बुधवार, 23 मई 2018

मध्यप्रदेश कांग्रेस में उभरी गुटबाजी, मीनाक्षी समर्थकों ने दिए इस्तीफे

मीनाक्षी नटराजन 
 दिग्विजय के साथ सिंधिया समर्थक को कमेटी में मिला स्थान तो हो गए नाराज
मध्यप्रदेश कांग्रेस के बड़े नेता भले की गुटबाजी की बातों को नकारते रहे, मगर यह सच है कि प्रदेश नेतृत्व के बदलाव के बाद भी प्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी नहीं रुक रही है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ एक ओर संगठन में अनुशासन का डंडा चला रहे हैं तो मंगलवार को कांग्रेस की गठित पांच समितियों में से एक समिति में सिंधिया समर्थक को स्थान दिया जाना मीनाक्षी नटराजन और उनके समर्थकों को खल गया. देखते ही देखते मंदसौर जिले में मीनाक्षी समर्थकों ने इस्तीफे देने का सिलसिला शुरु कर दिया जो आज भी जारी रहा.
मध्यप्रदेश कांग्रेस एक ओर से चुनावी मोड में है. वहीं वरिष्ठ नेताओं के बीच चली आ रही वर्षों की गुटबाजी अब भी एकता में नहीं बदली है. गुटबाजी का हाल मंगलवार को कांग्रेस द्वारा गठित पांच कमेटियों में से एक कमेटी समन्वय समिति जिसके अध्यक्ष दिग्विजयसिंह है. इस समिति में राजेन्द्र सिंह गौतम को सदस्य बनाया गया है. गौतम को समिति में लेना मीनाक्षी नटराजन और उनके समर्थकों को नाकवार गुजरा है. यह खबर जब मंदसौर पहुंची तो मीनाक्षी समर्थक और मंदसौर के जिला उपाध्यक्ष महेन्द्र गुर्जर ने सबसे पहले अपना इस्तीफा प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी दीपक बावरिया और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ को भेजा.  इसके बाद जिले से मीनाक्षी नटराजन के समर्थकों द्वारा इस्तीफे दिए जाने का सिलसिला जो शुरु हुआ वह आज दिनभर भी जारी रहा. हालांकि कांग्रेस संगठन इस बात को नकार रखा है कि उन्हें किसी का इस्तीफा नहीं मिला है, मगर सूत्रों की माने तो करीब 100 से ज्यादा मीनाक्षी समर्थकों ने अब तक इस्तीफे दे दिए हैं.
यह है नाराजगी का कारण
मीनाक्षी नटराजन मंदसौर संसदीय क्षेत्र से सांसद रह चुकी हैं.  उन्होंने जब 2009 में लोकसभा का चुनाव कांग्रेस प्रत्याशी के रुप में लड़ा था, तब राजेन्द्र गौतम ने उनके खिलाफ निर्दलीय उम्मीदवार के रुप में चुनाव लड़ा था. इसके बाद राजेन्द्र गौतम को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था. राजेन्द्र गौतम सिंधिया समर्थक माने जाते हैं. इसके बाद जब माहौल शांत हुआ तो कांग्रेस के वरिष्ठ नेता स्वर्गीय महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा ने सक्रियता दिखाते हुए राजेन्द्र गौतम का निष्कासन समाप्त कराकर कांग्रेस में वापसी करा दी थी. जब गौतम की कांग्रेस में वापसी हुई तब भी विवाद हुआ था, मगर मामले को शांत कर लिया गया था.
मीनाक्षी ने भी दिया इस्तीफा, मगर पुष्टि नहीं
पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन भी राजेन्द्र सिंह गौतम को समन्वय समिति में सदस्य बनाए जाने के खिलाफ हैं. सूत्रों की माने तो उन्होंने ने भी इस्तीफा दे दिया है. हालांकि उन्होंने मीडिया में इसका खुलासा नहीं किया है. समर्थकों द्वारा दिए जा रहे इस्तीफे के बाद जब उनके इस्तीफे की बात मीडिया में आई और उनसे संपर्क करना चाहा तो उन्होंने मौन धारण कर लिया और अपना मोबाइल बंद कर दिया. 
खटाई में पड़ सकता है राहुल का दौरा
मध्यप्रदेश कांग्रेस द्वारा मंदसौर में 6 जून को किसानों पर हुए गोलीकांड की बरसी मनाए जाने का कार्यक्रम तय किया गया है. इस कार्यक्रम में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी का आना तय हो गया था. मंदसौर जिला प्रशासन ने भी सशर्त कार्यक्रम की अनुमति कांग्रेस को दे दी थी. मगर मंगलवार की शाम को जब मीनाक्षी समर्थकों ने राजेन्द्र सिंह गौतम की नियुक्ति को लेकर इस्तीफा देना शुरु किया तो यह माना जा रहा है कि विवाद अगर बढ़ा तो राहुल का दौरा घटाई में पड़ सकता है. हालांकि राजधानी में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने इस पूरे मामले पर मौन धारण कर लिया है.

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