बुधवार, 23 मई 2018

आलू ने बनाया लखपति

मध्यप्रदेश शासन खेती-किसानी की लाभ का धंधा बनाने के लिए कृतसंकल्पित हैं. कृषि विभाग के अधिकारी द्वारा किसानों को आधुनिक तकनीक और उन्नत नस्ल के बीज इस्तेमाल करने की सलाह दी जा रही हैं, जिससे वे अधिक से अधिक उत्पादन कर सकें. ग्राम अजनोद तहसील सांवेर जिला इंदौर निवासी रामप्रसाद पिता सीताराम की मुलाकात हाट-बाजार में एक दिन उद्यान विस्तार अधिकारी से हुई. उद्यान विस्तार अधिकारी विकासखण्ड सांवेर ने उसे पंजाब के कुफरी ज्योति आलू की फसल बोने की सलाह दी. उसने बताया के उन्नत नस्ल के आलू की फसल बोने पर पैदावार दुगना होती हैं.
चर्चा के दौरान प्रगतिशील किसान रामप्रसाद पिता सीताराम ने बताया कि उसने उद्यान विकास अधिकारी की सलाह पर एक हेक्टेयर में आलू की खेती करने कर निश्चय किया. इस वर्ष उसने पंजाब से कुफरी ज्योति प्रजाति के 20 क्विंटल आलू बीज मंगवाये और सीड ड्रिल से उसकी बुआई की और ड्रिप इरिगेशन के जरिए उसे समय-समय पर सिंचाई की. ड्रिप इरिगेशन में कम पानी में दुगुना उत्पादन होता हैं. लगभग 3 माह में आलू पककर तैयार हो गया. दिसंबर, 2017 में आलू की खुदाई कर कृषि मण्डी सांवेर में उसे 800 रुपए प्रति क्विंटल से बेच दिया. एक हेक्टेयर में कुल 300 क्विंटल आलू पैदा हुआ था. आलू से लगभग 2 लाख 40 हजार रुपए आय हुई, जिसमें से 70 हजार रुपए खर्च काटने पर 1 लाख 70 हजार रुपए का शुद्ध लाभ हुआ. आलू की मात्र एक फसल से किसान रामप्रसाद लखपति बन गया. उसने अन्य किसानों को भी सलाह दी हैं कि उन्नत नस्ल के आलू लगाकर उसे उचित समय पर खाद पानी देकर और जैविक खाद का इस्तेमाल करके अधिकाधिक लाभ कमा सकते हैं.

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें