दिन युवा टीम ने विभिन्न जनगीतों और कविताओं के माध्यम से कार्यकतार्ओं में जोश भरा. मंच का संचालन प्रदेश संगठन सचिव हिमांशु कुलश्रेष्ठ ने किया. 
अनशन स्थल पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पार्टी प्रवक्ता परिणिता राजे उर्फ बेटी राजा (दतिया) ने कहा कि किसानों की लड़ाई में आम आदमी पार्टी पूरी ताकत से किसानों के साथ खड़ी है और इस लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाया जाएगा. पूरे प्रदेश से पार्टी के अनशनकारियों को समर्थन देने दूर दूर से लोग आ रहे हैं. यह बताता है कि अब आम आदमी पार्टी पर ही किसानों और आम जनता को भरोसा है और भाजपा व कांग्रेस अब किसानों का भरोसा खो चुकी हैं. इन दोनों ही पार्टियों ने लगातार किसानों को ठगा है
आम आदमी पार्टी के अनिश्चितकालीन अनशन के पांचवें दिन विभिन्न संगठनों की ओर से समर्थन का सिलसिला जारी रहा. इसके अलावा कई प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आम आदमी पार्टी की सदस्यता भी ग्रहण की.  भितरवार (जिला ग्वालियर) की पूर्व जनपद अध्यक्ष शकुंतला बल्ली चौधरी ने अपने समर्थन जनपद सदस्यों समेत पार्टी की सदस्यता ग्रहण की.

किसान आंदोलन को सफल बनाने की बनाते रहे रणनीति

 सरकार किसानों को मनाने में जुटी, बांड लेगी वापस
मध्यप्रदेश में 1 जून से शुरु होने वाले किसानों के गांव बंद आंदोलन को लेकर सरकार की चिंता बढ़ गई है. सरकार इस मामले में अब किसानों को मनाने में जुटी है, वहीं किसान आंदोलन से जुड़े संगठन आंदोलन को सफल बनाने की रणनीति में लगे है. आंदोलन का स्वरुप प्रदेश स्तर का होगा. मालवा से हटकर यह आंदोलन राजधानी भोपाल और आसपास के जिलों में भी अपना असर दिखा सकता है.
मध्यप्रदेश में किसान मजदूर संघ सहित 22 राज्यों के किसान संगठनों के आह्वान पर किया जा रहा गांव बंद आंदोलन ने सरकार की चिंता को बढ़ा दिया है. पहले सरकार किसानों के इस आंदोलन को पुलिस और प्रशासन के दबाव में दबाना चाहती थी, इसके चलते किसानों से बांड भी भराए गए, मगर जब कांग्रेस के अलावा किसानों ने इसका विरोध किया तो सरकार को यह कहना पड़ा किया किसानों के बांड वापस किए जाएंगे. खुद गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने पत्रकारों से चर्चा में यह बात स्वीकार की. उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से किसी भी प्रकार के बांड भरने की इजाजत नहीं दी गई है. उन्होंने कहा कि ऐसी चीजों की जरूरत नहीं है. दरअसल मध्यप्रदेश के कई जिलों में प्रशासन के द्वारा किसानों से बांड भराया गया कि वे आंदोलन में किसी भी प्रकार की हिंसा नहीं करेंगे. हालांकि मंदसौर सहित अन्य जिलों में भरवाए जा रहे बांड का किसानों ने विरोध भी किया. कई किसानों ने बांड  भरने से इंकार कर दिया है. उन्होंने कहा कि हम अपराधी नहीं है.
वहीं किसान आंदोलन से जुड़े किसान नेताओं द्वारा आंदोलन को सफल बनाने के लिए गांव-गांव जाकर किसानों को आंदोलन में शामिल होने की बात कही जा रही है. किसान नेताओं की सक्रियता को देख अब यह लग रहा है कि आंदोलन मालवा अंचल की तरह अन्य दूसरे जिलों में भी अपना असर दिखा सकता है. खासकर राजधानी भोपाल और आस-पास के जिलों में. इस बात की जानकारी जब लगी तो मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने प्रशासन के साथ-साथ संगठन के पदाधिकारियों और भाजपा के सांसद और विधायकों को भी सक्रिय कर दिया है. सभी से कहा गया है कि वे किसी भी तरह की कोई गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत ही सूचना प्रशासन को दी जाए.
कांग्रेस जुटी राहुल की सभा को सफल बनाने में
कांग्रेस द्वारा 6 जून को मंदसौर में होने वाली राहुल गांधी की सभा को सफल बनाने की तैयारी चल रही है. इसके लेकर मालवा के जिलों में पदाधिकारियों द्वारा बैठकों का दौर तेज हो गया है. कांग्रेस सभा को सफल बनाकर भाजपा को करारा जवाब देना चाहती है. कांग्रेस ने यहां पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे इसके लिए पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है. वहीं कांग्रेस पदाधिकारियों को आशंका है कि कहीं सभा वाले दिन प्रशासन भीड़ ले जाने पर आपत्ति न लगा दे.पदाधिकारियों को आशंका है कि जिला प्रशासन एहतियात के चलते यह कदम उठा सकता है कि मंदसौर जिले के बाहर से आने वाले लोगों की संख्या को सीमित रखा जाए.

बैंकों में हड़ताल से लेन-देन ठप, लोग हुए परेशान


नौ बैंक यूनियनों के आह्वान पर आज मध्यप्रदेश में भी बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहे. बैंक कर्मचारियों की दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन आज महाराणा प्रताप नगर में बैंक कर्मचारी एकत्रित हुए और रैली निकाली. इसके बाद रैली प्रेस काम्पलेक्स में सभा के रुप में परिवर्तित हो गई. बैंकों की हड़ताल का असर आज दिखाई भी दिया, लोग भटकते रहे. 
राजधानी में आज सुबह से ही बैंक कर्मचारियों का महाराणा प्रताप नगर क्षेत्र में एकत्रित होने का सिलसिला शुरु हो गया है. करीब 10 बजे जब बड़ी संख्या में बैंक कर्मचारी एकत्रित हो गए, तो यहां से कर्मचारी रैली के  रुप में निकले और प्रेस काम्पलेक्स में सभा की. यहां पर बैंक कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की. सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान वेतन समझौता नवंबर 2017 से लंबित है. बातचीत के 15 दौर हो चुके हैं.  आखिरी दौर में बैंक प्रबंधन ने सिर्फ दो फीसदी वेतन वृद्धि का प्रस्ताव रखा.
राजधानी भोपाल में बैंकों की करीब 400 शाखाओं में बैंक का कामकाज प्रभावित रहा. दफ्तर सूने रहे और कामकाज बुरी तरह से प्रभावित रहा है. इससे करीब 3 लाख 74 हजार करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार प्रभावित होने का दावा किया जा रहा है. बैंक यूनियन नेताओं का दावा है कि  प्रदेश में 4 हजार शाखाओं के करीब 40 हजार कर्मचारी, अधिकारी हड़ताल पर रहे, इससे करीब 3 लाख 74 हजार करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार प्रभावित होगा. वहीं, भोपाल में करीब 400 शाखाओं के कर्मचारी-अधिकारी हड़ताल पर रहे. बैंकों की इस हड़ताल के कारण बैंकों में ताले लटके रहे और लोग परेशान होते रहे. बैंक कर्मचारियों की हड़ताल कल गुरुवार को भी जारी रहेगी.

रिटायर्ड आर्मी आफिसर की पत्नी के गले से झपटी चेन


राजधानी  के निशातपुरा इलाके में एक रिटायर्ड आर्मी आफिसर की पत्नी के साथ लूट की वारदात हुई है. दो अज्ञात मोटर साइकिल सवारों ने इस वारदात को उस समय अंजाम दिया, जब महिला सुबह की सैर के लिए अपने घर से निकली थी.
निशातपुरा थाना पुलिस ने बताया कि यशोदा पाल पति बाबूलाल पाल निवासी संजीव नगर, की शिकायत पर अज्ञात दो आरोपियों के खिलाफ लूट की धारा 392 आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस का कहना है कि यशोदा के पति बाबूलाल पाल, रिटायर्ड आर्मी आॅफिसर हैं. यशोदा पाल अपने घर से सुबह के वक्त घुमने  के लिए निकली थीं. जैसे ही वह पन्ना गार्डन शादी हाल के पास पहुंची, तो मोटरसाइकिल पर सवार दो अज्ञात आरोपियों ने उनके गले में पहनी हुई सोने की चैन लूट ली.
पुलिस का कहना है कि जब तक  यशोदा पाल संभल पाती, तब तक दोनों आरोपी मौके पर से फरार हो गए. पुलिस का कहना है कि लूटी गई दो तोले की सोने की चैन की कीमत करीब 40 हजार रुपए आंकी गई है. मामला दर्ज करने के बाद से अज्ञात आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है.
जुआ खेलते पकड़ाए जुआरी
राजधानी भोपाल के बैरसिया इलाके में अवैध तरीके से जुआ खेल रहे आठ आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार मंगलवार देर रात मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर आठ जुआरियों को शांति कुंज क्षेत्र से हिरासत में लिया गया. आरोपियों की पहचान बृजेश, सईद, गोलू, हरिनारायण, अनीश, महेश, अभिषेक और प्रकाश, के रूप में हुई है.  पुलिस का कहना है कि आरोपियों के कब्जे से 57 हजार रुपए की जुआ राशि और ताश के पत्ते बरामद किए गए हैं. 

लोन दिलाने के नाम पर ठगे 50 लाख


राजधानी में एक बिल्डर्स को एक युवक ने बैंक कर्मचारी बताया और लोन दिलाने का आश्वासन देकर उसके खाते से 50 लाख 20 हजार रुपए निकाल लिए. बिल्डर्स को जब यह पता चला तो उसने थाने जाकर शिकायत दर्ज कराई.
पुलिस के अनुसार कोहेफिजा क्षेत्र में वीआईपी रोड पर रहने वाले जीसान अली पेशे से बिल्डर हैं. बैंक आते-जाते उनकी मुलाकात एच.एल. तिवारी नामक युवक से हुई. तिवारी ने खुद को सिंडीकेट बैंक का कर्मचारी बताया और जीसान से दोस्ती बढ़ाई. जब जीसान तिवारी से खुलकर बातें करने लगा तो तिवारी ने एक दिन उससे लोन दिलाने की बात कही. इस पर जीसान ने एक प्रोजेक्ट के लिए 25 करोड़ रुपए के लोन दिलाने की बात तिवारी से की. इस पर तिवारी ने कुछ कागजात उससे लिए. बाद में जीसान को बताया कि प्रोसेसिंग शुल्क के रुप में 2 लाख रुपए लग  जाएंगे. इस पर जीसान तैयार हो गया. बाद में तिवारी ने जीसान से दो ब्लेंक चैक भी लिए. इसके बाद वह जल्द लोन पास कराने का आश्वासन देता रहा. जब ज्यादा समय हो गया तो जीसान को चिंंता हुई. इस बीच जीसान के बैंक खाते से 50 लाख 20 हजार रुपए भी निकल गए. जीसान ने बैंक जाकर इसकी जानकारी ली तो पता चला कि उसने जो चैक दिए थे, उन्हीं चेकों से रुपए निकले हैं. इसके बाद जीसान ने तिवारी के खिलाफ थाने जाकर शिकायत दर्ज कराई. जीसान ने शिकायत में बताया कि तिवारी से उसकी अधिकतर मुलाकात बैंक में ही हुआ करती थी. इस वजह से उसे विश्वास हो गया कि तिवारी बैंक का ही कर्मचारी है. तिवारी के अलावा उसके अन्य साथियों एन.कुमार, नरेन्द्र देव, जिग्नेश शाह पर भी जीसान ने आशंका जताई है कि वे भी उसके साथ इसी तरह लोगों को लूट रहे होंगे. पुलिस ने सभी के खिलाफ  मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है. आरोपी फरार हैं.
छत पर सो रही नाबालिग से छेड़छाड़
राजधानी के बैरागढ़ थाना क्षेत्र में छत पर सो रही नाबालिग के साथ एक युवक द्वारा छेड़छाड़ किए जाने का मामला सामने आया है.पुलिस के अनुसार नाबालिग अपने परिवार के साथ बीती रात को छत पर सो रही थी. देर रात उसके भाई की तबीयत खराब हुई तो उसके माता-पिता उसे नीचे घर में ले गए, नाबालिग छत पर ही सो रही थी. इस दौरान पड़ौस में रहने वाले अजय नामक युवक ने नाबालिग के साथ छेड़छाड़ करन दी. नाबालिग ने जब इसका विरोध किया तो वह भाग गया. नाबालिग की आवाज सुन उसका पिता वहां आया, तब नाबालिग ने सारी बात बताई. बाद में थाने जाकर अजय के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई.

किसानों के दमन पर उतर आई शिवराज सरकार

नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा है कि जिन किसानों ने शिवराज सिंह चौहान को तीन बार मुख्यमंत्री बनाया, वे आज उन्हीं किसानों के दमन पर उतर आए हैं. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हर वर्ग के लोगों के साथ यही धोखाधड़ी हुई है. सिंह आज विंध्य क्षेत्र के गोविंदगढ़ से तीसरी न्याय यात्रा की शुरूआत कर रहे थे. इस मौके पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता और विधायक सुंदरलाल तिवारी ने आव्हान किया कि कांग्रेस का हर एक कार्यकर्ता जुट जाए ताकि यह जन विरोधी सरकार अपदस्थ हो सके. पूर्व मंत्री इंद्रजीत पटेल भी उपस्थित थे. 
नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि किसान का बेटा हूं, किसानों की आंखों में आंसू नहीं आने दूंगा कहने वाले शिवराज जी अब किसान विरोधी हो गए हैं. किसान अगर अपने हक के लिए सड़क पर उतरता है तो वे या तो एके 47 से बरेली में या फिर मंदसौर में छाती पर गोली दागकर सबक सिखाते हैं. शिवराज सिंह चौहान को मुख्यमंत्री का ताज पहनाने में प्रमुख भूमिका निभाने वाले किसानों का दमन करने के लिए सरकार ने हथियारों का जखीरा सशस्त्र पुलिस बल, सब कुछ ऐसा इकठ्ठा कर लिया जैसे वे दुश्मन हैं. सिंह ने कहा मंदसौर किसान गोलीकांड की पहली बरसी पर जो गांवबंदी आंदोलन का आव्हान किसानों ने किया है यह बात शिवराज सिंह चौहान को नागवार गुजरी है. यही कारण है कि उन्होंने किसान आंदोलन का दमन करने पूरी सरकार झौंक दी है.
नेता प्रतिपक्ष सिंह ने कहा कि अकेला किसान नहीं बल्कि नौजवान, महिलाएं, दलित, आदिवासी गरीब ऐसा कौन सा वर्ग है जो भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री से छला न गया हो, ठगा महसूस न कर रहा हो. सिंह ने कहा कि सरकार ने प्रदेश की जनता का विश्वास खो दिया है. वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुंदरलाल तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि अब वक्त आ गया है कि सब मिलकर भाजपा सरकार को उखाड़ फेंके. यह सरकार अब लोगों की नजरों से उतर गई है क्योंकि वह उसका विश्वास खो चुकी है. न्याय यात्रा के पहले दिन गोविंदगढ़, बघवार, लहचुआ हत्था, रामपुर नैकिन, कुंआ, गिजवार, जोगीपहाड़ी और कंधवार में जनसभाओं को संबोधित किया और जनसंपर्क किया.

मंगलवार, 29 मई 2018

किसानों के लिए कांग्रेस बहा रही मगरमच्छ के आंसू

 भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री  विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष अपराध बोध से ग्रसित होकर किसान परस्त भाजपा पर मिथ्या दोषारोपण कर स्वयं हास्य का पात्र बन रहे है. कदाचित कांग्रेस के वरिष्ठ नेता  कमलनाथ भूल रहे है कि तत्कालीन कांग्रेस की दिग्विजय सिंह सरकार ने 1997 में जब बैतूल जिले के किसान अतिवृष्टि से नष्ट फसल पर राहत की मांग कर रहे थे. दिग्विजय सिंह सरकार ने किसानों पर बर्बर गोली कांड कर 18 किसानों को मौत के घाट उतार कर किसानों पर 68 मामले थोप दिए थे. 
शर्मा ने कहा कि प्रदेश में मंदसौर में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना की सूत्रधार स्वयं कांग्रेस थी और उसने अराजकता को प्रोत्साहन देकर अराजक तत्वों को औजार बनाया. भाजपा सरकार ने किसानोन्मुखी उदार नीतियों को अमलीजामा पहनाया है. यदि कांग्रेस को किसानों की चिंता होती तो किसानोन्मुखी कार्यक्रमों पर रचनात्मक सुझाव दिए होते तो प्रदेश की प्रगति के लिए सिर्फ सत्ता पक्ष ही नहीं विपक्ष की उत्तरदायी होता है.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसान पुत्र शिवराजसिंह चौहान सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप वास्तव में कांग्रेस का किसानों के साथ भद्दा मजाक है. प्रदेश में खेती के क्षेत्र में निरंतर हो रहा विकास कांग्रेस की आंख की किरकिरी बन चुका है. किसानों की बढ़ती आय कांग्रेस को रूचिकर नहीं लग रही है. वास्तव में  दिग्विजय सिंह ने किसानों को अगड़े पिछड़ों में विभाजित कर सरकार ने किसानों, पशुपालकों के लिए प्रावधानित 7 प्रतिशत चरनोई भूमि बंदरबांट कर दिया जिससे प्रदेश में गौवंश के लिए खतरा उत्पन्न हो गया है. गांवों में फशाद इस कदम बढे कि सामूहिक जुमार्ना लगाने की नौबत आ गयी थी. भाजपा शासन में गांव, गरीब, किसान, मजदूर अच्छे दिनों का अहसास कर रहे है. भाजपा सरकार की नीति की परिणति प्रदेश को मिले पांचवे कृषि कर्मण अवार्ड के रूप में हुई है.
 शर्मा ने कहा कि जब कांग्रेस ने 1993 में सत्ता संभाली थी. मध्यप्रदेश भारत का चैथे नंबर पर कृषि उत्पादक राज्य था जो दिग्विजय सिंह सरकार में 13 वे नंबर पर पहुंच गया था. बीमारू राज्य बन गया था. भाजपा की 14 वर्ष की सरकार ने मध्यप्रदेश को बीमारू राज्य से देश का प्रगतिशील राज्य बना दिया है. जहां किसान की आय 2022 तक दोगुना हो जायेगी. कांग्रेस के शासन में नकली बीज, नकली खाद बेचने वाले माफिया के पौबारह थे. विधानसभा में स्वयं मंत्री ने स्वीकार किया था कि किसानों को उपलब्ध कराया गया डेढ लाख क्विंटल सोयाबीन बीज और साढ़े सात सौ क्विंटल कपास बीज नकली थी. फिर भी किसान राहत से वंचित रहे थे. 

भोपाल, इंदौर, जबलपुर और सागर में भी खुलेंगी नई जेल

 जेल मंत्री  अंतरसिंह आर्य ने निर्देश दिये है कि जेल अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवा के दौरान मृत्यु होने पर उनके पुत्र-पुत्रियों को अनुकम्पा नियुक्ति की आयु 16 वर्ष करने का प्रस्ताव शासन को भेंजे. आर्य ने कहा कि अनेक प्रकरणों में मृत कर्मी के बच्चों की आयु 18 वर्ष से कम होने के कारण अनुकम्पा नियुक्ति देने में दिक्कत आती है. इस कारण मृत कर्मचारी के परिवार को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इस मौके पर अपर मुख्य सचिव जेल विनोद सेमवाल और जेल महानिदेशक  संजय चौधरी उपस्थित थे. आर्य ने बड़नगर, जबलपुर, भिण्ड और शिवपुरी की जेलों के निर्माण कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा करते हुए जेल कर्मियों के लिये आवास बनाने का प्रस्ताव भेजने के भी निर्देश दिये. बताया गया कि बड़नगर जेल अगले माह चालू हो जायेगी. इस जेल में खुली जेल भी बनाई गई है. शिवपुरी जेल 15 अगस्त तक प्रारंभ हो जायेगी. बड़वानी जेल में महिला बैरक में हेण्डलूम शेड भी बनाया जा रहा है. आर्य ने भिण्ड जेल निर्माण कार्य की गति बढ़ाने के निर्देश दिये. श्री आर्य ने भोपाल, इंदौर, जबलपुर और सागर में भी खुली जेल प्रारंभ करने के निर्देश दिये. जेल परिसर में मुख्य जेल के बाहर बनी बैरकों में लगातार अच्छे आचरण का रिकार्ड कायम करने वाले कैदी सपरिवार रह सकेंगे. बैठक में बताया गया कि जेल विभाग ने मुख्यमंत्री द्वारा की गई सभी घोषणाओं को पूरा कर लिया है.          

ई-पेमेन्ट से बिजली बिल भरने में बढ़ी रुचि

छोटे शहरों के उपभोक्ताओं ने दिखाई अधिक जागरूकता
मध्यप्रदेश में बिजली-बिलों का भुगतान ई-पेमेंट्स से करने वाले उपभोक्ताओं में लगातार वृद्धि हो रही है. तीनों विद्युत वितरण कंपनी द्वारा बिजली उपभोक्ताओं को मोबाइल एप के जरिए आॅनलाइन बिजली बिलों का भुगतान करने की सुविधा दी गई है. कंपनियों द्वारा नेट बैंकिंग, पीओएस मशीन, भीम, पे-टीएम, पेयू पेमेंट, मोबीक्विक, फ्री-चार्ज जैसे गेट वे उपलब्ध करवाए गए हैं. गत अप्रैल तक मध्यप्रदेश में तीनों कंपनी के 14.41 प्रतिशत बिजली उपभोक्ता ने ई-पेमेंट्स से अपने बिजली बिलों का भुगतान किया. वर्ष 2016-17 में 11.13 और वर्ष 2017-18 में 13.64 प्रतिशत बिजली उपभोक्ता अपने बिलों का भुगतान ई-पेमेंट्स से कर रहे थे.
प्रदेश में छोटे और आदिवासी बहुल शहरों के बिजली उपभोक्ताओं ने बड़े शहरों के उपभोक्ताओं की तुलना में ई-पेमेंट्स से बिलों के भुगतान में ज्यादा जागरूकता दिखाई है. एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी एवं तीनों विद्युत वितरण कंपनी ने उपभोक्ताओं से अनुरोध किया है कि वे नियमित रूप से बिजली बिलों का भुगतान ई-पेमेंट्स से कर सुविधाओं का लाभ उठाएं. उपभोक्ताओं को ई-पेमेंट्स पर न्यूनतम पाँच एवं अधिकतम बीस रूपए तक का लाभ मिलता है.
पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 15.9 प्रतिशत बिजली उपभोक्ता वर्तमान में ई-पेमेंट्स से बिलों का भुगतान कर रहे हैं. मध्य क्षेत्र कंपनी में वर्तमान में 9.1 प्रतिशत उपभोक्ता बिजली बिलों का भुगतान ई-पेमेंट्स से कर रहे हैं. पश्चिम क्षेत्र कंपनी के 18.41 प्रतिशत उपभोक्ता वर्तमान में बिलों का भुगतान ई-पेमेंट्स से कर रहे हैं.
छोटे शहरों ने बड़े शहरों को पीछे छोड़ा
छोटे और आदिवासी बहुल शहरों ने बड़े शहरों के बिजली उपभोक्ताओं की तुलना में ई-पेमेंट्स के प्रति अधिक जागरूकता दिखाई है. रतलाम के 32.4 प्रतिशत, छिंदवाड़ा के 31.9, पांढुर्ना के 25.5, धार के 23.7, झाबुआ के 23.3, सिवनी के 23 प्रतिशत, रीवा के 22.8, नीमच के 22.4, मंदसौर के 21.7, टीकमगढ़ के 20.7, इंदौर के 20.51, शहडोल के 18.7, खंडवा के 18.6, देवास के 17.5, सतना के 17.2, बालाघाट के 16.8, सीधी के 16.5, सिंगरौली के 16.2, छत्तरपुर के 15.6, मंडला के 15.2, सागर और पन्ना प्रत्येक के 14.2, जबलपुर के 12.2, होशंगाबाद के 11.9, भोपाल के 10.9, ग्वालियर के 9.6 और उज्जैन के 9.4 प्रतिशत बिजली उपभोक्ता वर्तमान में ई-पेमेंट्स से बिजली बिलों का भुगतान कर रहे हैं.

अध्यापकों का होगा शिक्षा विभाग में संविलियन

संविदा कर्मचारी अब नहीं निकाले जाएंगे

राज्य सरकार ने चुनावी साल में आज फिर कर्मचारियों को साधने का फैसला लिया है. इस फैसले के तहत सरकार ने अध्याकों को शिक्षा विभाग में संविलियन करने का फैसला लिया है. सरकार के इस फैसले से 2 लाख 37 हजार अध्यापकों को फायदा मिलेगा. इसके अलावा संविदा कर्मचारियों को नहीं निकालने का भी फैसला किया है. साथ ही मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया जो कर्मचारियों की वेतन विसंगति की मांगों को सुनेगी.
राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में सरकार ने यह फैसला लिया. फैसले की जानकारी राज्य सरकार के प्रवक्ता और जनसंपर्क मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए दी. उन्होंने बताया कि  मध्य प्रदेश सरकार ने अध्यापकों को शिक्षा विभाग संविलियन करने का फैसला लिया है. सरकार के इस फैसले का लाभ प्रदेश के 2 लाख 37 हजार अध्यापकों को मिलेगा. उन्होंने बताया कि  इनमें स्थानीय निकायों द्वारा नियुक्त और वर्तमान में कार्यरत लगभग 1 लाख 84 हजार स्कूल शिक्षा विभाग के हैं. इसी तरह 53 हजार अध्यापक जनजातीय कार्य विभाग के हैं. मंत्री ने बताया कि अब अध्यापकों को सरकारी कर्मचारी माना जाएगा और 1 जुलाई से अध्यापकों को सातवें वेतनमान का फायदा  दिया जाएगा.
नहीं हटाए जाएंगे संविदा कर्मचारी
 जनसंपर्क मंत्री ने बताया कि  संविदा कर्मचारियों अब हटाया नहीं जाएगा. अब प्रदेश के संविदा कर्मचारियों को सरकार की नियमित भर्ती में बीस प्रतिशत का लाभ मिलेगा. संविदा कर्मचारियों के हित में किये सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के लगभग 2 लाख संविदा कर्मचारियों को लाभ मिलेगा. उन्होंने बताया कि संविदा पर कार्यरत सेवकों को ई.पी.एफ. और राष्ट्रीय पेंशन का लाभ यदि नहीं मिल रहा है तो उन्हें राष्ट्रीय पेंशन योजना का लाभ दिया जाएगा. यहीं नहीं 13 दिन का आकस्मिक अवकाश, 15 दिन अर्जित अवकाश तथा 10 दिन का लघुकृत अवकाश भी मिलेगा. 
वेतन संबंधी मांगे सुनने के लिए बनाई कमेटी
वेतन विसंगति के संबंध में अनुशंसाओं पर आज उपयंत्री, वाणिज्यिकर निरीक्षक एवं कराधान सहायक, पुलिस विभाग के सहायक उप निरीक्षक एवं प्रधान आरक्षक, राजस्व निरीक्षक, कंपाउन्डर, मंत्रालय के अनुभाग अधिकारी एवं निज सचिव, सहायक जिला अभियोजन अधिकारी, उप जेलर, नापतौल निरीक्षक, उपपंजीयक आदि के ग्रेड वेतन में निर्णय लिया गया. वेतनमान संबंधी शेष मांगों पर विचार के लिए अपर मुख्य सचिव वित्त की अध्यक्षता समिति की गठन किया गया है. कैबिनेट के फैसले से लगभग 50 हजार शासकीय सेवक लाभांवित होंगे.
अब शिक्षकों का एक कैडर
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने पहले कर्मी कल्चर को समाप्त किया और शिक्षकों को अध्यापक बनाया. इस व्यवस्था में वे कहीं जिले के तो कहीं नगरीय निकायों के कर्मचारी थे. अब केबिनेट में यह फैसला लिया गया है कि अध्यापकों का संविलियन शिक्षा विभाग में कर शिक्षकों का एक कैडर कर दिया जाएगा.  अब शिक्षकों का एक ही कैडर है और ये राज्य शासन के कर्मचारी हैं. यह नहीं होने के कारण वे कई सुविधाओं से वंचित थे.

किसानों को गुंडा कहने पर माफी मांगे मुख्यमंत्री


 नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा 6 जून को मंदसौर सहित पूरे प्रदेश में हुए किसान आंदोलन करने किसानों को गुंडा कहने पर कड़ी आपत्ति जताई है. सिंह ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान को किसानों को अहसानमंद होना चाहिए जिनकी वजह से वे तीन बार इस प्रदेश के मुख्यमंत्री बने. सिंह ने कहा कि किसानों को बोले गए अपशब्दों के लिए मुख्यमंत्री को माफी मांगना चाहिए.
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि दो दिन पहले भारतीय जनता पार्टी के किसान मोर्चे के पदाधिकारी ने किसानों को चोर कहा उसे पार्टी से निकाला गया. अब वहीं बात मुख्यमंत्री कह रहे हैं. सिंह ने कहा कि अगर 6 जून 2017 को हुआ आंदोलन गुंडों द्वारा किया गया था तो मुख्यमंत्री बताएं  कि पुलिस की गोली से मरे 7 लोग कौन थे ?  जिन लोगों को एक करोड़ का मुआवजा दिया और उन्हें शासकीय नौकरी देने की घोषणा की वे कौन थे? जब गुंडों ने ही वह आंदोलन किया था तब उन्होंने उपवास की नौटंकी क्यों की थी? उनके उपवास की नौटंकी पर सरकार ने एक करोड़ खर्च किया. उन्होंने जानना चाहा कि  मंदसौर गोलीकांड की बरसी पर जो 1 से 10 जून तक जो आंदोलन पूरे प्रदेश में होने जा रहा है वह आंदोलन कौन कर रहा है,   मंदसौर में जिन लोगों को आंतकित करने के लिए शिवराज सरकार नोटिस थमा रही और बांड भरवा रही है वे कौन लोग है ? नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि बरेली में एके 47 से गोली चलाने के बाद मंदसौर के हाट पिपल्या में किसानों की छाती पर गोली दागने वाली सरकार 6 जून को पहली बरसी पर हो रहे किसान आंदोलन से घबरा गई है. 80 साल के बुजुर्गों को अपने आतंक का शिकार बता रही है.  सिंह ने कहा कि शिवराज सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो गई है क्योंकि इस प्रदेश का किसान, सरकार के खिलाफ हो गया है.

किसानों के नाम पर बेईमाने करने वालों को भेजे जेल



मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मुख्यमंत्री जन-कल्याण योजना में पंजीयन कराने वाले हितग्राही विगत 1 अप्रैल से हित-लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र होंगे.  उन्हें अन्य योजनाओं के लाभ पूर्ववत मिलते रहेंगे. पात्र आवेदकों को पंजीयन सत्यापन के अभाव में आर्थिक सहायता से वंचित नहीं किया जाएगा. चिकित्सा सुविधा के लिये आयु का बंधन नहीं होगा. मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टरों को निर्देश दिये कि समर्थन मूल्य पर कृषि उपज खरीदी की सतत निगरानी करें. किसानों के नाम पर बेईमानी करने वालों को जेल भेजें. 
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान आज मंगलवार को मंत्रालय में प्रदेश में मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना की लांचिंग और हित-लाभ वितरण की तैयारियों की वीडियो कांफ्रेंस से समीक्षा कर रहे थे. मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री जन-कल्याण योजना के क्रियांवनय में जन-प्रतिनिधि और प्रशासन की सक्रिय सहभागिता रहे. आगामी 13 जून को योजना के लांचिंग कार्यक्रम में पट्टा वितरण, प्रधानमंत्री आवास, उज्जवला गैस, लाड़ली लक्ष्मी, चरण-पादुका आदि अन्य योजनाओं के शेष हितग्राहियों को भी हित-लाभ दिए जाए. उन्होंने कहा कि किसानों को खरीदी कार्य में सहूलियतें और सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं. उनकी आड़ में निहित स्वार्थी तत्व बेईमानी नहीं कर सकें, इसकी भी कड़ी निगरानी की जाए. उन्होंने कहा कि गेहूं पर प्रोत्साहन राशि आगामी 10 जून को किसानों के बैंक खातों में जमा होगी. इसी तरह लहसुन पर 800 और प्याज पर 400 रुपए प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि पंजीकृत किसानों को दी जाएगी.
चौहान ने कहा कि पंजीकृत हितग्राही को विद्युत उपयोग 1000 रुपये से कम और विद्युत कनेक्शन 500 वाट से अधिक नहीं होने पर ही फ्लैट बिल योजना का लाभ मिलेगा. हितग्राही को विद्युत बिल के रूप में मात्र 200 रुपए का भुगतान करना होगा. आगामी 13 जून तक मुख्यमंत्री ने निगरानी समितियों का गठन करने के निर्देश दिये. समिति के पांच सदस्यों में एक महिला और एक अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग का प्रतिनिधि होना अनिवार्य है. जिला प्रभारी मंत्री के अनुमोदन से समिति का गठन होगा.
 चिकित्सा महाविद्यालयों की फीस सरकार देगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीट प्रतियोगी परीक्षा में चयनित प्रतियोगियों की निजी चिकित्सा महाविद्यालयों की फीस सरकार भरवाएगी. इसी तरह जेईई परीक्षा में डेढ़ लाख तक की रैंक वालों की फीस भी सरकार भरेगी. अन्य पाठ्यक्रमों में शासकीय संस्थाओं में प्रवेश पाने वाले छात्र-छात्राएँ भी योजना में लाभाविंत होंगे. उन्होंने कहा कि योजना की जानकारी का व्यापक स्तर पर प्रसार किया जाए. प्रसार के लिये दीवार लेखन और पंचायत भवन की दीवार पर सूचनाओं का लेखन कराया जाए. उन्होंने जन-अभियान परिषद के ब्लाक कोआर्डिनेटर का आव्हान किया कि वे भी योजना के प्रचार-प्रसार और क्रियान्वयन में सहयोग करें.

गरीबों, मजदूरों के साथ धोखा किया शिवराज सरकार ने


प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ ने आरोप लगाया कि शिवराज सरकार ने प्रदेश के गरीबों और मजदूरों के साथ धोखा किया है. आज भी प्रदेश में 37 लाख मजदूर ऐसे हैं जो बेघर और भूमिहीन हैं.
कमलनाथ ने बताया कि निरंतर सम्मेलनों में गरीबों और मजदूरों को लेकर कांग्रेस को कोसने वाले तेरह वर्ष के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह एक तरफ तो उनके लिए बड़ी-बड़ी योजनाएं चलाने का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर खुद स्वीकार कर रहे हैं कि आज भी प्रदेश में साढ़े सैंतीस लाख लोग बेघर और भूमिहीन हैं. इस आंकड़े से ही शिवराज सरकार के विकास की वास्तविकता और सोच उजागर होती है.
उन्होंने कहा कि शिवराज कह रहे हैं कि उन्होंने गरीबों और मजदूरों के लिए जन्म व मरण तक का इंतजाम कर दिया है, जबकि आज आवश्यकता है, उनके भरण-पोषण और गुजारे भत्ते की, जिसके लिए वे आज भी तरस रहे हैं. यदि शिवराज सरकार ने इसका इंतजाम किया होता तो इस चुनावी वर्ष में असंगठित मजदूरों के पंजीयन की आवश्यकता ही नहीं पड़ती, जिसके नाम पर उन्हें झूठे सपने दिखाकर बड़े-बड़े सम्मेलन किए जा रहे हैं, जितना पैसा सम्मेलनों में खर्च किया जा रहा है, यदि वह असंगठित मजदूरों और तेदूंपत्ता संग्राहकों के कल्याण के लिए खर्च किया जाए तो आज उनकी दशा कुछ और हो सकती है. 
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा है कि यह  आश्चर्य की बात है कि कुछ दिनों पूर्व जो किसान पुत्र शिवराज सिंह खेती को घाटे का धंधा बताते थे और किसानों को खेती छोड़ नौकरी व उद्योग की सलाह देते थे एवं इसके लिए उन्हें ऋण तक देने की बात करते थे, वे शिवराजसिंह आज चुनावी वर्ष में खेती और किसानी को लेकर बड़े-बड़े वायदे कर रहे है. बड़ी-बड़ी घोषणाएं कर रहे हैं, वे कह रहे हैं कि जो हमने किया वह आज तक किसी ने नहीं किया.

बांड भरवाकर प्रदेश में अराजकता का माहौल बना रही सरकार

 किसान संगठन भी खफा, कहा दमनकारी नीति न अपनाए सरकार
मध्यप्रदेश में एक बार फिर सरकार की चिंता को किसान संगठनों ने बढ़ाया है. 1 जून से शुरु किए जा रहे आंदोलन को हिंसक होने से रोकने के लिए सरकार पूरी तैयारी कर रही है. वहीं किसान संगठनों को सरकार के द्वारा उठाए जा रहे सुरक्षा के कदमों से नाराजगी है. किसान से भराए जा रहे बांडों को लेकर किसान संगठन और कांग्रेस दोनों ही विरोध कर रहे हैं, जबकि सरकार इसे प्रतिबंधात्मक नोटिस बताकर यह संदेश दे रही है कि नोटिस केवल इसलिए जारी किए गए हैं ताकि लोग कानून को अपने हाथ में न लें. कांग्रेस ने सरकार के इस कदम को प्रदेश में अराजकता फैलाने वाला बताया है.
मध्यप्रदेश में 22 राज्यों के किसान संगठनों के साथ 1 जून से शुरु हो रहे गांव बंद आंदोलन को लेकर सरकार की चिंता बढ़ती जा रही है. सरकार ने आंदोलन को लेकर सुरक्षा के हर इंतजाम किए हैं. लगातार पुलिस महानिदेशक ऋषिकुमार शुक्ला और राज्य के मुख्य सचिव बी.पी.सिंह खुद जिलों से सुरक्षा की जानकारी ले रहे हैं. सरकार को अब तक मिले फीड बेक के बाद सरकार ने यह प्रयास किया है कि दलित आंदोलन और पिछले किसान आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा जैसी स्थिति निर्मित न हो. सरकार ने प्रदेश के सभी जिलों खासकर मालवा के जिलों में इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है. सरकार द्वारा उठाए जा रहे सुरक्षा के कदमों को लेकर विरोध भी शुरु हो गय है. किसान संगठनों के अलावा कांग्रेस द्वारा इसका खासा विरोध किया जा  रहा है. राष्ट्रीय मजदूर किसान महासभा के अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा कक्काजी ने सरकार द्वारा लोगों से भराए जा रहे बांडों का विरोध किया है. उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा यह दमनकारी नीति के तहत किया जा रहा है. सरकार को इसे बंद करना चाहिए. इसके गंभीर परिणाम होंगे. कक्काजी ने कहा कि अगर सरकार ने इस दमनकारी नीति को नहीं रोका तो इससे खफा होकर किसान विद्रोह भी कर सकता है. 
वहीं कांग्रेस ने इस मुद्दे पर विरोध जताया है. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि किसान आंदोलन और राहुल गांधी  की सभा मे किसानों को जाने से रोकने के लिए पूरी सरकार मैदान में है, यदि सरकार ने किसानों के हित मे काम किए है तो बौखलाहट क्यों है. उन्होंने कहा कि 80 साल के बुजुर्ग किसान से भी बांड भरवाया जा रहा है. गोली से मृत किसान के भाई को भी नोटिस दिया गया है.  हजारों किसानों को ,व्यापारियों को भी शांति भंग के नोटिस दिए गए हैं. सरकार का यह कदम उचित  नहीं है. सरकार खुद अराजकता का माहौल बना रही है. सरकार के इस कदम से माहौल बिगड़ भी सकता है.
तैनात की 89 कंपनिया, 5 हजार जवान
 प्रदेश सरकार आंदोलन के दौरान कानून व्यवस्था की स्थिति नियंत्रित रहे, इसके लिए पूरे प्रदेश में विशेष रूप से उन स्थानों पर जहां किसान आंदोलन की खबरें मिल रही थी. वहां पर पुलिस और जिला प्रशासन को किसानों के साथ सीधा संवाद करने और उनकी परेशानियों को दूर करने का काम किया जा रहा है.  इसके अलावा सरकार ने किसान आंदोलन से निपटने के लिए एसएएफ की 89 कंपनियां और लगभग 5000 जवानों को विभिन्न स्थानों पर तैनात किया गया है. पुलिस बल को डंडे, हेलमेट, बॉडी, ट्राली और कार्बोनेट शील्ड की व्यवस्था की गई है. ताकि सुरक्षा बल अपनी सुरक्षा करते हुए शांतिपूर्ण ढंग से किसानों के आंदोलन का नियंत्रित कर सके.

अवैध रुप से संचालित हो रही पैथालाजी लैब

 स्वास्थ्य संचालक से की कार्रवाई की मांग
इंडियन एसोसिएशन आफ पेथालाजिस्ट एंड माइक्रोबायलोजिस्ट के मेंबर और प्राइवेट पैथालाजिस्ट के एक संयुक्त प्रतिनिधी मंडल ने सोमवार को स्वास्थ्य संचालक के के ठस्सु से मुलाकात कर अवैध पेथालाजी लैब पर कार्यवाही की मांग की. उन्होंने अपनी मांगों को लेकर सतपुडा भवन स्थित स्वास्थ्य संचालनालय में स्वास्थ्य संचालक को एक ज्ञापन भी सौंपा है. 
एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. राजेश गुप्ता ने कहा कि पेथालाजी प्रयोगशाला चलाने के लिए राज्य सरकार और सुप्रीम कोर्ट ने नियम बनाए है प्रदेश में उन नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है. जिसके चलते पूरे प्रदेश प्रत्येक जिले, तहसील, गांवों में अवैध पैथालाजी प्रयोगशालाएं बड़ी संख्या में खुल गई हैं. प्रतिनिधि मंडल ने स्वास्थ्य संचालक से सरकार और विभाग द्वारा बनाए गए नियमों का कड़ाई से पालन करने की मांग भी की. संचालक के के ठस्सू ने प्रतिनिधि मंडल को बताया कि उन्हें अभी तक सुप्रीम कोर्ट के आदेश की कापी नही मिली है, जैसे ही उन्हे निर्णय की कापी मिल जाएगी वह प्राथमिकता से साथ पूरे प्रदेश में अवैध लैब को बंद कराने की सख्त कार्यवाही करेंगे. 
उन्होंने प्रतिनिधि मंडल को आश्वासन दिया है कि उच्चतम न्यायालय के निर्णय का पालन कराया जाएगा. इस संबंध में वे मैदानी स्वास्थ्य अधिकारियों की टीम गठित कर अनाधिकृत पेथालाजी लेब के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश पूर्व में भी दे चुके है. डा. राजेश गुप्ता का कहना है कि प्रदेश में एक वैध लैब के अनुपात में 5 अवैध लैब चल रही है. उन्होंने इंदौर, भोपाल की कुछ अवैध पेथालाजी लैब की लिस्ट भी संचालक को सौंपी है. वहीं डॉ कुलदीप बजाज का कहना है कि पैथलाजी लैब खोलने के लिए एमबीबीएस करने के बाद एमडी, डीसीपी पैथालाजी विषय में किया है उन्हें ही अधिकार है. इसके साथ एक पैथालाजिस्ट स्वयं की लैब के अलावा एक जगह और काम कर सकता है लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है. बजाज अवैध पैथालाजी प्रयोगशाला खुलने की वजह से मरीजों को गलत जांच मिल रही है इस वजह से उनका गलत इलाज हो रहा है. हम जागरुक नागरिक होने के नाते हमारी जबावदारी है कि हम लोगों को जागरुक करे. हम चाहते है कि सीएमएचओ द्वारा दो महीने में एक बार प्रत्येक लेब का निरीक्षण किया जाए और उसकी रिपोर्ट संचालनालय को भेजी जाए ताकि किसी भी लैब की अनियमितता उजागर हो सके.

अध्यापकों ने किया जनजातीय कार्य विकास आयुक्त का घेराव

अध्यापक संवर्ग के हाईस्कूल एवं हायर सेकंडरी आदिवासी क्षेत्र से गैर आदिवासी क्षेत्र एवं गैर आदिवासी क्षेत्र एवं आदिवासी क्षेत्र से आदिवासी क्षेत्रों में तबादलों पर लगी रोक हटाने के लिए प्रदेश भर से आए बड़ी संख्या में अध्यापकों ने जनजातीय कार्य विकास विभाग की आयुक्त दीपाली रस्तोगी का घेराव किया. 
अध्यापक राजेन्द्र धाकड़ ने बताया कि तबादलों पर लगी रोक की वजह से उन्हें कई समस्याए आ रही है. तबादले होने के बाद वे दूसरी जगह शिफ्ट होने के लिए घर का सामान बेच चुके है इतना ही नही वे अपने बच्चों का एडमीशन भी तबादले वाली जगह करा चुके है लेकिन तबादले पर लगी रोक की वजह से बच्चों का भविष्य खतरे में है. तृतीय वर्ग, अध्यापक संघ मध्यप्रदेश के अध्यक्ष किशोर तिवारी ने 12 अप्रैल  के आदेश को निरस्त करने की मांग. अध्यापकों ने बताया कि उक्त आदेश की वजह से आदिवासी क्षेत्र से गैर आदिवासी क्षेत्र में, गैर आदिवासी क्षेत्र से आदिवासी क्षेत्र में एवं आदिवासी क्षेत्र से आदिवासी क्षेत्र में नहीं हो पा रहे है अध्यापकों ने तबादलों पर लगी रोक हटाने की मांग को लेकर आयुक्त दीपाली रस्तोगी को ज्ञापन भी सौंपा. इसके बाद अध्यापकों ने आदिवासी विभाग के प्रमुख सचिव मिश्रा को भी ज्ञापन देकर तबादलों पर लगी रोक हटाने की मांग दोहराई. 
गौरतलब है कि गैर आदिवासी क्षेत्र से 725 आदिवासी क्षेत्र में पदांकन हुआ है आदिवासी क्षेत्र से गैर आदिवासी क्षेत्र में 435 अध्यापकों का पदांकन हुआ एवं आदिवासी क्षेत्र से आदिवासी क्षेत्र में 290 अध्यापकों का तबादला हुआ है. अध्यापक कार्यमुक्ति पर रोक हटवाने के लिए राजधानी में डेरा जमाए हुए. अध्यापकों ने चेतावनी दी है कि जब तक इन तबादलों पर लगी रोक हटाई नहीं जाती तब तक कोई भी अध्यापक भोपाल से घर वापस नहीं जाएगा.

शादी का दबाव डाला तो मुंह में डाल दिया जहर


राजधानी के बैरसिया थाना क्षेत्र में एक युवक ने शादी का झांसा देकर महिला के साथ ज्यादती की. जब महिला ने शादी के लिए युवक पर दबाव डाला तो युवक ने परिजनों के साथ मिलकर महिला के मुंह में जबरिया जहरीला पदार्थ डाल दिया. इसके बाद से महिला का इलाज हमीदिया चिकित्सालय में चल रहा है.
बैरसिया पुलिस के अनुसार ग्राम बसई में एक 37 वर्षीय महिला अपने पति से विवाद के बाद से अलग रहती है. वह सिलाई का काम करती है. महिला से गांव के ही हरीनारायण नामक युवक ने परिचय बढ़ाया और उससे शादी करने की बात कही. इसके बाद महिला से उसने शादी का झांसा दिया और ज्यादती करता रहा. महिला ने जब हरीनारायण से शादी करने के लिए दबाव डाला तो वह मना कर गया. इसके बाद महिला हरीनारायण के घर पहुंची और शादी के लिए दबाव बनाने लगी, तभी हरीनारायण की मां, पत्नी और जितेन्द्र, जसवंत, प्रकाश एवं जितेन्द्र की पत्नी संध्या भी वहां आ गए. इस दौरान सभी ने महिला को जबरिया पकड़ा और उसके मुंह में जहरीला पदार्थ डाल दिया. इसके बाद महिला वहां से भागने को कहा. बाद में महिला को गांव के लोगों ने हमीदिया चिकित्सालय में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा है.
नाबालिग लापता
राजधानी के अशोका गार्डन थाना क्षेत्र से एक किशोरी के लापता हो जाने का मामला सामने आया है. अशोका गार्डन थाना पुलिस ने बताया कि मयूर विहार निवासी शबाना बी, की 16 वर्षीय पुत्री साहिबा खान, बीते रविवार सुबह से लापता है.  साहिबा के अचानक घर से लापता हो जाने के बाद परिजनों ने उसकी तलाश आसपास के इलाकों में की, लेकिन पता नहीं लग पाया. बाद में परिजनों ने थाने पहुंचकर साहिबा की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई.  

सोमवार, 28 मई 2018

अस्पताल प्रबंधन से आयोग ने मांगा जवाब

मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग ने प्रदेश के विदिशा जिले में जननी एक्सप्रेस में आॅक्सीजन के अभाव में एक प्रसूता और उसके गर्भ में पल रहे शिशु की मौत के मामले में संज्ञान लेते हुए रिपोर्ट मांगी है.
 आयोग की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक आयोग ने शमशाबाद अस्पताल से विदिशा जिला अस्पताल रेफर होकर गई गर्भवती रुक्मणी राजपूत और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की आॅक्सीजन की कमी के कारण मौत के मामले में लोक स्वास्थ्य संचालक और विदिशा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से जवाब मांगा है. वहीं आयोग ने राजधानी भोपाल के कोहेफिजा स्थित एक कालोनी के रिहायशी क्षेत्र में गंदे नाले और चेंबर चोक होने के मामले में नगर निगम आयुक्त भोपाल से चार सप्ताह में जवाब मांगा है. आयोग का कहना है कि गंदे नाले के कारण क्षेत्र में गंदगी और मच्छरों का प्रकोप है और रहवासियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड रहा है.

किसानों के पसीने का पूरा मूल्य मिले, यही मध्यप्रदेश सरकार का संकल्प

मध्यप्रदेश की खेती देश में हमेशा सर्वश्रेष्ठ बनी रहे, इस दिशा में हम कार्य कर रहे हैं. प्रधानमंत्री का सपना है कि सन 2022 तक प्रत्येक किसान की आय दोगुनी हो जाये. इस दिशा में हम सतत आगे बढ़ रहे हैं. इस कार्य में मध्यप्रदेश का किसान भी अपना सहयोग प्रदान कर रहा है. जिसके कारण आज प्रदेश में हर फसल का भरपूर उत्पादन हो रहा है.
प्रदेश के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चैहान ने  इन्दौर में आयोजित मध्यप्रदेश श्रेष्ठ कृषि क्रान्ति कार्यक्रम में उपस्थित किसानों को सम्बोधित करते हुए उक्त बाते कही.   कार्यक्रम में उपस्थित किसानों को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे अच्छी तरह से जानते हैं कि मध्यप्रदेश को विकास के रास्ते पर ले जाना है तो सबसे ज्यादा ध्यान खेती पर देना होगा. इस दिशा में उन्होंने पिछले 12 साल में प्रयास करते हुए सिंचित क्षेत्र को  7 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर आज 40 लाख हेक्टेयर तक पहुंचा दिया है. अब आगे इसे बढ़ाकर 80 लाख हेक्टेयर करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं. इसलिये नदी जोड़ो जैसे कार्य किये जा रहे हैं. वहीं किसानों को सिंचाई हेतु निर्धारित समय पर भरपूर बिजली मिले, इसके लिये फीडर सेपरेशन का कार्य भी किया गया है. साथ ही किसानों को शून्य प्रतिशत पर ऋण, किसान समृद्धि योजना के तहत बोनस की राशि, बीज बदलने की व्यवस्था, एडवान्स खाद उठाने पर लगने वाले ब्याज को शून्य करना, भावान्तर भुगतान जैसे प्रयोग करना, लहसून, चने, मसूर की खरीदी का भी मूल्य निर्धारित करने जैसे कार्य किये गये हैं. यह सब कार्य किसानों को उनके पसीने का वाजीब दाम दिलवाने के लिये किये गये हैं.    किसानों की तालियों के गड़गड़ाहट के बीच मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष समर्थन मूल्य पर गेहूँ बेचने वाले किसान  भूल गये थे, किन्तु उन्होंने याद रख कर 200 रुपए प्रति क्विंटल की दर से बोनस की राशि इस वर्ष दिलवाई है. अब इस वर्ष समर्थन मूल्य पर गेहूँ बेचने वाले किसानों को 265 रुपए प्रति क्विंटल बोनस की राशि दिलवाई जायेगी.    मुख्यमंत्री ने बताया कि आज मध्यप्रदेश में हर फसल का भरपूर उत्पादन हो रहा है. इसके कारण कुछ परेशानियाँ भी किसानों को आ रही है. उनकी फसल का वाजीब दाम मिले इसके लिये अब प्रदेश की सरकार उन्हें बतायेगी कि वे अपने खेत में क्या लगायें, जिससे अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित होने वाले फसल मूल्य का उन्हें भरपूर लाभ मिल सके.

दूध, सब्जी को लेकर चिंतित हुए कलेक्टर, एसपी

मंदसौर कलेक्टर ओम प्रकाश श्रीवास्तव और  पुलिस अधीक्षक मनोज सिंह किसान आंदोलन के दौरान शांति स्थापित रहे, इसके लिए तो चिंतित हैं, ही साथ ही दोनों अधिकारी इस दौरान सब्जी और दूध की कमी न हो इसके लिए भी प्रयास कर रहे हैं. दोनों अधिकारियों ने सांची दूध प्लांट जाकर प्रबंधक से इस दौरान दूध की आपूर्ति नियमित करने की बात कही है.
कलेक्टर एवं एसपी ने जग्गाखेडी में स्थित सांची दूध प्लांट का मुआयना कर प्लांट के प्रबंधक से चर्चा की. चर्चा के दौरान प्रबंधक से पिछले साल हुएं आंदोलन में प्लांट की भूमिका एवं प्लांट पर पडे इफेक्ट के बारे में बात की. प्रबंधक ने बताया कि प्लांट में प्रतिदिन 50 से 60 हजार लीटर दूध आता है तथा जिसको चिल्ड कर पैकिंग के माध्यम से शहर में बेचा जाता है. अधिकांश दूध पैकिंग कर दिल्ली स्थित मदर डेरी को भेजा जाता है. मंदसौर शहर में प्लांट से प्रतिदिन 5 से 7 हजार लीटर दूध की खपत होती है. इस पर कलेक्टर एवं एसपी ने प्रबंधक से कहा कि आंदोलन को देखते हुए 25 हजार लीटर दूध का स्टोक करके रख लिया जाए.
इसके  अलावा प्रदेश के अन्य जिलों में भी कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक इस आंदोलन को लेकर  सक्रिय हैं. सभी जिलों में कलेक्टरों ने निर्देश दिए हैं कि 10 जून तक कोई भी अवकाश पर न जाए. साथ ही अगर किसी तरह की कोई भी घटना घटित होते दिखती है या फिर उसकी आशंका होती है तो उसकी जानकारी भी उन्हें दी जाए.

किसान आंदोलन, हार्दिक पटेल को रैली की अनुमति नहीं


मध्यप्रदेश में 1 जून से होने वाले किसान आंदोलन को लेकर सरकार ने गड़बड़ी होने और आंदोलन हिंसक हो, इसके पहले उसे रोकने के इंतजाम तेज कर दिया है. मंदसौर जिला प्रशासन ने एहतियात कि तौर पर करीब 1 हजार से ज्यादा लोगों को प्रतिबंधात्म नोटिस जारी किए हैं, जिनमें कांग्रेस के नेता भी शामिल हैं. इसके अलावा किसान क्रांति सेना के हार्दिक पटेल को बंद के दौरान रैली करने की अनुमति नहीं दी है.
मध्यप्रदेश में किसान संगठनों द्वारा 1 से 10 जून तक चलाए जाने वाले गांव बंद आंदोलन के चलते सरकार अलर्ट पर है. सरकार ने पिछले आंदोलन के दौरान हुई गोलीबारी को देखते हुए इस बार आंदोलन के पहले से ही सुरक्षा के इंतजाम तेज कर दिया हैं. आंदोलन के पहले मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान लगातार अधिकारियों से बैठकें कर जानकारी जुटा रहे हैं और आंदोलन के दौरान स्थिति हिंसक न हो इसके लिए जरुरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं. पुलिस विभाग ने निर्देश जारी कर अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश पर रोक लगा दी है. सरकार को आंदोलन के दौरान 6 जून को मंदसौर गोलीकांड की बरसी पर कांग्रेस के आयोजन को लेकर ज्यादा चिंता है. यही वजह है कि इस बार मंदसौर प्रशासन ज्यादा चौकन्ना हो गया है. साथ ही राजधानी भोपाल से भी पल-पल की गतिविधियों की जानकारी ली जा रही है.
आंदोलन को देखते हुए मंदसौर जिला प्रशासन ने प्रतिबंधात्मक नोटिस जारी करने शुरु कर दिए हैं.  मंदसौर के अलावा इस तरह के नोटिस अन्य जिलों में भी जारी किए हैं. प्रशासन का तर्क है कि कोई व्यक्ति कानून को अपने हाथ में न लें इसके लिए ये नोटिस दिए गए हैं. नोटिस दिए जाने से यह आशय नहीं है कि ये धरना-प्रदर्शन में भाग नहीं ले सकते या फिर कहीं आ-जा नहीं सकते. हालांकि प्रशासन द्वारा जारी किए गए नोटिस को लेकर किसान संगठन नाराज हैं और वे इस तरह के नोटिस दिए जाने से भी खफा हैं. दूसरी ओर मंदसौर जिला प्रशासन पूरी तरह से सख्ती के साथ काम ले रहा है. मंदसौर जिला प्रशासन ने यहां पर किसान क्रांति सेना के हार्दिक पटेल को रैली करने की अनुमति भी नहीं दी है. प्रशासन का तर्क है कि पटेल के आने से यहां पर कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है.
भाजपा करेगी आंदोलन में शामिल न होने की अपील
किसान आंदोलन को लेकर भाजपा का का कहना है कि वे किसानों से अपील करेंगे कि वे किसान संगठनों के बहकावे में न आएं. मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने कहा कि किसान संगठनों के आंदोलन में हिंसा जैसी स्थिति से बचने के लिए सरकार ने सभी मंत्रियों, विधायकों, सांसदों, बीजेपी पदाधिकारियों को प्रदेश में अपने प्रवास के दौरान किसानों से आंदोलन में शामिल नहीं होने की अपील करने को कहा है.

प्रशासन ने कहा अनशन की नहीं है अनुमति

आप का प्रशासन से विवाद, कहा अनशन तुड़वाया तो लड़ेंगे लड़ाई


आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयोजक आलोक अग्रवाल के शाहजहानी पार्क में अनिश्चितकालीन अनशन के तीसरे दिन जिला प्रशासन ने कहा कि प्रशासन हमारे पास अनशन करने की अनुमति नहीं है. इसे लेकर विवाद की स्थिति बनती जा रही है. प्रशासन जबरिया अनशन पर बैठे लोगों को उठा सकता है, ऐसी आशंका आम आदमी पार्टी पदाधिकारियों ने की है.
अनशन में आज प्रदेश के एक दर्जन जिलों से आए आप के कार्यकर्ता भी अनशन में शामिल हुए.  अग्रवाल ने कहा कि प्रशासन ने हमसे बात की और कहा कि हमारे पास अनशन की अनुमति नहीं है. हम कहना चाहते हैं कि क्या हमें शांतिपूर्ण अनशन का संवैधानिक अधिकार भी नहीं है. दूसरे अनशन भी हो रहे हैं. इस सरकार को अनशन की मांगों पर ध्यान देना चाहिए और मांगों को पूरा करना चाहिए. लेकिन सरकार ऐसा नहीं कर अनशन तोड़ने की कोशिश करती है, तो आम आदमी पार्टी का कहना है कि हम शांतिपूर्ण अनशन कर रहे हैं और यह अनशन हमारी मांगें पूरी होने तक जारी करेगा. हम किसी भी कीमत पर अपने संवैधानिक अधिकार को नहीं तोड़ने देंगे. अगर प्रशासन और सरकार हमें जेल में डालकर इस अनशन को तोड़ना चाहता है तो हम इसके लिए भी तैयार है. इस लड़ाई में जो कुछ भी झेलना पड़े  उसे झेलने के लिए आम आदमी पार्टी का हर एक कार्यकर्ता तैयार है.
उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह सरकार उद्योगपतियों के कर्ज को माफ करने में कोई देर नहीं करती है, लेकिन किसानों के महज 40 हजार करोड़ के कर्ज को माफ नहीं करना चाहती है. उन्होंने कहा कि प्रदेश का बजट 2 लाख करोड़ से ज्यादा का है. इसमें से आधा पैसा यानी करीब 1 लाख करोड़ रुपए भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है. अगर शिवराज सरकार चाहे तो बस एक साल के लिए भ्रष्टाचार न करके भी किसानों के कर्ज को माफ कर सकती है. 
अनशन के तीसरे दिन सिंगरौली, रीवा, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, डिंडोरी, मंडला, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा समेत अन्य जिलों से आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता आए.  अनशन में प्रदेश भर से कार्यकर्ता, किसान और युवाओं के आने का सिलसिला जारी है. साथ ही कई संगठनों के लोग भी लगातार अनशन स्थल पर आकर समर्थन दे रहे हैं. 

पीएससी की तैयारी कर रही छात्रा ने लगाई फांसी


राजधानी में पीएससी की तैयारी कर रही एक छात्रा ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली. छात्रा होशंगाबाद की रहने वाली थी, वह राजधानी भोपाल में होस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही थी. प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि छात्रा की अपने दोस्त से हुई कहा-सुनी के बाद उसने यह कदम उठाया होगा.
महाराणा प्रताप नगर पुलिस के अनुसार राजधानी के महाराणा प्रताप नगर में आनंद गर्ल्स होस्टल में नम्रता चौहान रहकर पीएससी की पढ़ाई कर रही थी. वह होशंगाबाद की रहने वाली थी. बीती रात नम्रता अपनी सहेलियों के साथ होस्टल के जिस कमरे में रहती थी, उससे सटे कमरे में वह पढ़ाई कर रही थी. रात करीब 1 बजे सहेलियों ने उससे सोने का कहकर कमरे में चलने की बात कही तो उसने यह कहकर मना कर दिया कि वह कुछ देर और पढ़ेगी. इसके बाद एक सहेली उसके पास रुक गई और बाकी कमरे में जाकर सो गई. करीब 3 बजे नम्रता के मोबाइल पर एक फोन आया, जिसे उसने सहेली को देकर कह दिया कि वह यह कह दे कि उसे कोई बात नहीं करना है. सहेली ने युवक को फोन पर बता दिया कि नम्रता उससे बात नहीं करना चाहती है. इसके बाद फोन बंद कर सहेली कुछ देर बात सोने के लिए चली गई, मगर नम्रता पढ़ाई करने की बात कहकर रुक गई. बाद में सुबह 6 बजे होस्टल में देखा तो नम्रता फांदे पर लटकी मिली. 
होस्टल से मिली सूचना के बाद पुलिस ने शव को नीचे उतारा और उसके परिजनों को सूचना दी. पुलिस को नम्रता के पास से सुसाइड नोट भी मिला है, मगर उसमें उसने खुदकुशी करने के कारणों का खुलासा नहीं किया है. पुलिस ने बाद में नम्रता के मोबाइल पर आए फोन के आधार पर युवक को बुलाकर पूछताछ शुरु कर दी है. पुलिस का कहना है कि होस्टल में रह रहे नम्रता की अन्य सहेलियों ने बताया कि उसके दोस्त से उसकी कुछ बातचीत हुई थी, इसके बाद से वह नाराज थी और उससे बात नहीं कर रही थी. संभवत: दोस्त से हुई कहा-सुनी के बाद नम्रता ने खुदकुशी करने जैसा कदम उठाया होगा.

कांग्रेस की न्याय यात्रा का तीसरा चरण 29 मई से

अजय सिंह
नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह 29 मई से विंध्य क्षेत्र के रीवा, सीधी, सिंगरौली से न्याय यात्रा के तीसरे चरण की शुरूआत करने जा रहे हैं. यात्रा में विधायक सुंदरलाल तिवारी और पूर्व मंत्री इंद्रजीत पटेल भी शामिल होंगे.
 यात्रा की तैयारियों के लिए मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ के निर्देश पर प्रभारी नियुक्त किए गए हैं. सतना के पूर्व महापौर राजाराम त्रिपाठी को रीवा, पूर्व संसदीय सचिव राजेंद्र मिश्रा को सीधी और राजेन्द्र भदौरिया को सिंगरोली में यात्रा का प्रभारी बनाया गया है. दरअसल, भारतीय जनता पार्टी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की जनविरोधी नीतियों और कुशासन के खिलाफ निकलने वाली पहली न्याय यात्रा की शुरूआत पांच अप्रैल को उदयपुरा से हुई थी. यहां मंत्री रामपाल सिंह की पुत्रवधु द्वारा आत्महत्या करने के दोषी मंत्री और उनके पुत्र पर कोई कार्यवाही न करने साथ ही महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार के विरोध में यात्रा शुरू हुई थी.  न्याय यात्रा का दूसरा चरण 15 अप्रैल से विंध्य क्षेत्र में भगवान राम की तपोभूमि चित्रकूट से शुरू हुई थी। यह यात्रा शहडोल, सतना, उमरिया और अनूपपुर में निकाली गई थी. यात्रा के दौरान एक हजार किलोमीटर से अधिक दूरी तय की गई और 30 से अधिक जनसभाएं आयोजित की गईं थी. यात्रा के दूसरे चरण का समापन 20 अप्रैल को हुआ था, इसी कड़ी में न्याय यात्रा का तीसरा चरण 29 मई को रीवा जिले के गढ़ विधानसभा क्षेत्र के गोविंदगढ़ से शुरू होगी, जिसका समापन दो जून को सिरमौर में होगा.

वर्तिका नंदा, अरविंद सिंह को सप्रे पुरस्कार

 हिंदी पत्रकारिता दिवस पर अलंकरण समारोह 30 को
माधवराव सप्रे स्मृति समाचार पत्र संग्रहालय एवं शोध संस्थान, भोपाल का राष्ट्रीय अलंकरण समारोह बुधवार, 30 मई को  आयोजित किया जा रहा.
 टीवी पत्रकार और लेखक डा. वर्तिका नंदा को माधवराव सप्रे पुरस्कार से अलंकृत किया जाएगा. उन्हें 21 हजार रुपए सम्मान निधि, प्रशस्ति पत्र, शाल और लेखनी भेंट किए जाएंगे. पत्रकार लेखक अरविंद कुमार सिंह को महेश सृजन संमान से संमानित किया जाएगा. उन्हें 11 हजार रुपए सम्मान निधि, प्रशस्ति पत्र, शाल एवं लेखनी भेंट किए जाएंगे. अलंकरण समारोह के मुख्य अतिथि जनसंपर्क मंत्री डा. नरोत्तम मिश्र होंगे. माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वद्यिालय के कुलपति जगदीश उपासने अध्यक्षता करेगे.
सप्रे संग्रहालय की निदेशक डा.मंगला अनुजा ने बताया कि डा.वर्तिका नंदा टेलीविजन की पत्रकार मीडिया की प्रवीण प्राध्यापक, बहुप्रशंसित लेखक और प्रामणिक जेल सुधारक हैं. डा.नंदा की बारह पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं. उनकी पुस्तक ‘टेलीविजन और अपराध पत्रकारिता’ को भारत सरकार ने भारतेंदु हरिशचंद्र पुरस्कार से सम्मानित किया है. वे जीटीवी, एनडीटीवी और लोकसभा टीवी चैनल में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैं. संप्रति लेडी श्रीराम कालेज, दिल्ली में पत्रकारिता की प्राध्यापक हैं.
अरविंद कुमार सिंह हिन्दी के सुलेखक और पत्रकार हैं. संप्रति राज्यसभा टीवी में संसदीय और कृषि विषयों के प्रभारी संपादक हैं. अनेक पुरस्कारों से सम्मानित सिंह की दस्तावेजी पुस्तक ‘भारतीय डाक सदियों का सफरनामा’ चर्चित है. इस अवसर पर सिनेमा पर उत्कृष्ट लेखन के लिए हाल ही राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित सुनील मिश्र का सत्कार भी किया जाएगा.

रविवार, 27 मई 2018

किसान को हालात से उबारना जरुरी

आम आदमी पार्टी का अनशन जारी
आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयोजक आलोक अग्रवाल ने पार्टी के अनिश्चितकालीन अनशन के दूसरे दिन कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज किसान के जो हालात हैं, उससे किसानों को उबारने के लिए हम सभी को आगे आना होगा. उन्होंने कहा कि किसान के उपजाये अन्न से ही हमारा शरीर बनता है और इसलिए वह हमारे मां-बाप हैं. 
अनशन स्थल पर उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि इस वक्त किसान जो हमारे शरीर को बनाने वाले मां-बाप हैं, उन पर आपत्ति आई है, तो इसे हमें मिलकर ही टालना है. अगर आज हम यह नहीं करेंगे तो हम अपने आप को कभी माफ नहीं कर पाएंगे. आज जो हालात हैं, उसमें हर विरोध की आवाज को, चाहे वह कोई भी आवाज हो, उसे दबाने का प्रयास होता है. किसानों पर गोली चला दी जाती है, तो अन्य आवाजों को भी कुचल दिया जाता है. उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में हम अपनी सबसे बड़ी कोशिश जो कर सकते हैं, वह यह है कि हम अपना जीवन दांव पर लगा सकते हैं. गांधीजी भी ऐसा किया करते थे. जब भी बहुत गंभीर स्थितियां बन जाती हैं, तो एक आम इंसान के लिए अनशन एक बड़ी ताकत होती है.  
उन्होंने कहा कि हमें अनशन का अर्थ भी समझना चाहिए. अनशन का मतलब क्या होता है. जो देश-प्रदेश में गड़बडिय़ां चल रही हैं, जो अन्याय हो रहा है. किसान मर रहा है. तो ऐसे हालात में हम अनशन कर इस कष्ट को अपने शरीर पर लेते हैं. यह अनशन सिर्फ सरकार के लिए नहीं होता. यह पूरे देश के लिए होता है. हम देशवासियों का अनशन के जरिये आह्वान करते हैं कि किसानों के, युवाओं के, बिजली के, आम आदमी के इन मुद्दों पर आप भी उठ खड़े हों. उन्होंने कहा कि जब सबकी आवाज मिलेगी, तो सरकार को सुनना ही पड़ेगा. 
उन्होंने कहा कि हम चार साथियों से हो सकता है, वह हम कर रहे हैं. इसमें शरीर को कष्ट तो होता है, लेकिन हमें यह भी समझना होगा कि इससे किसानों का कष्ट बहुत बड़ा है. हम जिस गर्मी में बैठ नहीं पाते हैं, उस गर्मी में किसान लाइन में लगा होता है, और मर रहा है. आप सोचिए कि जो किसान आत्महत्या कर रहा है, वह किस पीड़ा में होगा. जिसका परिवार भूखा है और उसे कर्ज देने वाला परेशान कर रहा है. ऐसे हालात में कुछ किसान रोज आत्महत्या कर रहे हैं और ऐसे लाखों किसान हैं, तो हालात से परेशान हैं. उन्होंने कहा कि आत्महत्या तो किसान के लिए अंतिम विकल्प है. कितने ही किसान इस कगार पर हैं. हमें इसे रोकना है. अपनी जान को दांव पर लगाकर इसे रोकना है. 
उन्होंने कहा कि जो लोग यह समझ रहे हैं कि यह कोई चुनावी स्टंट है, तो उनसे कहना चाहते हैं कि चुनाव तो अभी छह महीने दूर हैं. जिस गति से किसान आत्महत्या कर रहे हैं, उससे तो चुनाव तक 1000 किसान और आत्महत्या कर लेंगे, तो हम इसका इंतजार नहीं कर सकते हैं. इसलिए हम अनशन पर बैठे हैं. उन्होंने प्रदेश भर से आए कार्यकतार्ओं से अपील की कि पूरे प्रदेश की जनता तक किसानों के हालात को पहुंचाना होगा और इस जागृति को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचा कर हम इस लड़ाई को प्रदेश व्यापी बनाएंगे. 




शिवराज सरकार कर रही बदले की कार्यवाही

नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने साहित्य अकादमी से पुरस्कृत साहित्कार उदयप्रकाश के साथ रेत माफिया और स्थानीय पुलिस अधिकारियों द्वारा किए गए दुर्व्यवहार को उदयप्रकाश द्वारा मौजूदा व्यवस्था के प्रति असहमति जताने पर शिवराज सरकार द्वारा बदले की कार्यवाही लेना बताया है.
नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि पुलिस प्रशासन और रेत माफियाओं का गठजोड़ पूरे प्रदेश में है. पुलिस रेत माफियाओं के विरूद्ध कोई शिकायत भी नहीं सुनना चाहती है इसका उदाहरण है साहित्यकार उदयप्रकाश के साथ घटित घटना है. उन्होंने कहा कि उदयप्रकाश के साथ इस तरह का व्यवहार इसलिए किया है क्योंकि वे देश के पहले साहित्यकार थे जिन्होंने असहिष्णुता के खिलाफ साहित्य अकादमी से मिला सर्वोच्च अवार्ड वापस कर दिया था. अजय सिंह ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार भाजपा के राज में असहमति के स्वर के लिए कोई जगह नहीं है. उन्होंने कहा कि साहित्य में अपनी रचनाधर्मिता से उदयप्रकाश ने प्रदेश-देश को दुनिया में गौरव प्रदान किया. उनके साथ यह व्यवहार शर्मनाक है. सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मांग की है कि वे उदयप्रकाश एवं उनके परिवार को रेत माफिया और स्थानीय पुलिस से सुरक्षा प्रदान करें.

देश की जनता निराश थी कांग्रेस के राज से: एम.जे.अकबर

प्रबुद्धजन सम्मेलन में अकबर ने कहा आंकड़े हम खाएंगे क्या?

केन्द्रीय मंत्री एम.जे.अकबर ने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव के वक्त जो माहौल था, उसे सबने देखा. देश की जनता कांग्रेस के शासनकाल से निराश हो गई थी. देश में बदलाव के चलते मोदी प्रधानमंत्री बने, जो हर मर्ज के साथ उसका इलाज भी जानते हैं.
अकबर ने ये बात आज राजधानी में मोदी सरकार के चार साल पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम प्रबुद्धजन सम्मेलन में कही. उन्होंने कहा कि 2014 में मुझे लगता था कि कहीं अगर चुनाव का परिणाम निर्णयी नहीं हुआ तो देश का क्या होगा? 1970 में दूर-दूर तक कोई रोशनी नहीं थी, लेकिन अब हमें ऐसा प्रधानमंत्री मिला है, जो हर मर्ज के साथ उसका इलाज भी जानता है.  उन्होंने कहा कि बीते चार सालों में मोदी ने बहुत सोच समझकर और तर्क के साथ काम किया है. आज दो ही चीजें महत्वपूर्ण हैं, जिसके लिए मोदीजी ने काम किया है. गरीबी देश को खा रही थी, गरीबी का मिटाने के लिए वे सक्रिय हैं. उन्होंने कहा कि आज देश की सबसे बड़ी कमजोरी गरीबी है और गरीबी को दूर करने के लिए आप सबका साथ जरूरी है. देश से गरीबी दूर करने के लिए जाति, धर्म के भेदभाव को भुलाकर साथ आगे बढ़ना होगा. 
केन्द्रीय मंत्री ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा गलत आरोप लगाती है. आंकड़ों को लेकर गलत बयानी बात कही जाती है. हम आंकड़े खायेंगे क्या? आकड़े अपनी जगह हैं. उन्होंने कहा कि आज यूरोपीय देश मोदीजी से सीखने के लिए आ रहे हैं. मोदी सरकार ने भष्टाचार को रोका है. बेहतर स्वास्थ्य के लिए काम किया है. आज देश के हर राज्य में अच्छी सड़कें हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विरोधी दल चाहे जो कहें, अगले चुनाव में एक फिर मजबूत सरकार चुनने का मौका देश की जनता हमें देगी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी हमेशा ही गैर जिम्मेदाराना बयान देते रहे हैं, जब मोदी सरकार ने आम लोगों के बैंक अकाउंट खुलवाए थे, तब भी वे हंसते थे, लेकिन आज जो परिणाम है वह आप सभी के सामने हैं. 
पड़ौसी देशों को लेकर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को उन पड़ौसी देशों की ज्यादा चिंता होती थी, जो आज हम पर ज्यादा हमले कर रहे हैं. मोदी की विदेश नीति की उन्होंने सराहना की और कहा कि उन्होंने विदेशों में हमारे संबंधों को सुधाने कहा काम किया है.
भूल गए शिवराज सिंह कितने शाल से हैं मुख्यमंत्री
केन्द्रीय मंत्री एम.जे.अकबर वैसे तो मध्यप्रदेश से ही राज्यसभा सदस्य हैं, मगर आज प्रबुद्धजन सम्मेलन के दौरान वे मध्यप्रदेश की जानकारी ही नहीं रख पाए. सम्मेलन में संबोधन के दौरान जब उन्होंने मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार के कार्यकाल की बात की और मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के कामों की सराहना कर रहे थे, तभी वे यह भूल गए कि मुख्यमंत्री के रुप में शिवराजसिंह चौहान को कितना समय हो गया. उन्होंने बीच में अपना भाषण रोका और भाजपा के उपाध्यक्ष विजेश लुनावत से पूछा कि शिवराज सिंह को कितना समय हो गया मुख्यमंत्री पद पर. जब लुनावत ने जानकारी दी तो उन्होंने अपना भाषण आगे बढ़ाया.

टिप्पणी से नाराज यादवों ने फूंका बावरिया का पुतला

मध्यप्रदेश कांग्रेस में अब अंतर्कलह सड़क पर नजर आने लगी है. प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी दीपक बावरिया द्वारा  की गई एक टिप्पणी से खफा यादव समाज के लोगों आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचकर बावरिया का पुतला फूंका.
प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी दीपक बावरिया ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव समर्थकों के निष्कासन का मामला जब सुलझ गया और उन्हें वापस कांग्रेस में ले लिया गया, तभी एक टिप्पणी कर दी. बावरिया ने कहा कि यादवों को आपस में लड़ने से भगवान श्रीकृष्ण भी नहीं बचा पाए थे, आप लोग भी लड़ों, अपनी सीट भी नहीं बचा पाओगे. इस विवाद के बाद महेश्वर के यादव समर्थकों का निष्कासन कर दिया गया था. हालांकि यह निष्कासन शनिवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने समाप्त कर दिया. इसके पीछे मूल कारण यह था कि अरुण यादव की नाराजगी को प्रदेश कांग्रेस चुनाव के मद्देनजर गंभीरता से ले रही थी. साथ ही निष्कासन समाप्ती के लिए पहल भी अरुण यादव ने ही की थी. इस मामले को लेकर आज फिर यादव समाज नाराज हो गया. यादव समाज के लोगों ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचकर बावरिया का पुतला जलाया और उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की.  उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व भी बावरिया अपने बयानों को लेकर विवादों मेंं रहे हें. बावरिया द्वारा 60 साल से ज्यादा की उम्र वालों को चुनाव न लड़ने की बात कहना और फिर चुनाव लड़ने के लिए दावेदारों से आवेदन कराते हुए 50 हजार रुपए लिए जाने के मामले को लेकर भी वे विवादों में रहे हैं. हालांकि बाद में उन्होंने इस मामले को सुलझा लिया था.

लक्ष्य से न भटकें विद्यार्थी: शिवराज सिंह चौहान


 मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज सुबह रतलाम जिले के बाजना में छू लो आसमां करियर   काउंसिल कार्यक्रम में विद्यार्थियों से संवाद किया. इस अवसर पर 12वीं कक्षा उत्तीर्ण विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से प्रश्न पूछे. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे कभी भी लक्ष्य से न भटकें.
विद्यार्थियों ने पूछा कि हमें 12वीं के बाद कौन सी पढ़ाई करनी चाहिए कौन सी नहीं करनी चाहिए ऐसी कौन सी पढ़ाई करनी चाहिए जिससे हम को रोजगार मिल सके बेरोजगारी का सामना ना करना पड़े. इस पर मुख्यमंत्री  ने कहा कि हमें 12वीं के बाद कौन सा विषय लेना है इसको बड़े ही सोच समझकर तय करना है इसके लिए हमने स्पेशल करियर काउंसलिंग की व्यवस्था की है जिसमें ऐसे बच्चे जो 12 वीं के बाद कौन सा विषय लेना है कौन सा नहीं लेना है यह निर्धारित नहीं कर पाते हैं अब ऐसे बच्चों को अपना विषय चुनने में मदद की जाएगी. 
विद्यार्थियों ने इस अवसर पर इंजीनियरिंग, कला संकाय, कामर्स, विज्ञान के अध्ययन, आईआईटी, आईआईएम में जाने के लिए कोचिंग की व्यवस्था परीक्षा तैयारी कैसे करें किस तरह से भारतीय सेना में प्रवेश करें. अगर कोई गरीब विद्यार्थी हैं तो उसके लिए सिविल सर्विस की तैयारी के लिए फीस की क्या व्यवस्था होगी कोचिंग कहां पर मिल सकती है अगर कोई विद्यार्थी शहर में रह रहा है गरीब परिवार से हैं पढ़ाई कर रहा है तो उसके लिए रहने की क्या व्यवस्था हो सकेगी आदि प्रश्न पूछे.
   मुख्यमंत्री ने कहा कि कोचिंग के लिए प्रोग्राम बनाया जाएगा. हम एक ऐसी व्यवस्था करेंगे कि इसमें प्रदेश के अंदर एक ऐसा कालेज खोला जाएगा जो कि सेना की भर्ती के संबंध में प्रशिक्षण देगा. गरीब परिवारों मध्यम वर्गीय परिवारों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार प्रदेश में मुख्यमंत्री मेधावी प्रोत्साहन योजना लेकर आई जिसमें बारहवीं के बाद कोई भी विद्यार्थी हो अगर उसके 70 प्रतिशत से अधिक है तो वह किसी भी संस्थान में प्रवेश लें उसकी सारी फीस प्रदेश सरकार भरेगी वह चाहे विज्ञान, कला एवं कॉमर्स या इंजीनियरिंग कोई भी संस्थान हो सकता है. उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग के क्षेत्र में जेई की परीक्षा में डेढ़ लाख तक की मेरिट वाले की फीस प्रदेश सरकार भरेगी. इस अवसर पर उन्होंने सभी विद्यार्थियों को उत्साह बढ़ाने के लिए एवं जीवन में निराशा को दूर करते हुए उत्साह का संचार करने के लिए कहा कि हम सभी को भगवान ने बुद्धि एक समान प्रदान की है उसका कोई अधिक उपयोग करता है तो कोई कम करता है जो भी करता है वह सबसे आगे निकल जाता है, जो कम करता है वह पीछे रह जाता है अर्थात व्यक्ति जैसा सोचता है वैसा ही बन जाता है इसलिए अच्छा सोचे बुरा ना सोचें सकारात्मक सोच सफलता को आगे बढ़ाती है जो भी सोचे एकाग्रचित होकर सोचें और हमेशा इस बात का ध्यान रखें लक्ष्य से कभी ना भटके लक्ष्य पर एकाग्रचित होकर कार्य करें.

शादी करने झांसी से भोपाल भागकर आए नाबालिग

राजधानी में रेलवे पुलिस ने शादी करने के लिए झांसी से भोपाल भागकर आए नााबालिगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने बालक को लोक उत्थान गृह और बालिका को सुधार गृह भेज दिया है.
रेलवे पुलिस के अनुसार झांसी के रहने वाले दोनों नाबालिग शादी करना चाहते थे, उनके माता-पिता इसके लिए राजी नहीं थे. इसके बाद दोनों ने झांसी से भागकर शादी करने की योजना बनाई, इस योजना के तहत दोनों भोपाल भागकर आए, मगर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतरते वक्त दोनों को रेलवे पुलिस ने पकड़ लिया. पुलिस ने जब पूछताछ की तो दोनों ने सारी बात बता दी. इसके बाद पुलिस ने उनके परिजनों को सूचना दी है. साथ ही दोनों बालक को लोक उत्थान गृह भेजा है, वहीं बालिका को बालिका सुधार गृह भेज दिया है. दोनों की काउंसलिंग कराकर पुलिस यह प्रयास करेगी कि परिजनों को सौंप दिया जाए. 
वीडियो वायरल करने की धमकी
राजधानी के निशातपुरा थाना क्षेत्र में एक युवती को अज्ञात लोगों ने मोबाइल पर वीडियो भेजा. युवती को यह धमकी दी कि अगर वह पीपुल्स माल नहीं आई तो उस वीडियो को वे वायरल कर देंगे. इसके बाद युवती घबरा गई. युवती  मैसेज के अनुसार उस स्थान पर  पहुंची, जहां पर बाइक पर तीन लोग थे. तीनों ने युवती को बदनाम करने की बात कही और 50 हजार रुपए की मांग की. बाद में युवती ने घर आकर अपनी मां को सारी बात बताई और इसके बाद थाने जाकर शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. 
वृद्धा की मौत, कारण अज्ञात
राजधानी के नजीराबाद थाना क्षेत्र में ग्राम रिकोड़ी की रहने वाली 80 वर्षीय वृद्धा की बीती रात तबीयत खराब होने के बाद उसे परिजन अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने वृद्धा को मृत बताया. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. परिजनों से की पूछताछ में उन्होंने बताया कि वृद्धा की तबीयत खराब होने के बाद उन्हें यहां लेकर आए थे. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है. वहीं इस बात का खुलासा नहीं हुआ कि वृद्धा की मौत किन कारणों से हुई. पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार कर ही है.



ब्राह्मण समाज ने बसपा नेता का जलाया पुतला

 अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज मध्यप्रदेश के तत्वावधान में बसपा  नेता जय भगवान जाटव द्वारा की टिप्पणी के विरोध में उनका पुतला जलाया. समाज द्वारा  राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश, मुख्यमंत्री उत्तरप्रदेश, राज्यपाल उत्तरप्रदेश, राज्यपाल मध्यप्रदेश, डीजीपी मध्यप्रदेश, डीजीपी उत्तरप्रदेश एवं एडिशनल डीजी मध्यप्रदेश को शिकायत ज्ञापन ईमेल द्वारा की गई थी.
 मामले में अभी तक कोई भी कार्यवाही नहीं होने के कारण ब्राह्मण समाज ने राजधानी भोपाल में बोर्ड आफिस चौराहे पर जय भगवान जाटव का पुतला दहन कर अपना आक्रोश जताया, इससे पहले समाज के कार्यकर्ताओ ने जाटव के खिलाफ नारेबाजी भी की.  प्रदेशाध्यक्ष पुष्पेन्द्र मिश्र ने कहा है कि जाटव ने ब्राह्मणों को अपशब्दों का प्रयोग करते हुए बयानबाजी ही नहीं की, बल्कि देश भर के ब्राह्मण समुदाय को अपमानित भी किया है. इसके लिए उन्हें सार्वजानिक तौर पर माफी मांगनी चाहिए. मिश्र ने जाटव के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की मांग भी की है.
समाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पंडित वीरेन्द्र तिवारी ने कहा कि जाटव ने देश के हर न्यायलयों के न्यायाधीशों पर गंभीर आरोप लगाकर उन्हें अपमानित किया है. जिसकी पूरा ब्राह्मण समाज घोर निंदा करता है. प्रवक्ता पंडित शुभकरण पांडे ने बताया कि तथाकथित बसपा नेता जाटव द्वारा ब्राह्मण वर्गो को अपमानित करते हुए एक वीडियो दिखाया गया है. इसके विरुद्ध शिकायत पत्र समस्त मध्यप्रदेश के एवं भारत के विशिष्टजनों को भिजवाया गया था. उन्होने जाटव की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है. उन्होंने चेतावनी दी है कि जाटव पर जल्दी ही उत्तर प्रदेश पुलिस प्रशासन द्वारा गिरफ्तारी नहीं की गई तो अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज मध्यप्रदेश के साथ पूरे भारतवर्ष में उग्र आंदोलन करेगा. जिसकी जवाबदेही मध्यप्रदेश सरकार एवं बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती और उत्तर प्रदेश भाजपा सरकार की होगी. 

दिग्विजयसिंह ने मोदी को नर्मदा परिक्रमा का दिया चैलेंज

मध्यप्रदेश में फिटनेस चैलेंज को लेकर सियासत गर्म हो गई है. कांग्रेस  के वरिष्ठ नेता दिग्विजयसिंह द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को नर्मदा परिक्रमा करने का चैलेंज दिए जाने के बाद भाजपा ने सिंह को घेर लिया है. भाजपा के प्रवक्ता के रजनीश अग्रवाल ने सिंह के चैलेंज की निंदा की है.
वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने फिटनेस चैलेंज को लेकर आज टष्ट्वीटर पर लिखा कि आजकल फीटनेस चैलेंज की बड़ी चर्चा है. भाजपा के मंत्री एयर कंडीशन कमरों में डंड लगा रहे हें. मैं उन्हें फिटनेस चैलेंज कर रहा हूं, 3 हजार किलोमीटर की मां नर्मदा परिक्रमा करके दिखाएं. हिम्मत है, मोदी जी, राठौर जी? शिवराज जी तो हेलीकाप्टर से नर्मदा परिक्रमा कर चुके. दिग्विजय सिंह के इस चैलेंज पर भाजपा प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने पलटवार किया है. रजनीश ने टष्ट्वीटरके माध्यम से लिखा है कि अहंकार परिक्रमा का? आखिर आपने मां नर्मदा परिक्रमा को राजनीति का माध्यम मान लिया है. आप परिक्रमा को आध्यात्मिक बता रहे थे, पर ये शुद्ध सियासी थी. क्या किसी को ये फिटनेस चैलेंज का विषय है? आज भी 80 साल पार श्रद्धालु परिक्रमा करते हैं. आपने इसे अपनी छवि चमकाने का जरिया माना.
उल्लेखनीय है कि केन्द्रीय मंत्री राज्यवर्धनसिंह राठौड़ ने हम फिट तो इंडिया फिट हैशटैग से टष्ट्वीटर पर यह फिटनेश चैलेंज शुरु किया है. एक वीडियो में वे अपने कार्यालय में ही पुश अप करते नजर आ रहे हैं. इसके बाद मंत्रियों और कुछ राजनेताओं ने भी इस तरह के चैलेंज प्रस्तुत करना शुरु किया. सोशल मीडिया पर इस तरह के वीडियो लगातार जारी हो रहे हैं, जिसे लेकर वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजयसिंह ने आज टष्ट्ववीटर पर यह चैलेंज दिया, जिस पर कई भाजपा नेताओं ने उन्हें ट्रोल भी किया.