शनिवार, 26 मई 2018

कमलनाथ ने कहा दमनकारी रवैया अपना रही शिवराज सरकार


मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि पूर्व की तरह इस बार के किसान आंदोलन पर भी माँगें मानने की बजाय किसान पुत्र शिवराज की सरकार दमनकारी रवैया अपनाने की तैयारी कर रही है. किसानो को मुकदमे की धमकी दी जा रही है. किसानो को रोकने के लिये व्यापक निर्देश सरकार की ओर से दिये जा रहे हैं. लॉ-एंड-आर्डर के नाम पर किसानो के आंदोलन व कांग्रेस के आयोजन को रोकने के लिये व्यापक दिशा निर्देश निरंतर दिये जा रहे हैं.
उन्होंने कहा कि 6 जून 2017 को मंदसौर गोलीकांड में हुई किसानों की मौत के एक वर्ष होने के पूर्व 30 मई को मंदसौर जाने वाले शिवराज को वहाँ उनकी सरकार में गोलियों से हुई किसानों की मौत के लिये गलती मानते हुए माफी मांगना चाहिये. दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की घोषणा करना चाहिए. इंसाफ को लेकर एक वर्ष से भटक रहे पीडि़तों को इंसाफ दिलाना चाहिये. किसानों की माँगों को मानना चाहिये. इस घटना के बाद बने जाँच आयोग की रिपोर्ट को सार्वजनिक करना चाहिये. भाजपा सरकार में हो रही किसानों की मौत व आत्महत्याओं के लिये भी माँफी मांगना चाहिये.
नाथ ने कहा कि आज किसान जमकर हैरान-परेशान हैं. अपनी फसल बेचने के लिये उसको मंडियों व खरीदी केंद्रों पर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. वहाँ लंबी-लंबी लाइनें लगी हुई हैं. खरीदी के नाम पर भी जमकर भ्रष्टाचार हो रहा है. जिसके फलस्वरूप फसल बेचने के इंतजार में पिछले 8 दिनो में तीन किसानों की मौत हो चुकी है. शुजालपुर की अकोदिया मंडी में अपनी फसल बेचने आये सिद्धनाथ माली नाम के किसान की मौत हो गयी है. लेकिन उसके बाद भी मंडियांे में अपने मंत्रियों को भेजने की बजाय, सरकार मैदान में नहीं, केवल प्रचार में नजर आ रही है. शिवराज सरकार कितना भी दमनकारी रवैया अपना ले, किसानों की आवाज को दबा नहीं सकती. कांग्रेस को किसानों के साथ खड़ा होने से रोक नहीं सकती. 

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