शुक्रवार, 25 मई 2018

सिंधिया और अमित शाह भोपाल में तलाश रहे बंगला

अमित शाह 
 मंत्री और भोपाल कलेक्टर को भी है बंगले का इंतजार
ज्योतिरादित्य सिंधिया 
मध्यप्रदेश में इन दिनों बंगलों को लेकर राजनेता परेशान हैं. कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के सदस्य और सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया राजधानी में शासकीय बंगला लेना चाहते हैं. उन्होंने इसके लिए बकायदा मध्यप्रदेश शासन को पत्र लिखकर बंगला देने की मांग की है. वहीं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह राजधानी में बंगले की तलाश करा रहे हैं. वे निजी बंगला किराए पर लेकर मध्यप्रदेश के अलावा छत्तीसगढ़ और राजस्थान में होने वाले विधानसभा चुनाव के दौरान यहां डेरा डालना चाहते हैं. शाह भोपाल में रहकर विधानसभा के अलावा लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटेंगे.
मध्यप्रदेश में बंगले को लेकर राजनेताओं का प्रेम अब बढ़ता जा रहा है. कुछ पूर्व विधायकों और मंत्रियों के बंगले प्रेम के चलते वर्तमान सांसद, विधायकों को शासकीय बंगलों को लेकर परेशान होना पड़ रहा है. कई पूर्व विधायकों और मंत्रियों ने बंगले छोड़े नहीं हैं और कुछ के पास तो दो-दो शासकीय आवास भी हैं. इसके कारण कुछ सांसदों और विधायकों को शासकीय आवास नहीं मिल पा रहे हैं. हाल ही में कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी मध्यप्रदेश शासन से बंगले की मांग कर दी है. उन्होंने प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर कहा कि मैं मध्यप्रदेश के गुना से सांसद हूं, विकास कार्यों के लिए कई बार मुझे भोपाल आना-जाना रहता है. मैं इस राज्य से सांसद होने के नाते शासकीय आवास की पात्रता भी रखता हूं. इस लिहाज से मुझे शासकीय आवास आवंटित किया जाए. 
सिंधिया ने सांसद रहते हुए 16 साल बाद प्रदेश की सरकार से बंगले की मांग की है. इसके पूर्व वे जब भी भोपाल आते थे तो होटल या रेस्ट हाउस में रुक कर गुना या फिर दिल्ली के लिए रवाना हो जाते थे. वर्तमान में सिंधिया को कांग्रेस ने चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष बनाय है, इस लिहाज से उनका राजधानी आना ज्यादा होगा. साथ ही उन्हें यहां पर रुकना भी पड़ेगा. इस लिहाज से सिंधिया ने शासकीय आवास की मांग की है.
शाह भी तलाश रहे ठिकाना
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी इन दिनों राजधानी भोपाल में आवास की तलाश कर रहे हैं. शाह राजधानी में निजी आवास की तलाश कर हैं जिसे वे चुनाव का ‘वार रुम’ बनाना चाहते हैं. शाह ने इसके लिए शासन या भाजपा संगठन से किसी तरह की मदद नहीं ली है. उनके अपने विश्वासपात्र ही निजी आवास की तलाश कर रहे हैं. बताया जाता है कि शाह मध्यप्रदेश के अलावा छत्तीसगढ़ और राजस्थान में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति भोपाल में रहकर बनाएंगे. वे यहां पर रहते हुए तीनों राज्यों पर नजर रखेंगे. इसके अलावा 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए इन तीनों राज्यों में भाजपा की सीटें बढ़ाना चाहते हैं. इस लिहाज से वे अपना आशियाना ढंूढ रहे हैं. सूत्रों की माने तो शाह जल्द ही भोपाल में निजी आवास किराए पर लेकर चुनाव की तैयारी में जुट जाएंगे.
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और मंत्रियों को नहीं मिल रहा शासकीय बंगला
भारतीय जनता पार्टी की सरकार में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह को शासकीय बंगला नहीं मिल पा रहा है. इसके चलते वे अध्यक्ष बनने के बाद से राजधानी में भेल के रेस्ट हाउस में रह रहे हैं. सिंह ने भी शासकीय आवास के लिए प्रयास किया, मगर उन्हें भी अब तक बंगला नहीं मिला है. सिंह के अलावा राज्य के कुछ मंत्री भी बंगले की चाह रखते हैं, मगर इन मंत्रियों को भी बंगला नहीं मिल रहा है. इन मंत्रियों में  नारायण सिंह कुशवाह, बालकृष्ण पाटीदार और जालम सिंह शामिल हैं. उपचुनाव के दौरान इन तीनों को मंत्री बनाया गया था, लेकिन अब तक इन मंत्रियों को भी बंगला नहीं मिला है.
भोपाल कलेक्टर रहे हैं प्रशासन अकादमी में
राजधानी भोपाल में शासकीय बंगलों की इतनी मारा-मारी हो गई है कि बंगले के लिए अधिकारियों को भी परेशान होना पड़ रहा है. राजधानी भोपाल के कलेक्टर डा.सुदाम खाड़े को भी अब तक शायकीय आवास नहीं मिला है. वे प्रशासन अकादमी में रह रहे हैं. इतना ही नहीं प्रमुख सचिव श्रम संजय दुबे भी बंगले के इंतजार में है. इसके अलावा मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष नरेन्द्र जैन भी बंगले के लिए गुहार लगा चुके हैं, मगर उन्हें भी अब तक बंगला नहीं मिला है. इसके पीछे मुख्य कारण यह बताया जा रहा है कि पूर्व मंत्रियों और विधायकों ने शासकीय आवास और बंगला प्रेम के चलते अब तक इन्हें खाली नहीं किया है. 






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