मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज सुबह रतलाम जिले के बाजना में छू लो आसमां करियर काउंसिल कार्यक्रम में विद्यार्थियों से संवाद किया. इस अवसर पर 12वीं कक्षा उत्तीर्ण विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से प्रश्न पूछे. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे कभी भी लक्ष्य से न भटकें.
विद्यार्थियों ने पूछा कि हमें 12वीं के बाद कौन सी पढ़ाई करनी चाहिए कौन सी नहीं करनी चाहिए ऐसी कौन सी पढ़ाई करनी चाहिए जिससे हम को रोजगार मिल सके बेरोजगारी का सामना ना करना पड़े. इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें 12वीं के बाद कौन सा विषय लेना है इसको बड़े ही सोच समझकर तय करना है इसके लिए हमने स्पेशल करियर काउंसलिंग की व्यवस्था की है जिसमें ऐसे बच्चे जो 12 वीं के बाद कौन सा विषय लेना है कौन सा नहीं लेना है यह निर्धारित नहीं कर पाते हैं अब ऐसे बच्चों को अपना विषय चुनने में मदद की जाएगी.
विद्यार्थियों ने इस अवसर पर इंजीनियरिंग, कला संकाय, कामर्स, विज्ञान के अध्ययन, आईआईटी, आईआईएम में जाने के लिए कोचिंग की व्यवस्था परीक्षा तैयारी कैसे करें किस तरह से भारतीय सेना में प्रवेश करें. अगर कोई गरीब विद्यार्थी हैं तो उसके लिए सिविल सर्विस की तैयारी के लिए फीस की क्या व्यवस्था होगी कोचिंग कहां पर मिल सकती है अगर कोई विद्यार्थी शहर में रह रहा है गरीब परिवार से हैं पढ़ाई कर रहा है तो उसके लिए रहने की क्या व्यवस्था हो सकेगी आदि प्रश्न पूछे.
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोचिंग के लिए प्रोग्राम बनाया जाएगा. हम एक ऐसी व्यवस्था करेंगे कि इसमें प्रदेश के अंदर एक ऐसा कालेज खोला जाएगा जो कि सेना की भर्ती के संबंध में प्रशिक्षण देगा. गरीब परिवारों मध्यम वर्गीय परिवारों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार प्रदेश में मुख्यमंत्री मेधावी प्रोत्साहन योजना लेकर आई जिसमें बारहवीं के बाद कोई भी विद्यार्थी हो अगर उसके 70 प्रतिशत से अधिक है तो वह किसी भी संस्थान में प्रवेश लें उसकी सारी फीस प्रदेश सरकार भरेगी वह चाहे विज्ञान, कला एवं कॉमर्स या इंजीनियरिंग कोई भी संस्थान हो सकता है. उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग के क्षेत्र में जेई की परीक्षा में डेढ़ लाख तक की मेरिट वाले की फीस प्रदेश सरकार भरेगी. इस अवसर पर उन्होंने सभी विद्यार्थियों को उत्साह बढ़ाने के लिए एवं जीवन में निराशा को दूर करते हुए उत्साह का संचार करने के लिए कहा कि हम सभी को भगवान ने बुद्धि एक समान प्रदान की है उसका कोई अधिक उपयोग करता है तो कोई कम करता है जो भी करता है वह सबसे आगे निकल जाता है, जो कम करता है वह पीछे रह जाता है अर्थात व्यक्ति जैसा सोचता है वैसा ही बन जाता है इसलिए अच्छा सोचे बुरा ना सोचें सकारात्मक सोच सफलता को आगे बढ़ाती है जो भी सोचे एकाग्रचित होकर सोचें और हमेशा इस बात का ध्यान रखें लक्ष्य से कभी ना भटके लक्ष्य पर एकाग्रचित होकर कार्य करें.

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