गुरुवार, 24 मई 2018

गरीबों की आर्थिक, सामाजिक जरूरतें पूरी करना सरकार की जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि गरीबों की आर्थिक और सामाजिक जरूरतें पूरी करना सरकार की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जन-कल्याण योजना गरीबों का संबल है, गरीबी दूर करने का प्रभावी प्रयास है. चौहान ने टीम मध्यप्रदेश का आव्हान किया कि जन-आंदोलन के रूप में योजना का क्रियान्वयन करें. मुख्यमंत्री आज मंत्रालय में मुख्यमंत्री जनकल्याण योजना के क्रियान्वयन कार्य की समीक्षा कर रहे थे. इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह और पुलिस महानिदेशक  आर.के. शुक्ला भी मौजूद थे.
मुख्यमंत्री  चौहान ने कहा कि गरीबी दूर करने के लिये दो कार्य आवश्यक हैं. पहला गरीबों की आमदनी बढ़ाई जाये, दूसरा उनको सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध करवाई जायें. आमदनी और सुविधाएँ बढ़ाने के क्रमिक प्रयास किये जा रहे हैं. आजीविका के नये अवसरों के साथ ही गरीबों को सुविधाएँ उपलब्ध कराने के प्रयासों में सस्ती दर पर खाद्यान्न आदि उपलब्ध कराने के कार्य किये गये हैं. इस क्रम में मुख्यमंत्री जन-कल्याण योजना व्यापक पहल है. जाति और धर्म के भेदभाव के बिना सभी गरीबों को सामाजिक और आर्थिक संबल प्रदान करने का प्रयास है. योजना से गरीब की जिन्दगी का हर पक्ष लाभान्वित होगा. प्रसूति सहायता, नि:शुल्क उपचार, नि:शुल्क शिक्षा, कोचिंग, अनुग्रह और अंत्येष्टि सहायता आदि के प्रावधान इस योजना की मानवीय संवेदनाओं के प्रतीक हैं. उन्होंने कहा कि इस योजना में स्व-प्रमाणीकरण की व्यवस्था की गई है ताकि हर जरूरतमंद व्यक्ति को योजना का लाभ आसानी से मिल सके.
मुख्यमंत्री को बैठक में बताया गया कि योजना के हितग्राहियों की सूची का वाचन एक जून से ग्राम सभाओं में किया जायेगा. योजना की निगरानी के लिये पाँच सदस्यीय समिति का गठन किया जा रहा है. समिति में श्रमिकों का प्रतिनिधित्व भी होगा. विगत एक अप्रैल से आगामी 31 मई तक की अवधि के दौरान पंजीकृत हितग्राहियों को प्रसूति सहायता, अनुग्रह राशि और पट्टे के हितलाभ आगामी 13 जून को दिये जायेंगे. ग्रामीण क्षेत्र में जनपद पंचायत स्तर पर, नगरीय क्षेत्र में वार्ड स्तर पर हितलाभ वितरण के लिये कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे. इन कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री के संदेश का सीधा प्रसारण ग्राम और जनपद पंचायतों में पूर्वान्ह 11 बजे और नगरीय निकायों में शाम 7 बजे किया जायेगा. बैठक में बताया गया कि प्रदेश में पट्टा वितरण का कार्य तीव्र गति से किया गया है. अधिकांश पट्टों का वितरण 13 जून तक हो जायेगा. बताया गया कि योजना में पंजीकृत हितग्राहियों को स्मार्ट कार्ड भी दिये जायेंगे.

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