गुरुवार, 24 मई 2018

इंदौर चिड़िया-घर को हुई 1 करोड़ 42 लाख की आमदनी


स्वच्छता में देश में परचम लहराने के बाद इंदौर के प्राणी संग्रहालय में भी दर्शकों की संख्या में अभूतपूर्व इजाफा हुआ है. पिछले सालों की अपेक्षा इस वर्ष यहाँ पर्यटकों की संख्या में काफी बढ़ोत्तरी हुई है. इस वर्ष लगभग 13 लाख दर्शकों ने इंदौर चिड़िया-घर का लुत्फ उठाया. नगर निगम को इससे एक करोड़ 42 लाख रुपए की आय हुई है.
इंदौर के बीचों-बीच स्थित प्राणी संग्रहालय में नये जानवरों को लाना, उनके लिये प्राकृतिक वातावरण का निर्माण करना, उनके नवजात शिशुओं की देख-रेख करने के साथ बीमार होने पर त्वरित इलाज किया जाता है. पार्क में आने वाले पर्यटकों के लिये भी सभी सुविधाएँ उपलब्ध हैं. प्राणी संग्रहालय में प्राकृतिक सुंदरता को बढ़ाने के लिये 2 नये बगीचों का विकास करने के साथ 10 हजार पौधों का रोपण किया गया है. इनमें औषधीय, फलदार, फूलदार और सजावटी पौधे शामिल हैं. 
टाइगर बाड़े के पास नवीन फव्वारे का निर्माण किया गया है. इसी के समीप पेड़ पर बना लकड़ी का मचान पर्यटकों का पसंदीदा सेल्फी प्वाइंट बन गया है. खाली पड़ी जगह पर विशाल लॉन बनाया गया है. नगर निगम एवं क्षेत्र में रखे कबाड़ का खूबसूरती से उपयोग करते हुए सभी बगीचों और लॉन की बाउण्ड्री बनाई गई है.
प्राणी संग्रहालय की रिक्त पड़ी 8 एकड़ भूमि पर निगम शाकाहारी वन्य-प्राणियों के लिये मक्का, चरी, बरसीम घास उगा रहा है. इससे प्राणियों को पौष्टिक और ताजा चारा मिलने के साथ प्रति वर्ष 10 लाख रुपये की बचत भी हो रही है.  चिड़िया-घर में सफेद बाघ के लिये बाड़ा, रेप्टाइल हाउस, मंकी आयलैण्ड और शोवर्नियर शॉप निर्माण कार्य प्रगति पर है. बर्ड एवियरी निर्माण कार्य और बेट्री आॅपरेटेड कार प्रस्तावित है. स्वस्थ एवं प्राकृतिक वातावरण और अच्छी देखभाल के चलते इंदौर के चिड़िया-घर में पिछले एक साल में 4 सिंह, 8 भेड़िया, 2 चिंकारा, एक जंगली बिल्ली, 8 सफेद मोर, 3 बजरिंगर, 4 लव बर्ड और 2 पेंटेड स्टार्क हैं. चिड़िया-घर में झाबुआ, धार, देवास, खण्डवा, खरगोन आदि रेंज से घायल और बीमार वन्य-प्राणियों को लाकर इलाज भी किया जाता है. पिछले साल रेस्क्यू कर यहाँ 12 उल्लू, 7 पहाड़ी कछुए, 4 बिल्ली, बाज, मोर, लंगूर, हिरण, नील गाय और सियार लाये गये, जिनका उपचार यहाँ उपचार किया गया.

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