सातवां वेतनमान देने का लिया फैसला
शिवराज सरकार ने प्रदेश के 4.39 लाख पेंशनर्स को बड़ा तोहफा देते हुए एक जनवरी 2016 से सातवां वेतनमान देने के निर्णय को मंजूरी दे दी है. इससे सरकार पर 35 सौ करोड़ के राजस्व का भार आएगा. इसके साथ ही मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री एमपी जनकल्याण योजना को मंजूरी दे दी.
जनसंपर्क मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि मिश्रा ने बताया कि सरकार ने पेंशनरों को सौगात देते हुए एक जनवरी 2016 से सातवां वेतनमान देने के प्रस्ताव को को मंजूरी दी. सरकार के इस फैसले से प्रदेश के सवा 4 लाख से ज्यादा पेंशनरों को लाभ मिलेगा. हालांकि पेंशनरों को 1 जनवरी से 2016 से 31 मार्च 2018 तक बढ़ी हुई पेंशन का एरियर दिए जाएगा या नहींं इस बारे में फैसला नहीं हुआ. उन्होंने बताया कि कैबिनेट बैठक में आयुष्मान भारत योजना को मध्य प्रदेश में लागू करने को मंजूरी दे दी. इसमें प्रदेश के 1 करोड़ 40 लाख परिवारों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से फायदा होगा. इसमें सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में 83.81 लाख बीपीएल परिवार शामिल हैं.
मिश्रा ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका के मानदेय के बढ़ाने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दे दी. इसमें आंगनवाड़ी सहायिकाओं और उप सहायिकाओं का मानदेय सरकार ने बढ़ाया है. आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मानदेय 5000 से 10000 और आंगनबाड़ी सहायिका को ढाई हजार से 5 हजार किया गया है. इससे सरकार को 1100 करोड़ का अतिरिक्त भार आएगा.
उन्होंने बताया कि प्रदेश में 13 जून को मुख्यमंत्री एमपी जनकल्याण योजना लांच हो रही है, इसके तहत पूरे प्रदेश भर में आयोजन होंगे. ब्लॉक और नगरीय क्षेत्रों में कार्यक्रम होंगे. इसमें एक जगह मुख्यमंत्री और बाकी जगहों पर प्रदेश के मंत्री भाग लेंगे. साथ ही कर्मचारियों से जुड़े सभी मामले अगले कैबिनेट की बैठक से एक साथ निपटारे के निर्देश दिए गए हैं. प्रसूति योजना के तहत गर्भवती महिला को 4 हजार और बच्चा होने के बाद 12 हजार रुपए देने को कैबिनेट की मंजूरी दी गई.
शिवराज सरकार ने प्रदेश के 4.39 लाख पेंशनर्स को बड़ा तोहफा देते हुए एक जनवरी 2016 से सातवां वेतनमान देने के निर्णय को मंजूरी दे दी है. इससे सरकार पर 35 सौ करोड़ के राजस्व का भार आएगा. इसके साथ ही मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री एमपी जनकल्याण योजना को मंजूरी दे दी.
जनसंपर्क मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि मिश्रा ने बताया कि सरकार ने पेंशनरों को सौगात देते हुए एक जनवरी 2016 से सातवां वेतनमान देने के प्रस्ताव को को मंजूरी दी. सरकार के इस फैसले से प्रदेश के सवा 4 लाख से ज्यादा पेंशनरों को लाभ मिलेगा. हालांकि पेंशनरों को 1 जनवरी से 2016 से 31 मार्च 2018 तक बढ़ी हुई पेंशन का एरियर दिए जाएगा या नहींं इस बारे में फैसला नहीं हुआ. उन्होंने बताया कि कैबिनेट बैठक में आयुष्मान भारत योजना को मध्य प्रदेश में लागू करने को मंजूरी दे दी. इसमें प्रदेश के 1 करोड़ 40 लाख परिवारों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से फायदा होगा. इसमें सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में 83.81 लाख बीपीएल परिवार शामिल हैं.
मिश्रा ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका के मानदेय के बढ़ाने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दे दी. इसमें आंगनवाड़ी सहायिकाओं और उप सहायिकाओं का मानदेय सरकार ने बढ़ाया है. आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मानदेय 5000 से 10000 और आंगनबाड़ी सहायिका को ढाई हजार से 5 हजार किया गया है. इससे सरकार को 1100 करोड़ का अतिरिक्त भार आएगा.
उन्होंने बताया कि प्रदेश में 13 जून को मुख्यमंत्री एमपी जनकल्याण योजना लांच हो रही है, इसके तहत पूरे प्रदेश भर में आयोजन होंगे. ब्लॉक और नगरीय क्षेत्रों में कार्यक्रम होंगे. इसमें एक जगह मुख्यमंत्री और बाकी जगहों पर प्रदेश के मंत्री भाग लेंगे. साथ ही कर्मचारियों से जुड़े सभी मामले अगले कैबिनेट की बैठक से एक साथ निपटारे के निर्देश दिए गए हैं. प्रसूति योजना के तहत गर्भवती महिला को 4 हजार और बच्चा होने के बाद 12 हजार रुपए देने को कैबिनेट की मंजूरी दी गई.
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