प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा है कि शिवराजसिंह भोले-भाले और बुजुर्ग किसानों से बांड भरवाने का नोटिस जारी कर उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचा रहे हैं. प्रशासन द्वारा सज्जन लोगों के साथ अपराधी जैसा व्यवहार किया जा रहा है.
कमलनाथ ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं इस तरह का कृत्य करके किसानों को भड़का रहे हैं. नोटिस भेजकर एक सभ्य किसान समाज की निष्ठा पर जबरन शक किया जा रहा है. सरकार के इस कदम से यदि भविष्य में कोई अप्रिय स्थिति निर्मित होती है तो मुख्यमंत्री स्वयं इसके जिम्मेदार होंगे. शिवराजसिंह के बयानों से यह आभास भी होता है कि उन्हें स्वयं अप्रिय स्थिति की आशंका है और उसके भय से वे अकारण अभी से दूसरों पर दोषारोपण कर रहे हैं. कमलनाथ ने कहा है कि सरकार दमन की नीति पर चल रही है और जानबूझकर किसानों को प्रताड़ित कर रही है. यह ऐसा संवेदनशील मामला है कि इसमें जरा सी चूक से किसान भड़क जाएंगे. सरकार एक जून से शुरू हो रहे किसानों के आंदोलन को विफल करने की कोशिश में खुद मुसीबत को आमंत्रण दे रही है और मुख्यमंत्री हैं कि सरकारी तंत्र के इस कृत्य को रोकना तो दूर, उल्टे कांग्रेस को बदनाम करने पर तुले हैं.
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