प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ ने आरोप लगाया कि शिवराज सरकार ने प्रदेश के गरीबों और मजदूरों के साथ धोखा किया है. आज भी प्रदेश में 37 लाख मजदूर ऐसे हैं जो बेघर और भूमिहीन हैं.
कमलनाथ ने बताया कि निरंतर सम्मेलनों में गरीबों और मजदूरों को लेकर कांग्रेस को कोसने वाले तेरह वर्ष के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह एक तरफ तो उनके लिए बड़ी-बड़ी योजनाएं चलाने का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर खुद स्वीकार कर रहे हैं कि आज भी प्रदेश में साढ़े सैंतीस लाख लोग बेघर और भूमिहीन हैं. इस आंकड़े से ही शिवराज सरकार के विकास की वास्तविकता और सोच उजागर होती है.
उन्होंने कहा कि शिवराज कह रहे हैं कि उन्होंने गरीबों और मजदूरों के लिए जन्म व मरण तक का इंतजाम कर दिया है, जबकि आज आवश्यकता है, उनके भरण-पोषण और गुजारे भत्ते की, जिसके लिए वे आज भी तरस रहे हैं. यदि शिवराज सरकार ने इसका इंतजाम किया होता तो इस चुनावी वर्ष में असंगठित मजदूरों के पंजीयन की आवश्यकता ही नहीं पड़ती, जिसके नाम पर उन्हें झूठे सपने दिखाकर बड़े-बड़े सम्मेलन किए जा रहे हैं, जितना पैसा सम्मेलनों में खर्च किया जा रहा है, यदि वह असंगठित मजदूरों और तेदूंपत्ता संग्राहकों के कल्याण के लिए खर्च किया जाए तो आज उनकी दशा कुछ और हो सकती है.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा है कि यह आश्चर्य की बात है कि कुछ दिनों पूर्व जो किसान पुत्र शिवराज सिंह खेती को घाटे का धंधा बताते थे और किसानों को खेती छोड़ नौकरी व उद्योग की सलाह देते थे एवं इसके लिए उन्हें ऋण तक देने की बात करते थे, वे शिवराजसिंह आज चुनावी वर्ष में खेती और किसानी को लेकर बड़े-बड़े वायदे कर रहे है. बड़ी-बड़ी घोषणाएं कर रहे हैं, वे कह रहे हैं कि जो हमने किया वह आज तक किसी ने नहीं किया.
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