स्वास्थ्य संचालक से की कार्रवाई की मांग
इंडियन एसोसिएशन आफ पेथालाजिस्ट एंड माइक्रोबायलोजिस्ट के मेंबर और प्राइवेट पैथालाजिस्ट के एक संयुक्त प्रतिनिधी मंडल ने सोमवार को स्वास्थ्य संचालक के के ठस्सु से मुलाकात कर अवैध पेथालाजी लैब पर कार्यवाही की मांग की. उन्होंने अपनी मांगों को लेकर सतपुडा भवन स्थित स्वास्थ्य संचालनालय में स्वास्थ्य संचालक को एक ज्ञापन भी सौंपा है.
एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. राजेश गुप्ता ने कहा कि पेथालाजी प्रयोगशाला चलाने के लिए राज्य सरकार और सुप्रीम कोर्ट ने नियम बनाए है प्रदेश में उन नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है. जिसके चलते पूरे प्रदेश प्रत्येक जिले, तहसील, गांवों में अवैध पैथालाजी प्रयोगशालाएं बड़ी संख्या में खुल गई हैं. प्रतिनिधि मंडल ने स्वास्थ्य संचालक से सरकार और विभाग द्वारा बनाए गए नियमों का कड़ाई से पालन करने की मांग भी की. संचालक के के ठस्सू ने प्रतिनिधि मंडल को बताया कि उन्हें अभी तक सुप्रीम कोर्ट के आदेश की कापी नही मिली है, जैसे ही उन्हे निर्णय की कापी मिल जाएगी वह प्राथमिकता से साथ पूरे प्रदेश में अवैध लैब को बंद कराने की सख्त कार्यवाही करेंगे.
उन्होंने प्रतिनिधि मंडल को आश्वासन दिया है कि उच्चतम न्यायालय के निर्णय का पालन कराया जाएगा. इस संबंध में वे मैदानी स्वास्थ्य अधिकारियों की टीम गठित कर अनाधिकृत पेथालाजी लेब के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश पूर्व में भी दे चुके है. डा. राजेश गुप्ता का कहना है कि प्रदेश में एक वैध लैब के अनुपात में 5 अवैध लैब चल रही है. उन्होंने इंदौर, भोपाल की कुछ अवैध पेथालाजी लैब की लिस्ट भी संचालक को सौंपी है. वहीं डॉ कुलदीप बजाज का कहना है कि पैथलाजी लैब खोलने के लिए एमबीबीएस करने के बाद एमडी, डीसीपी पैथालाजी विषय में किया है उन्हें ही अधिकार है. इसके साथ एक पैथालाजिस्ट स्वयं की लैब के अलावा एक जगह और काम कर सकता है लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है. बजाज अवैध पैथालाजी प्रयोगशाला खुलने की वजह से मरीजों को गलत जांच मिल रही है इस वजह से उनका गलत इलाज हो रहा है. हम जागरुक नागरिक होने के नाते हमारी जबावदारी है कि हम लोगों को जागरुक करे. हम चाहते है कि सीएमएचओ द्वारा दो महीने में एक बार प्रत्येक लेब का निरीक्षण किया जाए और उसकी रिपोर्ट संचालनालय को भेजी जाए ताकि किसी भी लैब की अनियमितता उजागर हो सके.
इंडियन एसोसिएशन आफ पेथालाजिस्ट एंड माइक्रोबायलोजिस्ट के मेंबर और प्राइवेट पैथालाजिस्ट के एक संयुक्त प्रतिनिधी मंडल ने सोमवार को स्वास्थ्य संचालक के के ठस्सु से मुलाकात कर अवैध पेथालाजी लैब पर कार्यवाही की मांग की. उन्होंने अपनी मांगों को लेकर सतपुडा भवन स्थित स्वास्थ्य संचालनालय में स्वास्थ्य संचालक को एक ज्ञापन भी सौंपा है.
एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. राजेश गुप्ता ने कहा कि पेथालाजी प्रयोगशाला चलाने के लिए राज्य सरकार और सुप्रीम कोर्ट ने नियम बनाए है प्रदेश में उन नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है. जिसके चलते पूरे प्रदेश प्रत्येक जिले, तहसील, गांवों में अवैध पैथालाजी प्रयोगशालाएं बड़ी संख्या में खुल गई हैं. प्रतिनिधि मंडल ने स्वास्थ्य संचालक से सरकार और विभाग द्वारा बनाए गए नियमों का कड़ाई से पालन करने की मांग भी की. संचालक के के ठस्सू ने प्रतिनिधि मंडल को बताया कि उन्हें अभी तक सुप्रीम कोर्ट के आदेश की कापी नही मिली है, जैसे ही उन्हे निर्णय की कापी मिल जाएगी वह प्राथमिकता से साथ पूरे प्रदेश में अवैध लैब को बंद कराने की सख्त कार्यवाही करेंगे.
उन्होंने प्रतिनिधि मंडल को आश्वासन दिया है कि उच्चतम न्यायालय के निर्णय का पालन कराया जाएगा. इस संबंध में वे मैदानी स्वास्थ्य अधिकारियों की टीम गठित कर अनाधिकृत पेथालाजी लेब के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश पूर्व में भी दे चुके है. डा. राजेश गुप्ता का कहना है कि प्रदेश में एक वैध लैब के अनुपात में 5 अवैध लैब चल रही है. उन्होंने इंदौर, भोपाल की कुछ अवैध पेथालाजी लैब की लिस्ट भी संचालक को सौंपी है. वहीं डॉ कुलदीप बजाज का कहना है कि पैथलाजी लैब खोलने के लिए एमबीबीएस करने के बाद एमडी, डीसीपी पैथालाजी विषय में किया है उन्हें ही अधिकार है. इसके साथ एक पैथालाजिस्ट स्वयं की लैब के अलावा एक जगह और काम कर सकता है लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है. बजाज अवैध पैथालाजी प्रयोगशाला खुलने की वजह से मरीजों को गलत जांच मिल रही है इस वजह से उनका गलत इलाज हो रहा है. हम जागरुक नागरिक होने के नाते हमारी जबावदारी है कि हम लोगों को जागरुक करे. हम चाहते है कि सीएमएचओ द्वारा दो महीने में एक बार प्रत्येक लेब का निरीक्षण किया जाए और उसकी रिपोर्ट संचालनालय को भेजी जाए ताकि किसी भी लैब की अनियमितता उजागर हो सके.
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