शनिवार, 26 मई 2018

अजजा और अजा वर्ग को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाएगा



मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने कहा है कि प्रदेश में हर क्षेत्र में अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिये समग्र नीति बनाई जायेगी. नीति बनाने के लिये उच्च-स्तरीय समिति बनायी जायेगी. इस समिति में दलित इंडियन चैम्बर ऑफ कामर्स एण्ड इंडस्ट्रीज (डिक्की) का प्रतिनिधित्व भी होगा. चैहान आज डिक्की के मध्यप्रदेश चैप्टर की लॉचिंग कर रहे थे. इस मौके पर केन्द्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावरचंद गेहलोत भी उपस्थित थे.
मुख्यमंत्री चैहान ने कहा कि हर ग्राम पंचायत में एक उद्योग स्थापित करने का प्रयास किया जायेगा. सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग नीति में हर क्षेत्र में स्व-रोजगार के अवसर बढ़ाने के प्रयास किये गये हैं. सरकार की कोशिश है कि युवा नौकरी माँगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें. उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं में भरपूर क्षमता, प्रतिभा, योग्यता और कल्पनाशीलता है. आवश्यकता केवल कुशल मार्गदर्शन और सहयोग की है. श्री चैहान ने डिक्की संगठन से आग्रह किया कि प्रदेश में कमजोर वर्ग में नये बिजनेस लीडर तैयार करने के शासन के प्रयासों में सहयोग दे. होशंगाबाद जिले के कीरतपुर औद्योगिक क्षेत्र में महिलाओं द्वारा संचालित औद्योगिक इकाई का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि इस इकाई ने केवल मुर्गी पालन व्यवसाय से 20 करोड़ रूपये शुद्ध आय अर्जित की है. इस इकाई का प्रदेश के करीब 12 जिलों में 240 करोड़ का व्यापार है.
चैहान ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी को केन्द्र सरकार के सफल और गौरवशाली 4 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई देते हुए कहा कि श्री मोदी के नेतृत्व में विश्व में देश का मान-सम्मान बढ़ा है. प्रधानमंत्री ने जो कहा, उसे पूरी ईमानदारी से पूरा करने का प्रयास किया. उन्होंने कहा कि कहा कि देश की भलाई श्सबका साथ-सबका विकास में ही है. इसके लिये प्रधानमंत्री ने अनेक नई योजनाएँ शुरू की हैं. स्टेण्ड अप जैसी योजनाओं में अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के हितग्राहियों को प्राथमिकता के साथ वित्तीय सहयोग मिला है. प्रधानमंत्री स्वयं योजनाओं की मॉनीटरिंग भी कर रहे हैं.
डिक्की के संस्थापक अध्यक्ष पद्मश्री मिलिंद कांबले ने कहा कि मध्यप्रदेश डिक्की में 24वें चैप्टर के रूप में शामिल हो रहा है. यह चैप्टर राज्य में आगामी एक वर्ष में 5 हजार उद्यमी तैयार करवाने और नीतियों को जन-जन तक पहुँचाने में सहयोग प्रदान करेगा. उन्होंने बताया कि यह संस्था बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर के सिद्धान्तों के अनुरूप सभी राज्यों में क्रियाशील है. केन्द्र सरकार की नीतियों के निर्माण और क्रियान्वयन में भी डिक्की सक्रिय भागीदारी करती है. उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग की आबादी का 65 प्रतिशत 18 से 35 आयु वर्ग का युवा है. कांबले ने मुद्रा योजना को वित्तीय समावेश की सबसे सफल योजना बताया. डिक्की के दक्षिण भारत इकाई के अध्यक्ष पद्मश्री रवि कुमार नारा ने दक्षिण भारतीय राज्यों में संचालित योजनाओं और औद्योगिक क्षेत्र में सरकार द्वारा दिये जा रहे सहयोग की जानकारी दी. डिक्की की पश्चिमी भारत इकाई के अध्यक्ष  निश्चय शेल्के ने संस्था के स्वरूप की जानकारी दी. कार्यक्रम में वक्ताओं ने प्रदेश में चैप्टर की स्थापना में डॉ. अनिल सिरवैया के सहयोग का उल्लेख और आभार ज्ञापित किया.

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें