सोमवार, 28 मई 2018

प्रशासन ने कहा अनशन की नहीं है अनुमति

आप का प्रशासन से विवाद, कहा अनशन तुड़वाया तो लड़ेंगे लड़ाई


आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयोजक आलोक अग्रवाल के शाहजहानी पार्क में अनिश्चितकालीन अनशन के तीसरे दिन जिला प्रशासन ने कहा कि प्रशासन हमारे पास अनशन करने की अनुमति नहीं है. इसे लेकर विवाद की स्थिति बनती जा रही है. प्रशासन जबरिया अनशन पर बैठे लोगों को उठा सकता है, ऐसी आशंका आम आदमी पार्टी पदाधिकारियों ने की है.
अनशन में आज प्रदेश के एक दर्जन जिलों से आए आप के कार्यकर्ता भी अनशन में शामिल हुए.  अग्रवाल ने कहा कि प्रशासन ने हमसे बात की और कहा कि हमारे पास अनशन की अनुमति नहीं है. हम कहना चाहते हैं कि क्या हमें शांतिपूर्ण अनशन का संवैधानिक अधिकार भी नहीं है. दूसरे अनशन भी हो रहे हैं. इस सरकार को अनशन की मांगों पर ध्यान देना चाहिए और मांगों को पूरा करना चाहिए. लेकिन सरकार ऐसा नहीं कर अनशन तोड़ने की कोशिश करती है, तो आम आदमी पार्टी का कहना है कि हम शांतिपूर्ण अनशन कर रहे हैं और यह अनशन हमारी मांगें पूरी होने तक जारी करेगा. हम किसी भी कीमत पर अपने संवैधानिक अधिकार को नहीं तोड़ने देंगे. अगर प्रशासन और सरकार हमें जेल में डालकर इस अनशन को तोड़ना चाहता है तो हम इसके लिए भी तैयार है. इस लड़ाई में जो कुछ भी झेलना पड़े  उसे झेलने के लिए आम आदमी पार्टी का हर एक कार्यकर्ता तैयार है.
उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह सरकार उद्योगपतियों के कर्ज को माफ करने में कोई देर नहीं करती है, लेकिन किसानों के महज 40 हजार करोड़ के कर्ज को माफ नहीं करना चाहती है. उन्होंने कहा कि प्रदेश का बजट 2 लाख करोड़ से ज्यादा का है. इसमें से आधा पैसा यानी करीब 1 लाख करोड़ रुपए भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है. अगर शिवराज सरकार चाहे तो बस एक साल के लिए भ्रष्टाचार न करके भी किसानों के कर्ज को माफ कर सकती है. 
अनशन के तीसरे दिन सिंगरौली, रीवा, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, डिंडोरी, मंडला, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा समेत अन्य जिलों से आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता आए.  अनशन में प्रदेश भर से कार्यकर्ता, किसान और युवाओं के आने का सिलसिला जारी है. साथ ही कई संगठनों के लोग भी लगातार अनशन स्थल पर आकर समर्थन दे रहे हैं. 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें