मध्यप्रदेश के शहडोल जिले की कलेक्टर ने समस्याएं लेकर आए लोगों को पहले तो शरबत पिलाया और फिर उसके बाद उनकी समस्याएं सुनी. यह देख समस्या लेकर आए लोग भावुक हो गए और उन्होंने कलेक्टर के इस कदम की सराहना भी की.
हाल ही में पदस्थ हुई शहडोल कलेक्टर अनुभा श्रीवास्तव ने मंगलवार को पहली ही सुनवाई में अभिनव प्रयोग करते हुए जिले भर से आए आवेदकों को अपने हाथों से शरबत पिलाया. आवदेक ने पहली बार किसी शासकीय संस्थान में स्वागत पाकर अत्यन्त प्रसन्न थे. जन सुनवाई में बैठे अधिकारियों को कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आवेदकों की समस्याओं का त्वरित निदान किया जाए, किसी भी परिस्थिति में आवेदक को अपनी समस्या के निराकरण लिए दुबारा कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़े. जनसुनवाई में कलेक्टर के अतिरिक्त अपर कलेक्टर सरोधन सिंह, एस.डी.एम. सोहागपुर रमेश सिंह, डिप्टी कलेक्टर प्रशांत त्रिपाठी, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे.
जनसुनवाई में बुढार में एन.आर.सी. में रसोइयां पद पर कार्यरत गीता बाई पनिका ने आवेदन दिया कि उसे पद से पृथक कर दिया गया. कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को तत्काल प्रतिवेदन देने के निर्देश दिए. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश पाण्डेय ने तत्काल समस्या का निराकरण करते हुए उसे सेवा में रखने के निर्देश बी.एम.ओ. बुढार को दिए. इस तरह समस्या का निराकरण किया गया. जन सुनवाई में प्रमुख रुप से जमीन से संवंधित मामले, पेंशन, प्रधानमंत्री आवास, गरीबी रेखा में नाम जोड़ने से संवंधित प्रकरण प्राप्त हुए.
हाल ही में पदस्थ हुई शहडोल कलेक्टर अनुभा श्रीवास्तव ने मंगलवार को पहली ही सुनवाई में अभिनव प्रयोग करते हुए जिले भर से आए आवेदकों को अपने हाथों से शरबत पिलाया. आवदेक ने पहली बार किसी शासकीय संस्थान में स्वागत पाकर अत्यन्त प्रसन्न थे. जन सुनवाई में बैठे अधिकारियों को कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आवेदकों की समस्याओं का त्वरित निदान किया जाए, किसी भी परिस्थिति में आवेदक को अपनी समस्या के निराकरण लिए दुबारा कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़े. जनसुनवाई में कलेक्टर के अतिरिक्त अपर कलेक्टर सरोधन सिंह, एस.डी.एम. सोहागपुर रमेश सिंह, डिप्टी कलेक्टर प्रशांत त्रिपाठी, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे.
जनसुनवाई में बुढार में एन.आर.सी. में रसोइयां पद पर कार्यरत गीता बाई पनिका ने आवेदन दिया कि उसे पद से पृथक कर दिया गया. कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को तत्काल प्रतिवेदन देने के निर्देश दिए. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश पाण्डेय ने तत्काल समस्या का निराकरण करते हुए उसे सेवा में रखने के निर्देश बी.एम.ओ. बुढार को दिए. इस तरह समस्या का निराकरण किया गया. जन सुनवाई में प्रमुख रुप से जमीन से संवंधित मामले, पेंशन, प्रधानमंत्री आवास, गरीबी रेखा में नाम जोड़ने से संवंधित प्रकरण प्राप्त हुए.

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