नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा 6 जून को मंदसौर सहित पूरे प्रदेश में हुए किसान आंदोलन करने किसानों को गुंडा कहने पर कड़ी आपत्ति जताई है. सिंह ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान को किसानों को अहसानमंद होना चाहिए जिनकी वजह से वे तीन बार इस प्रदेश के मुख्यमंत्री बने. सिंह ने कहा कि किसानों को बोले गए अपशब्दों के लिए मुख्यमंत्री को माफी मांगना चाहिए.
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि दो दिन पहले भारतीय जनता पार्टी के किसान मोर्चे के पदाधिकारी ने किसानों को चोर कहा उसे पार्टी से निकाला गया. अब वहीं बात मुख्यमंत्री कह रहे हैं. सिंह ने कहा कि अगर 6 जून 2017 को हुआ आंदोलन गुंडों द्वारा किया गया था तो मुख्यमंत्री बताएं कि पुलिस की गोली से मरे 7 लोग कौन थे ? जिन लोगों को एक करोड़ का मुआवजा दिया और उन्हें शासकीय नौकरी देने की घोषणा की वे कौन थे? जब गुंडों ने ही वह आंदोलन किया था तब उन्होंने उपवास की नौटंकी क्यों की थी? उनके उपवास की नौटंकी पर सरकार ने एक करोड़ खर्च किया. उन्होंने जानना चाहा कि मंदसौर गोलीकांड की बरसी पर जो 1 से 10 जून तक जो आंदोलन पूरे प्रदेश में होने जा रहा है वह आंदोलन कौन कर रहा है, मंदसौर में जिन लोगों को आंतकित करने के लिए शिवराज सरकार नोटिस थमा रही और बांड भरवा रही है वे कौन लोग है ? नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि बरेली में एके 47 से गोली चलाने के बाद मंदसौर के हाट पिपल्या में किसानों की छाती पर गोली दागने वाली सरकार 6 जून को पहली बरसी पर हो रहे किसान आंदोलन से घबरा गई है. 80 साल के बुजुर्गों को अपने आतंक का शिकार बता रही है. सिंह ने कहा कि शिवराज सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो गई है क्योंकि इस प्रदेश का किसान, सरकार के खिलाफ हो गया है.

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